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एचडीएफसी बैंक में गूंजे गणपति के जयकारे, पूजा के बाद भंडारे में उमड़े लोग

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Bihar News: एचडीएफसी बैंक की जवाहर लाल रोड शाखा में मंगलवार को गणेश जी की विधिवत स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई। बैंक के सभी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धा और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। गणेश जी की स्थापना के साथ ही बैंक परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया और पूरा परिसर गणपति के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुजफ्फरपुर विधायक रंजन कुमार शामिल हुए। उन्होंने गणेश जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और बैंक के कर्मचारियों सहित उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने सभी के सुख, शांति, समृद्धि और सफलता की कामना की।

कार्यक्रम में शाखा प्रबंधक अविनाश त्रिपाठी, जोनल हेड धर्मेन्द्र कुमार, क्लस्टर हेड चंदन कुमार, संजय कुमार, मुरारी, निखिल कुमार, आदित्य धनराज, आशीष जैन, सिद्धार्थ, प्रशांत सहित बैंक के अन्य कर्मचारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं और बैंक परिसर में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इसके साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

बैंक कर्मचारियों ने बताया कि गणेश जी की स्थापना का उद्देश्य सुख, समृद्धि, शांति और सफलता की कामना के साथ सभी के जीवन में मंगल की भावना को बढ़ावा देना है। कर्मचारियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से आपसी सहयोग, भाईचारा और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा मिलता है।

पूरे कार्यक्रम का आयोजन बैंक कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग और श्रद्धा के साथ किया गया। पूजा-अर्चना और भंडारे के दौरान बैंक परिसर में मौजूद लोगों ने गणेश जी से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

भागलपुर: भाजपा नेता हत्याकांड में पुलिस की बड़ी सफलता; मुख्य आरोपी शशि मोदी का कोर्ट में सरेंडर, 3 सहयोगी गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हार टोली के पास बीते 11 सितंबर को हुई उमाभूषण तांती उर्फ पप्पू तांती (पिता: अर्जुन तांती, निवासी: कुतुबगंज महादेव तालाब) की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण मुख्य नामजद आरोपी शशि मोदी ने आज 15 सितंबर को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, SIT की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल 3 अन्य सह-अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।

11 सितंबर को हुई थी ताबड़तोड़ गोलीबारी

उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को बबरगंज थाना क्षेत्र के कुम्हार टोली के समीप अज्ञात/नामित अपराधियों द्वारा पप्पू तांती को गोली मार दी गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मृतक के भाई अरविन्द कुमार के फर्दबयान के आधार पर बबरगंज थाना में मामला (कांड सं० 151/26, धारा 103(1)/61(2)/3(5) BNS एवं 27 आर्म्स एक्ट) दर्ज किया गया था।

SIT के गठन और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) की निगरानी में एक विशेष पुलिस टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस SIT टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02), बबरगंज थानाध्यक्ष, मोजाहिदपुर थानाध्यक्ष, कोतवाली थानाध्यक्ष और भागलपुर तकनीकी शाखा के अधिकारियों को शामिल किया गया था। टीम ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाया।

माौसेरा साढ़ू समेत 3 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर

पुलिस टीम की ओर से लगातार की जा रही छापेमारी और दबिश के कारण मुख्य नामजद अभियुक्त शशि मोदी (पिता: सुरेश मोदी, निवासी: कुतुबगंज, बबरगंज) ने आज न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

इसके साथ ही पुलिस ने प्राप्त तकनीकी व अन्य साक्ष्यों के आधार पर शशि मोदी के 3 अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया है:

  1. अमित राज (पिता: रवीन्द्र मंडल, निवासी: बरईचक पाटन, थाना: नयारामनगर, जिला: मुंगेर) — यह मुख्य आरोपी शशि मोदी का मौसेरा साढ़ू है।
  2. सूरज कुमार (पिता: स्व० हरेराम साह, निवासी: हाफिज हुसैन लेन सिकंदरपुर, थाना: मोजाहिदपुर, भागलपुर)।
  3. लवीस आनंद (पिता: विपिन प्रसाद साह, निवासी: गुरहट्टा चौक, थाना: मोजाहिदपुर, भागलपुर)।

