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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में इंसाफ की आग तेज: न्याय की मांग को लेकर भागलपुर की सड़कों पर उतरा जनसैलाब, निकाला भव्य कैंडल मार्च

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Bhagalpur News: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे जाने के बाद, अब शहर के युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। सोमवार की शाम मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए शहर में एक विशाल और शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया।

​इस मार्च के जरिए नागरिकों ने साफ संदेश दिया कि वे इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

​ घंटाघर से स्टेशन चौक तक गूंजी इंसाफ की आवाज

​सोमवार की शाम ढलते ही शहर के ऐतिहासिक घंटाघर चौक पर सैकड़ों की संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक हाथों में मोमबत्तियां लेकर एकत्रित हुए। घंटाघर चौक से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए स्टेशन चौक तक पहुंचा।

​मार्च के दौरान माहौल बेहद गंभीर और अनुशासित रहा। प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी हुड़दंग के, बेहद शांतिपूर्ण तरीके से कानून के दायरे में रहकर अपनी आवाज बुलंद की।

​ “कानून व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना जरूरी” — प्रदर्शनकारी

​कैंडल मार्च में शामिल वक्ताओं और नागरिकों ने कहा कि हमारा समाज पूरी तरह से देश के कानून और न्याय व्यवस्था में अटूट विश्वास रखता है। लेकिन, पुलिसिया कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की हुई मौत ने जनता के मन में कई गंभीर संशय पैदा कर दिए हैं।

​प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:

  • ​दोषियों पर कड़ी कार्रवाई: पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर घटना के पीछे के असल सच को सामने लाया जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी गाज गिरे।
  • ​पारदर्शी जांच का भरोसा: सरकार और प्रशासन ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे जिससे आम जनता का पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा डिगे नहीं, बल्कि और मजबूत हो।
  • ​पीड़ित परिवार को न्याय: पीड़ित पक्ष को बिना किसी प्रशासनिक या राजनीतिक दबाव के उचित न्याय और सुरक्षा दी जाए।

​ शहर के कई प्रमुख चेहरे मार्च में रहे मौजूद

​इस कैंडल मार्च का नेतृत्व और समर्थन करने के लिए समाज के हर वर्ग के लोग आगे आए। मुख्य रूप से शुभम तिवारी, नितेश चौबे, भास्कर तिवारी, नीरज चौधरी, अभिषेक रॉय सहित भारी संख्या में स्थानीय युवा, बुद्धिजीवी और सामाजिक प्रतिनिधि इस न्याय मार्च का हिस्सा बने और अपनी एकजुटता प्रकट की।

​लोगों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच शुरू नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक न्याय की यह मांग लोकतांत्रिक तरीके से लगातार जारी रहेगी।

विक्रमशिला सेतु पर भीषण सड़क हादसा: साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित, पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल

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Bhagalpur News: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर रफ्तार और लापरवाही के कारण एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक साइकिल सवार को बचाने की कोशिश में एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में बाइक पर सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पुल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

​ बिना इंडिकेटर/संकेत मुड़े साइकिल सवार के कारण हुआ हादसा

​प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घायल दंपती मधेपुरा जिले के चौसा इलाके के रहने वाले हैं। दोनों बाइक पर सवार होकर चौसा से भागलपुर की ओर आ रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक विक्रमशिला सेतु पर पहुंची, तभी उनके आगे चल रहे एक साइकिल सवार युवक ने अचानक बिना कोई पीछे देखे या संकेत (Sign) दिए अपनी साइकिल को मोड़ दिया।

​साइकिल सवार को सीधी टक्कर से बचाने के चक्कर में बाइक चालक ने अचानक ब्रेक मारी, जिससे तेज रफ्तार बाइक पूरी तरह अनियंत्रित हो गई और सड़क पर जोर से पलट गई। इस हादसे में दोनों पति-पत्नी सड़क पर घिसटते चले गए और लहूलुहान हो गए।

​ डायल 112 की मुस्तैदी से समय पर मिला इलाज

​घटना की जानकारी पुल पर तैनात कर्मियों और राहगीरों द्वारा तुरंत आपातकालीन पुलिस सेवा को दी गई। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायल पति-पत्नी को तुरंत गाड़ी में बिठाया और इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) पहुंचाया।

​अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत दोनों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, दंपती को काफी चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल दोनों की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।

​ विक्रमशिला सेतु पर बार-बार उठ रहे सुरक्षा के सवाल

​इस घटना के बाद विक्रमशिला सेतु पर छोटे वाहनों, साइकिल चालकों और पैदल चलने वालों की लापरवाही पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। स्थानीय पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और दुर्घटना का कारण बने साइकिल सवार की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि पुल पार करते समय सभी वाहन चालक सीमित रफ्तार में चलें और अचानक लेन बदलने से बचें।

भागलपुर: बिहारीपुर बाईपास पर मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, हत्या या हादसा? जांच में जुटी मधुसुदनपुर पुलिस

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Bhagalpur News: भागलपुर के मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिहारीपुर बाईपास रोड पर उस समय सनसनी फैल गई, जब राहगीरों ने सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव देखा। बाईपास पर शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई, जिसके बाद घटनास्थल पर स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई।

​मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय मधुसुदनपुर थाना पुलिस को दी।

​ मौके पर पहुंची पुलिस, शव को कब्जे में लेकर शुरू की तहकीकात

​घटना की जानकारी मिलते ही मधुसुदनपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने उत्तेजित भीड़ को शांत कराया और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया।

​मृतक की जेब या आसपास से ऐसी कोई चीज बरामद नहीं हुई है, जिससे उसकी तत्काल पहचान की जा सके। पुलिस आस-पास के थानों और गांवों में मृतक का हुलिया और फोटो भेजकर शिनाख्त की कोशिशों में जुट गई है।

​ इन 3 बिंदुओं पर जांच कर रही है मधुसुदनपुर पुलिस:

​शव मिलने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं आम हैं। वहीं पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर काम कर रही है:

  1. ​पहचान की कोशिश: सबसे पहला काम मृतक की पहचान सुनिश्चित करना है ताकि उसके परिजनों से संपर्क किया जा सके।
  2. ​सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल: शव वहां कैसे पहुंचा, इसका पता लगाने के लिए बिहारीपुर बाईपास और उसके आसपास के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। इससे यह साफ होगा कि शव को कहीं बाहर से लाकर तो नहीं फेंका गया।
  3. ​पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: व्यक्ति की मौत किन परिस्थितियों में हुई, क्या यह कोई सड़क हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश (हत्या) है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

​इलाके में सुरक्षा और गश्त बढ़ाने की मांग

​बाईपास सड़क पर अज्ञात शव मिलने से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बाईपास रूट पर रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, इसलिए पुलिस को इस मार्ग पर गश्त और नाइट पेट्रोलिंग तेज कर देनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

​भारत भूषण तिवारी हत्याकांड: निष्पक्ष जांच की मांग तेज, जागरूक नागरिकों ने राज्यपाल के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन

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Bhagalpur News: बिहार के बहुचर्चित भारत भूषण तिवारी हत्याकांड को लेकर अब इंसाफ की आवाज बुलंद होने लगी है। इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर भागलपुर के जागरूक नागरिकों का गुस्सा और चिंता सामने आई है। शहर के संभ्रांत और जागरूक नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से बिहार के महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

​ज्ञापन के जरिए नागरिकों ने महामहिम से इस पूरे संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

​ पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल: “न्याय होता हुआ दिखना भी चाहिए”

​जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान भारत भूषण तिवारी की हुई मौत ने कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​नागरिकों का साफ कहना है कि लोकतंत्र में न्याय की अवधारणा तभी मजबूत होती है जब वह धरातल पर दिखाई दे। इस घटना से आम जनता के बीच पुलिस-प्रशासन और कानून के प्रति भरोसा डगमगाया है, जिसे बहाल करने के लिए दूध का दूध और पानी का पानी होना बेहद जरूरी है।

​ ज्ञापन में की गई ये 4 मुख्य मांगें:

​नागरिकों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मामले की तह तक जाने के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:

  1. ​स्वतंत्र एजेंसी से जांच: पूरे मामले की किसी स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से पारदर्शी व समयबद्ध (Time-bound) जांच कराई जाए।
  2. ​अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा: घटना के वक्त शामिल संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की गहन समीक्षा की जाए और लापरवाही सामने आने पर निलंबन हो।
  3. ​परिजनों को सुरक्षा और सहायता: पीड़ित परिवार बेहद डरा हुआ है, इसलिए मृतक के परिजनों को तत्काल पर्याप्त सुरक्षा और कानूनी सहायता प्रदान की जाए।
  4. ​दोषियों पर सख्त कार्रवाई: जांच में जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाए, उस पर बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

​ प्रशासन पर बढ़ा दबाव

​इस ज्ञापन के बाद अब जिला प्रशासन और पुलिस महकमे पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का दबाव और बढ़ गया है। जागरूक नागरिकों के इस कदम को शहर के हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर इस मामले में जल्द ही कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया गया, तो नागरिक समाज आगे की रणनीति तय करने को मजबूर होगा।

नाथनगर में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने दंपती को रौंदा, पत्नी की मौत, पति अस्पताल में भर्ती

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Bhagalpur News: भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहाँ एक दर्दनाक सड़क हादसे में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।

​ पेट्रोल पंप के समीप अज्ञात वाहन ने मारी जोरदार टक्कर

​मिली जानकारी के अनुसार, गोपालपुर के रहने वाले 50 वर्षीय बहादुर पासवान अपनी 47 वर्षीय पत्नी के साथ किसी काम से घर से बाहर निकले थे। दोनों गोपालपुर पेट्रोल पंप के समीप सड़क किनारे पैदल जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने दंपती को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे।

​ मायागंज अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित किया

​हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की मदद से आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल महिला और उसके पति को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) लाया गया।

​अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने महिला का परीक्षण किया और उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल पति बहादुर पासवान का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में जारी है, जिनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

​ मामले की तफ्तीश और अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नाथनगर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

​”हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दुर्घटना को अंजाम देकर भागने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

— नाथनगर थाना पुलिस

 

​सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल

​इस दर्दनाक हादसे के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे पैदल चलने वालों की सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की चेकिंग को लेकर प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर लगाम लगाई जा सके।

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियां तेज: लेजर-ड्रोन शो से सजेगा सुल्तानगंज, सुरक्षा के लिए बनेंगे 12 अस्थाई थाने

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Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवरियों की सुगमता, सुरक्षा और सुविधा को लेकर तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। इसी सिलसिले में भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट का सघन निरीक्षण किया।

​इस दौरान उनके साथ सुल्तानगंज के स्थानीय विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल समेत जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का दावा है कि इस बार का श्रावणी मेला पहले के मुकाबले कहीं अधिक भव्य, आधुनिक और सुरक्षित होगा।

​ पहले से ज्यादा भव्य होगा मेला, लेजर और ड्रोन शो से सजेगी बाबा की नगरी

​निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा कि इस वर्ष श्रावणी मेला को एक नया और अलौकिक रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए घाटों से लेकर पूरे कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में विश्वस्तरीय व्यवस्था की जा रही है।

​इस बार मेले के मुख्य आकर्षण:

  • ​सांस्कृतिक संध्या: मेला अवधि के दौरान देश के राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों द्वारा शिव भजनों और गीतों की भव्य प्रस्तुति दी जाएगी।
  • ​हाई-टेक सुल्तानगंज: सुल्तानगंज नगर परिषद क्षेत्र को इस बार लेजर शो और ड्रोन शो से जगमगाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए एक बिल्कुल नया और दिव्य अनुभव होगा।
  • ​बेहतर बुनियादी सुविधाएं: कांवरियों के चलने के लिए बालू बिछाने, पानी, बिजली, और स्वास्थ्य शिविरों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

​ सुरक्षा का अभेद्य किला: घुड़सवार दस्ता और 12 अस्थाई थाने संभालेंगे मोर्चा

​लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए भागलपुर पुलिस ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सुरक्षा ब्लूप्रिंट की जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं होने दी जाएगी।

​”नमामि गंगे घाट से लेकर भागलपुर जिले की सीमा में पड़ने वाले पूरे कांवरिया पथ तक 9 से 12 अस्थाई थाने बनाए जाएंगे। हर एक किलोमीटर की दूरी पर एक थाना सक्रिय रहेगा ताकि कांवरियों को तत्काल मदद मिल सके।”

— प्रमोद कुमार यादव, एसएसपी (भागलपुर)

