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बिहार बना देश का नंबर वन राज्य – सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने में अव्वल

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पटना, 14 सितंबर: बिहार ने एक बार फिर से अपनी उपलब्धियों से देशभर में परचम लहरा दिया है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के मामले में बिहार ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह रैंकिंग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के एवीडीएमएस केंद्रीय डैशबोर्ड द्वारा अगस्त 2025 के लिए जारी की गई है। बिहार ने 82.13 अंक के साथ अव्वल स्थान प्राप्त किया है, जबकि 78.61 अंक के साथ राजस्थान दूसरे और 73.28 अंक के साथ पंजाब तीसरे स्थान पर रहा।

11 महीने से लगातार कायम है दबदबा

पिछले वर्ष अक्टूबर में बिहार ने 79.34 अंकों के साथ राजस्थान को पछाड़ते हुए पहली बार नंबर वन की पोजीशन हासिल की थी। इसके बाद से लगातार 11 महीनों तक राज्य ने अपनी इस उपलब्धि को बरकरार रखा है। अगस्त 2025 की रैंकिंग में भी बिहार ने बाजी मार ली और यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार की कोशिशें सफल हो रही हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं में हो रहा निरंतर सुधार

राज्य स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया है। इसके तहत गंभीर बीमारियों के साथ-साथ सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी दवाएं अब आसानी से सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हो रही हैं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी अस्पतालों तक मरीजों को मुफ्त दवा सुविधा मिल रही है।

मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में 611 प्रकार की दवाएं

राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कुल 611 प्रकार की दवाएं मरीजों को मुफ्त दी जा रही हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों के ओपीडी में 356 प्रकार की दवाएं और आईपीडी में 255 प्रकार की दवाएं शामिल हैं।

  • जिला अस्पतालों में ओपीडी के लिए 287 व आईपीडी के लिए 169 दवाएं
  • अनुमंडलीय अस्पतालों में ओपीडी के लिए 212 व आईपीडी के लिए 101 दवाएं
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी के लिए 212 व आईपीडी के लिए 97 दवाएं
  • रेफरल अस्पतालों में ओपीडी के लिए 203 व आईपीडी के लिए 98 दवाएं
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी के लिए 201 व आईपीडी के लिए 93 दवाएं
  • शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 180 प्रकार की दवाएं
  • अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी के लिए 140 व आईपीडी के लिए 53 दवाएं
  • हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में 151 प्रकार की दवाएं
  • स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 97 प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मरीजों को बड़ी राहत

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा सुविधा से आम जनता को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। अब मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है।

बिहार का यह प्रदर्शन न केवल राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती को दर्शाता है बल्कि यह भी बताता है कि निरंतर प्रयासों और बेहतर प्रबंधन से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

सुल्तानगंज में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ कोसी स्नातक एमएलसी चुनाव, मतदान केंद्रों पर दिखा मतदाताओं का उत्साह

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प्रखंड मुख्यालय में सुबह से लगी रही मतदाताओं की कतारें, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती के बीच हुआ मतदान; एनडीए, जन सुराज और महागठबंधन समर्थकों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का किया दावा

Bhagalpur News: बिहार के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव के तहत शुक्रवार, को सुल्तानगंज प्रखंड मुख्यालय में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मतदान को लेकर सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। मतदान केंद्र पर स्नातक मतदाताओं की आवाजाही जारी रही। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

प्रखंड मुख्यालय स्थित मतदान केंद्र पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और सैफ के जवानों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक भी सक्रिय नजर आए और अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का दावा करते दिखे।

सुबह से मतदान केंद्र पर जुटने लगे मतदाता

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सुल्तानगंज में सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। मतदान केंद्र पर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। स्थानीय स्तर पर दोपहर तीन बजे तक करीब 40 प्रतिशत मतदान होने का अनुमान जताया गया था। हालांकि, मतदान का अंतिम आधिकारिक प्रतिशत उपलब्ध नहीं है।