अन्य फरार अपराधियों पर भी कसेगा शिकंजा

भागलपुर पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ की जा रही है और घटना के अन्य पहलुओं व साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है। मामले में संलिप्त अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर सभी दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जीविका से बदली बिहार की तस्वीर, 11.88 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाएं; गांव की अर्थव्यवस्था को दे रहीं नई दिशा

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Patna News: बिहार की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण में जीविका महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर खेती, पशुपालन, सिलाई, भोजन निर्माण और छोटे कारोबार सहित कई क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। जीविका के जरिए महिलाओं को बचत, बैंकिंग, ऋण, प्रशिक्षण और आजीविका के अवसरों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी को मजबूत किया जा रहा है।

वर्ष 2006 में शुरू हुई जीविका परियोजना अब बिहार के गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ उन्हें सामूहिक निर्णय लेने और अपनी बात रखने का मंच भी मिला है। वर्तमान में राज्य में 11.88 लाख स्वयं सहायता समूह, 73,517 ग्राम संगठन और 1,684 संकुल स्तरीय संघ गठित हो चुके हैं।

छोटी बचत से बड़े आर्थिक बदलाव तक

जीविका से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक यात्रा छोटी-छोटी बचत से शुरू हुई, लेकिन अब इसका दायरा काफी बड़ा हो चुका है। स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की साप्ताहिक बचत 2,693 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं सामुदायिक निवेश निधि के रूप में लगभग 13,590 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इससे महिलाओं को अपनी आजीविका गतिविधियों के लिए पूंजी जुटाने और छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

गांव-गांव बैंकिंग सेवाओं को पहुंचा रहीं बैंक सखी

ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं को आसान बनाने में 6,749 बैंक सखियों की भी अहम भूमिका है। इनके माध्यम से हर साल 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का डिजिटल वित्तीय लेन-देन किया जा रहा है। इससे बैंकिंग सुविधाएं ग्रामीण महिलाओं और उन लोगों तक पहुंच रही हैं, जिन्हें बैंक शाखाओं तक पहुंचने में परेशानी होती है।

46.89 लाख महिला किसान आधुनिक खेती से जुड़ीं

जीविका से जुड़ी महिलाएं अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं हैं। राज्य में 46.89 लाख से अधिक महिला किसान आधुनिक और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों से जुड़ी हैं। इसके अलावा 61 महिला-नेतृत्व वाली किसान उत्पादक कंपनियां सामूहिक उत्पादन और बाजार से महिलाओं को जोड़ने का काम कर रही हैं।

दुग्ध क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। कौशिकी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी प्रतिदिन 35 हजार से अधिक महिला दुग्ध उत्पादकों से करीब 80 हजार लीटर दूध एकत्र कर रही है। इससे ग्रामीण महिलाओं को संगठित बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

जीविका दीदी की रसोई से सिलाई घर तक बढ़े रोजगार के अवसर

ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में भी जीविका से जुड़ी महिलाओं ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। सरकारी अस्पतालों और विभिन्न संस्थानों में संचालित 330 जीविका दीदी की रसोई महिलाओं के लिए रोजगार और सेवा दोनों का माध्यम बनी हैं।

वहीं ‘जीविका दीदी का सिलाई घर’ के जरिए 50 लाख से अधिक आंगनबाड़ी बच्चों के लिए पोशाक की आपूर्ति की गई है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय का अवसर मिला है।

अत्यंत गरीब परिवारों को भी आजीविका से जोड़ा

सबसे गरीब परिवारों को आर्थिक मुख्यधारा में लाने के लिए सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत 2 लाख से अधिक अत्यंत निर्धन परिवारों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है। इनमें करीब 1.75 लाख परिवार क्रमिक रूप से गरीबी से बाहर निकलने में सफल हुए हैं।

1.68 करोड़ से अधिक महिलाओं को मिली प्रारंभिक सहायता

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की 1.68 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। उद्यम की स्थापना और प्रदर्शन के आधार पर अब 2.10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इसी क्रम में योजना की दूसरी किस्त के तहत 27 अगस्त को 1 लाख लाभुकों को 20 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से राशि अंतरित की गई।

महिला श्रमबल भागीदारी में भी बढ़ोतरी

जीविका के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का असर महिला श्रमबल भागीदारी पर भी दिखाई दे रहा है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार बिहार में महिला श्रमबल भागीदारी वर्ष 2017-18 के लगभग 3-4 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में करीब 20 प्रतिशत हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 33.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

