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विक्रमशिला सेतु हादसा: “मुआवजा नहीं, हमें न्याय चाहिए…”, पिता को खोकर छलका मासूम बेटे का दर्द; पुल निगम पर गंभीर आरोप

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Bhagalpur News: भागलपुर के लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर हुए दर्दनाक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले विनय कुमार पासवान के घर पर इस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस हादसे में अपने पिता को खो चुके बेटे लक्की कुमार का दर्द अब आक्रोश बनकर सामने आया है। लक्की ने इस पूरी घटना के लिए पुल निगम और स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित पुत्र ने बरारी थाना में लिखित आवेदन देकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

​“मुआवजा हमारे पिता को वापस नहीं ला सकता”

​थाने में आवेदन देने के बाद मृतक के पुत्र लक्की कुमार ने बेहद भावुक होते हुए कहा कि इस हादसे ने उनके पूरे परिवार को जीते जी बर्बाद कर दिया है।

​पीड़ित बेटे का छलका दर्द:

“घर में अब सिर्फ मेरी मां, बहन और मैं अकेले रह गए हैं। पिता के जाने के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है, उनकी हालत देखी नहीं जा रही। सरकार से मिलने वाला चंद रुपयों का मुआवजा हमारे पिता को वापस नहीं ला सकता और न ही हमारे भविष्य को सुरक्षित कर सकता है। हमें मुआवजा नहीं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय चाहिए जिनकी लापरवाही के कारण मेरे पिता की जान गई।”

 

​यह सिर्फ मौत नहीं, व्यवस्था की बड़ी विफलता: मुखिया

​इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े स्थानीय मुखिया अजय कुमार उर्फ लाली मुखिया ने भी पुल निगम और संबंधित ठेकेदारों की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। मुखिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि विक्रमशिला सेतु पर आए दिन होने वाले हादसे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी यह साबित करती है कि यह सिर्फ एक हादसा या एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था की बहुत बड़ी विफलता है।

​लाली मुखिया ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मामले में जांच कर दोषियों पर अविलंब कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

​सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल

​विक्रमशिला सेतु पर हुए इस नए हादसे ने एक बार फिर पुल की सुरक्षा व्यवस्था, मरम्मत कार्य और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के कारण आए दिन लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और अब सबकी नजरें पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या इस बेबस परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

नशे के खिलाफ भागलपुर व्यवहार न्यायालय में न्यायिक अधिकारियों और कर्मियों ने ली नशामुक्ति की शपथ

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Bhagalpur News: विश्व स्तर पर मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (World Drug Day) के अवसर पर भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भागलपुर के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मियों और आमजन को नशे के घातक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज के निर्माण का कड़ा संदेश देना था।

​एडिशनल जज राज नारायण निगम ने दिलाई शपथ

​न्यायालय परिसर में आयोजित इस गरिमामयी समारोह के दौरान एडिशनल जज राज नारायण निगम ने उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई।

​शपथ के मुख्य बिंदु:

  • ​स्वयं का संकल्प: सभी ने संकल्प लिया कि वे कभी भी किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं या मादक पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे।
  • ​दूसरों को प्रेरणा: किसी भी अन्य व्यक्ति को नशे के सेवन के लिए प्रेरित या बाध्य नहीं करेंगे।
  • ​सामाजिक जागरूकता: अपने परिवार, मित्रों, परिचितों और समाज के लोगों को नशे के चंगुल से दूर रहने के लिए निरंतर जागरूक करेंगे।
  • ​सुरक्षित कार्यस्थल: कार्यालय परिसर को पूर्णतः नशामुक्त रखा जाएगा और सभी सहयोगियों को एक स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण देने का प्रयास करेंगे।

 

​कानून के साथ जनभागीदारी भी है जरूरी

​इस आयोजन के माध्यम से न्यायपालिका ने समाज को एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कड़े कानूनों के बल पर नहीं जीती जा सकती। इसके लिए व्यापक जनभागीदारी, आत्म-नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता का होना बेहद अनिवार्य है। जब हर नागरिक इस मुहिम से जुड़ेगा, तभी एक नशामुक्त समाज की कल्पना साकार हो सकेगी।

​न्यायालय के अधिकारी और कर्मी रहे मौजूद

​इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम में न्यायालय के कई अन्य वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और चतुर्थवर्गीय कर्मी भारी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में नशे के खिलाफ इस जनजागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने और समाज को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने का संकल्प दोहराया।