चुनाव को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। मतदान केंद्र पर तैनात जवानों और अधिकारियों की निगरानी में मतदान प्रक्रिया संचालित की गई।

एनडीए समर्थकों ने डॉ. एनके यादव की जीत का किया दावा

मतदान के दौरान विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल और भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष साह ने एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के पक्ष में मतदान करने की अपील की। दोनों नेताओं ने डॉ. एनके यादव की जीत का भरोसा जताते हुए उन्हें अधिक से अधिक मतों से विजयी बनाने की बात कही।

एनडीए समर्थकों के बीच चुनाव को लेकर उत्साह देखा गया। समर्थकों को उम्मीद थी कि उनके प्रत्याशी को स्नातक मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिलेगा।

जन सुराज और महागठबंधन ने भी जताया भरोसा

दूसरी ओर, जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने अपने प्रत्याशी रजनीश रंजन की जीत का दावा किया। जन सुराज के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष अंजनी कुमार यादव और पंचायत अध्यक्ष बमबम मिश्रा ने रजनीश रंजन को अधिक से अधिक मतों से विजयी बनाने की अपील की।

वहीं, महागठबंधन समर्थकों ने अपने प्रत्याशी नीतेश कुमार यादव के पक्ष में समर्थन जताते हुए उनकी जीत की उम्मीद व्यक्त की। इस तरह सुल्तानगंज में मतदान के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच चुनावी सरगर्मी बनी रही।

अब चुनाव परिणाम पर टिकी निगाहें

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में सुल्तानगंज के मतदाताओं की भागीदारी के बीच सभी प्रमुख प्रत्याशियों के समर्थक अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए। हालांकि, किस प्रत्याशी को कितना समर्थन मिला और किसके पक्ष में अधिक मतदान हुआ, इसका वास्तविक आकलन मतगणना के बाद ही हो सकेगा।

फिलहाल, सुल्तानगंज में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान संपन्न होने के बाद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। मतगणना के आधिकारिक आंकड़े सामने आने के बाद ही कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत-हार की स्थिति स्पष्ट होगी।

भागलपुर में कोसी स्नातक चुनाव के दौरान BJP और जन सुराज समर्थकों में भिड़ंत जैसी स्थिति, कृषि भवन मतदान केंद्र पर हंगामा

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 एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव की पत्नी बीना यादव पर तस्वीर लगी डायरी बांटने का आरोप, जन सुराज समर्थकों ने जताया विरोध; सुरक्षा जवानों ने संभाला मोर्चा, कुछ देर बाद सामान्य हुआ माहौल

Bhagalpur News: कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दौरान भागलपुर के कृषि भवन मतदान केंद्र पर बीजेपी और जन सुराज समर्थकों के बीच नोकझोंक का मामला सामने आया। एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव की पत्नी बीना यादव पर मतदाताओं के बीच प्रत्याशी की तस्वीर लगी डायरी बांटने का आरोप लगाते हुए जन सुराज समर्थकों ने विरोध जताया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और मतदान केंद्र पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हालांकि, मौके पर तैनात सुरक्षा जवानों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। दोनों पक्षों को शांत कराने के बाद मतदान केंद्र पर माहौल सामान्य हुआ और मतदान प्रक्रिया जारी रही।

डायरी बांटने के आरोप पर शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दौरान कृषि भवन मतदान केंद्र पर उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब जन सुराज समर्थकों ने बीना यादव पर मतदाताओं के बीच डॉ. एनके यादव की तस्वीर लगी डायरी बांटने का आरोप लगाया। जन सुराज समर्थकों ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी।

विवाद बढ़ने से मतदान केंद्र पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। वहां मौजूद लोगों का ध्यान मतदान प्रक्रिया से हटकर इस घटनाक्रम की ओर चला गया। हालांकि, सुरक्षा जवानों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

बीना यादव ने विपक्ष पर साधा निशाना

विवाद को लेकर डॉ. एनके यादव की पत्नी बीना यादव ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी हार से बौखला गए हैं। उनके इस बयान के बाद चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चर्चा में आ गया।