जीविका के जरिए संगठन, अवसर, पूंजी और बाजार तक पहुंच मिलने से बिहार की ग्रामीण महिलाओं की भूमिका तेजी से बदल रही है। महिलाएं अब केवल परिवार की आय में योगदान देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उद्यम खड़ा करने, बाजार से जुड़ने और संपदा निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। यह बदलाव ग्रामीण बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की कहानी भी लिख रहा है।

बिहार के 8.27 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में DBT से पहुंचे ₹579.23 करोड़, हर परिवार को ₹7 हजार

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Patna News: बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से कुल 579.23 करोड़ रुपये की आनुग्रहिक राहत राशि अंतरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ किया। प्रत्येक पात्र परिवार को 7 हजार रुपये की सहायता दी गई है।

लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित आनुग्रहिक राहत वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्य और प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने प्रस्तुतीकरण के जरिए मुख्यमंत्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

15 जिले, 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत और 2,642 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा 21 शहरों के 136 वार्ड भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। सरकार के अनुसार करीब 50 लाख लोग और 55 हजार हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। बड़ी मात्रा में फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य में 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से अब तक करीब 1.28 करोड़ थालियां परोसी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता लगातार सुनिश्चित की जाए।

राहत एवं बचाव कार्यों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 21 टीमें भी लगातार जुटी हुई हैं। सरकार का दावा है कि प्रभावित लोगों को हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय रखा गया है।

कोई पात्र परिवार राहत से न छूटे

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए। यदि कोई पात्र प्रभावित परिवार राहत सूची में शामिल होने से रह गया है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर सूची में जोड़ने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सरकारी राहत से वंचित न रहे। उन्होंने प्रभावित परिवारों और किसानों को नियमानुसार शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

‘Build Back Better Than Before’ की थीम पर होगा पुनर्निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्यों के साथ-साथ अब पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण पर भी तेजी से काम किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘Build Back Better Than Before’ यानी पहले से बेहतर पुनर्निर्माण की थीम पर काम करने का निर्देश दिया।

इसके तहत कृषि इनपुट सब्सिडी, सड़कों की मरम्मत और प्रभावित परिवारों एवं किसानों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी पुनर्प्राप्ति कार्यों को एक महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।

शिवराज सिंह चौहान के दौरे से पहले क्षति का आकलन

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से हुई क्षति का समुचित और तथ्यपरक आकलन कर रिपोर्ट तैयार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजीकरण करने और आवश्यक सहायता एवं पुनर्प्राप्ति कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ तत्काल राहत पहुंचाना नहीं है, बल्कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाना और भविष्य के लिए पहले से बेहतर पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है। इसके लिए सरकार, प्रशासन, आपदा प्रबंधन तंत्र और सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा समेत कई विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

नाथनगर के दाऊदबाट में 10 किलोवाट का पारदर्शी HP गैस सिलेंडर लॉन्च, 90 मिनट में डिलीवरी का दावा

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Bhagalpur News: नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के दाऊदबाट में HP गैस एजेंसी मौसम इंटरप्राइजेज की ओर से ग्राहकों के लिए 10 किलोवाट क्षमता वाले पारदर्शी गैस सिलेंडर को लॉन्च किया गया। नए सिलेंडर का शुभारंभ नाथनगर विधायक मिथुन कुमार, मौसम इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर पिंटू यादव और HP गैस के अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान एक ग्राहक को नया सिलेंडर भी सौंपा गया।

नए सिलेंडर की सबसे खास बात इसकी पारदर्शी फाइबर बॉडी बताई गई है। इसके जरिए ग्राहक सिलेंडर के अंदर मौजूद गैस की मात्रा को बाहर से ही देख सकेंगे। इससे गैस की उपलब्ध मात्रा को लेकर उपभोक्ताओं को आसानी से जानकारी मिल सकेगी।

नाथनगर विधायक मिथुन कुमार ने इस पहल को ग्राहकों के लिए सुविधाजनक बताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी सिलेंडर के जरिए उपभोक्ताओं को गैस की स्थिति देखने में आसानी होगी और यह सामान्य सिलेंडर से अलग एक नया विकल्प उपलब्ध कराएगा।