​एडिशनल जज राज नारायण निगम ने कहा कि

​“मादक पदार्थों का बढ़ता चलन आज हमारे समाज और युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है। न्यायपालिका का यह प्रयास समाज में एक सकारात्मक संदेश देने के लिए है। कार्यालय परिसर से लेकर हमारे घरों तक को नशामुक्त बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। कानून अपनी जगह काम करता है, लेकिन जब तक समाज का हर तबका खुद आगे आकर नशे को ‘ना’ नहीं कहेगा, तब तक इस बुराई को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता। आज हम सबने यही संकल्प लिया है।”

टी.एन.बी. कॉलेजिएट मैदान में पार्क निर्माण का विरोध: “बच्चों का खेल मैदान बचेगा, तभी संवरेगा भविष्य”

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Bhagalpur News: टी.एन.बी. कॉलेजिएट मैदान सिर्फ एक खाली जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों के सपनों, उनकी खेल प्रतिभा और एक स्वस्थ भविष्य का मजबूत आधार है। आज इसी मैदान को बचाने और बच्चों के खेल के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय लोगों और बच्चों ने एक सुर में आवाज बुलंद की।

​वार्ड संख्या 19 के अंतर्गत ‘अमृत 2.0 योजना’ के तहत इस ऐतिहासिक मैदान परिसर में एक पार्क निर्माण का प्रस्ताव है, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। आज भारी संख्या में स्थानीय लोगों और बच्चों ने मैदान परिसर में एकत्रित होकर इस निर्माण कार्य के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।

​खेल मैदान को सीमित करना बच्चों के साथ अन्याय

​विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का स्पष्ट रूप से मानना है कि इस पूरे क्षेत्र में बच्चों के खेलने, दौड़ने और अन्य शारीरिक व खेल गतिविधियों के लिए यह एकमात्र खुला मैदान बचा है। आज के डिजिटल दौर में, जहाँ बच्चे मैदानों से दूर हो रहे हैं, ऐसे में इस एकमात्र खेल मैदान को पार्क के रूप में तब्दील कर इसके दायरे को सीमित करना बच्चों के हितों के साथ सरासर नाइंसाफी होगी। पार्क बनने से कंक्रीट का ढांचा बढ़ेगा और बच्चों के दौड़ने-खेलने की खुली जगह खत्म हो जाएगी।

​“हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जो हमारे बच्चों के खेल और उनके सर्वांगीण विकास के अधिकार को प्रभावित न करे।”

 

​नगर निगम और प्रशासन से अन्य स्थान तलाशने की मांग

​प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे शहर के सौंदर्यीकरण या विकास कार्य के खिलाफ नहीं हैं। लोगों ने नगर निगम प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से बेहद संवेदनशील अपील की है कि पार्क निर्माण के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान या खाली जमीन का चयन किया जाए। इस ऐतिहासिक और उपयोगी मैदान को पूरी तरह से खेल मैदान के रूप में ही सुरक्षित रखा जाए ताकि यहाँ की खेल प्रतिभाएं निखरती रहें।

​सोशल मीडिया पर भी गूंजी आवाज

​मैदान को बचाने की यह मुहिम अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया पर भी तेज हो गई है। स्थानीय युवाओं और लोगों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर #SaveTNBGround और #PlaygroundForChildren जैसे हैशटैग के साथ इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की शुरुआत कर दी है।

 स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों का मैदान बचेगा, तभी उनका स्वास्थ्य और भविष्य संवर पाएगा। अब देखना यह है कि जनभावनाओं को देखते हुए नगर निगम और प्रशासन इस फैसले पर क्या पुनर्विचार करता है।

संगठित होकर बाजार से जुड़ें किसान, उनके साथ मजबूती से खड़ी है सरकार: रामकृपाल यादव

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Patna News: पटना के बुद्ध मार्ग स्थित बिहार राज्य सहकारी संघ के परिसर में नाबार्ड (NABARD) द्वारा दो दिवसीय आम महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया है। 25 और 26 जून तक चलने वाले इस महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ शहरवासी आम उत्पादक किसानों से सीधे पेड़ के पके और पूरी तरह से रसायनमुक्त यानी कार्बाइड फ्री आम खरीद सकते हैं। गुरुवार को इस विशेष महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

​महोत्सव की सराहना करते हुए सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि नाबार्ड द्वारा पहली बार इस तरह का आयोजन किया जा रहा है, जो बेहद सराहनीय है। बिहार के आम की मिठास और गुणवत्ता की चर्चा देश भर में होती है। आम सिर्फ फलों का राजा ही नहीं, बल्कि बिहार की संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक है।