वहीं, जन सुराज की ओर से विधानसभा प्रभारी आम्रत्र बंधुल ने भी इस मामले को लेकर अपना पक्ष रखा। विवाद की शुरुआत और मतदान केंद्र पर डायरी बांटने से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

सुरक्षा जवानों ने संभाली स्थिति, मतदान जारी

घटना के दौरान मौके पर तैनात सुरक्षा जवानों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद मतदान केंद्र पर स्थिति सामान्य हुई और मतदान प्रक्रिया जारी रही। चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर शांति और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

कृषि भवन मतदान केंद्र पर हुई इस नोकझोंक ने कोसी स्नातक चुनाव के दौरान राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया। फिलहाल, इस घटना में किसी के घायल होने या मतदान प्रक्रिया लंबे समय तक बाधित रहने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

भागलपुर में फर्जी DSP बन नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप, फरार मनोज वर्मा के घर ढोल बजाकर चिपकाया इश्तिहार

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 कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप, महीनों से फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस; इश्तेहार के जरिए हाजिर होने का दिया कानूनी संदेश

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में खुद को सीआईडी का डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से कथित ठगी करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर निवासी मनोज कुमार वर्मा के घर पुलिस ने ढोल बजाकर इश्तेहार चिपकाया। आरोप है कि मनोज वर्मा ने सरकारी नौकरी दिलाने और विभागों में अपनी पहुंच होने का भरोसा देकर कई लोगों से पैसे लिए, लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर उनकी रकम वापस नहीं की। मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है।

ढोल बजाकर घर पहुंची पुलिस, चिपकाया इश्तेहार

जानकारी के अनुसार, इसाकचक थाना की पुलिस आरोपी मनोज कुमार वर्मा के घर पहुंची और ढोल बजाकर इश्तेहार चिपकाने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के जरिए आरोपी को मामले में कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य फरार आरोपी को न्यायालय की प्रक्रिया के तहत उपस्थित होने के लिए सूचित करना है।

इश्तेहार चिपकाया जाना पुलिस की कानूनी कार्रवाई का एक अहम चरण है। हालांकि, इसके बाद की कार्रवाई न्यायालय के आदेश और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होती है।

खुद को सीआईडी का डीएसपी बताने का आरोप

मामले में आरोप है कि मनोज कुमार वर्मा लोगों के सामने खुद को सीआईडी का डीएसपी बताता था। वह सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने और अधिकारियों तक अपनी पहुंच होने का भरोसा देकर लोगों को अपने झांसे में लेता था। पीड़ितों के आरोपों के मुताबिक, नौकरी लगवाने के नाम पर उससे कई लोगों ने संपर्क किया और उसे रुपये दिए।

जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली और लोगों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो कथित तौर पर उन्हें पैसे लौटाने में आनाकानी की गई। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की और मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई।

कई लोगों से ठगी की शिकायत, पुलिस की जांच जारी

इस मामले को लेकर भागलपुर में पहले भी खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मनोज वर्मा पर एक दर्जन से अधिक लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये लेने के आरोप लगे हैं। सबौर स्थित कृषि महाविद्यालय, एनटीपीसी और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने या पैरवी कराने का भरोसा देने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

20 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों में भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के हवाले से बताया गया था कि आरोपी सीआईडी का डीएसपी नहीं है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। अलग-अलग शिकायतों के संबंध में इशाकचक और बाईपास थाने में मामले दर्ज होने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई थी।

फरार आरोपी पर आगे क्या होगी कार्रवाई?

फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, मनोज कुमार वर्मा के घर इश्तेहार चिपकाने के बाद उसकी गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। इश्तेहार के बाद अगला कदम न्यायालय के आदेश, मामले की स्थिति और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोपों ने एक बार फिर ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत को उजागर किया है, जो सरकारी पद या अधिकारियों से करीबी का दावा कर नौकरी दिलाने का भरोसा देते हैं। नौकरी के नाम पर किसी को रकम देने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया और सूचना की जांच करना जरूरी है।

बैजानी के हनुमान मंदिर में 27 अक्टूबर से शुरू होगा अखंड रामचरितमानस पाठ, 30 दिनों तक गूंजेगा राम नाम

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कार्तिक पूर्णिमा पर हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा समापन, वर्ष 2002 से चली आ रही है धार्मिक अनुष्ठान की परंपरा

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत बैजानी पंचायत में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बनने जा रहा है। पोखर के समीप स्थित हनुमान मंदिर में श्रीश्री 1008 अखंड रामचरितमानस पाठ का आयोजन 27 अक्टूबर से शुरू होगा। कार्तिक मास में आयोजित होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन समिति की बैठक में कार्यक्रम को भव्य और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

वर्ष 2002 से चली आ रही है अखंड रामायण पाठ की परंपरा

मंदिर के पुजारी गौरीशंकर ठाकुर ने बताया कि हनुमान मंदिर में अखंड रामचरितमानस पाठ की परंपरा वर्ष 2002 से चली आ रही है। प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में आयोजित होने वाले इस अनुष्ठान में श्रद्धालु और संकल्पकर्ता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पाठ के दौरान लगातार 24 घंटे रामचरितमानस का पाठ किया जाता है। इस वर्ष भी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विशेष आयोजन की तैयारी की गई है।

आयोजकों के अनुसार, इस बार पाठ की शुरुआत 27 अक्टूबर को कार्तिक प्रतिपदा के अवसर पर होगी। आयोजन का समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन किया जाएगा। इस दौरान मंदिर परिसर में राम नाम की गूंज के साथ श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करेंगे।

कार्तिक पूर्णिमा पर हवन, सत्यनारायण पूजा और भंडारा

अखंड रामचरितमानस पाठ के समापन अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें हवन-पूजन, भगवान सत्यनारायण की पूजा और विशाल भंडारे की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों को उम्मीद है कि बैजानी सहित आसपास के गांवों और दूसरे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

अनुष्ठान के संचालन के लिए गोपाल तिवारी को मुख्य आचार्य के रूप में आमंत्रित किया गया है। उनके मार्गदर्शन में धार्मिक कार्यक्रमों को संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

आयोजन समिति की बैठक में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल और विश्राम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर की साफ-सफाई, पंडाल निर्माण, रोशनी, ध्वनि व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अलग-अलग कार्य समितियों का गठन किया गया है। समिति के सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में शामिल स्थानीय ग्रामीणों, समिति सदस्यों और श्रद्धालुओं ने आयोजन को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश

आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अखंड रामचरितमानस पाठ में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव में आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बैजानी के हनुमान मंदिर में होने वाला यह आयोजन एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सामूहिक सहभागिता का केंद्र बनने जा रहा है।

बिहार MLC चुनाव के बीच बड़ा सियासी घटनाक्रम: छोटू सिंह हिरासत में, अनंत सिंह ने वीडियो कॉल पर की बात

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पटना में पुलिस की कार्रवाई से गरमाई सियासत, जेडीयू से निष्कासित छोटू सिंह जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में कर रहे थे प्रचार; थाने में विधायक से बातचीत की खबर

Patna News:  बिहार विधान परिषद चुनाव के मतदान के बीच राजधानी पटना में सियासी हलचल तेज हो गई है। जेडीयू से निष्कासित पूर्व नेता छोटू सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस घटनाक्रम के बाद मोकामा के विधायक अनंत सिंह की उनसे थाने में फोन या वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की खबर सामने आई है। चुनाव के दिन हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।

करबिगहिया इलाके से हिरासत में लिए गए छोटू सिंह

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 23 अक्टूबर को पटना के करबिगहिया इलाके के पास छोटू सिंह को एसटीएफ और पुलिस की संबंधित टीम ने हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें जक्कनपुर थाने ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई।

रिपोर्टों में पुलिस की ओर से विधि-व्यवस्था से जुड़ी आशंका के मद्देनजर पूछताछ के लिए थाने लाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस कार्रवाई के संबंध में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होगी।

अनंत सिंह से क्या हुई बातचीत?