90 मिनट में डिलीवरी का दावा

मौसम इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर पिंटू यादव ने बताया कि एजेंसी की ओर से ग्राहकों को तेज डिलीवरी की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। एजेंसी के अनुसार, ग्राहक को 90 मिनट के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। इससे अचानक गैस खत्म होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

वैध प्रमाण पत्र से मिलेगा कनेक्शन

एजेंसी की ओर से बताया गया कि नए 10 किलोवाट के सिलेंडर का कनेक्शन लेने के लिए ग्राहक को एक वैध प्रमाण पत्र लेकर एजेंसी में आना होगा। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद तत्काल कनेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

मौसम इंटरप्राइजेज की ओर से लॉन्च किए गए इस नए सिलेंडर को ग्राहकों के लिए सुविधाजनक और आकर्षक विकल्प बताया गया है। खासकर पारदर्शी फाइबर बॉडी के कारण उपभोक्ता सिलेंडर में गैस की मात्रा को बाहर से देखकर उसका अनुमान लगा सकेंगे।

दाऊदबाट में इस नए सिलेंडर की लॉन्चिंग के बाद अब ग्राहकों की प्रतिक्रिया और 90 मिनट में डिलीवरी की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

पीरपैंती में टोटो-बाइक की भीषण टक्कर, 3 युवक गंभीर; महिला समेत 5 घायल, मायागंज रेफर

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। टड़वा के पास टोटो और मोटरसाइकिल के बीच हुई जोरदार टक्कर में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, टोटो सवार एक महिला और चालक के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, पीरपैंती के टड़वा के पास टोटो और मोटरसाइकिल के बीच अचानक जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल सवार तीनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद में जुट गए।

हादसे में 17 वर्षीय अंकित कुमार, पिता गोपाल ठाकुर, 17 वर्षीय सचिन कुमार, पिता प्रदीप महाल्दार और 18 वर्षीय हिमांशु कुमार, पिता शिव महाल्दार घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक तीनों युवकों की हालत गंभीर बताई जा रही है। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया गया।

वहीं, इस दुर्घटना में टोटो सवार बेबी करीना, पिता मोहम्मद जब्बार, निवासी पीरपैंती बाजार, भी घायल हुई हैं। उन्हें भी बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किए जाने की जानकारी है। टोटो चालक मोहम्मद शाहिद खान के भी घायल होने की बात सामने आई है।

हादसे की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सड़क पर घायल पड़े लोगों को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है। इस हादसे में सबसे ज्यादा चिंता मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों की गंभीर हालत को लेकर है। घटना ने एक बार फिर पीरपैंती क्षेत्र में सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में वाहनों की गति पर नियंत्रण और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

भागलपुर में केरल पुलिस का बड़ा एक्शन: पॉश इलाके के अपार्टमेंट से 3 अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर गिरफ्तार, ट्रांजिट रिमांड पर ले गई पुलिस

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के जोगसर थाना क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट में केरल पुलिस और स्थानीय पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। केरल पुलिस ने स्थानीय जोगसर थाना पुलिस के सहयोग से गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए 3 अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। ये तस्कर केरल में कार्रवाई के बाद भागलपुर आकर छिपे हुए थे।

13 किलो सिंथेटिक ड्रग्स से जुड़ा है मामला

मिली जानकारी के अनुसार, केरल के मल्लापुरम थाना क्षेत्र में पुलिस ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ड्रग तस्कर को दबोचा था। उसके पास से करीब 13 किलोग्राम कीमती सिंथेटिक ड्रग्स बरामद की गई थी। गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और उसकी निशानदेही पर केरल पुलिस की तीन सदस्यीय टीम रविवार को तस्करों की तलाश में भागलपुर पहुंची।

अपार्टमेंट में छापेमारी और गिरफ्तारी

केरल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े कुछ आरोपी भागलपुर में शरण लिए हुए हैं। इसके बाद भागलपुर पुलिस की मदद से जोगसर थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। मौके से पुलिस ने मोहम्मद हासिस, मोहम्मद सलालुद्दीन और अखिल जॉय को धर दबोचा।

