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भागलपुर: JDU सांसद अजय कुमार मंडल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पत्रकारों से मारपीट के मामले में SSP ने DM से मांगी अभियोजन की स्वीकृति

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर से जदयू (JDU) सांसद अजय कुमार मंडल की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. बीते साल हवाई अड्डा मैदान के समीप पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और अभद्रता के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है. जांच में सांसद के खिलाफ लगे आरोपों को पुलिस ने बिल्कुल सही पाया है. इसके बाद अब भागलपुर के एसएसपी (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने सांसद के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाने के लिए जिलाधिकारी (DM) से अभियोजन स्वीकृति (Prosecution Sanction) की मांग की है.

​30 जनवरी 2025 को तिलकामाझी थाने में दर्ज हुआ था केस

​पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद पिछले साल का है जब हवाई अड्डा मैदान के पास कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना हुई थी. इस संबंध में 30 जनवरी 2025 को भागलपुर के तिलकामाझी थाने में सांसद और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था.

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी बारीकी से जांच की. पुलिस निरीक्षक (विधि-व्यवस्था अंचल, भागलपुर) ने अपनी तफ्तीश के बाद यह साफ कर दिया है कि जदयू सांसद अजय कुमार मंडल के विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह सत्य हैं.

​आईओ ने एसएसपी को लिखा था पत्र, अब डीएम के फैसले का इंतजार

​इस हाई-प्रोफाइल मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) राजेश्वर सिंह ने केस की जांच रिपोर्ट तैयार करने के बाद अभियोजन स्वीकृति आदेश के लिए एसएसपी को पत्र लिखा था. आईओ की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए फाइल जिलाधिकारी (DM) को सौंप दी है.

​एसएसपी प्रमोद कुमार यादव का बयान:

“तिलकामाझी थाना में दर्ज मामले को लेकर सांसद पर अभियोजन की स्वीकृति के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है। जैसे ही वहां से स्वीकृति मिल जाएगी, कानून के मुताबिक आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

 

​फिलहाल जमानत पर बाहर हैं सांसद अजय मंडल

​आपको बता दें कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सांसद अजय कुमार मंडल ने 31 जनवरी 2025 को न्यायालय (कोर्ट) में आत्मसमर्पण (Surrender) किया था. अदालत से राहत मिलने के बाद फिलहाल वे जमानत (Bail) पर बाहर चल रहे हैं. लेकिन अब पुलिस जांच में दोषी पाए जाने और एसएसपी द्वारा मुकदमा चलाने की इजाजत मांगे जाने के बाद उनकी मुश्किलें बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुकी हैं. यदि जिलाधिकारी से हरी झंडी मिलती है, तो सांसद को अदालती कार्यवाही और कानूनी शिकंजे का सामना करना पड़ेगा.

भागलपुर: ‘महिला हितैषी पंचायत’ थीम पर बरारी में जुटा जिला प्रशासन; प्रभारी सचिव दीपक आनंद और DM अलंकृता पांडे ने की शिरकत

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Bhagalpur News: बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की महत्वाकांक्षी पहल “पंचायत विकास दिवस (विकसित भारत–समृद्ध बिहार)” के तहत रविवार को सबौर प्रखंड की बरारी ग्राम पंचायत में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की इस बार की थीम “महिला हितैषी पंचायत” रखी गई थी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर जिला के प्रभारी सचिव दीपक आनंद एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने शिरकत की और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

​ खेल को बढ़ावा देने के लिए वॉलीबॉल कोर्ट निर्माण की सराहना

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का मूल उद्देश्य ग्राम पंचायत के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों की समीक्षा करना और आगामी योजनाओं पर विचार-विमर्श करना है। उन्होंने बरारी पंचायत में हुए कार्यों की जमीनी हकीकत देखकर प्रसन्नता जताई।

​प्रभारी सचिव ने कहा:

​”बरारी पंचायत में सड़कों एवं नाला निर्माण जैसे बुनियादी ढाँचे के विकास के साथ-साथ युवाओं के खेल को बढ़ावा देने के लिए वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण कराया गया है, जो इस पंचायत की दूरदर्शी और प्रगतिशील सोच का बेहतरीन उदाहरण है।”

 

