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भागलपुर में बाढ़ का तांडव: प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने संभाला मोर्चा; क्षतिग्रस्त तटबंधों का किया ग्राउंड निरीक्षण

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में उफनती नदियों और बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रमंडलीय प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने रंगरा और गोपालपुर प्रखंड के अत्यंत संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित तटबंधों का खुद धरातल पर उतरकर गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ भागलपुर के जिलाधिकारी, नवगछिया की पुलिस अधीक्षक तथा नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) समेत जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर मौजूद रहे।

रंगरा में टूटा 20 फीट बांध: युद्धस्तर पर जारी है मरम्मत कार्य

आयुक्त ने रंगरा प्रखंड के बनिया बैसी पंचायत स्थित बुढ़िया बांध (सादोपुर रिंग बांध) का जायजा लिया, जहां नदी के तेज बहाव के कारण लगभग 20 फीट का खतरनाक कटाव हुआ है। इसके अलावा धोबिनिया बांध (कलबलिया नदी) की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया।

मौके पर कटाव को रोकने और तटबंध को सुरक्षित करने के लिए कई तकनीकी व सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं:

  • सैंडबैग्स और प्लास्टिक शीट: नदी के सीधे प्रहार से बांध को बचाने के लिए प्लास्टिक शीट बिछाकर बालू से भरे बोरे (सैंडबैग्स) बिछाए जा रहे हैं।
  • बांस पाइलिंग और डॉवल निर्माण: पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए बांस पाइलिंग और डॉवल निर्माण का काम लगातार जारी है।
  • ओवरटॉपिंग पर नियंत्रण: बांध के ऊपर से पानी बहने (Overtopping) की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन अवरोधक बनाए जा रहे हैं।

रात में आया संकट, सुबह तक ब्रह्मोत्तर बांध पर पाया काबू

निरीक्षण के क्रम में आयुक्त ने ब्रह्मोत्तर बांध का भी दौरा किया। बीती रात इस बांध पर अचानक बड़ा संकट उत्पन्न हो गया था, लेकिन जल संसाधन विभाग की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने आपदा की इस घड़ी में तकनीकी टीम का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने वाले स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग की जमकर सराहना की।

कम्युनिटी किचन चालू, 24 घंटे निगरानी के सख्त निर्देश

बाढ़ से घिरे आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावित इलाकों में लगातार सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) का संचालन किया जा रहा है, ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे।

निरीक्षण के बाद आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा ने अभियंताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए:

  1. 24×7 अलर्ट मोड: सभी संवेदनशील तटबंधों और बांधों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी (Patrolling) रखी जाए।
  2. आपदा से निपटने की त्वरित तैयारी: किसी भी संभावित खतरे या रिसाव की स्थिति में बिना समय गंवाए तत्काल राहत और मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
  3. अंतर-विभागीय समन्वय: जल संसाधन, पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आपस में बेहतर तालमेल बनाकर काम करें।

जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों की टीमें ग्राउंड ज़ीरो पर मुस्तैद हैं ताकि तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बाढ़ के प्रभाव को कम से कम किया जा सके।

पथ निर्माण विभाग की पहल पर ‘Mission Sugam Patna’ का खाका तैयार, AI और ग्रीन कॉरिडोर से बदलेगी यातायात की सूरत

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Patna News: बिहार की राजधानी पटना को सुगम, सुरक्षित और पूरी तरह जाम-मुक्त बनाने के लिए पथ निर्माण विभाग ने तकनीक आधारित मास्टर प्लान पर काम शुरू कर दिया है। आज विश्वेश्वरैया भवन स्थित पथ निर्माण विभाग के सभागार में विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में “यातायात जाम के प्रबंधन एवं समाधान” विषय पर एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस बैठक में विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में पूर्व CRRI निदेशक व IIT बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर प्रो. पी. के. सिकदर तथा Arcadis IBI Group के कंट्री हेड वेंकटा चुंदुरू ने हिस्सा लिया।

इन प्रमुख हॉटस्पॉट्स और चुनौतियों पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के दौरान पटना की भौगोलिक संरचना, तेजी से बढ़ती आबादी और सड़कों पर वाहनों के भारी दबाव के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शहर के सबसे व्यस्त एवं संवेदनशील इलाकों जैसे:

  • डाक बंगला चौराहा, पटना जंक्शन रोड, जीपीओ गोलंबर और एग्जीबिशन रोड
  • बोरिंग रोड, गांधी मैदान, पीएमसीएच और अशोक राजपथ
  • सगुना मोड़, अनीसाबाद और बेली रोड

इन क्षेत्रों में प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम और सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता पर गहन मंथन किया गया।

‘Mission Sugam Patna: ASTraM and SOS’ तकनीकी ड्राफ्ट पेश

बैठक के दौरान Arcadis द्वारा तैयार विशेष तकनीकी प्रेजेंटेशन “Mission Sugam Patna: ASTraM and SOS” पेश किया गया। इसके तहत पटना के एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का अधिकतम उपयोग करते हुए उस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स की एक इंटेलिजेंस लेयर लागू करने की योजना है।

पटना ट्रैफिक सुधार प्लान की 8 मुख्य विशेषताएं:

  1. AI से जाम का एडवांस पूर्वानुमान: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल के जरिए ट्रैफिक जाम लगने से 30 से 60 मिनट पहले ही संभावित दबाव का पता चल जाएगा, जिससे ट्रैफिक सिग्नल और डायवर्जन को स्वचालित (Automated) रूप से बदला जा सकेगा।
  2. ई-रिक्शा और ऑटो का नियंत्रण: स्टेशन और प्रमुख बाजारों में ऑटो/ई-रिक्शा के अनियंत्रित ठहराव को रोकने के लिए जियोफेंसिंग, वर्चुअल स्टैंड और शेड्यूलिंग लागू की जाएगी।
  3. पटना मेट्रो कनेक्टिविटी मैनेजमेंट: भविष्य में पटना मेट्रो स्टेशनों के आसपास होने वाली यात्रियों की भीड़ और वाहनों के ड्रॉप-ऑफ को सुचारू रूप से नियंत्रित किया जाएगा।
  4. ट्रैफिक जवानों की डिजिटल मॉनिटरिंग: ऑन-ड्यूटी तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए ‘अटेंडेंस मॉनिटरिंग सिस्टम’ लागू होगा।
  5. 10 मिनट में अस्पताल पहुंचेगी एम्बुलेंस (ग्रीन कॉरिडोर): दुर्घटना की AI द्वारा स्वचालित पहचान होते ही नजदीकी एम्बुलेंस को अलर्ट जाएगा और ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर पीड़ित को 10 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
  6. अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर वार: सड़कों के किनारों से अनधिकृत पार्किंग और अतिक्रमण चिन्हित कर हटाया जाएगा, जिससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई बढ़ सके।
  7. जलजमाव में डायवर्जन मैनेजमेंट: बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों की अग्रिम सूचना देकर गाड़ियों को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जाएगा ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।
  8. अन्य शहरों के लिए मॉडल: पटना के इस मॉडल की सफलता के बाद राज्य के अन्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों में भी इस कार्ययोजना को लागू किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने लिया ICCC का जायजा

कार्यक्रम में बीएसआरडीसीएल (BSRDCL) के प्रबंध निदेशक, पटना नगर आयुक्त, ट्रैफिक एसपी, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) के प्रबंध निदेशक, जिला प्रशासन और यातायात पुलिस के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के समापन के बाद प्रो. पी. के. सिकदर और अन्य अधिकारियों ने पथ निर्माण विभाग में स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और वहां मौजूद अभियंताओं से उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

बिहार में मिलावटखोरों पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा चाबुक: पटना, हाजीपुर और दरभंगा में छापेमारी; मिलावटी दूध, पनीर और फूड सप्लीमेंट्स नष्ट

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Patna News:  बिहार में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के कड़े निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने पटना, हाजीपुर और दरभंगा जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में मिलावटी, एक्सपायर्ड और असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त कर मौके पर ही नष्ट कराए गए।

हाजीपुर: 72 किलो स्टार्च युक्त मिलावटी पनीर नष्ट

वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित स्टेशन रोड पर खाद्य सुरक्षा टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान:

  • सुधीर किराना दुकान से 14 किलोग्राम स्टार्च मिलावटी पनीर जब्त कर नष्ट किया गया।
  • श्री गणेश पनीर हाउस से 58 किलोग्राम मिलावटी पनीर बरामद कर तुरंत नष्ट कराया गया। दोनों स्थानों से सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।