 

​सुरक्षा के विशेष इंतजाम:

  • ​चप्पे-चप्पे पर नजर: मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर घुड़सवार दस्ता और बाइक पेट्रोलिंग टीम लगातार गश्त करेगी।
  • ​त्वरित सहायता: हर एक किलोमीटर पर अस्थाई थाना होने से किसी भी आपातकालीन स्थिति या परेशानी से तुरंत निपटा जा सकेगा।
  • ​सीसीटीवी और वॉच टावर: संदेहास्पद गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है।

​श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जिला प्रशासन संकल्पित

​स्थानीय विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल ने भी तैयारियों पर संतोष जताया और कहा कि सरकार और प्रशासन का एकमात्र लक्ष्य सुल्तानगंज से जल उठाने वाले हर शिवभक्त को सुखद अहसास कराना है। जिला प्रशासन ने साफ तौर पर दावा किया है कि इस बार की व्यवस्थाएं ऐतिहासिक होंगी और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

भागलपुर: जोगसर में चोरी की वारदात के महज़ 12 घंटे के भीतर घरेलू नौकर गिरफ्तार, ₹45,000 कैश बरामद

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Bhagalpur News: शहर के जोगसर थाना क्षेत्र के मसाकचक इलाके में हुई चोरी की एक घटना का भागलपुर पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने न सिर्फ शातिर अपराधकर्मी को धर दबोचा, बल्कि उसके पास से चोरी की गई ₹45,000 की नकद राशि भी बरामद कर ली है।

​मामला जोगसर थाना कांड संख्या-129/26 (दिनांक 27.06.2026) के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें वादी राजा प्रताप सिंह (पिता- स्व. राजा सिंह, साकिन- मसाकचक) के घर से नकद सहित अन्य कीमती सामानों की चोरी की शिकायत की गई थी।

​ सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, वफादार निकला चोर

​चोरी की इस गंभीर घटना को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) की निगरानी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-01 व जोगसर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

  • ​सीसीटीवी से पहचान: पुलिस टीम ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हुई।

  • ​घरेलू नौकर ही निकला मास्टरमाइंड: जांच में पता चला कि फुटेज में दिख रहा शख्स कोई बाहरी नहीं, बल्कि पीड़ित राजा प्रताप सिंह के घर में ही काम करने वाला नौकर पंकज गोस्वामी है।

​ झारखंड का रहने वाला है आरोपी

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंकज गोस्वामी (पिता- स्व. महानंद गोस्वामी) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अमजद, थाना- औरैयाहाट, जिला- गोंडा (झारखंड) का रहने वाला है। वर्तमान में वह भागलपुर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के वारसलीगंज (माही काली मंदिर के पास) में रह रहा था।

​पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, डेटाबेस से फोटो मिलान और मानवीय सूचना के आधार पर उसे हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसी की निशानदेही पर छिपाकर रखे गए ₹45,000 नकद बरामद किए गए।

​ पुलिस टीम में ये रहे शामिल

​त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का पर्दाफाश करने वाली टीम में मुख्य रूप से ​पु.अ.नि. सह थानाध्यक्ष विनोद कुमार (जोगसर थाना), ​पु.अ.नि. बब्लू कुमार (जोगसर थाना), ​जोगसर थाने के सजग सशस्त्र बल शामिल थे 

ऊर्जा सचिव अजय यादव ने किया डुमरांव ग्रिड का औचक निरीक्षण; अधिकारियों को दिए निर्बाध बिजली आपूर्ति और सुरक्षा के सख्त निर्देश

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Patna News: बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (BSPHCL) अजय यादव (IAS) ने रविवार को डुमरांव (बक्सर) स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन का सघन निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण से ग्रिड परिसर और बिजली विभाग के अधिकारियों में हड़कंप का माहौल रहा।

​निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने ग्रिड की परिचालन व्यवस्था, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और पावर ट्रांसफॉर्मर सहित अन्य सभी प्रमुख उपकरणों की कार्यक्षमता का बारीकी से जायजा लिया।

​ सुरक्षा मानकों और मेंटेनेंस पर विशेष जोर

​अजय यादव ने पूरे ग्रिड परिसर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं और संचालन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों से विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली और निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:

  • ​समय पर हो मेंटेनेंस: सभी छोटे-बड़े विद्युत उपकरणों का नियमित और समयबद्ध अनुरक्षण (Maintenance) अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
  • ​सुरक्षा मानकों का पालन: ग्रिड संचालन में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन होना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
  • ​तुरंत दुरुस्त हो फॉल्ट: किसी भी तरह की तकनीकी खराबी या ट्रिपिंग की समस्या आने पर उसका त्वरित समाधान (Quick Response) किया जाए।

​ “उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देना हमारी प्राथमिकता”

​अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार की हिदायत देते हुए ऊर्जा सचिव ने साफ तौर पर कहा कि विभाग का मुख्य लक्ष्य राज्य के हर नागरिक तक सुरक्षित और निर्बाध बिजली पहुंचाना है।

​”किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित तरीके से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करना ऊर्जा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

—  अजय यादव (IAS), ऊर्जा सचिव, बिहार

 

​इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान ऊर्जा विभाग और बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड के कई अन्य वरीय अधिकारी व तकनीकी विशेषज्ञ भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

सशक्त पंचायतें ही विकसित बिहार की आधारशिला: मंत्री दीपक प्रकाश ने अरवल में प्रथम ‘पंचायत विकास दिवस’ का किया शुभारंभ

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Patna News: पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा आज राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में प्रथम ‘पंचायत विकास दिवस’ का आयोजन बेहद उत्साह और भारी जनसहभागिता के साथ किया गया। इसी कड़ी में अरवल जिले के अरवल प्रखंड अंतर्गत अमरा एवं बेलखारा ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।

​इन कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती राज विभाग के मंत्री सह अरवल जिले के प्रभारी मंत्री दीपक प्रकाश शामिल हुए। उन्होंने अमरा पंचायत में दीप प्रज्ज्वलित कर इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ सीधा संवाद किया।

​ लोकतंत्र की सबसे सुदृढ़ नींव हैं पंचायती राज संस्थाएं

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री दीपक प्रकाश ने ग्रामीण स्वशासन और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया। उनकी बातचीत के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • ​जनता की सहभागिता जरूरी: लोकतंत्र तभी प्रभावी बनता है जब विकास की योजनाएं जनता की मर्जी और सहयोग से तैयार व लागू हों।
  • ​सक्रिय ग्राम सभा: ‘पंचायत विकास दिवस’ ग्राम सभाओं को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में नीतीश सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है।
  • ​डिजिटल और तकनीक सक्षम पंचायत: बिहार सरकार पंचायतों को तकनीक से जोड़ रही है। पंचायत सरकार भवनों का सुदृढ़ीकरण, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और प्रतिनिधियों का क्षमता विकास तेजी से किया जा रहा है।

​ “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” थीम पर विशेष चर्चा

​इस प्रथम पंचायत विकास दिवस की मुख्य थीम “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” रखी गई थी। मंत्री ने बिहार की पंचायतों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की जमकर सराहना की।

​”पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी बिहार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। आज की महिला जनप्रतिनिधि केवल नाम की नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव, समावेशी विकास और सुशासन की असली वाहक बन चुकी हैं।”

— दीपक प्रकाश, पंचायती राज मंत्री, बिहार

 

​इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार और सुझाव साझा किए।

​ हर महीने सजेगी विकास की चौपाल, रखा जाएगा पाई-पाई का हिसाब

​पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों में चल रही योजनाओं, आगामी विकास कार्यों, आवंटित राशि, खर्च और बची हुई राशि का पूरा ब्योरा (Financial Report) खुले तौर पर ग्राम सभा के सामने प्रस्तुत किया गया।

​इसके साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) के 9 प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई और गांव के विकास के लिए ग्रामीणों से सीधे सुझाव लिए गए। मंत्री जी ने ऐलान किया कि यह ‘पंचायत विकास दिवस’ अब हर महीने आयोजित किया जाएगा, जिसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

​ “मन की बात” का सामूहिक श्रवण और वीडियो प्रदर्शन

​कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और अतिथियों को उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों पर आधारित एक शॉर्ट वीडियो फिल्म दिखाई गई। इसके तुरंत बाद, मंत्री दीपक प्रकाश के नेतृत्व में पूरे जनसमुदाय ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” को एक साथ सामूहिक रूप से सुना।