​ ‘महिला हितैषी पंचायत’ के तहत आधी आबादी को मुख्यधारा में लाने पर जोर

​इस माह की विशेष थीम “महिला हितैषी पंचायत” पर चर्चा करते हुए दीपक आनंद ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं और जीविका दीदियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज और विकास की हर गतिविधि में समान अवसर मिलना चाहिए। महिलाओं की यह भारी उपस्थिति साबित करती है कि वे अब सशक्त होकर विकास की मुख्यधारा में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

​इस दौरान उन्होंने अपने विभाग का परिचय देते हुए बताया कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तहत जन वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न पहुँचाने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है।

​ हर नागरिक का सुझाव है महत्वपूर्ण: जिलाधिकारी अलंकृता पांडे

​जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने पंचायत विकास दिवस की मूल भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति—चाहे वे महिलाएँ हों, युवा, बच्चे, वृद्धजन या पुरुष—सभी को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब तक हर नागरिक अपनी आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप सुझाव नहीं देगा, तब तक पंचायत का सर्वांगीण और समावेशी विकास संभव नहीं है।

​ युवा मुखिया और मैदानी कर्मियों की थपथपाई पीठ

​जिलाधिकारी ने बरारी पंचायत के युवा एवं शिक्षित मुखिया जयकरण पासवान, पूरी पंचायत टीम और सरपंच की मुक्त कंठ से सराहना की और बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने ज़मीनी स्तर पर काम करने वाली जीविका दीदियों और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के योगदान को सलाम किया। DM ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों तक सरकारी योजनाओं व स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने में इन फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

​ समस्याओं का होगा त्वरित समाधान; ‘मन की बात’ और नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन

​जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे आगामी पंचायत विकास दिवस और ग्राम सभाओं में अपने क्षेत्र की समस्याओं, स्थानीय आवश्यकताओं और सरकारी सेवाओं में सुधार संबंधी सुझावों को खुलकर सामने रखें। जिला प्रशासन के स्तर की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा और राज्य सरकार से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से आगे भेजा जाएगा।

क्या है पंचायत विकास दिवस का मुख्य लक्ष्य?

​गौरतलब है कि पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्रभावी रूप से लागू करना है। इसके तहत ग्राम स्तर पर जनभागीदारी के जरिए 9 प्रमुख संकल्पों पर काम किया जा रहा है:

  1. ​गरीबी मुक्त एवं आजीविका उन्नत पंचायत

​स्वस्थ पंचायत

​बाल हितैषी पंचायत

​जल पर्याप्त पंचायत

  1. ​स्वच्छ एवं हरित पंचायत
  1. ​आत्मनिर्भर बुनियादी ढाँचे युक्त पंचायत
  1. ​सामाजिक न्याय एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत
  1. ​सुशासन युक्त पंचायत
  1. ​महिला हितैषी पंचायत

​इस अवसर पर उप विकास आयुक्त (DDC), सबौर के बीडीओ (BDO), सीओ (CO) और भारी संख्या में ग्रामीण व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

भागलपुर की सभी पंचायतों में मना ‘पंचायत विकास दिवस’, बरारी पहुँचे प्रभारी सचिव और DM; जनभागीदारी पर दिया जोर

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Bhagalpur News: राज्य सरकार के निर्देशानुसार भागलपुर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ‘पंचायत विकास दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के बरारी ग्राम पंचायत में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें जिले के प्रभारी सचिव सहित जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडे ने शिरकत की। कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने पंचायतों के सशक्तिकरण और विकास कार्यों में आम जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं की सक्रिय सहभागिता को सबसे अहम कड़ी बताया।

​ बरारी समेत जिले की सभी पंचायतों में कार्यक्रमों की धूम

​जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने बताया कि सरकार के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस के तहत विभिन्न विकासात्मक और जागरूकत्ता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में बरारी पंचायत में आयोजित मुख्य कार्यक्रम बेहद सफल रहा, जहाँ जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ-साथ जिले के प्रभारी सचिव भी विशेष रूप से मौजूद रहे और विकास योजनाओं की समीक्षा की।

​ महिलाओं, युवाओं और स्कूली बच्चों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह

​बरारी पंचायत के कार्यक्रम की सफलता का जिक्र करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इस आयोजन में आधी आबादी (महिलाओं), स्कूली बच्चों और युवाओं ने जिस उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, वह बेहद सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर (पंचायत स्तर) पर विकास कार्यों के प्रति लोगों का यह उत्साह और जागरूकता ही गांवों की तस्वीर बदलेगी।