​एम पैक्स में बदलेंगे सभी प्रखंडों के पीवीसीएस: सहकारिता मंत्री का बड़ा ऐलान

​सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा विज़न साझा किया। उन्होंने बताया:

​”सहकारिता विभाग द्वारा सभी प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) का गठन किया गया है। सरकार जल्द ही इन सभी पीवीसीएस को एम पैक्स (M-PACS) यानी मल्टी परपस पैक्स के रूप में परिवर्तित करने जा रही है।”

 

​फल, फूल और मसालों के उत्पादक भी उठा सकेंगे लाभ

​इस बड़े बदलाव के बाद ये समितियां सब्जी उत्पादन के साथ-साथ फल, फूल, मसाले, मधुमक्खी, मत्स्य, दूध, बकरी और मुर्गी पालन, बीज, उर्वरक, भंडारण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग सहित कृषि व गैर-कृषि से जुड़े सभी कार्य कर सकेंगी। अब आम के बगीचे वाले किसान भी सीधे पीवीसीएस से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे।

​वैल्यू चेन के सक्रिय भागीदार बनें किसान: नई तकनीक अपनाने पर ज़ोर

​माननीय मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य प्रयास राज्य के किसानों को उत्पादन से लेकर निर्यात तक की पूरी श्रृंखला में सक्रिय भागीदार बनाना है। किसानों को भंडारण, प्रॉसेसिंग, ब्रांडिंग, विपणन और मूल्य संवर्धन (Value Addition) का सीधा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा संचालित प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट फंड (PODF) से बिहार के एफपीओ (FPO) को एक सशक्त आर्थिक ताकत मिल रही है।

​किसानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा:

​”बिहार के सभी आम उत्पादक किसानों की मेहनत और उनकी फसल राज्य की असली पहचान है। आप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन करें, आधुनिक तकनीक अपनाएं और संगठित होकर सीधे बाजार से जुड़ें। सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।”

 

​बिचौलियों से मुक्ति: किसानों को सीधे मिलेगा बड़ा बाजार और बेहतर दाम

​आम महोत्सव के शुभारंभ के मौके पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने बताया कि यह आयोजन शहरवासियों और किसानों दोनों के लिए एक बेहतरीन अवसर है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य आम उत्पादक किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने रसायन-मुक्त आमों की विभिन्न वैरायटी को सीधे ग्राहकों को सही दाम पर बेच सकें।

​शुरुआत में ही बिका 4 से 5 क्विंटल आम

​मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि यहाँ आकर सीधे उत्पाद बेचने से किसानों को ग्राहकों की पसंद जानने और मार्केटिंग स्किल्स सीखने का मौका मिलेगा। इस प्रदर्शनी की शुरुआत में ही किसानों ने करीब 4-5 क्विंटल आम बेच दिए हैं। यहाँ जो प्राकृतिक स्वाद मिलेगा, वह आम बाजारों में नहीं मिलता।

​पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस को रोकने की मिलेगी ट्रेनिंग

​इस प्रदर्शनी का एक उद्देश्य यह भी है कि यहाँ आने वाले किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा और कृषि विशेषज्ञों के साथ उनका सीधा संवाद आयोजित होगा। महोत्सव के दौरान किसानों को यह भी सिखाया जाएगा कि कम से कम लागत में पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस (फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान) को कैसे रोका जाए।

​सहकारिता क्षेत्र के शीर्ष दिग्गजों ने जताया सहयोग का संकल्प

​इस अवसर पर बिहार राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष विनय कुमार शाही ने कहा कि सहकारिता और किसानों के उत्थान से जुड़े हर कार्य के लिए संघ हमेशा हर संभव सहयोग देने को तैयार है।

​महोत्सव के शुभारंभ के इस खास मौके पर बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे, बिस्कोमान के चेयरमैन विशाल सिंह और बिहार राज्य ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक दीपक कुमार सहित कई अन्य गणमान्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और किसानों के इस साझा मंच की सराहना की।

​नाबार्ड और सहकारिता विभाग की यह संयुक्त पहल बिहार के आम उत्पादकों को एक बड़ा मंच दे रही है। इससे जहां एक ओर पटना के लोगों को शुद्ध और जैविक आम मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों को सीधे अपनी फसल का उचित मूल्य और बाजार की समझ हासिल हो रही है।

10 वर्षों में बदल जाएगा बिहार के शहरों का चेहरा: नगर विकास विभाग और विश्व बैंक का महाअभियान

