Bhagalpur News: भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की सियासत और प्रशासनिक हलकों में उबाल आ गया है। इस पूरे मामले को लेकर ‘जन सुराज’ ने अब सम्राट सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग बुलंद कर दी है। जन सुराज की राज्य सलाहकार समिति की वरिष्ठ सदस्य सह पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सैयदा नुजहत मंजूर ने इस मामले पर बेहद कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसे गंभीर मामलों में महज कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर देना कोई स्थायी समाधान नहीं है और न ही इससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
सिर्फ निलंबन पर्याप्त नहीं, पूरे मामले का सच आना चाहिए सामने
सैयदा नुजहत मंजूर ने पुलिस की थ्योरी और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एनकाउंटर जैसे मामलों में पारदर्शिता सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा, “सिर्फ निलंबन की कार्रवाई करके मामले को दबाया नहीं जा सकता। इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) का गठन होना बेहद जरूरी है।” उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले की समयबद्ध जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, न्याय व्यवस्था पर न उठे सवाल
जन सुराज की नेता ने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर जांच में किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही, सत्ता का दुरुपयोग या कोई साजिश सामने आती है, तो दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सिर्फ विभागीय कार्रवाई नहीं, बल्कि सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, और आम जनता का देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार को इस मामले में पूरी तरह पारदर्शी रुख अपनाना होगा।
पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग
सैयदा नुजहत मंजूर ने सरकार से अपील की है कि पीड़ित परिवार अत्यंत सदमे और कड़े संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को बिना किसी देरी के तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए, न्यायिक जांच के आदेश देने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषियों को उनके किए की सजा मिले ताकि समाज में कानून का राज स्थापित रहे।