​ जनभागीदारी के बिना अधूरा है पंचायतों का सर्वांगीण विकास: DM

​संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिले वासियों से अपील करते हुए आशा व्यक्त की कि सभी लोग एकजुट होकर अपने-अपने पंचायतों के विकास और उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।

​ भागलपुर में अब तक का अनुभव शानदार, टीम भावना से काम कर रहा प्रशासन

​मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने भागलपुर जिले में अब तक के अपने कार्यकाल और अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि भागलपुर में उनका अनुभव अब तक काफी सकारात्मक और ऊर्जावान रहा है।

​उन्होंने आश्वस्त किया कि:

​”भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक टीम (टीम भावना) के रूप में काम कर रहा है। सभी संबंधित सरकारी विभागों के समन्वय और आम जनता के सहयोग से हम भागलपुर जिले को विकास के एक नए और ऊंचे आयाम तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।”

सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स-व्यूज’ के चक्कर में थाना परिसर में बनाया फर्जी वीडियो; पुलिस को ब्लैकमेल करने वाला यूट्यूबर नपा

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Bhagalpur News: सोशल मीडिया पर महज अधिक लाइक्स और व्यूज बटोरने की अंधी चाहत और उसकी आड़ में पुलिस पर दबाव बनाकर अवैध उगाही (ब्लैकमेलिंग) करने वाले एक बड़े रैकेट का भागलपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। अमडंडा थाना परिसर के अंदर संदिग्ध पदार्थ के सेवन का एक वीडियो वायरल होने के बाद जब वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव  (SSP) के निर्देश पर जांच बैठी, तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था। पुलिस की छवि धूमिल करने और साजिश रचने के आरोप में स्थानीय यूट्यूबर समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

​ क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो

​दरअसल, बीते 26 जून 2026 को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ था। इस वीडियो में एक युवक अमडंडा थाना परिसर के भीतर किसी संदिग्ध (मादक) पदार्थ का सेवन करता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर यह गंभीर आरोप भी फैलाया गया कि अमडंडा थाना पुलिस ने उक्त युवक के साथ मारपीट की और फिर अवैध रूप से मोटी रकम (रिश्वत) लेकर उसे छोड़ दिया।

​ SSP के निर्देश पर कहलगांव SDPO ने की विस्तृत जांच

​मामले की संवेदनशीलता और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों को गंभीरता से लेते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ने तुरंत जांच के आदेश दिए। उनके निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), कहलगांव-1 द्वारा पूरे प्रकरण की गहराई से और विस्तृत जांच की गई। जांच टीम ने वीडियो में दिख रहे मुख्य युवक संदीप कुमार सिंह और उसके साथी को ढूंढ निकाला और उनसे कड़ी पूछताछ की।

​ पूछताछ में खुला राज: ‘लाइक्स और व्यूज’ के लिए माचिस और कागज से बना था वीडियो

​पुलिस की पूछताछ और लिखित बयान में वीडियो में दिखने वाले युवक संदीप कुमार सिंह ने जो खुलासा किया, उसने वायरल दावों की हवा निकाल दी। संदीप ने स्वीकार किया कि बीते 5 जून 2026 को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पूछताछ के लिए उसे थाने लाया गया था, जहां से बाद में परिजनों की मौजूदगी में समझा-बुझाकर सकुशल छोड़ दिया गया था। उसके साथ कोई मारपीट या पैसों की मांग नहीं की गई थी।

​संदीप ने लिखित आवेदन में कबूला कि:

​”थाना परिसर के चौकीदार कक्ष में सिर्फ सोशल मीडिया पर ज्यादा लाइक्स और व्यूज पाने के लालच में उसने वहां रखी माचिस और कागज के टुकड़े का इस्तेमाल कर यह नाटक (वीडियो) रचा था। वीडियो में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का सेवन नहीं किया गया था।”

​ यूट्यूबर ने रची पुलिस को ब्लैकमेल कर धन उगाही की साजिश

​मामला सिर्फ व्यूज तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा खेल चल रहा था। संदीप कुमार सिंह ने अपने आवेदन में स्थानीय यूट्यूबर गोपाल शर्मा और उसके दो अन्य साथियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संदीप के मुताबिक, यूट्यूबर गोपाल शर्मा और उसके साथियों ने इस वीडियो और ऑडियो को हासिल कर अमडंडा थाना पुलिस पर दबाव बनाने और मोटी रकम वसूलने का जाल बुना था। इतना ही नहीं, संदीप को भी इस अवैध उगाही की रकम में हिस्सा देने का लालच (प्रलोभन) दिया गया था।