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Patna News: बिहार के शहरों को आधुनिक, सुंदर और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार तथा विश्व बैंक के संयुक्त तत्वावधान में “बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम” के अंतर्गत एक उच्च स्तरीय ‘वर्किंग लेवल विजनिंग’ कार्यशाला का आयोजन किया गया।

​“को-क्रिएटिंग द विज़न एंड स्ट्रेटेजी फॉर सस्टेनेबल अर्बनाइजेशन” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने की। वहीं, विश्व बैंक की ओर से रोसाना निट्टी के नेतृत्व में आए विशेषज्ञों की टीम ने सतत शहरीकरण को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव और वैश्विक अनुभव साझा किए।

​नए विज़न से संवरेंगे शहर: प्रधान सचिव ने कहा- पुराने शहरों का भी होगा संपूर्ण पुनरुद्धार

​कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव विनय कुमार ने बिहार सरकार के विज़न को साफ किया। उन्होंने कहा:

​”बिहार सरकार शहरी विकास के क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य में जहां एक ओर नए शहरों और सैटेलाइट टाउनशिप के विकास पर तेजी से काम चल रहा है, वहीं दूसरी ओर पुराने शहरों के व्यापक पुनरुद्धार एवं कायाकल्प की दिशा में भी ठोस पहल की जा रही है।”

 

​मात्र 2 से 3 वर्षों में धरातल पर दिखने लगेंगे बड़े बदलाव

​प्रधान सचिव ने बताया कि इस परिवर्तनकारी यात्रा में विश्व बैंक राज्य सरकार का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार है। अगले 10 वर्षों में विश्व बैंक के सहयोग से कई बड़ी शहरी विकास परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा। राहत की बात यह है कि इनमें से कुछ अल्पकालिक परियोजनाएं अगले 2 से 3 वर्षों में ही धरातल पर दिखाई देने लगेंगी।

​वित्तीय मदद से आगे की सोच: बिहार को मिलेगा विश्व बैंक के ग्लोबल एक्सपर्ट्स का मार्गदर्शन

​ विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि विश्व बैंक का सहयोग केवल वित्तीय संसाधनों (फंडिंग) तक सीमित नहीं है। बिहार को विश्व बैंक की वैश्विक विशेषज्ञता और नीति-आधारित मार्गदर्शन का सीधा लाभ मिल रहा है। विश्व स्तरीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर राज्य के सैटेलाइट टाउनशिप, शहरी अवसंरचना तथा पुराने शहरों के समग्र पुनर्विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

​बजट की कोई कमी नहीं, देश के अन्य प्रमुख संस्थान भी दे रहे साथ

​इस महाअभियान को गति देने के लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है। विश्व बैंक के अतिरिक्त देश के अन्य प्रमुख संस्थान भी इस अभियान में सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। सरकार सभी संबंधित विभागों और हितधारकों को साथ लेकर एक समेकित और दीर्घकालिक शहरी विकास मॉडल विकसित कर रही है।

​चार मुख्य स्तंभों पर मंथन: इन खास विषयों पर विशेषज्ञों ने तैयार की रणनीति

​इस कार्यशाला में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और सतत शहरीकरण की रणनीति पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर विशेषज्ञों और अधिकारियों के बीच गहन चर्चा हुई:

  • ​शहरी परिवर्तन (Urban Transformation): शहरों को आधुनिक, स्मार्ट और रहने योग्य बनाना।
  • ​नगर वित्तीय सुदृढ़ीकरण: नगर निकायों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत करना।
  • ​वित्तीय प्रबंधन: विकास कार्यों के लिए आवंटित फंड का सही और पारदर्शी उपयोग।
  • ​समेकित शहरी नियोजन (Integrated Urban Planning): भविष्य की आबादी और जरूरतों को ध्यान में रखकर शहरों का मास्टर प्लान तैयार करना।

​टीम वर्क से बदलेगी सूरत: कार्यशाला में मौजूद रहे राज्य के शीर्ष नीति-निर्माता

​इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में बिहार प्रशासनिक सेवा और विश्व बैंक के कई दिग्गज अधिकारी मौजूद रहे:

विभाग / संस्थान

उपस्थित मुख्य पदाधिकारी

नगर विकास एवं आवास विभाग

 संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी (सचिव), अनिमेष कुमार पराशर (सचिव), निलेश रामचन्द्र देवरे (विशेष सचिव), विजय प्रकाश मीणा (अपर सचिव)

वित्त एवं जल संसाधन विभाग

श्रीमती रचना पाटिल (सचिव, वित्त), डॉ. चंद्रशेखर सिंह (सचिव, जल संसाधन)