दरभंगा (बेनीपुर): एक्सपायर्ड सुधा मिल्क और पनीर पर कार्रवाई

दरभंगा जिले के बेनीपुर (आशापुर चौक) स्थित सुधा मिल्क पार्लर में खाद्य संरक्षा अधिकारी द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच में:

  • 21 लीटर एक्सपायर्ड सुधा दूध
  • 18 किलोग्राम खराब हो चुका पनीर

पाया गया, जिसे खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत तुरंत मौके पर ही विनष्ट कराया गया और सैंपल लैब भेजे गए।

पटना (फतुहा): दूध में कैंसरकारी ‘फॉर्मेलिन’ की पुष्टि, 126 लीटर दूध बहाया

सबलपुर, फतुहा (टेढ़ी पुल) स्थित राजीव डेयरी में खाद्य संरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में दूध और पनीर की जांच की गई। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दूध को सुरक्षित रखने के लिए उसमें खतरनाक केमिकल फॉर्मेलिन की मिलावट की गई थी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 126 लीटर दूध को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

फतुहा में अलेक्सा फूड्स (Food Supplements) पर संयुक्त छापेमारी

फतुहा थाना क्षेत्र के बाजितपुर स्थित Alexa Foods and Supplements के ठिकाने पर खाद्य सुरक्षा विभाग, औषधि निरीक्षक, आयुष निदेशालय और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

  • परिसर से फूड सप्लीमेंट्स, कच्चा माल और मैन्युफैक्चरिंग उपकरण जब्त किए गए।
  • कुल 06 विभिन्न नमूने (सैंपल) जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं।
  • हालांकि जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक औषधि नहीं मिली और संचालक ने खाद्य निर्माण अनुज्ञप्ति (License) होने का दावा किया है। दस्तावेजों की पूर्ण जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

पटना में ‘संतुष्टि स्वीट्स’ का औचक निरीक्षण

पटना शहर स्थित प्रसिद्ध संतुष्टि स्वीट्स और उसकी विनिर्माण इकाई (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट) में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने औचक निरीक्षण किया। टीम ने साफ-सफाई और स्वच्छता (Hygiene) के मानकों का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सचिव का कड़ा संदेश: स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि ने स्पष्ट कहा, “जनता की थाली और सेहत के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असुरक्षित, मिलावटी या एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों पर कानून का कड़ा चाबुक चलेगा। पूरे राज्य में यह अभियान लगातार जारी रहेगा।”

अवैध संबंध के चक्कर में हुई थी उत्तम यादव की हत्या, STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 2 शूटर गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के ईशीपुर बाराहाट थाना क्षेत्र में 10 सितंबर को हुए उत्तम कुमार यादव हत्याकांड में पुलिस और STF की टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 36 घंटे के भीतर घटना को अंजाम देने वाले दो पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

10 सितंबर 2026 को दौलतपुर (ईशीपुर बाराहाट) निवासी उत्तम कुमार यादव (पिता- राजकुमार यादव) ईशीपुर से कहलगांव जाने वाले मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान पचरुखी मोड़ के पास अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी के फर्दबयान के आधार पर ईशीपुर बाराहाट थाने में कांड संख्या-131/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

अवैध संबंध बना हत्या का कारण, 3-4 दिनों से हो रही थी रेकी

पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि साहेबगंज के मुफस्सिल थाना क्षेत्र निवासी सरोज भारती की पत्नी के साथ मृतक उत्तम कुमार यादव का अवैध संबंध था। इसी रंजिश में सरोज भारती ने उत्तम यादव की हत्या की साजिश रची। सरोज भारती और गिरफ्तार दोनों आरोपी पिछले 3-4 दिनों से बाइक से लगातार उत्तम की रेकी कर रहे थे। घटना के दिन उत्तम को पचरुखी मोड़ की तरफ जाते देख सरोज भारती बाइक से उतर गया ताकि उसकी पहचान न हो सके, और बाकी दोनों शूटरों ने सुनसान जगह देखकर उत्तम को गोली मार दी।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान

  1. प्रदुमन यादव (पिता- शाहबल्ली यादव) – निवासी: मिर्जापुर बधार, थाना- मनिहारी, जिला- कटिहार।
  2. मो० लालू (पिता- स्व० मो० शमशेर) – निवासी: नया टोला, थाना- अमदाबाद, जिला- कटिहार।

बरामदगी:

  • 01 मोटरसाइकिल
  • 01 मोबाइल फोन
  • ₹1,500 नगद

मुख्य आरोपी सरोज भारती की तलाश जारी

हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता सरोज भारती (पिता- स्व० रामगृह यादव, निवासी- शोमनपुर डेरा, मुफस्सिल, साहेबगंज) फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी प्रदुमन यादव का पुराना आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार प्रदुमन यादव एक शातिर अपराधी है, जिस पर पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं:

  • मुफस्सिल थाना (साहेबगंज) – कांड सं०-227/19 (धारा 302/34 भा०द०वि० एवं आर्म्स एक्ट – हत्या का मामला)
  • मनिहारी थाना (कटिहार) – कांड सं०-269/23 (डकैती की योजना एवं आर्म्स एक्ट)
  • मनिहारी थाना (कटिहार) – कांड सं०-210/23 (मारपीट, रंगदारी एवं अन्य धाराएं)

छापेमारी टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी

वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव-02 के नेतृत्व में इस विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम में ईशीपुर बाराहाट थानाध्यक्ष मनीष कुमार, पु०अ०नि० विपिन प्रसाद यादव, पु०अ०नि० शकील अंसारी, सिपाही रतन कुमार, कौशल कुमार सिंह, मुकेश कुमार, सुजीत कुमार और भागलपुर STF की टीम शामिल थी।

बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप की उच्चस्तरीय समीक्षा, शहरों के तेज विकास को मिलेगी नई रफ्तार

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Patna News: बिहार के शहरों में भवन निर्माण की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारूप में शामिल विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई और इसे अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक देरी को कम करने से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा की गई। सरकार का फोकस ऐसा नियम तैयार करने पर है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ निवेशकों और अन्य हितधारकों के लिए भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक सुगम हो सकें।

हितधारकों के सुझावों को दिया जाएगा महत्व

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझाव बिहार भवन उपविधि-2026 को और अधिक प्रभावी, सरल एवं जनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने प्रारूप के प्रावधानों को व्यावहारिक बनाने और शहरी विकास की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया।

सरकार की कोशिश है कि नए भवन उपविधि के माध्यम से नियमों में स्पष्टता आए और भवन निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

पारदर्शिता और त्वरित प्रक्रिया होगी प्राथमिकता

मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप पारदर्शिता, सरलता, त्वरित प्रक्रिया और सतत विकास के सिद्धांतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाना है। इससे राज्य के शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित और आधुनिक विकास को गति देने में मदद मिलेगी।

भवन निर्माण और निवेश को मिल सकती है गति

नए प्रारूप को बिहार के बदलते शहरी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए विकासोन्मुख कदम के तौर पर देखा जा रहा है। सरल और पारदर्शी नियम लागू होने से भवन निर्माण की प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही भवन निर्माण और निवेश की गतिविधियों में तेजी आने से आधारभूत संरचना के विकास, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

विकसित बिहार के विजन के अनुरूप शहरी विकास पर जोर

नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकसित बिहार के विजन के अनुरूप बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप राज्य के शहरों के सुनियोजित, आधुनिक और सतत विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि बदलती शहरी जरूरतों के अनुसार नियमों में सुधार जरूरी है, ताकि बिहार के शहरों में विकास की रफ्तार बढ़े और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के के पाठक, बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, विशेष सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे, पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए इसे अंतिम रूप देने की दिशा में आवश्यक सुझावों और सुधारों पर विचार किया गया।

BIADA के नए MD बने नवीन कुमार, पदभार संभालते ही योजनाओं की समीक्षा शुरू

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Patna News: बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) को नया प्रबंध निदेशक मिला है। नवीन कुमार, भा.प्र.से. ने BIADA के प्रबंध निदेशक के रूप में शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया।

पदभार ग्रहण करने के अवसर पर BIADA के वरीय अधिकारियों और कर्मियों ने नवीन कुमार का पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर प्राधिकार के कामकाज और विभिन्न योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली गई।

योजनाओं और प्रगतिरत कार्यों की ली जानकारी

पदभार संभालने के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में BIADA की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और वर्तमान में चल रहे कार्यों के बारे में नए प्रबंध निदेशक को विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्राधिकार की ओर से संचालित विभिन्न गतिविधियों और प्रगतिरत कार्यों की स्थिति से उन्हें अवगत कराया।

