Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक संदिग्ध युवक अमडंडा थाना परिसर के भीतर ही माचिस जलाकर किसी संदिग्ध नशीले पदार्थ का सेवन करता हुआ दिखाई दे रहा है।
पैसे लेकर आरोपी को छोड़ने का गंभीर आरोप
मामला सिर्फ थाना परिसर में नशा करने तक ही सीमित नहीं है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। दावों के मुताबिक, अमडंडा थाना पुलिस ने उक्त संदिग्ध युवक को पहले हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में कथित रूप से अवैध रूप से मोटी धनराशि (घूस) लेकर उसे बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो और आरोप सामने आते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
भागलपुर SSP ने मामले को लिया गंभीरता से, दिए कड़े निर्देश
इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), प्रमोद कुमार यादव ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने तुरंत एक्शन लिया और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), कहलगांव-1 को एक आधिकारिक पत्र निर्गत किया है। SSP ने निर्देश दिया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, विस्तृत और तथ्यपरक जांच की जाए और जितनी जल्दी हो सके, जांच रिपोर्ट (प्रतिवेदन) सौंप दी जाए।
दोषी पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज
भागलपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि पुलिसकर्मियों पर लगे ये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं, तो मामले में संलिप्त किसी भी दोषी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके विरुद्ध कानून के तहत और विभागीय स्तर पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भागलपुर पुलिस का कड़ा संदेश:
“किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में लापरवाही को भागलपुर पुलिस द्वारा किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
आम जनता से अफवाहों से बचने की अपील
भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से यह अपील भी की है कि जब तक इस मामले की पूरी जांच मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर किसी भी तरह की अपुष्ट, आधी-अधूरी या भ्रामक खबरों को फैलाने से बचें और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।