पटना नगर निगम

  यशपाल मीणा (आयुक्त)

परिवहन एवं पथ निर्माण विभाग

  आरिफ अहसन (राज्य परिवहन आयुक्त), श्री अभिषेक पलासिया (संयुक्त सचिव, पथ निर्माण)

विश्व बैंक टीम (World Bank Team)

रोसाना निट्टी (टीम लीडर), बर्नाडस जे.एच. मस्केन्स, प्रकाश गौर, और पूनम अहलूवालिया खनिजो

इस कार्यशाला के बाद यह साफ है कि आने वाले वर्षों में बिहार का शहरी परिदृश्य पूरी तरह बदलने वाला है। विश्व बैंक की आधुनिक तकनीक और बिहार सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति मिलकर राज्य को शहरी विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।

TMBU में लगातार 5वें दिन थाली पीटकर गरजे अतिथि शिक्षक, डॉ. योगेंद्र बोले- दोषी को सजा नहीं और निर्दोष को फांसी, यह कहां का नियम?

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Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में अतिथि शिक्षकों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है। प्रभारी कुलपति डॉ. बी.एस. झा द्वारा गठित की गई कमेटी और उसकी जांच रिपोर्ट के खिलाफ अतिथि शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना आज लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। शिक्षकों का आरोप है कि इस अवैध कमेटी ने गलत और भ्रामक जांच रिपोर्ट भेजकर राजभवन को गुमराह करने का काम किया है।

​अपनी मांगों के समर्थन में और विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये के खिलाफ आज ठीक साढ़े बारह बजे सभी आंदोलनकारी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

​जब गूंज उठी थालियों की आवाज: वायरस रूपी भ्रष्टाचार को भगाने का अनोखा तरीका

​विश्वविद्यालय परिसर आज दोपहर ठीक 12:30 बजे थालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सभी प्रदर्शनकारी शिक्षक और शिक्षिकाएं हाथों में थाली लेकर उसे पीटते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर जमा हो गए।

​अतिथि शिक्षकों ने इस अनोखे प्रदर्शन की वजह बताते हुए कहा:

​”वर्तमान में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय संक्रमण के बेहद बुरे दौर से गुजर रहा है। थाली और ताली बजाने की यह क्रिया विश्वविद्यालय में फैले ‘वायरस रूपी जांच कमेटी’ और भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त उच्चाधिकारियों से टीएमबीयू को बचाने का एक प्रतीक है। इसके साथ ही यह आवाज गहरे अहंकार के मद में डूबे हुए मदांध कुलपति और कुलसचिव को नींद से जगाने के लिए भी है।”

 

​शिक्षकों ने साफ किया कि जब तक उनकी तीन मुख्य मांगें—11 महीने का बकाया मानदेय जारी करना, नई निष्पक्ष जांच कमेटी का गठन और वर्तमान व पूर्व की दोनों जांच रिपोर्टों को सार्वजनिक करना—पूरी नहीं होतीं, आंदोलन थमेगा नहीं।

​रजिस्ट्रार का लाचार बयान: “वीसी जो कहते हैं, मैं सिर्फ वही करता हूँ”

​थालियां पीटते हुए जब आक्रोशित शिक्षक सीधे कुलसचिव (रजिस्ट्रार) से मिलने पहुंचे और उनसे जवाब मांगा, तो विश्वविद्यालय प्रशासन की लाचारी और आंतरिक खींचतान खुलकर सामने आ गई। रजिस्ट्रार ने शिक्षकों के सामने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के किसी भी कार्य पर उनका कोई वश नहीं है। कुलपति जो भी आदेश देते हैं, वह सिर्फ उसी का पालन करते हैं। रजिस्ट्रार के इस बयान ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​डॉ. योगेंद्र का फेसबुक पर जोरदार हमला: धांधली करने वाले अधिकारी जेल क्यों नहीं गए?