​## प्राथमिकी दर्ज, आरोपी यूट्यूबर का रहा है आपराधिक इतिहास

​संदीप कुमार सिंह से मिले लिखित आवेदन के आधार पर भागलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी यूट्यूबर गोपाल शर्मा और उसके दो साथियों के खिलाफ षड्यंत्र रचने, भ्रामक वीडियो-ऑडियो प्रसारित करने और अवैध धन उगाही का प्रयास करने के आरोप में अमडंडा थाना कांड संख्या-45/26 के तहत सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी यूट्यूबर गोपाल शर्मा का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कई मामलों में संलिप्त रहा है।

​## भागलपुर पुलिस की चेतावनी: भ्रामक खबरें फैलाईं तो होगी कठोर कार्रवाई

​इस पूरे मामले का पटाक्षेप करते हुए भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में संदेश दिया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर असत्य, भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री पोस्ट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति किसी आम नागरिक, सरकारी संस्था या पुलिस की छवि को धूमिल कर अवैध लाभ कमाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानून के दायरे में सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।

भागलपुर में MSME दिवस पर EBIA का बड़ा आयोजन: ‘देश की जीडीपी में 30% और निर्यात में 45% योगदान देता है एमएसएमई’

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Bhagalpur News: ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (EBIA) द्वारा अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) दिवस के अवसर पर स्थानीय होटल चिन्मय इन में एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ईबिया के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने की।

​इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय तथा धनबाद के बीबीएम कोयलाञ्चल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. पवन पोद्दार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, यूको बैंक के ज़ोनल हेड राजकुमार विशिष्ट सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

​पौधा देकर अतिथियों का स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन

​कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। स्वागत भाषण देते हुए राजीव प्रदीप ने कहा कि “इबिया भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में एमएसएमई के विकास और उद्यमियों को हर संभव मंच देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” इसके बाद, स्वीटी कुमारी ने मुख्य अतिथि डॉ. पोद्दार को और लीना श्रीज्ञान ने सम्मानित अतिथि राजकुमार को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।

​भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है MSME: आलोक अग्रवाल

​विषय प्रवेश करते हुए ईबिया के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने देश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की मजबूत हिस्सेदारी के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया:

    • ​सक्रिय इकाइयाँ: भारत में वर्तमान में लगभग 6 करोड़ एमएसएमई सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
    • ​जीडीपी में योगदान: देश की जीडीपी (GDP) में एमएसएमई का योगदान लगभग 30 प्रतिशत है।
    • ​मैन्युफैक्चरिंग व निर्यात: विनिर्माण (Manufacturing) में इसका हिस्सा 35 प्रतिशत और देश के कुल निर्यात (Export) में 45 प्रतिशत की भारी हिस्सेदारी है।

​भागलपुर के पास है GI टैग की ताकत:

अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि भागलपुर के पास चार स्थानीय उत्पादों को मिला जीआई (GI) टैग है, जिनमें एमएसएमई के लिए व्यापार की अपार संभावनाएँ हैं। केंद्र और राज्य सरकार आत्मनिर्भरता के लिए भारी प्रोत्साहन दे रही है, और इबिया इसमें ‘ब्रिज’ की भूमिका निभाएगा।

 

​सरकारी योजनाओं और संगठन की ताकत पर चर्चा

​प्रमुख उद्योगपति और इबिया सदस्य ओ. पी. सिंह ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं (Subsidy and Schemes) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि युवा उद्यमी इन सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाएं, तो आने वाले समय में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति आ सकती है।

​महासचिव अमर्त्य बंधुल ने अपने संबोधन में कहा कि “इबिया जैसे संगठन उद्यमिता विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। हम प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता, नेटवर्किंग और नीति समर्थन के माध्यम से नए उद्यमियों को सशक्त बनाकर देश के औद्योगिक विकास में योगदान दे रहे हैं।”

​‘समय पर वित्तीय मदद से बिजनेस आइडिया को मिलेंगे पंख’

​यूको बैंक के ज़ोनल हेड राजकुमार ने एमएसएमई क्षेत्र में बैंकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “सही समय पर वित्तीय सहायता (Funding) न मिलने के कारण कई बेहतरीन उद्योग बंद हो जाते हैं। बेहतर वित्तीय प्रबंधन और बैंक के सहयोग से उद्यमी अपने आइडिया को हकीकत में बदल सकते हैं।”

