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DSP बनकर नौकरी दिलाने का झांसा, लाखों की कथित ठगी; कैंसर पीड़िता के 5 लाख रुपये पर भी सवाल

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Bhagalpur News: खुद को डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी करने के आरोप में पुलिस विभाग के डाकिया मनोज वर्मा की गिरफ्तारी अब सवालों के घेरे में है। आरोपी के खिलाफ बांका के बाद भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र में भी प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है। वहीं, बांका कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने का भी दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से कथित तौर पर ठगी के शिकार लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर और संवेदनशील मामला फोर्थ स्टेज कैंसर से जूझ रहीं सोनम भारती का है। सोनम का आरोप है कि मनोज वर्मा ने उन्हें नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग माध्यमों से करीब 5 लाख रुपये अपने बैंक खाते में मंगवाए। रकम देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। जब सोनम ने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया गया।

कैंसर से जूझ रही पीड़िता, अपने ही पैसे के लिए लगा रही चक्कर

सोनम भारती गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और उन्हें अपने इलाज के लिए पैसों की बेहद जरूरत है। उनका आरोप है कि नौकरी के नाम पर दिए गए 5 लाख रुपये वापस नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है।

पीड़िता के मुताबिक, रकम वापस मांगने के बाद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं, सोनम ने आरोप लगाया कि मनोज वर्मा के रिश्तेदारों की ओर से फोन कर उन्हें मामला वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है।

बीमारी और आर्थिक संकट के बीच सोनम अब अपने ही पैसे वापस पाने और न्याय की गुहार लेकर अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगा रही हैं।

IG कार्यालय पहुंची पीड़िता

न्याय की उम्मीद में सोनम भारती एक बार फिर भागलपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता राजीव सिंह के पास पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने आईजी कार्यालय में आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी करीब 5 लाख रुपये की रकम वापस दिलाने की मांग की।

पीड़िता की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपी को जल्द गिरफ्तार करे और ठगी की रकम वापस दिलाने की दिशा में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

दर्जनभर से अधिक लोगों से ठगी का आरोप

आरोप है कि मनोज वर्मा ने खुद को पुलिस अधिकारी यानी डीएसपी बताकर लोगों को प्रभावित किया और विभिन्न सरकारी संस्थानों में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे रकम ली। कथित तौर पर कृषि विभाग, एनटीपीसी समेत अन्य संस्थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर भी लोगों से पैसे लेने के आरोप लगाए गए हैं।

इस मामले में कितने लोगों से कितनी रकम ली गई और कुल कितनी आर्थिक ठगी हुई, इसका वास्तविक आंकड़ा पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अधिवक्ता ने उठाए गिरफ्तारी पर सवाल

ठगी के आरोपों का सामना कर रहे लोगों की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ रहे अधिवक्ता राजीव सिंह ने कहा कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है और बांका कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी अब तक नहीं होने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी को कहीं न कहीं पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

वारंट के बावजूद गिरफ्तारी क्यों नहीं?

पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर है। यदि प्राथमिकी दर्ज है और अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी होने की पुष्टि होती है, तो इसके बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है?

क्या पुलिस आरोपी का पता लगाने में असमर्थ है या उसकी गिरफ्तारी में कोई कानूनी अथवा अन्य अड़चन सामने आ रही है? इन सवालों का जवाब पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और बयान से ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल गंभीर बीमारी से जूझ रही सोनम भारती की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है। उनके लिए यह सिर्फ ठगी की रकम का मामला नहीं, बल्कि इलाज के लिए जरूरी 5 लाख रुपये वापस पाने और न्याय हासिल करने की लड़ाई भी है।

पटना की राम नगरी कॉलोनी में नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, 200 लोगों ने कराया आंखों का परीक्षण

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Patna News: पटना की राम नगरी कॉलोनी सेक्टर-2 में रविवार को आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर में करीब 200 लोगों ने भाग लेकर अपनी आंखों की जांच कराई। राम नगरी सेक्टर-2 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक, सारण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य लोगों को उनके घर के करीब प्राथमिक एवं बुनियादी नेत्र जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था।

सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चले शिविर में राम नगरी कॉलोनी के साथ-साथ पटना के विभिन्न इलाकों से आए लोगों ने हिस्सा लिया। शिविर में बिना किसी शुल्क के दृष्टि परीक्षण और आंखों की प्रारंभिक जांच की गई। लोगों को अस्पताल जाने की आवश्यकता के बिना एक ही स्थान पर कई तरह की नेत्र जांच की सुविधा मिली।

हाई-टेक विजन वैन में हुई अत्याधुनिक जांच

शिविर की खासियत रही अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की हाई-टेक विजन वैन यानी मोबाइल आई क्लिनिक, जिसके माध्यम से मरीजों की मौके पर ही विभिन्न प्रकार की जांच की गई। शिविर में टॉर्च जांच, दृष्टि तीक्ष्णता परीक्षण (Visual Acuity Test), ऑटो-रिफ्रैक्टोमीटर जांच, स्लिट लैंप जांच और प्राथमिक नेत्र परीक्षण के साथ आंखों से जुड़ी सामान्य समस्याओं की स्क्रीनिंग की गई।

जांच के दौरान जिन मरीजों में आगे विस्तृत परीक्षण या उपचार की आवश्यकता पाई गई, उन्हें बेहतर जांच एवं उपचार के लिए अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल रेफर किया गया।

2030 तक 1.20 करोड़ नेत्र परीक्षण का लक्ष्य

अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विवेक विकास ने बताया कि बिहार से क्योरेबल यानी ठीक होने योग्य अंधापन दूर करना अस्पताल के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। इसी उद्देश्य के तहत वर्ष 2030 तक 1.20 करोड़ नेत्र परीक्षण और 20 लाख नेत्र सर्जरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की ओर से पटना के नागरिकों को किदवईपुरी स्थित पटना विजन लाउंज के माध्यम से प्रीमियम ओपीडी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सर्जरी की जरूरत वाले मरीजों को पटना स्थित उनके आवास से मस्तीचक स्थित मुख्य अस्पताल तक आने-जाने के लिए निःशुल्क वाहन सुविधा के साथ निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।

चार महीनों में RWA की कई पहल

राम नगरी सेक्टर-2 RWA के सचिव अंजनी शर्मा ने कहा कि यह नेत्र जांच शिविर कॉलोनी के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए एसोसिएशन की ओर से किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि मई 2026 में RWA की वर्किंग कमेटी के गठन के बाद पिछले चार महीनों में कॉलोनी में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि दोनों लेन में प्रत्येक घर पर मकान संख्या प्लेट लगाई गई हैं। इसके अलावा कॉलोनी का साइनबोर्ड लगाया गया, क्षतिग्रस्त मैनहोल के ढक्कनों की मरम्मत कराई गई और जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन नहीं था, वहां नए कनेक्शन उपलब्ध कराने में सहयोग किया गया।

इसके साथ ही नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने, नियमित सड़क सफाई और मच्छररोधी फॉगिंग जैसी व्यवस्थाओं पर भी काम किया गया है। अंजनी शर्मा के अनुसार, नेत्र जांच शिविर इसी सामुदायिक प्रतिबद्धता का विस्तार है, जिसमें स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लोगों को उनके घर के करीब चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।

लोगों की भागीदारी ने बढ़ाया RWA का भरोसा

शिविर के मेज़बान और वरिष्ठ अधिवक्ता एम. पी. दीक्षित ने कहा कि शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी RWA के प्रति निवासियों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि महज चार महीनों में एसोसिएशन ने सामूहिक प्रयासों के माध्यम से कॉलोनी में कई ऐसे बदलाव किए हैं, जिन्हें लोग प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि RWA की विशेषता यह है कि उसकी विभिन्न पहल स्वयं कॉलोनी के निवासियों की जरूरतों और सुझावों से सामने आ रही हैं। नेत्र जांच शिविर भी इसी सामुदायिक भागीदारी का उदाहरण है।

ये लोग रहे मौजूद

शिविर के दौरान अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की टीम से डॉ. अहमद अली, पायल फिरदौस, पूजा सिंह, शिवानी सिंह, प्रिया पांडे, पिंटू कुमार, निखिल, राधा और चंदन मौजूद रहे। वहीं RWA की ओर से जगदीश उपाध्याय, हरेराम पांडेय, अरुण सिंह, शैलेश कुमार समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।

नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया से आयोजकों का उत्साह बढ़ा है। लोगों ने घर के नजदीक नि:शुल्क और आधुनिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की।

भागलपुर में तेज रफ्तार का कहर: कूड़ा फेंकने निकली महिला को बाइक ने मारी टक्कर, मायागंज में इलाज के दौरान मौत

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर में बेकाबू रफ्तार का खौफनाक मंजर एक बार फिर देखने को मिला है। कटहल बाड़ी के समीप हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मायागंज अस्पताल में मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कूड़ा फेंकने के दौरान हुआ भीषण हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामदुलारी देवी सड़क पार कर कूड़ा फेंकने जा रही थीं। उसी दौरान एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला सड़क पर गिरकर बुरी तरह छटपटाने लगीं। इस हादसे में महिला के दोनों पैर टूट गए और पेट में भी गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।

मायागंज अस्पताल में तोड़ा दम

घटना के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए लोगों ने उन्हें फौरन इलाज के लिए मायागंज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन चोट गहरी होने के कारण इलाज के दौरान रामदुलारी देवी ने दम तोड़ दिया।

बाइक जब्त, चालक को पुलिस ने लिया हिरासत में

हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को मौके पर ही रोककर अपने कब्जे में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक सवार को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और वाहन की रफ्तार कितनी थी।

शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे तेज रफ्तार वाहनों ने एक बार फिर पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भागलपुर में 3 दिनों से बिजली गुल: मोहद्दीनगर हरिजन टोला के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

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Bhagalpur News: भागलपुर के मोहद्दीनगर हरिजन टोला में पिछले तीन दिनों से जारी बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण बिजली कटौती से परेशान लोगों ने सड़क पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

3 दिनों से ठप है बिजली, गहराया पेयजल संकट

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में पिछले कई महीनों से बिजली की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। बिजली कटौती की समस्या को लेकर स्थानीय वार्ड पार्षद से लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों तक लगातार शिकायत की गई, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।

पिछले तीन दिनों से बिजली पूरी तरह ठप होने के कारण इलाके में पेयजल संकट भी गहरा गया है। मोटर नहीं चलने के वजह से लोगों को पीने और दैनिक कार्यों के लिए पानी जुटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

मौके पर पहुंचे नगर विधायक रोहित पांडे

सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय नगर विधायक रोहित पांडे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली और प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।

दोबारा बड़े आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया और निर्बाध आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन और सड़क जाम करने को बाध्य होंगे।

भागलपुर में स्टेशन से झांसा देकर अपहृत दोनों बच्चियां सकुशल बरामद: शातिर महिला आरोपी गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस की विशेष टीम ने मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए स्टेशन से अपहृत की गई दो मासूम बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया है। इस वारदात को अंजाम देने वाली शातिर महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

ट्रेन छूटने के बाद स्टेशन पर रुकी थी पीड़िता

झारखंड के गोड्डा जिले के रूपियामा (थाना मुफ्फशील) की रहने वाली संचो देवी अपने तीन बच्चों के साथ 9 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे भागलपुर स्टेशन पहुंची थीं। गोड्डा जाने वाली ट्रेन छूट जाने के कारण उन्हें अपनी संतानों के साथ स्टेशन पर ही रात गुजारनी पड़ी।

काम का झांसा देकर बच्चों सहित ले गई आरोपी महिला

10 सितंबर की सुबह स्टेशन पर एक अज्ञात महिला संचो देवी के पास आई और उन्हें काम दिलाने का झांसा देकर टोटो से बरारी सब्जी मार्केट ले गई। वहां पहुंचकर उस महिला ने किराए पर कमरा लेने की बात कही और एडवांस पैसे देने का बहाना बनाया। पीड़िता जब अपने एक बच्चे को लेकर पास के CSP से पैसे निकालने गई, उसी दौरान मौका पाकर वह अज्ञात महिला बाकी दोनों बच्चों को लेकर फरार हो गई।

विशेष पुलिस टीम का गठन और त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही बरारी थाना में कांड संख्या 208/26 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-01), बरारी थानाध्यक्ष और तकनीकी शाखा की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण कर छापेमारी शुरू की।

दोनों बच्चियां सुरक्षित मिलीं, आरोपी महिला गिरफ्तार

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:

  • एक अपहृत बच्ची को झारखंड के गोड्डा जिले से सकुशल बरामद किया।
  • दूसरी बच्ची को भागलपुर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र से सुरक्षित ढूंढ निकाला।
  • घटना में शामिल मुख्य आरोपी महिला रिंकी कुमारी (पति- सुमित सिंह, निवासी- आदमपुर, थाना- जोगसर, जिला- भागलपुर) को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस गिरफ्तार महिला से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा विस्तार, 211 डिग्री कॉलेजों में 2,451 सहायक प्राध्यापकों की नई जिम्मेदारी

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Patna News: बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के बापू सभागार में राज्य के नवसृजित 211 डिग्री महाविद्यालयों में नियुक्त 2,451 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य के निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यापक शैक्षणिक विस्तार से बिहार के युवाओं के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

एक साथ 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला पहला राज्य बना बिहार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। नालंदा और विक्रमशिला जैसी महान शिक्षण परंपराओं ने पूरी दुनिया को ज्ञान का मार्ग दिखाया है। अब आवश्यकता है कि बिहार अपनी इस गौरवशाली परंपरा को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। बिहार एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। आने वाले दिनों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और व्यापक विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल होंगे विकसित

मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इन मॉडल स्कूलों में NEET और JEE की तैयारी के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का उद्देश्य बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

कॉलेजों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर जोर

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से स्पष्ट कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी नियमित रूप से कॉलेज आएं और कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग लें।

उन्होंने कहा कि केवल कॉलेजों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। जब विद्यार्थी नियमित रूप से कॉलेज आएंगे, शिक्षकों से संवाद करेंगे और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग करेंगे, तभी उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।

100 प्राध्यापकों को ऑक्सफोर्ड समेत प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजने की तैयारी

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी सरकार विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 प्राध्यापकों को चिन्हित कर ऑक्सफोर्ड सहित विश्व के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की पहल की जाएगी।

इसके अलावा दुनिया के बेहतर शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ संवाद तथा अनुभव साझा करने के अवसर भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की क्षमता बढ़ने से शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

शिक्षा पर बजट का 21 प्रतिशत खर्च

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य के कुल बजट का 21 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र पर खर्च किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ शैक्षणिक संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है जो आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी हो।

उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके योगदान से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत हरित पौधा और प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया गया।

इस अवसर पर भारत सरकार में अपर सचिव राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. पी.के. वाजपेयी, पटना विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी रास बिहारी सिंह सहित अन्य प्राध्यापक, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

भागलपुर में बाढ़ का तांडव: प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने संभाला मोर्चा; क्षतिग्रस्त तटबंधों का किया ग्राउंड निरीक्षण

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में उफनती नदियों और बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रमंडलीय प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने रंगरा और गोपालपुर प्रखंड के अत्यंत संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित तटबंधों का खुद धरातल पर उतरकर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ भागलपुर के जिलाधिकारी, नवगछिया की पुलिस अधीक्षक तथा नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) समेत जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर मौजूद रहे।

रंगरा में टूटा 20 फीट बांध: युद्धस्तर पर जारी है मरम्मत कार्य

आयुक्त ने रंगरा प्रखंड के बनिया बैसी पंचायत स्थित बुढ़िया बांध (सादोपुर रिंग बांध) का जायजा लिया, जहां नदी के तेज बहाव के कारण लगभग 20 फीट का खतरनाक कटाव हुआ है। इसके अलावा धोबिनिया बांध (कलबलिया नदी) की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया।

मौके पर कटाव को रोकने और तटबंध को सुरक्षित करने के लिए कई तकनीकी व सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं:

  • सैंडबैग्स और प्लास्टिक शीट: नदी के सीधे प्रहार से बांध को बचाने के लिए प्लास्टिक शीट बिछाकर बालू से भरे बोरे (सैंडबैग्स) बिछाए जा रहे हैं।
  • बांस पाइलिंग और डॉवल निर्माण: पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए बांस पाइलिंग और डॉवल निर्माण का काम लगातार जारी है।
  • ओवरटॉपिंग पर नियंत्रण: बांध के ऊपर से पानी बहने (Overtopping) की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन अवरोधक बनाए जा रहे हैं।