​अतिथि शिक्षकों के इस आंदोलन को अब समाज और शिक्षाविदों का भी बड़ा समर्थन मिल रहा है। हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष, पूर्व डीएसडब्ल्यू (DSW) और प्रखर सामाजिक आंदोलनों से जुड़े डॉ. योगेंद्र ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए विश्वविद्यालय प्रशासन को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है।

​डॉ. योगेंद्र ने तीखे सवाल उठाते हुए लिखा:

​”सबसे बड़ा सवाल यह है कि धांधली किसने की? क्या नियुक्त हुए शिक्षक ने धांधली की या फिर जिसने उन्हें नियुक्त किया था? चयन बोर्ड (सिंडिकेट/कमेटी) में आवेदनकर्ता खुद सदस्य नहीं होते हैं। आवेदनकर्ता की जिम्मेदारी सिर्फ अपने प्रमाण पत्रों को लेकर होती है। अगर किसी ने गलत प्रमाण पत्र दिया है तो बेशक उसे सजा दो। वरना, जिसने नियम ताक पर रखकर नियुक्ति की है, उस अधिकारी पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करो, जांच कराओ और उसे जेल भेजो। दोषी को सजा नहीं और निर्दोषों को फांसी! यह कहां का नियम है?”

 

​आंदोलनकारियों की 3 प्रमुख मांगें:

  • ​मानदेय का भुगतान: पिछले 11 महीनों से रुका हुआ बकाया मानदेय तुरंत जारी किया जाए।
  • ​पारदर्शिता: वर्तमान और पूर्व में तैयार की गई दोनों जांच रिपोर्टों को अविलंब सार्वजनिक किया जाए।
  • ​निष्पक्षता: पुरानी पूर्वाग्रह से ग्रसित कमेटी को रद्द कर एक नई और निष्पक्ष जांच कमेटी का गठन हो।

​शिक्षकों के इस तीखे तेवर और रजिस्ट्रार की लाचारी ने साफ कर दिया है कि टीएमबीयू के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। अब देखना यह है कि राजभवन को गुमराह करने के आरोपों के बीच घिरे प्रभारी कुलपति इस गतिरोध को तोड़ने के लिए क्या कदम उठाते हैं या फिर विश्वविद्यालय में पढ़ाई-लिखाई का माहौल ऐसे ही पटरी से उतरा रहेगा।

​जगदीशपुर के खीरीबांध पिस्ता चौक पर खुला ‘7 हेवन ग्रोसरी मॉल’, भागलपुर जाने की टेंशन अब हमेशा के लिए खत्म

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Bhagalpur News: जगदीशपुर और आसपास के इलाके के लोगों के लिए गुरुवार का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया। क्षेत्र के लोगों को अब रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी के लिए दूर-दराज के शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। खीरीबांध पिस्ता चौक पर आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस ‘7 हेवन ग्रोसरी मॉल’ (7 Heaven Grocery Mall) का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस आधुनिक मॉल का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिलापरिषद सदस्य शिव कुमार ने फीता काटकर किया।

​इस गौरवमयी क्षण के अवसर पर मॉल के प्रोपराइटर (मालिक) सोनू कुमार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में स्थानीय उपभोक्ता मौजूद रहे।

​बड़े शहर जैसा नजारा अब आपके पड़ोस में: सोनू कुमार

​मॉल के मालिक सोनू कुमार ने उद्घाटन के बाद मीडिया से बात करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा:

​”हमने इस मॉल की शुरुआत विशुद्ध रूप से जगदीशपुर के लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखकर की है। अक्सर लोगों को अच्छी क्वालिटी के किराना, घरेलू सामान, कॉस्मेटिक्स, बर्तन और फ्रेश फूड के लिए भागलपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। अब ‘7 हेवन ग्रोसरी मॉल’ में सबकुछ एक ही छत के नीचे और वाजिब दामों पर मिलेगा।”

 

​सिर्फ सामान नहीं, रोजगार की भी नई सौगात

​सोनू कुमार ने आगे बताया कि मॉल के ओपनिंग ऑफर के तहत शुरुआती 7 दिनों तक सभी सामानों पर विशेष छूट (Special Discount) दी जा रही है। इसके अलावा, इस मॉल के खुलने से इलाके के 10 से 15 स्थानीय युवाओं को सीधा रोजगार मिला है, जिससे आने वाले समय में सैकड़ों लोगों को परोक्ष रूप से फायदा होने की उम्मीद है।

​आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता जगदीशपुर: शिव कुमार

​उद्घाटनकर्ता और जिलापरिषद सदस्य शिव कुमार ने इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने मॉल का भ्रमण करने के बाद कहा:

  • ​समय और पैसे की सीधी बचत: “इस तरह के आधुनिक मॉल ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में खुलने से स्थानीय जनता को बहुत बड़ी राहत मिलती है। अब लोगों का समय भी बचेगा और पैसा भी।”
  • ​तरक्की की नई उड़ान: “सोनू कुमार की यह पहल सराहनीय है क्योंकि इससे हमारे स्थानीय युवाओं को अपने ही घर के पास रोजगार मिला है। जगदीशपुर अब व्यापार और आधुनिकता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