​उन्होंने घोषणा की कि भागलपुर क्षेत्र के लीड बैंक के रूप में यूको बैंक ट्रेनिंग से लेकर लोन और वित्तीय सहायता तक हर कदम पर स्थानीय उद्यमियों के साथ खड़ा है। इस दौरान यूको बैंक की टीम ने एमएसएमई के लिए बैंक की विशेष क्रेडिट योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

​सफलता के चार मंत्र: आइडिया, प्लानिंग, कड़ी मेहनत और अनुशासन

​मुख्य अतिथि डा. पवन पोद्दार ने एमएसएमई के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागलपुर क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) और सिल्क उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एक सही आइडिया, सटीक प्लानिंग, कड़ी मेहनत और कड़े अनुशासन से ही उद्यमिता (Entrepreneurship) के क्षेत्र में इतिहास रचा जा सकता है।

​मंजूषा पेंटिंग देकर अतिथियों का सम्मान और नए सदस्यों का स्वागत

​कार्यक्रम के दौरान एसोसिएशन से जुड़े नए सदस्यों को आधिकारिक सदस्यता प्रमाण पत्र वितरित कर टीम में शामिल किया गया। स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देते हुए, सौरभ शर्मा एवं सरवन भगत ने मुख्य अतिथि डॉ. पोद्दार और जोनल हेड राजकुमार को उपहारस्वरूप भागलपुर की प्रसिद्ध मंजूषा पेंटिंग भेंट की।

​अंत में, पीआरओ सुमित जैन ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए यूको बैंक की टीम और सभी आगत अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में इबिया द्वारा उद्यमिता विकास के लिए ऐसे और भी व्यावहारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

​कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे उपस्थित

​इस मौके पर उद्योग जगत और बैंक से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें श्रवण भगत, दीपक सुल्तानिया, पंकज जालान, जयकान्त सिंह, देबज्योति मुखर्जी, रूपेश बैद, दीपक प्रसाद, बिकास कुमार सिंह, प्रेमजीत कुमार, कुंज बिहारी झुनझुनवाला, CA अभिषेक अग्रवाल, नवीन कुमार, राजेश जैन, प्रमेन्द्र मोहन ठाकुर, विकास झुनझुनवाला सहित यूको बैंक के अभिनव बिहारी, अमित कुमार एवं पंकज जालान मुख्य रूप से शामिल थे।

भरत तिवारी एनकाउंटर पर गरमाई सियासत: जन सुराज ने उठाई न्यायिक जांच की मांग, कहा- सिर्फ निलंबन से काम नहीं चलेगा, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई

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Bhagalpur News: भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की सियासत और प्रशासनिक हलकों में उबाल आ गया है। इस पूरे मामले को लेकर ‘जन सुराज’ ने अब सम्राट सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग बुलंद कर दी है। जन सुराज की राज्य सलाहकार समिति की वरिष्ठ सदस्य सह पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सैयदा नुजहत मंजूर ने इस मामले पर बेहद कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसे गंभीर मामलों में महज कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर देना कोई स्थायी समाधान नहीं है और न ही इससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।

​सिर्फ निलंबन पर्याप्त नहीं, पूरे मामले का सच आना चाहिए सामने

​सैयदा नुजहत मंजूर ने पुलिस की थ्योरी और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एनकाउंटर जैसे मामलों में पारदर्शिता सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा, “सिर्फ निलंबन की कार्रवाई करके मामले को दबाया नहीं जा सकता। इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) का गठन होना बेहद जरूरी है।” उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले की समयबद्ध जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

​दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, न्याय व्यवस्था पर न उठे सवाल

​जन सुराज की नेता ने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर जांच में किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही, सत्ता का दुरुपयोग या कोई साजिश सामने आती है, तो दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सिर्फ विभागीय कार्रवाई नहीं, बल्कि सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, और आम जनता का देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार को इस मामले में पूरी तरह पारदर्शी रुख अपनाना होगा।

​पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग

​सैयदा नुजहत मंजूर ने सरकार से अपील की है कि पीड़ित परिवार अत्यंत सदमे और कड़े संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को बिना किसी देरी के तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए, न्यायिक जांच के आदेश देने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषियों को उनके किए की सजा मिले ताकि समाज में कानून का राज स्थापित रहे।

