Bhagalpur News: भागलपुर जिले में उफनती नदियों और बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रमंडलीय प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने रंगरा और गोपालपुर प्रखंड के अत्यंत संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित तटबंधों का खुद धरातल पर उतरकर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ भागलपुर के जिलाधिकारी, नवगछिया की पुलिस अधीक्षक तथा नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) समेत जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर मौजूद रहे।
रंगरा में टूटा 20 फीट बांध: युद्धस्तर पर जारी है मरम्मत कार्य
आयुक्त ने रंगरा प्रखंड के बनिया बैसी पंचायत स्थित बुढ़िया बांध (सादोपुर रिंग बांध) का जायजा लिया, जहां नदी के तेज बहाव के कारण लगभग 20 फीट का खतरनाक कटाव हुआ है। इसके अलावा धोबिनिया बांध (कलबलिया नदी) की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया।
मौके पर कटाव को रोकने और तटबंध को सुरक्षित करने के लिए कई तकनीकी व सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं:
- सैंडबैग्स और प्लास्टिक शीट: नदी के सीधे प्रहार से बांध को बचाने के लिए प्लास्टिक शीट बिछाकर बालू से भरे बोरे (सैंडबैग्स) बिछाए जा रहे हैं।
- बांस पाइलिंग और डॉवल निर्माण: पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए बांस पाइलिंग और डॉवल निर्माण का काम लगातार जारी है।
- ओवरटॉपिंग पर नियंत्रण: बांध के ऊपर से पानी बहने (Overtopping) की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन अवरोधक बनाए जा रहे हैं।
रात में आया संकट, सुबह तक ब्रह्मोत्तर बांध पर पाया काबू
निरीक्षण के क्रम में आयुक्त ने ब्रह्मोत्तर बांध का भी दौरा किया। बीती रात इस बांध पर अचानक बड़ा संकट उत्पन्न हो गया था, लेकिन जल संसाधन विभाग की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने आपदा की इस घड़ी में तकनीकी टीम का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने वाले स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग की जमकर सराहना की।
कम्युनिटी किचन चालू, 24 घंटे निगरानी के सख्त निर्देश
बाढ़ से घिरे आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावित इलाकों में लगातार सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) का संचालन किया जा रहा है, ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे।
निरीक्षण के बाद आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा ने अभियंताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए:
- 24×7 अलर्ट मोड: सभी संवेदनशील तटबंधों और बांधों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी (Patrolling) रखी जाए।
- आपदा से निपटने की त्वरित तैयारी: किसी भी संभावित खतरे या रिसाव की स्थिति में बिना समय गंवाए तत्काल राहत और मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
- अंतर-विभागीय समन्वय: जल संसाधन, पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आपस में बेहतर तालमेल बनाकर काम करें।
जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों की टीमें ग्राउंड ज़ीरो पर मुस्तैद हैं ताकि तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बाढ़ के प्रभाव को कम से कम किया जा सके।