​पहले ही दिन टूटे भीड़ के सारे रिकॉर्ड, ग्राहकों ने कहा- पैसा वसूल अनुभव

​मॉल के खुलते ही खरीदारी करने के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मॉल के अंदर साफ-सफाई, बेहतरीन लाइटिंग और सामानों के आकर्षक डिस्प्ले (Display) ने लोगों का मन मोह लिया।

​मॉल में खरीदारी करने आए स्थानीय निवासी संजय कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

​”पहले हमें घर की छोटी-छोटी चीजों और ब्रांडेड सामानों के लिए भागलपुर जाना पड़ता था, जिससे पूरा दिन खराब होता था। अब घर के ठीक पास इतनी शानदार व्यवस्था हो गई है। सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ सामानों के दाम आम बाजार से काफी कम और किफायती हैं।”

 

​‘7 हेवन ग्रोसरी मॉल’ की खास बातें जो आपको आकर्षित करेंगी:

  • ​सबकुछ एक जगह: किराना, घरेलू बर्तन, कॉस्मेटिक्स, डेली नीड्स और फ्रेश फूड आइटम्स की विशाल रेंज।
  • ​जेब पर भारी नहीं: बाजार से कम और बेहद किफायती दामों पर बेहतरीन प्रोडक्ट्स।
  • ​इंटरनेशनल शॉपिंग एक्सपीरियंस: साफ-सुथरा माहौल, फ्रेंडली स्टाफ और क्विक बिलिंग काउंटर।
  • ​आसान पहुंच: खीरीबांध पिस्ता चौक, जगदीशपुर।

​’7 हेवन ग्रोसरी मॉल’ का खुलना जगदीशपुर के बदलते स्वरूप और विकास की एक नई मिसाल है। यदि आप भी किफायती और बेहतरीन शॉपिंग का अनुभव लेना चाहते हैं, तो इस हफ्ते मॉल में चल रहे ‘ओपनिंग डिस्काउंट’ का लाभ उठाने से न चूकें।

TMBU कुलपति को चूड़ी भेंट कर ABVP ने जताया अनोखा विरोध, विश्वविद्यालय में अराजकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला मोर्चा

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Bhagalpur News:  तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में शैक्षणिक अराजकता, व्यवस्थाओं में कमी और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर एक बार फिर छात्र राजनीति सुलग उठी है। विश्वविद्यालय में छात्रों की लंबित समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गुरुवार को कुलपति (VC) के खिलाफ एक अनोखा और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। कई दिनों से कुलपति से मिलने का प्रयास कर रहे कार्यकर्ताओं ने कैंपस पहुंचते ही वीसी का घेराव किया और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से चूड़ी भेंट कर अपना कड़ा आक्रोश दर्ज कराया।

​कुलपति की अनुपस्थिति और छात्रों का बढ़ता गुस्सा

​जानकारी के अनुसार, एबीवीपी कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से छात्रों से जुड़ी विभिन्न गंभीर समस्याओं को लेकर कुलपति से मिलकर अपनी बात रखना चाह रहे थे। लेकिन कुलपति के लगातार विश्वविद्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण छात्रों की मुलाकात नहीं हो पा रही थी, जिससे छात्रों में नाराजगी लगातार बढ़ रही थी। गुरुवार को जब लंबे समय बाद कुलपति विश्वविद्यालय कार्यालय पहुंचे, तो पहले से ही आक्रोशित अभाविप कार्यकर्ताओं ने अपनी उपेक्षा और समस्याओं के प्रति कथित उदासीनता के विरोध में उन्हें चूड़ी भेंट कर दी।

​टीएनबी कॉलेज विवाद और लंबित मामलों पर ठोस कार्रवाई की मांग

​विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कई संवेदनशील और गंभीर मामलों को ठंडे बस्ते में डाल चुका है। अभाविप नेताओं ने मुख्य रूप से टीएनबी (TNB) कॉलेज में कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के प्रयास और शिक्षक नीलेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन विषयों को लेकर पहले भी कई बार लिखित आवेदन और शांतिपूर्ण आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई भी ठोस या दंडात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

​भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी जंग: कुणाल पांडेय और हैप्पी आनंद

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभाविप के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के जायज हितों की अनदेखी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा:

​”विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल, छात्र हितों की रक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई से कभी पीछे नहीं हटेगी। अगर प्रशासन ने लंबित मामलों पर जल्द से जल्द और संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।”

 

​इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में विश्वविद्यालय और विभिन्न कॉलेजों के अभाविप कार्यकर्ता व छात्र नेता मौजूद रहे, जिन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