समयबद्ध और समन्वित कार्य पर जोर

नवीन कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों में बेहतर समन्वय और स्पष्ट जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों से पूर्ण प्रतिबद्धता, जिम्मेदारी और कार्य के प्रति उत्तरदायित्व के साथ काम करने का आह्वान किया, ताकि BIADA से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ निर्धारित समय में प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

औद्योगिक विकास को लेकर नई जिम्मेदारी

BIADA बिहार में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और उद्योगों से संबंधित आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में नए प्रबंध निदेशक के पदभार संभालने के बाद प्राधिकार की योजनाओं और प्रगतिरत कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष नजर रहने की उम्मीद है।

समीक्षा बैठक के माध्यम से नवीन कुमार ने अधिकारियों को कार्यों में गति, बेहतर समन्वय और समयबद्धता बनाए रखने का संदेश दिया।

बबरगंज हत्याकांड में पुलिस का बड़ा एक्शन, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित

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Crime News: भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र में 11 सितंबर को हुई हत्या की घटना के बाद पुलिस ने जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर प्रमोद कुमार यादव ने घटनास्थल और पीड़ित के घर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और जांच की प्रगति की समीक्षा की।

SSP ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इसके बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अब तक की कार्रवाई और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी की स्थिति की जानकारी ली गई।

गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें सक्रिय

पुलिस के अनुसार, मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। गठित टीमें अभियुक्तों के संभावित ठिकानों की पहचान कर अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस टीमों को घटना से जुड़े इनपुट के आधार पर संभावित स्थानों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस का प्रयास है कि हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

सहयोगियों की भूमिका भी होगी जांच

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में सिर्फ मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। घटना में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता, सहयोग या आरोपियों को किसी प्रकार की सहायता देने की बात सामने आती है तो उसकी भी जांच की जाएगी।

मुख्य आरोपी के अलावा सहयोगी अभियुक्तों और संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में उनकी संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने तेज की जांच

वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की समीक्षा के बाद पुलिस टीमों को गिरफ्तारी और जांच की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता मुख्य अभियुक्त और अन्य संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी के साथ-साथ घटना की पूरी कड़ी को सामने लाना है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जा रही है।

बाढ़ के बीच गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकालने की पहल, भागलपुर में संस्थागत प्रसव पर जोर

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारी शुरू की है। बाढ़ प्रभावित और संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों और नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने की पहल की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आशा कार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में घर-घर संपर्क कर गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटा रहे हैं। महिलाओं की प्रसव की संभावित तिथि (EDD), गर्भावस्था की स्थिति और जोखिम के संकेतों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता तय की जा रही है।

प्रसव की तारीख नजदीक तो पहले अस्पताल पहुंचाने पर जोर

बाढ़ के दौरान सबसे बड़ी चुनौती अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर महिला को अस्पताल तक पहुंचाने की होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की संभावित तारीख नजदीक है, उन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने या सड़क संपर्क बाधित होने से पहले सुरक्षित रूप से स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए पहले से अस्पताल में भर्ती कराने या आवश्यकतानुसार दूसरे स्वास्थ्य संस्थान में स्थानांतरित करने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने टीमों को किया अलर्ट

इस अभियान में चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधन, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्यकर्मी आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार परिवहन और रेफरल व्यवस्था को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि आपात स्थिति में किसी भी गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने में देरी न हो। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

गर्भवती महिलाओं से अंतिम समय तक इंतजार नहीं करने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि यदि प्रसव की संभावित तारीख नजदीक है तो अंतिम समय तक घर पर इंतजार न करें। समय रहते आशा कार्यकर्ता या नजदीकी स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क कर सुरक्षित संस्थागत प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट संदेश है कि बाढ़ के दौरान मां और बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संभावित जोखिम को पहले ही कम किया जाए।

“बाढ़ के बीच जोखिम नहीं, समय पर सुरक्षित संस्थागत प्रसव ही मां और शिशु की पहली सुरक्षा है।”

खुटाहा हादसे में 5 मौतों पर प्रशासन का बड़ा फैसला, 12 सितंबर को आश्रितों को मिलेगा ₹20 लाख का अनुग्रह अनुदान

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Bhagalpur News: भागलपुर के गोराडीह अंचल अंतर्गत खुटाहा पंचायत में पानी में डूबने से हुई पांच लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि देने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। प्रशासन की ओर से सभी पांच मृतकों के आश्रितों के बीच कुल ₹20 लाख की राशि वितरित की जाएगी।