पटना के ‘बापू टावर’ पहुँचे नीतीश कुमार: स्कूली बच्चों से की मुलाकात, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृतियों का किया अवलोकन

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Patna News: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शनिवार को पटना के गर्दनीबाग स्थित नवनिर्मित ‘बापू टावर’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पूरे परिसर का गहन और विस्तृत निरीक्षण किया। बापू टावर में आधुनिक तकनीकों और डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित की गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रारंभिक जीवन, उनके चंपारण सत्याग्रह और भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी अनमोल स्मृतियों व प्रदर्शनियों का उन्होंने बेहद बारीकी से अवलोकन किया।

​स्कूली बच्चों और पर्यटकों में दिखा भारी उत्साह

​ नीतीश कुमार के अचानक बापू टावर आगमन से वहाँ मौजूद प्रदेशभर से आए स्कूली बच्चों, आम दर्शकों और पर्यटकों के बीच भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया। परिसर के भ्रमण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने वहाँ उपस्थित स्कूली छात्रों और युवाओं से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की। बच्चों ने भी तालियों के साथ उनका स्वागत किया, जिसके बाद नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और बच्चों का हौसला बढ़ाया।

​अधिकारियों को दिए सुव्यवस्थित व्यवस्था के निर्देश

​निरीक्षण के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने बापू टावर की देखरेख और व्यवस्था संभाल रहे वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मियों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि बापू टावर आने वाली पीढ़ी और पर्यटकों के लिए प्रेरणा का केंद्र है, इसलिए यहाँ आने वाले हर आगंतुक के लिए व्यवस्थाएँ विश्वस्तरीय, सुगम और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। उन्होंने परिसर के रखरखाव को लेकर अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

​अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का है यह ‘बापू टावर’

​आपको बता दें कि पटना का यह बापू टावर नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है, जिसका उद्देश्य महात्मा गांधी के विचारों, उनके सिद्धांतों और बिहार से उनके गहरे जुड़ाव को आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाना है। इस टावर में छह मंजिला एक भव्य गैलरी और टर्नटेबल थिएटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ मौजूद हैं, जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।

​इस खास अवसर पर बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता श्री ललन कुमार सर्राफ समेत कई वरिष्ठ नेता, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

PMCH के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ० नरेन्द्र प्रताप सिंह पर गिरी गाज: निजी क्लिनिक चमकाने के लिए सरकारी वाहन का दुरुपयोग, स्वास्थ्य विभाग ने बेतिया किया ट्रांसफर

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Patna News: बिहार के चिकित्सा जगत से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (PMCH) के पूर्व प्रभारी प्राचार्य और वर्तमान में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बेतिया के मनोरोग विभाग में अधिसूचित प्राध्यापक डॉ० नरेन्द्र प्रताप सिंह के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। डॉ० सिंह द्वारा दिनांक 26.06.2026 को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में विभाग ने एक विस्तृत और अकाट्य तथ्यात्मक प्रतिवेदन जारी किया है, जिसने डॉक्टर साहब के दावों की पूरी तरह हवा निकाल दी है।

​विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्यहीनता, लापरवाही और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 क्यों और कैसे घिरे डॉ० नरेन्द्र प्रताप सिंह?

​स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी प्रतिवेदन में डॉ० सिंह के झूठ और कार्यशैली का सिलसिलेवार पर्दाफाश किया गया है:

​ मंत्री के कार्यक्रम की जानकारी न होने का दावा झूठा

​डॉ० सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि दिनांक 23.06.2026 को PMCH में स्वास्थ्य मंत्री के निर्धारित कार्यक्रम की उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं थी।

  • ​सच क्या है?: विभाग के अनुसार, PMCH के अधीक्षक ने एक दिन पहले यानी दिनांक 22.06.2026 को ही शाम लगभग 07:00 बजे डॉ० सिंह से मोबाइल पर बात कर कार्यक्रम की पूरी जानकारी दे दी थी।

​ प्रोटोकॉल पर पहले ही बन चुकी थी सहमति

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रोटोकॉल को लेकर उठाए गए सवालों को खारिज करते हुए विभाग ने बताया कि मोबाइल पर बातचीत के दौरान ही तय हो गया था कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत अधीक्षक करेंगे और धन्यवाद ज्ञापन स्वयं प्राचार्य (डॉ० सिंह) द्वारा किया जाएगा। इस पर डॉ० सिंह ने अपनी सहमति भी दी थी।