रात में आया संकट, सुबह तक ब्रह्मोत्तर बांध पर पाया काबू

निरीक्षण के क्रम में आयुक्त ने ब्रह्मोत्तर बांध का भी दौरा किया। बीती रात इस बांध पर अचानक बड़ा संकट उत्पन्न हो गया था, लेकिन जल संसाधन विभाग की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने आपदा की इस घड़ी में तकनीकी टीम का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने वाले स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग की जमकर सराहना की।

कम्युनिटी किचन चालू, 24 घंटे निगरानी के सख्त निर्देश

बाढ़ से घिरे आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावित इलाकों में लगातार सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) का संचालन किया जा रहा है, ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे।

निरीक्षण के बाद आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा ने अभियंताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए:

  1. 24×7 अलर्ट मोड: सभी संवेदनशील तटबंधों और बांधों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी (Patrolling) रखी जाए।
  2. आपदा से निपटने की त्वरित तैयारी: किसी भी संभावित खतरे या रिसाव की स्थिति में बिना समय गंवाए तत्काल राहत और मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
  3. अंतर-विभागीय समन्वय: जल संसाधन, पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आपस में बेहतर तालमेल बनाकर काम करें।

जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों की टीमें ग्राउंड ज़ीरो पर मुस्तैद हैं ताकि तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बाढ़ के प्रभाव को कम से कम किया जा सके।

पथ निर्माण विभाग की पहल पर ‘Mission Sugam Patna’ का खाका तैयार, AI और ग्रीन कॉरिडोर से बदलेगी यातायात की सूरत

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Patna News: बिहार की राजधानी पटना को सुगम, सुरक्षित और पूरी तरह जाम-मुक्त बनाने के लिए पथ निर्माण विभाग ने तकनीक आधारित मास्टर प्लान पर काम शुरू कर दिया है। आज विश्वेश्वरैया भवन स्थित पथ निर्माण विभाग के सभागार में विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में “यातायात जाम के प्रबंधन एवं समाधान” विषय पर एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस बैठक में विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में पूर्व CRRI निदेशक व IIT बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर प्रो. पी. के. सिकदर तथा Arcadis IBI Group के कंट्री हेड वेंकटा चुंदुरू ने हिस्सा लिया।

इन प्रमुख हॉटस्पॉट्स और चुनौतियों पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के दौरान पटना की भौगोलिक संरचना, तेजी से बढ़ती आबादी और सड़कों पर वाहनों के भारी दबाव के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शहर के सबसे व्यस्त एवं संवेदनशील इलाकों जैसे:

  • डाक बंगला चौराहा, पटना जंक्शन रोड, जीपीओ गोलंबर और एग्जीबिशन रोड
  • बोरिंग रोड, गांधी मैदान, पीएमसीएच और अशोक राजपथ
  • सगुना मोड़, अनीसाबाद और बेली रोड

इन क्षेत्रों में प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम और सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता पर गहन मंथन किया गया।

‘Mission Sugam Patna: ASTraM and SOS’ तकनीकी ड्राफ्ट पेश

बैठक के दौरान Arcadis द्वारा तैयार विशेष तकनीकी प्रेजेंटेशन “Mission Sugam Patna: ASTraM and SOS” पेश किया गया। इसके तहत पटना के एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का अधिकतम उपयोग करते हुए उस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स की एक इंटेलिजेंस लेयर लागू करने की योजना है।

पटना ट्रैफिक सुधार प्लान की 8 मुख्य विशेषताएं:

  1. AI से जाम का एडवांस पूर्वानुमान: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल के जरिए ट्रैफिक जाम लगने से 30 से 60 मिनट पहले ही संभावित दबाव का पता चल जाएगा, जिससे ट्रैफिक सिग्नल और डायवर्जन को स्वचालित (Automated) रूप से बदला जा सकेगा।
  2. ई-रिक्शा और ऑटो का नियंत्रण: स्टेशन और प्रमुख बाजारों में ऑटो/ई-रिक्शा के अनियंत्रित ठहराव को रोकने के लिए जियोफेंसिंग, वर्चुअल स्टैंड और शेड्यूलिंग लागू की जाएगी।
  3. पटना मेट्रो कनेक्टिविटी मैनेजमेंट: भविष्य में पटना मेट्रो स्टेशनों के आसपास होने वाली यात्रियों की भीड़ और वाहनों के ड्रॉप-ऑफ को सुचारू रूप से नियंत्रित किया जाएगा।
  4. ट्रैफिक जवानों की डिजिटल मॉनिटरिंग: ऑन-ड्यूटी तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए ‘अटेंडेंस मॉनिटरिंग सिस्टम’ लागू होगा।
  5. 10 मिनट में अस्पताल पहुंचेगी एम्बुलेंस (ग्रीन कॉरिडोर): दुर्घटना की AI द्वारा स्वचालित पहचान होते ही नजदीकी एम्बुलेंस को अलर्ट जाएगा और ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर पीड़ित को 10 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
  6. अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर वार: सड़कों के किनारों से अनधिकृत पार्किंग और अतिक्रमण चिन्हित कर हटाया जाएगा, जिससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई बढ़ सके।
  7. जलजमाव में डायवर्जन मैनेजमेंट: बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों की अग्रिम सूचना देकर गाड़ियों को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जाएगा ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।
  8. अन्य शहरों के लिए मॉडल: पटना के इस मॉडल की सफलता के बाद राज्य के अन्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों में भी इस कार्ययोजना को लागू किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने लिया ICCC का जायजा

कार्यक्रम में बीएसआरडीसीएल (BSRDCL) के प्रबंध निदेशक, पटना नगर आयुक्त, ट्रैफिक एसपी, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) के प्रबंध निदेशक, जिला प्रशासन और यातायात पुलिस के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के समापन के बाद प्रो. पी. के. सिकदर और अन्य अधिकारियों ने पथ निर्माण विभाग में स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और वहां मौजूद अभियंताओं से उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

बिहार में मिलावटखोरों पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा चाबुक: पटना, हाजीपुर और दरभंगा में छापेमारी; मिलावटी दूध, पनीर और फूड सप्लीमेंट्स नष्ट

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Patna News:  बिहार में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के कड़े निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने पटना, हाजीपुर और दरभंगा जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में मिलावटी, एक्सपायर्ड और असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त कर मौके पर ही नष्ट कराए गए।

हाजीपुर: 72 किलो स्टार्च युक्त मिलावटी पनीर नष्ट

वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित स्टेशन रोड पर खाद्य सुरक्षा टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान:

  • सुधीर किराना दुकान से 14 किलोग्राम स्टार्च मिलावटी पनीर जब्त कर नष्ट किया गया।
  • श्री गणेश पनीर हाउस से 58 किलोग्राम मिलावटी पनीर बरामद कर तुरंत नष्ट कराया गया। दोनों स्थानों से सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।

दरभंगा (बेनीपुर): एक्सपायर्ड सुधा मिल्क और पनीर पर कार्रवाई

दरभंगा जिले के बेनीपुर (आशापुर चौक) स्थित सुधा मिल्क पार्लर में खाद्य संरक्षा अधिकारी द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच में:

  • 21 लीटर एक्सपायर्ड सुधा दूध
  • 18 किलोग्राम खराब हो चुका पनीर

पाया गया, जिसे खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत तुरंत मौके पर ही विनष्ट कराया गया और सैंपल लैब भेजे गए।

पटना (फतुहा): दूध में कैंसरकारी ‘फॉर्मेलिन’ की पुष्टि, 126 लीटर दूध बहाया

सबलपुर, फतुहा (टेढ़ी पुल) स्थित राजीव डेयरी में खाद्य संरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में दूध और पनीर की जांच की गई। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दूध को सुरक्षित रखने के लिए उसमें खतरनाक केमिकल फॉर्मेलिन की मिलावट की गई थी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 126 लीटर दूध को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

फतुहा में अलेक्सा फूड्स (Food Supplements) पर संयुक्त छापेमारी

फतुहा थाना क्षेत्र के बाजितपुर स्थित Alexa Foods and Supplements के ठिकाने पर खाद्य सुरक्षा विभाग, औषधि निरीक्षक, आयुष निदेशालय और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