भागलपुर में 3 मंजिला इमारत से कूदकर युवक ने दी जान, पड़ोस की महिला के साथ 5 साल से लिव-इन में रह रहा था मृतक

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के बरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सुर्खीकल इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला और दुखद मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक ने तीन मंजिला इमारत की छत से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी सूरज कुमार के रूप में की गई है।

​5 साल से महिला के साथ रह रहा था मृतक

​स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतक सूरज कुमार पिछले करीब पांच वर्षों से पड़ोस में रहने वाली एक शादीशुदा महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप (साथ में) रह रहा था। बताया जाता है कि महिला का पति घर से बाहर किसी अन्य प्रदेश में काम करता है, जबकि महिला अपने बच्चों के साथ यहाँ एक फ्लैट में रहती थी, जहाँ सूरज का आना-जाना और रहना था।

​फटकार से नाराज होकर उठाया खौफनाक कदम

​घटनाक्रम के संबंध में बताया जा रहा है कि हादसे के दिन सूरज कुमार अपने घर गया हुआ था। वहाँ से लौटने के बाद जब वह महिला के पास पहुँचा, तो स्थानीय लोगों के मुताबिक वह अत्यधिक नशे की हालत में था। सूरज को इस हालत में देखकर महिला ने नाराजगी जताई और उसे कड़ी फटकार लगाई। महिला की डांट से आक्रोशित और उत्तेजित होकर सूरज ने बिना सोचे-समझे अचानक इमारत की तीन मंजिला छत से नीचे छलांग लगा दी।

​भीड़ जुटी, भाई ने महिला पर लगाए गंभीर आरोप

​भारी आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। आनन-फानन में इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची और लहूलुहान स्थिति में पड़े शव को अपने कब्जे में लिया।

​इस बीच, मृतक सूरज कुमार के भाई ने इस पूरी घटना को लेकर महिला पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। भाई का कहना है कि मामले के पीछे की सच्चाई कुछ और हो सकती है, इसलिए उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की गहराई और निष्पक्षता से जांच करने की मांग की है।

​पुलिसिया तफ्तीश जारी

​बरारी थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन मृतक के परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रेम-प्रसंग, घरेलू विवाद और अन्य सभी संभावित पहलुओं पर बारीकी से छानबीन कर रही है। जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

​श्रावणी मेला 2026: तैयारियों का जायजा लेने सुल्तानगंज स्टेशन पहुंचे मालदा DRM मनीष कुमार गुप्ता, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

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Bhagalpur News: विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक श्रावणी मेला के शुरू होने में अब बेहद कम समय बचा है। सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मालदा डिवीजन के डीआरएम (DRM) मनीष कुमार गुप्ता गुरुवार को अपने विशेष सैलून से सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पहुंचते ही उन्होंने रेल अधिकारियों के बड़े अमले के साथ पूरे स्टेशन परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया।

​चप्पे-चप्पे का निरीक्षण, कांवड़ियों की सुविधाओं पर रहा जोर

​निरीक्षण के दौरान डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने स्टेशन के हर महत्वपूर्ण हिस्से का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से सुल्तानगंज स्टेशन पर साफ-सफाई की व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, कांवड़ियों के ठहरने के लिए बनाए जा रहे विश्राम स्थलों (Holding Areas), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद रेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान यात्रियों को किसी भी तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

​श्रद्धालुओं के सफर को आसान बनाएंगी ‘मेला स्पेशल’ ट्रेनें

​निरीक्षण के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज स्टेशन पर श्रद्धालुओं का भारी दबाव रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे द्वारा व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा:

​”यात्रियों और कांवड़ियों की सुगम आवाजाही के लिए इस वर्ष भी कई ‘मेला स्पेशल ट्रेनों’ का संचालन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त बोगियां और सुल्तानगंज स्टेशन पर उनके ठहराव (Stoppage) को लेकर भी पुख्ता तैयारी की गई है, ताकि देवघर जाने वाले शिवभक्तों को कोई परेशानी न हो।”

 

​सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष नजर

​डीआरएम ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से स्टेशन पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। २४ घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए रेलवे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी। साफ-सफाई को लेकर उन्होंने ठेकेदारों और संबंधित पर्यवेक्षकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि स्टेशन की स्वच्छता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​इस निरीक्षण के दौरान मालदा मंडल के कई वरिष्ठ रेल अधिकारी, स्थानीय स्टेशन प्रबंधक और रेल पुलिस के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।