​ ‘जलने’ और छुट्टी का बहाना: मीडिया में खबर आने के बाद जागा व्हाट्सएप

​डॉ० सिंह का दावा था कि उनके जल जाने के कारण उनके पुत्र ने विभागीय सचिव और अधीक्षक को व्हाट्सएप (Whatsapp) पर सूचना दी थी।

  • ​विभागीय जांच का खुलासा: डॉ० सिंह द्वारा जलने से संबंधित सूचना माननीय मंत्री के कार्यक्रम के समाप्त होने के घंटों बाद दी गई थी। इससे साफ है कि जब मीडिया में उनके अनुपस्थित रहने की खबर आ गई, तब उन्होंने अपने बचाव में व्हाट्सएप पर यह संदेश भेजा।

​ ‘छद्म मरीज’ (Dummy Patient) के जाल में फंसे डॉक्टर साहब, क्लिनिक के बाहर खड़ी मिली सरकारी गाड़ी

​डॉ० सिंह की अनुपस्थिति का सच जानने के लिए विभाग और जिला पदाधिकारी, पटना के स्तर से एक गोपनीय जांच कराई गई। इस जांच की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है:

    • ​निजी क्लिनिक में मौजूदगी की पुष्टि: विभाग ने सबसे पहले डॉ० सिंह के निजी क्लिनिक में एक ‘छद्म मरीज’ (Fake/Dummy Patient) भेजा। वहां डॉक्टर साहब बकायदा मरीजों का इलाज करते पाए गए।
    • ​सरकारी गाड़ी का निजी इस्तेमाल: जांच टीम जब मौके पर पहुंची, तो दंग रह गई। प्राचार्य, PMCH की सरकारी गाड़ी डॉ० सिंह के निजी क्लिनिक के बाहर खड़ी थी।
    • ​मरीजों की गवाही: क्लिनिक से बाहर आ रहे मरीजों ने ऑन-कैमरा/ऑन-रिकॉर्ड बताया कि वे अभी-अभी डॉ० नरेन्द्र प्रताप सिंह से ही इलाज कराकर निकले हैं। यह उस समय की बात है जब डॉ० सिंह खुद को बातचीत करने में असमर्थ और बीमार बता रहे थे।
    • ​कंपाउंडर ने खोला टाइम-टेबल का राज: क्लिनिक के अंदर पूछताछ करने पर कंपाउंडर ने बताया कि डॉक्टर साहब हर दिन सुबह 09:00 से 10:00, दोपहर 02:00 से 03:00 और शाम 07:00 से 09:00 बजे तक मरीजों को देखते हैं। इससे यह पूरी तरह साबित हो गया कि डॉ० सिंह कार्यालय अवधि (Duty Hours) के दौरान भी अपने निजी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं।

​“बेतिया ट्रांसफर कोई दंड नहीं, प्रशासनिक फेरबदल है” — स्वास्थ्य विभाग

​विभाग ने साफ किया है कि प्रथम दृष्टया लापरवाही, कर्तव्यहीनता, सरकारी संसाधनों का दुरूपयोग और अनाधिकृत अनुपस्थिति को देखते हुए डॉ० सिंह को प्राचार्य के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर बेतिया मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। यह केवल एक प्रशासनिक स्थानांतरण है, इसे दंड की श्रेणी में नहीं रखा गया है।

 

​ सरकारी आचार नियमावली का उल्लंघन, अब बैठेगी उच्चस्तरीय जांच

​बजाय इसके कि डॉ० सिंह अपनी अनाधिकृत अनुपस्थिति पर विभाग को स्पष्टीकरण देते, उन्होंने सीधे मीडिया बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। स्वास्थ्य विभाग ने इसे बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रावधानों का खुला उल्लंघन माना है।

​आगे क्या होगी कार्रवाई?

​सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन से अब डॉ० सिंह के खिलाफ एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी (High-Level Inquiry Committee) गठित की जा रही है। नियमानुसार डॉ० सिंह का पक्ष भी लिया जाएगा और विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे की कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​विभाग का कड़ा संदेश:

स्वास्थ्य विभाग ने अपने प्रतिवेदन के अंत में साफ तौर पर चेतावनी दी है कि चिकित्सा सेवाओं में कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

थाना परिसर में नशाखोरी और घूसखोरी का वीडियो वायरल: भागलपुर SSP की बड़ी कार्रवाई, कहलगांव SDPO को सौंपी जांच

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक संदिग्ध युवक अमडंडा थाना परिसर के भीतर ही माचिस जलाकर किसी संदिग्ध नशीले पदार्थ का सेवन करता हुआ दिखाई दे रहा है।

​पैसे लेकर आरोपी को छोड़ने का गंभीर आरोप

​मामला सिर्फ थाना परिसर में नशा करने तक ही सीमित नहीं है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। दावों के मुताबिक, अमडंडा थाना पुलिस ने उक्त संदिग्ध युवक को पहले हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में कथित रूप से अवैध रूप से मोटी धनराशि (घूस) लेकर उसे बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो और आरोप सामने आते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।

​भागलपुर SSP ने मामले को लिया गंभीरता से, दिए कड़े निर्देश

​इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), प्रमोद कुमार यादव ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने तुरंत एक्शन लिया और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), कहलगांव-1 को एक आधिकारिक पत्र निर्गत किया है। SSP ने निर्देश दिया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, विस्तृत और तथ्यपरक जांच की जाए और जितनी जल्दी हो सके, जांच रिपोर्ट (प्रतिवेदन) सौंप दी जाए।

​दोषी पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज

​भागलपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि पुलिसकर्मियों पर लगे ये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं, तो मामले में संलिप्त किसी भी दोषी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके विरुद्ध कानून के तहत और विभागीय स्तर पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​भागलपुर पुलिस का कड़ा संदेश:

“किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में लापरवाही को भागलपुर पुलिस द्वारा किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

​आम जनता से अफवाहों से बचने की अपील

​भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से यह अपील भी की है कि जब तक इस मामले की पूरी जांच मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर किसी भी तरह की अपुष्ट, आधी-अधूरी या भ्रामक खबरों को फैलाने से बचें और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

​मोहर्रम को लेकर अलर्ट मोड पर भागलपुर प्रशासन: DM अलंकृता पांडे और SSP प्रमोद कुमार यादव ने सड़कों पर उतरकर परखा सुरक्षा घेरा

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Bhagalpur News: आगामी मोहर्रम पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड में है। शहर की विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी संवेदनशील और चिन्हित स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारियों (Magistrates) और त्वरित कार्रवाई दल (QRT) की तैनाती की जा रही है।

​इसी कड़ी में कानून-व्यवस्था का जमीनी जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव खुद सड़कों पर उतरे। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने सराय, किला घाट, तातारपुर चौक और शाहजगी समेत शहर के विभिन्न अखाड़ों और पारंपरिक ताजिया जुलूस मार्गों का संयुक्त रूप से सघन निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही कई कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

​डीएसपी स्तर के अधिकारी संभालेंगे कमान, रूट मैप तैयार

​निरीक्षण के उपरांत मीडिया से बात करते हुए सीनियर एसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि जिला प्रशासन ने सुरक्षा के हर पहलू पर बारीकी से काम किया है। रूट में आने वाली हर छोटी-बड़ी समस्या को दूर किया जा रहा है।

​सुरक्षा और व्यवस्था के मुख्य बिंदु:

  • ​अधिकारियों की तैनाती: सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए प्रत्येक महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थल पर डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारियों को कमान सौंपी गई है।
  • ​लगातार गश्त: सर्किल इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में मोबाइल पेट्रोलिंग (भ्रमण) कर स्थिति पर नजर रखेंगे।
  • ​बुनियादी सुविधाएं: जुलूस मार्गों पर यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई और पर्याप्त प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था की समीक्षा कर कमियों को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।

 

​विद्युत तारों को लेकर समितियों से विशेष अपील

​प्रशासन ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो। इसके लिए सभी ताजिया और अखाड़ा समितियों से साफ तौर पर अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित सरकारी मानकों के अनुरूप ही ताजिया की ऊंचाई रखें, ताकि सड़कों से गुजरने वाले बिजली के तारों से कोई अप्रिय घटना या शॉर्ट सर्किट न हो।

​सोशल मीडिया पर नजर; अफवाहों से बचने की सलाह

​सीनियर एसपी ने आम जनता से अपील की है कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की विशेष विंग पैनी नजर रख रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। जिला प्रशासन ने सभी प्रबुद्ध नागरिकों से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मोहर्रम मनाने की अपील की है।