  • परिसर से फूड सप्लीमेंट्स, कच्चा माल और मैन्युफैक्चरिंग उपकरण जब्त किए गए।
  • कुल 06 विभिन्न नमूने (सैंपल) जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं।
  • हालांकि जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक औषधि नहीं मिली और संचालक ने खाद्य निर्माण अनुज्ञप्ति (License) होने का दावा किया है। दस्तावेजों की पूर्ण जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

पटना में ‘संतुष्टि स्वीट्स’ का औचक निरीक्षण

पटना शहर स्थित प्रसिद्ध संतुष्टि स्वीट्स और उसकी विनिर्माण इकाई (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट) में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने औचक निरीक्षण किया। टीम ने साफ-सफाई और स्वच्छता (Hygiene) के मानकों का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सचिव का कड़ा संदेश: स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि ने स्पष्ट कहा, “जनता की थाली और सेहत के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असुरक्षित, मिलावटी या एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों पर कानून का कड़ा चाबुक चलेगा। पूरे राज्य में यह अभियान लगातार जारी रहेगा।”

अवैध संबंध के चक्कर में हुई थी उत्तम यादव की हत्या, STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 2 शूटर गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के ईशीपुर बाराहाट थाना क्षेत्र में 10 सितंबर को हुए उत्तम कुमार यादव हत्याकांड में पुलिस और STF की टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 36 घंटे के भीतर घटना को अंजाम देने वाले दो पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

10 सितंबर 2026 को दौलतपुर (ईशीपुर बाराहाट) निवासी उत्तम कुमार यादव (पिता- राजकुमार यादव) ईशीपुर से कहलगांव जाने वाले मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान पचरुखी मोड़ के पास अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी के फर्दबयान के आधार पर ईशीपुर बाराहाट थाने में कांड संख्या-131/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

अवैध संबंध बना हत्या का कारण, 3-4 दिनों से हो रही थी रेकी

पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि साहेबगंज के मुफस्सिल थाना क्षेत्र निवासी सरोज भारती की पत्नी के साथ मृतक उत्तम कुमार यादव का अवैध संबंध था। इसी रंजिश में सरोज भारती ने उत्तम यादव की हत्या की साजिश रची। सरोज भारती और गिरफ्तार दोनों आरोपी पिछले 3-4 दिनों से बाइक से लगातार उत्तम की रेकी कर रहे थे। घटना के दिन उत्तम को पचरुखी मोड़ की तरफ जाते देख सरोज भारती बाइक से उतर गया ताकि उसकी पहचान न हो सके, और बाकी दोनों शूटरों ने सुनसान जगह देखकर उत्तम को गोली मार दी।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान

  1. प्रदुमन यादव (पिता- शाहबल्ली यादव) – निवासी: मिर्जापुर बधार, थाना- मनिहारी, जिला- कटिहार।
  2. मो० लालू (पिता- स्व० मो० शमशेर) – निवासी: नया टोला, थाना- अमदाबाद, जिला- कटिहार।

बरामदगी:

  • 01 मोटरसाइकिल
  • 01 मोबाइल फोन
  • ₹1,500 नगद

मुख्य आरोपी सरोज भारती की तलाश जारी

हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता सरोज भारती (पिता- स्व० रामगृह यादव, निवासी- शोमनपुर डेरा, मुफस्सिल, साहेबगंज) फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी प्रदुमन यादव का पुराना आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार प्रदुमन यादव एक शातिर अपराधी है, जिस पर पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं:

  • मुफस्सिल थाना (साहेबगंज) – कांड सं०-227/19 (धारा 302/34 भा०द०वि० एवं आर्म्स एक्ट – हत्या का मामला)
  • मनिहारी थाना (कटिहार) – कांड सं०-269/23 (डकैती की योजना एवं आर्म्स एक्ट)
  • मनिहारी थाना (कटिहार) – कांड सं०-210/23 (मारपीट, रंगदारी एवं अन्य धाराएं)

छापेमारी टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी

वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव-02 के नेतृत्व में इस विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम में ईशीपुर बाराहाट थानाध्यक्ष मनीष कुमार, पु०अ०नि० विपिन प्रसाद यादव, पु०अ०नि० शकील अंसारी, सिपाही रतन कुमार, कौशल कुमार सिंह, मुकेश कुमार, सुजीत कुमार और भागलपुर STF की टीम शामिल थी।