ट्रांजिट रिमांड पर केरल ले गई पुलिस

गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद केरल पुलिस ने तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया और अपने साथ केरल ले गई।

बाईट: केरल पुलिस के इंस्पेक्टर संगीत के अनुसार, अब तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी ताकि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य बड़े चेहरों का पर्दाफाश किया जा सके।

8 महीने से पानी को तरसीं ANM छात्राएं! 6 दिनों से बढ़ी मुसीबत, DM के दरबार पहुंचा छात्राओं का गुस्सा—24 घंटे में पानी का भरोसा

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Bhagalpur News: भागलपुर के एएनएम (ANM) छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली और गंभीर पेयजल संकट को लेकर छात्राओं का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। पिछले 8 महीनों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही छात्राओं की मुसीबत बीते 6 दिनों से बेहद विकराल हो गई थी। बुनियादी सुविधाओं और पानी की भारी किल्लत से आक्रोशित छात्राएं सोमवार को एकजुट होकर सीधे जिलाधिकारी (DM) डॉ. अलंक्रिता पांडे से मिलने समाहरणालय पहुंचीं और अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

8 महीने की अनदेखी और 6 दिनों की भारी किल्लत

छात्राओं का कहना था कि छात्रावास में पानी की समस्या बीते आठ महीनों से बनी हुई है। लेकिन पिछले छह दिनों से स्थिति और भी बदतर हो गई, जिससे दैनिक कार्यों और पीने के पानी के लिए छात्राओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। लंबे समय से लगातार शिकायतें करने के बावजूद जब कोई स्थायी समाधान नहीं निकला, तो छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा और वे डीएम के दरबार में गुहार लगाने पहुंच गईं।

DM डॉ. अलंक्रिता पांडे ने सुनी फरियाद, दिए त्वरित निर्देश

जिलाधिकारी के समक्ष छात्राओं ने छात्रावास में पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को विस्तार से रखा। ज्ञापन मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. अलंक्रिता पांडे ने मामले को गंभीरता से लिया और छात्राओं की बात सुनी। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिया कि 24 घंटे में पानी की समस्या हल की जाए और अगले 48 घंटे के भीतर छात्रावास की सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं।

प्रशासन के इस सकारात्मक आश्वासन के बाद एएनएम छात्राओं ने अपना विरोध वापस लिया। छात्राओं को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही इस गंभीर समस्या से उन्हें जल्द ही राहत मिल जाएगी।

रात के अंधेरे में टोटो उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश: भागलपुर पुलिस के जाल में फंसे 5 शातिर चोर, 2 टोटो और बैटरी बरामद

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Bhagalpur News: भागलपुर की सड़कों पर दिनभर पसीना बहाकर रोजी-रोटी कमाने वाले ई-रिक्शा चालकों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का भागलपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक की सीधी निगरानी में जोगसर थाना पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए वाहन चोर गिरोह के 5 सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से शहर के चोर गिरोहों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस कार्रवाई में बरामद सामान:

  • चोरी की ई-रिक्शा (टोटो): 02 कुल
  • टोटो बैटरी: 04 कुल
  • नगद राशि (बेची गई बैटरी का पैसा): 3,000 रुपये

ऐसे खुली चोरों की पोल: दो वारदातों ने खोला राज

जोगसर थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से टोटो गायब होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पीड़ित रामानंद कुमार और रोहित कुमार ने अपने टोटो चोरी होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी नगर-01 एवं जोगसर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने गुप्त सूचनाओं और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लेकर जाल बिछाया और गिरोह के सदस्यों को एक-एक कर दबोच लिया।

पकड़े गए अभियुक्तों का विवरण:

  1. उज्जवल कुमार (पिता- लखन मंडल) — निवासी: माणिक सरकार चौक, जोगसर
  2. सन्नी कुमार (पिता- स्व. विजय सिंह) — निवासी: दीपनगर चौक बिशरी स्थान, जोगसर
  3. प्रदुमन कुमार राय (पिता- मोती राय) — निवासी: किलाघाट सराय, ततारपुर
  4. राजेश महतो (पिता- महेश महतो) — निवासी: दीपनगर चौक, जोगसर
  5. शालिग्राम साह (पिता- शिवानारायण साह) — निवासी: खलीफाबाग, जोगसर

छापेमारी में शामिल पुलिस टीम:

  • पु.अ.नि. सह-थानाध्यक्ष विनोद कुमार (जोगसर थाना)
  • पु.अ.नि. रंगलाल कुमार (जोगसर थाना)
  • पु.अ.नि. महेन्द्र प्रसाद यादव (जोगसर थाना)
  • पु.अ.नि. चितरंजन प्रसाद (जोगसर थाना)
  • स.अ.नि. शैलेश कुमार एवं जोगसर थाना का सशस्त्र बल

पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ के दौरान चोरी के अन्य मामलों का भी सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के ई-रिक्शा चालकों ने राहत की सांस ली है।

DSP बनकर नौकरी दिलाने का झांसा, लाखों की कथित ठगी; कैंसर पीड़िता के 5 लाख रुपये पर भी सवाल

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Bhagalpur News: खुद को डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी करने के आरोप में पुलिस विभाग के डाकिया मनोज वर्मा की गिरफ्तारी अब सवालों के घेरे में है। आरोपी के खिलाफ बांका के बाद भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र में भी प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है। वहीं, बांका कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने का भी दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से कथित तौर पर ठगी के शिकार लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर और संवेदनशील मामला फोर्थ स्टेज कैंसर से जूझ रहीं सोनम भारती का है। सोनम का आरोप है कि मनोज वर्मा ने उन्हें नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग माध्यमों से करीब 5 लाख रुपये अपने बैंक खाते में मंगवाए। रकम देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। जब सोनम ने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया गया।

कैंसर से जूझ रही पीड़िता, अपने ही पैसे के लिए लगा रही चक्कर

सोनम भारती गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और उन्हें अपने इलाज के लिए पैसों की बेहद जरूरत है। उनका आरोप है कि नौकरी के नाम पर दिए गए 5 लाख रुपये वापस नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है।

पीड़िता के मुताबिक, रकम वापस मांगने के बाद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं, सोनम ने आरोप लगाया कि मनोज वर्मा के रिश्तेदारों की ओर से फोन कर उन्हें मामला वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है।

बीमारी और आर्थिक संकट के बीच सोनम अब अपने ही पैसे वापस पाने और न्याय की गुहार लेकर अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगा रही हैं।

IG कार्यालय पहुंची पीड़िता

न्याय की उम्मीद में सोनम भारती एक बार फिर भागलपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता राजीव सिंह के पास पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने आईजी कार्यालय में आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी करीब 5 लाख रुपये की रकम वापस दिलाने की मांग की।

पीड़िता की मांग है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपी को जल्द गिरफ्तार करे और ठगी की रकम वापस दिलाने की दिशा में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

दर्जनभर से अधिक लोगों से ठगी का आरोप

आरोप है कि मनोज वर्मा ने खुद को पुलिस अधिकारी यानी डीएसपी बताकर लोगों को प्रभावित किया और विभिन्न सरकारी संस्थानों में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे रकम ली। कथित तौर पर कृषि विभाग, एनटीपीसी समेत अन्य संस्थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर भी लोगों से पैसे लेने के आरोप लगाए गए हैं।

इस मामले में कितने लोगों से कितनी रकम ली गई और कुल कितनी आर्थिक ठगी हुई, इसका वास्तविक आंकड़ा पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अधिवक्ता ने उठाए गिरफ्तारी पर सवाल

ठगी के आरोपों का सामना कर रहे लोगों की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ रहे अधिवक्ता राजीव सिंह ने कहा कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है और बांका कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी अब तक नहीं होने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी को कहीं न कहीं पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

वारंट के बावजूद गिरफ्तारी क्यों नहीं?

पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर है। यदि प्राथमिकी दर्ज है और अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी होने की पुष्टि होती है, तो इसके बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है?

क्या पुलिस आरोपी का पता लगाने में असमर्थ है या उसकी गिरफ्तारी में कोई कानूनी अथवा अन्य अड़चन सामने आ रही है? इन सवालों का जवाब पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और बयान से ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल गंभीर बीमारी से जूझ रही सोनम भारती की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है। उनके लिए यह सिर्फ ठगी की रकम का मामला नहीं, बल्कि इलाज के लिए जरूरी 5 लाख रुपये वापस पाने और न्याय हासिल करने की लड़ाई भी है।