छोटू सिंह को हिरासत में लिए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह की उनसे बातचीत की खबर सामने आई। कुछ मीडिया रिपोर्टों में थाने के अंदर वीडियो कॉल पर बातचीत किए जाने का भी उल्लेख है।

इस घटनाक्रम ने इसलिए भी ध्यान खींचा है, क्योंकि छोटू सिंह हाल के दिनों में अनंत सिंह के साथ राजनीतिक गतिविधियों में नजर आ रहे थे। हालांकि, बातचीत में क्या चर्चा हुई और इस दौरान किन मुद्दों पर बात हुई, इसकी विस्तृत और स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

जेडीयू से निष्कासन के बाद जन सुराज प्रत्याशी का समर्थन

छोटू सिंह पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) से जुड़े थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित किया गया था। इसके बाद वे पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते नजर आए।

इसी चुनाव में जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह खुलकर डॉ. अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में चुनाव के दिन छोटू सिंह को हिरासत में लिए जाने की घटना ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

बिहार MLC चुनाव के बीच सियासी सरगर्मी

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित था। पटना स्नातक सीट पर मुकाबले को लेकर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की गतिविधियां लगातार चर्चा में रहीं।

एक तरफ मतदान के बीच छोटू सिंह को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई हुई, वहीं दूसरी तरफ अनंत सिंह की उनसे बातचीत की खबर सामने आई। इन घटनाक्रमों के बीच चुनावी माहौल में राजनीतिक बयानबाजी और चर्चाएं तेज हो गई हैं।

फिलहाल, छोटू सिंह को हिरासत में लेने के पीछे की पूरी परिस्थितियों और अनंत सिंह से बातचीत के विस्तृत विवरण को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और संबंधित पक्षों के बयान से मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

SILK TV | बिहार की सियासत और बड़ी खबरों पर नजर।

बिहार में डबल मर्डर केस के आरोपियों का पुलिस से एनकाउंटर, दोनों के पैर में लगी गोली

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गया में दारोगा के बेटे की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई, छापेमारी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश; जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल

Crime News:  बिहार में कोसी स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान के बीच गया जिले से बड़ी खबर सामने आई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र में मोतिहारी में तैनात दारोगा सुधांशु शेखर के बेटों पर हुए जानलेवा हमले और छोटे बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान भागने की कोशिश कर रहे दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपियों को पुलिस हिरासत में इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

19 अक्टूबर की रात दो भाइयों पर हुई थी फायरिंग

मामला 19 अक्टूबर की देर रात का है। जानकारी के मुताबिक, मोतिहारी में तैनात दारोगा सुधांशु शेखर के दो बेटों, रानू सिंह और मोनू सिंह, पर गया जिले में गोलीबारी की गई थी। इस हमले में छोटे बेटे की मौत हो गई, जबकि बड़े बेटे के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस पर चलाई गोली

पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपित श्याम बिहारी और गौरव कुमार की तलाश में छापेमारी की जा रही थी। इसी दौरान दोनों ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज

दारोगा के बेटे की हत्या से जुड़े इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह, आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी का इंतजार है।

भागलपुर: हबीबपुर से 84 वर्षीय बुजुर्ग विश्वनाथ राम रहस्यमय तरीके से लापता, परिजनों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

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सुबह घर का दरवाजा खुला मिला, आसपास और रिश्तेदारों के यहाँ काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग; सूचना देने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा

Bhagalpur News: भागलपुर के हबीबपुर थाना क्षेत्र में 84 वर्षीय बुजुर्ग विश्वनाथ राम के लापता होने का मामला सामने आया है। 22 अक्टूबर 2026 की सुबह से बुजुर्ग के लापता होने के बाद परिजन उनकी तलाश में परेशान हैं। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिलने पर आवेदनकर्ता नवल किशोर सिंह ने हबीबपुर थाने में आवेदन देकर पुलिस से बुजुर्ग को खोजने में मदद की गुहार लगाई है। साथ ही आम लोगों से भी उनकी तलाश में सहयोग करने की अपील की गई है।