बारात जाते ही घर में महिलाओं ने मचाया ऐसा धमाल! भागलपुर में ‘डोमकच’ देख झूम उठे लोग

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Bhagalpur News: भागलपुर। शहर के ऐतिहासिक चंपानगर स्थित ज्योति कला केंद्र में बीते दिनों लोक संस्कृति, पारंपरिक लोकगीत और लोकनाट्य का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध रंगकर्मी राजेश कुमार झा के कुशल निर्देशन में पारंपरिक लोक नाट्य ‘डोमकच’ का अत्यंत प्रभावशाली मंचन किया गया। इस गौरवमयी प्रस्तुति का सह-निर्देशन संगीता झा ने किया।

​कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर:

  • ​कपिल देव रंग (वरिष्ठ कलाकार एवं रंगकर्मी)
  • ​रघुनंदन झा (सेवानिवृत्त शिक्षक)
  • ​चंचल कुमार (प्राचार्य, ज्योति कला केंद्र)
  • ​राजेश कुमार झा (निर्देशक)
  • ​संगीता झा (सह-निर्देशक) सहित अन्य गणमान्य अतिथि संयुक्त रूप से उपस्थित रहे।

​ सशक्त अभिनय से कलाकारों ने लूटी वाहवाही

​मंचन के दौरान कलाकारों ने अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता और संवाद अदायगी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाटक के निर्देशक राजेश कुमार झा ने स्वयं ‘सोम’ की मुख्य भूमिका निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।

​प्रमुख किरदार और कलाकार:

कलाकार का नाम

निभाया गया किरदार

राजेश कुमार झा

सोम

मोनिका कुमारी

सोमिन

महेश शाह

मालकिन

अर्चना कुमारी

लड़की

जयंत जलद

डॉक्टर

सौरभ कुमार

दूल्हा

सभी कलाकारों के सधे हुए अभिनय को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।

​ संगीत पक्ष ने बाँधा समाँ, लोकगीतों से गूंजा हॉल

​इस लोकनाट्य की सफलता में इसके संगीत पक्ष का बहुत बड़ा योगदान रहा। पारंपरिक वाद्यों और मधुर गायन ने पूरे माहौल को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया:

  • ​हारमोनियम पर: कपिल देव कृपाल
  • ​नाल पर: कृष्ण मंडल
  • ​लोक गायन: रूपम कुमारी

​रूपम कुमारी की सुरीली आवाज और लोकगीतों की मधुर धुन ने ऐसा वातावरण बनाया कि दर्शक पूरी तरह अंग और मिथिला की लोक संस्कृति के रंग में रंग गए।

​ पाश्चात्य संस्कृति के दौर में अपनी जड़ों को बचाना जरूरी: राजेश झा

​इस सांस्कृतिक संध्या में शहर के अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी, चिकित्सक, कलाकार एवं संस्कृति प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

​”आज के आधुनिक समय में युवा पीढ़ी तेजी से पाश्चात्य (वेस्टर्न) संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है। ऐसे दौर में अपनी समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं को अपनी लोक संस्कृति को जानना, समझना और उसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”

— राजेश कुमार झा, निर्देशक

​ क्या है ‘डोमकच’ और क्यों है यह खास?

​‘डोमकच’ बिहार, झारखंड और मुख्य रूप से मिथिला-अंग क्षेत्र का अत्यंत लोकप्रिय और पारंपरिक लोक नाट्य व लोकनृत्य है।

  • ​कब होता है आयोजन? इसका मंचन मुख्य रूप से विवाह समारोह के दौरान किया जाता है। जब बारात दूल्हे के साथ लड़की के घर चली जाती है, तब वर पक्ष के घर में बची महिलाएं पूरी रात जागकर गीत, नृत्य और हास्य-व्यंग्य के माध्यम से डोमकच प्रस्तुत करती हैं।
  • ​स्वरूप: इसमें महिलाएं पुरुषों का वेश धारण कर सामाजिक जीवन, पारिवारिक संबंधों, पुरानी रीतियों और हास्यपूर्ण प्रसंगों पर व्यंग्य और अभिनय करती हैं।
  • ​महत्व: यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह महिला अभिव्यक्ति, सामाजिक एकता और हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत प्रतीक है।