जिला प्रशासन के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को अमावस्या पर्व के दौरान खुटाहा पंचायत में सड़क किनारे जमा गहरे पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। बताया गया कि एक व्यक्ति सड़क किनारे जमा गहरे पानी में चला गया था। उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी गहरे पानी में चले गए, जिसके बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ।

हादसे में पांच लोगों की गई जान

इस हादसे में मंजू देवी (35 वर्ष), अभिषेक कुमार (10 वर्ष), सोनाक्षी कुमारी (13 वर्ष), अक्षय कुमार (8 वर्ष) और अंशु प्रिया (17 वर्ष) की डूबने से मृत्यु हुई।

घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। हादसे ने जलजमाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

प्रत्येक मृतक के आश्रित को ₹4 लाख

जिला प्रशासन ने आपदा की स्थिति में निर्धारित प्रावधानों के तहत मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान देने का निर्णय लिया है। 12 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे समीक्षा भवन में पांचों मृतकों के आश्रितों के बीच चेक वितरित किए जाएंगे।

प्रत्येक मृतक के आश्रित को ₹4 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि दी जाएगी। इस तरह पांच मृतकों के आश्रितों को कुल ₹20 लाख की राशि प्रदान की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

हादसे के बाद जिला प्रशासन ने आम लोगों से जलजमाव वाले इलाकों और गहरे पानी के पास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा उपायों का पालन करने और ऐसे स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा है।

खासकर बाढ़ और जलजमाव की स्थिति में सड़क किनारे जमा पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से बच्चों को गहरे पानी और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है।

भागलपुर में बाढ़ के बीच तटबंधों पर बढ़ी निगरानी, डीएम-एसपी ने संवेदनशील स्थलों का किया निरीक्षण

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ और तटबंधों पर बढ़ते दबाव के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शुक्रवार को जिलाधिकारी भागलपुर, पुलिस अधीक्षक नवगछिया एवं अनुमंडल पदाधिकारी नवगछिया ने रंगरा और गोपालपुर प्रखंड के विभिन्न बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील तटबंधों का स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कटाव, ब्रीच और तटबंधों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया तथा चल रहे बचाव और सुरक्षात्मक कार्यों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में हुए करीब 20 फीट के कटाव स्थल को विशेष रूप से देखा गया। अधिकारियों ने वहां चल रहे डॉवल निर्माण, बांस पाइलिंग, एनसी कार्य और बालू से भरे बोरों को लगाने के कार्यों की जानकारी ली। नदी की तरफ से तटबंध को मजबूत करने के लिए प्लास्टिक शीट की परत लगाकर उसके ऊपर बालू से भरे बोरे लगाए जा रहे हैं।

प्रशासन की ओर से बांध पर ओवरटॉपिंग के पानी को नियंत्रित करने के लिए भी आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने संबंधित टीमों को काम में तेजी लाने और संवेदनशील हिस्सों पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया।

रात में बने ब्रीच को किया गया नियंत्रित

अधिकारियों ने ब्रह्मोत्तर बांध का भी निरीक्षण किया। यहां रात के समय उत्पन्न हुए ब्रीच को नियंत्रित कर लिया गया है। मौके पर जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम से ब्रीच की वर्तमान स्थिति और किए गए निरोधात्मक कार्यों की जानकारी ली गई।

ब्रीच को नियंत्रित करने में जल संसाधन विभाग की टीम के साथ स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका की भी अधिकारियों ने सराहना की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तटबंधों की सुरक्षा में स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करना जरूरी है।

धोबनिया और बुढ़िया बांध पर भी नजर

निरीक्षण के दौरान धोबनिया बांध, बुढ़िया बांध समेत अन्य संवेदनशील स्थलों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिया कि संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर बिना देरी तत्काल कार्रवाई की जाए।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद तकनीकी टीमों को तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

बाढ़ प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की पैनी नजर

भागलपुर में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय हैं। तटबंधों पर कटाव और पानी के दबाव को देखते हुए निरोधात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्य लगातार जारी हैं।

प्रशासन का फोकस फिलहाल तटबंधों को सुरक्षित रखने, संभावित ब्रीच को समय रहते नियंत्रित करने और बाढ़ के प्रभाव को कम करने पर है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने और संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।