घर से अचानक गायब हुए बुजुर्ग

आवेदन के अनुसार, लापता बुजुर्ग का नाम **विश्वनाथ राम**, उम्र लगभग 84 वर्ष है। वह भागलपुर जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र के दाउदवाट मोहल्ले के निवासी बताए गए हैं। परिजनों के मुताबिक, 22 अक्टूबर की सुबह जब घर के लोग सोकर उठे, तो घर का दरवाजा पहले से खुला हुआ था और विश्वनाथ राम घर में मौजूद नहीं थे।

इसके बाद परिवार के सदस्यों ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां उनकी तलाश की, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बुजुर्ग के अचानक लापता होने से परिजन चिंतित हैं और उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।

क्या है लापता बुजुर्ग की पहचान?

– **नाम:** विश्वनाथ राम
– **उम्र:** लगभग 84 वर्ष
– **लंबाई:** लगभग 5 फीट
– **रंग:** गोरा
– **लापता होने की तारीख:** 22 अक्टूबर 2026, सुबह
– **लापता होने का स्थान:** दाउदवाट मोहल्ला, हबीबपुर थाना क्षेत्र, भागलपुर

सुराग देने वाले को मिलेगा उचित इनाम

परिजनों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने विश्वनाथ राम को कहीं देखा हो या उनके संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी हो, तो तुरंत नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करें।

**संपर्क नंबर:**
– 7992274020
– 9122668310

परिजनों की ओर से बताया गया है कि बुजुर्ग को खोजने में मदद करने वाले या उनके बारे में सही सुराग देने वाले व्यक्ति को **उचित इनाम** दिया जाएगा।

आपकी एक सूचना परिवार के लिए बन सकती है उम्मीद

विश्वनाथ राम की तलाश में स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की गई है। यदि किसी को बुजुर्ग के संबंध में कोई जानकारी मिलती है, तो कृपया उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत परिजनों को सूचित करें। बुजुर्ग की सुरक्षित बरामदगी के लिए पुलिस को भी सूचना दी जा सकती है।

SILK TV NEWS की अपील:  इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि विश्वनाथ राम की तलाश में मदद मिल सके और वह सुरक्षित अपने परिवार तक लौट सकें।

सिंदूर खेला, नम आंखें और मां से फिर आने का वादा… भागलपुर में दुर्गा विसर्जन का भावुक नजारा

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कहीं सिंदूर खेला में झलकी बंगाली संस्कृति की खूबसूरती, तो कहीं मां की विदाई पर छलक पड़े आंसू; दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी से लेकर नाथनगर के विभिन्न घाटों तक जयकारों के बीच दी गई मां दुर्गा को अंतिम विदाई, अगले बरस फिर आने की प्रार्थना के साथ संपन्न हुआ दुर्गोत्सव।

Bhagalpur News:  रेशमी नगरी भागलपुर में दुर्गा पूजा महोत्सव के समापन के साथ ही मां दुर्गा की विदाई का भावुक दृश्य देखने को मिला। विजयादशमी के अवसर पर शहर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। मां के जयकारों से गूंजती गलियां, श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़, सिंदूर से सजे महिलाओं के चेहरे और विदाई के समय नम हुई आंखों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और भावुक बना दिया।

दुर्गा पूजा के दौरान जहां शहर में उत्साह, आस्था और उल्लास का माहौल रहा, वहीं विजयादशमी पर मां की विदाई ने श्रद्धालुओं के मन को भावनाओं से भर दिया। किसी ने मां के चरणों में शीश झुकाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की, तो किसी ने नम आंखों से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। मां दुर्गा की विदाई के इस दृश्य में भक्ति के साथ बंगाली संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं की झलक भी देखने को मिली।

सिंदूर खेला में झलकी बंगाली संस्कृति, महिलाओं ने मां को किया विदा

भागलपुर के दुर्गाबाड़ी और कालीबाड़ी में बंगाली परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद विदाई की रस्में निभाई गईं। इस दौरान बंगाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म में हिस्सा लिया। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, सौभाग्य, सुहाग तथा समृद्धि की मंगलकामना की।

सिंदूर खेला के दौरान महिलाओं के चेहरों पर उत्सव की खुशी दिखाई दी, लेकिन मां की विदाई की घड़ी आते ही माहौल भावुक हो गया। महिलाओं ने मां दुर्गा की आरती उतारी और हाथ जोड़कर प्रार्थना की कि मां सभी के जीवन में सुख-शांति बनाए रखें। परिवारों में खुशहाली आए और समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा तथा सद्भाव कायम रहे।

बंगाली समाज में सिंदूर खेला केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति प्रेम, श्रद्धा और अगले वर्ष उनके फिर आगमन की आशा का प्रतीक भी है। यही वजह रही कि इस परंपरा के दौरान खुशी और विदाई का दर्द एक साथ देखने को मिला।

दुर्गाबाड़ी और कालीबाड़ी की प्रतिमाओं का दीपनगर घाट पर विसर्जन

शहर के प्रमुख पूजा स्थलों में शामिल दुर्गाबाड़ी और कालीबाड़ी की मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बांग्ला रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ दीपनगर घाट पर संपन्न हुआ। प्रतिमाओं की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के जयकारे लगाए और भावपूर्ण माहौल में उन्हें अंतिम विदाई दी।

विसर्जन के दौरान भक्तों की आस्था देखते ही बनी। श्रद्धालुओं ने मां से अपने परिवार, समाज और पूरे शहर की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा महोत्सव के दौरान मंदिरों में उमड़ी भीड़ और विसर्जन के समय श्रद्धालुओं की भागीदारी ने दुर्गा पूजा के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया।

नाथनगर में भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां की विदाई

नाथनगर क्षेत्र में भी मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। महाशय ड्योढ़ी की मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन बंगाली टोला घाट पर, जबकि सुजानपुर दुर्गा मंदिर की प्रतिमा का विसर्जन चंपा नदी घाट पर संपन्न हुआ।

इसी क्रम में गोपीनाथ घोष लेन, लखीकांत आचार्य लेन और चमरू साह लेन की मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन मखदूम शाह दरगाह घाट पर किया गया। विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी और मां के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान लोगों ने पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की और मां से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा संकटों से रक्षा करने की प्रार्थना की। पूजा समितियों और श्रद्धालुओं के लिए यह पल पूरे उत्सव का सबसे भावुक क्षण बन गया।

मां की विदाई पर छलकीं आंखें, अगले बरस फिर आने की प्रार्थना

दुर्गा पूजा का उत्सव भले ही मां दुर्गा की विदाई के साथ संपन्न हो गया, लेकिन श्रद्धालुओं के मन में मां के प्रति आस्था और विश्वास पहले की तरह अटूट बना हुआ है। मां को विदा करते समय कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। महिलाओं ने मां के सामने नमन कर अपने परिवार की खुशहाली, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज में शांति व सद्भाव की कामना की।

मां दुर्गा की विदाई के साथ ही शहर में उत्सव की रौनक धीरे-धीरे समाप्त होने लगी, लेकिन भक्तों के हृदय में भक्ति का भाव बरकरार रहा। विसर्जन के दौरान गूंजते जयकारे मानो यही संदेश दे रहे थे कि मां अपने भक्तों से दूर नहीं होतीं, बल्कि हर वर्ष नई उम्मीद, नई ऊर्जा और आशीर्वाद के साथ लौटती हैं।

भागलपुर में दुर्गा पूजा का यह समापन आस्था, परंपरा और सामाजिक सौहार्द की खूबसूरत तस्वीर पेश कर गया। मां की विदाई के इस भावुक पल में हर भक्त के मन में एक ही विश्वास था—मां, अगले बरस फिर आना और अपने सभी भक्तों पर सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद बरसाना।

भागलपुर में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर कांग्रेस ने किया नमन, अजीत शर्मा बोले—बिहार के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय

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जाति-धर्म से ऊपर उठकर बिहार के नवनिर्माण की रखी मजबूत नींव, सामाजिक समानता और वंचितों के अधिकारों के लिए डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को कांग्रेस नेताओं ने किया याद

Bhagalpur News:  बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर भागलपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत शर्मा के आवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया और उनके विचारों एवं आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

जयंती समारोह के दौरान पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को बिहार के विकास और सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में जाति, धर्म और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया। बिहार के विकास के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य और उनकी दूरदर्शी सोच राज्य के इतिहास में हमेशा याद की जाती रहेगी।

सामाजिक समानता और वंचितों के अधिकारों के लिए किया काम

अजीत शर्मा ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का योगदान केवल बिहार के प्रशासनिक और आर्थिक विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक समानता को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की। उनके व्यक्तित्व और कार्यों में समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान देने की भावना दिखाई देती थी।

उन्होंने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में दलितों और वंचित वर्गों के पूजा-अर्चना के अधिकार से जुड़े ऐतिहासिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक भेदभाव को दूर करने की दिशा में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके प्रयासों ने समाज में समानता और समरसता के विचार को मजबूती प्रदान की।

डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के आदर्श आज भी प्रासंगिक

पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जैसे महान व्यक्तित्व का योगदान बिहार के इतिहास में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनके विचार आज भी समाज को एकता, समानता और सद्भाव के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। वर्तमान समय में उनके आदर्शों को अपनाते हुए सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना और सभी वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य उनके विचारों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर बिहार के विकास, सामाजिक न्याय और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

विजयादशमी पर अजीत शर्मा ने मां दुर्गा के दरबार में टेका मत्था, भागलपुर और बिहार की सुख-समृद्धि की कामना

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कचहरी चौक से बरारी और मिरजानहाट तक पूजा पंडालों में पहुंचकर पूर्व विधायक ने की पुष्पांजलि अर्पित; बोले— विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अहंकार, क्रोध और द्वेष को समाप्त करने का संदेश भी है।

Bhagalpur News:  विजयादशमी के पावन अवसर पर भागलपुर के पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य अजीत शर्मा ने शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की और समस्त भागलपुर सहित बिहारवासियों की सुख-समृद्धि, उन्नति एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मकता बनाए रखने का संदेश दिया।

अजीत शर्मा ने भागलपुर शहर के कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी (बरारी) और मोदीनगर (मिरजानहाट) में मां दुर्गा के दर्शन किए तथा विधिवत पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा सभी भक्तजनों का कल्याण करें और भागलपुर समेत पूरे बिहार को विकास, उन्नति एवं समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करें।

विजयादशमी पर दिया सकारात्मक बदलाव और बेहतर समाज का संदेश

इस अवसर पर अजीत शर्मा ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। यह पर्व केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, द्वेष और नकारात्मक विचारों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में इन बुराइयों को दूर करने का संकल्प ले, तो समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारा और सहयोग की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि पर्व-त्योहारों की मूल भावना को समझते हुए समाज में शांति, एकता और सौहार्द बनाए रखें। आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर सभी को एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

विकसित भागलपुर और समृद्ध बिहार के लिए सामूहिक संकल्प का आह्वान

अजीत शर्मा ने कहा कि त्योहार हमें नई ऊर्जा, नई उम्मीद और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। विजयादशमी के अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि अपने आसपास के वातावरण को बेहतर बनाएंगे, सामाजिक एकता को मजबूत करेंगे और क्षेत्र के विकास में योगदान देंगे।

उन्होंने भागलपुर और बिहारवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि मां दुर्गा की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आएगी। साथ ही उन्होंने सभी लोगों से मिलकर एक बेहतर समाज, विकसित भागलपुर और समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।