24 अक्टूबर तक पूर्ण परियोजनाओं की संख्या बढ़कर 6,598 हुई, कक्षाओं से लेकर शौचालय, लाइब्रेरी, साइंस लैब और सोलर पैनल तक के कामों में तेजी
Patna News: बिहार के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में समग्र शिक्षा अभियान और पीएमश्री योजना के तहत निर्माण कार्यों में तेजी आने की जानकारी सामने आई है। जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 5 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2026 के बीच राज्यभर में 1,627 नई परियोजनाएं पूरी की गईं। इसके बाद पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की कुल संख्या 4,971 से बढ़कर 6,598 हो गई है।
इन योजनाओं के तहत अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बालक-बालिका शौचालय, कंप्यूटर रूम, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, आर्ट एवं क्राफ्ट रूम और सोलर पैनल जैसी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लंबित परियोजनाओं में तेजी
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभागीय अधिकारियों को लंबित निर्माण कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया था। इसके बाद समग्र शिक्षा अभियान और पीएमश्री योजना के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति तेज करने पर जोर दिया गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में पूर्ण परियोजनाओं की संख्या बढ़कर 6,598 हो गई है, जबकि प्रगतिरत कार्यों की संख्या 5,116 से बढ़कर 6,801 तक पहुंच गई है। इन आंकड़ों से सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए चल रहे कार्यों के विस्तार का संकेत मिलता है।
733 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण पूरा
विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अतिरिक्त वर्ग कक्षों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। वर्ष 2024-25 तक की लंबित परियोजनाओं की सूची के तहत 733 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण पूरा किया गया। इसके साथ ही पूर्ण कमरों की संख्या 913 से बढ़कर 1,646 हो गई है।
वहीं, उच्च माध्यमिक विद्यालयों से संबंधित वर्ष 2025-26 की योजनाओं में 400 नए कक्षा-कक्षों पर काम शुरू किया गया है। प्रारंभिक विद्यालयों की योजनाओं के तहत 424 अतिरिक्त कमरों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर बताया गया है।
इन निर्माण कार्यों से उन विद्यालयों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कक्षाओं की उपलब्धता कम है। पर्याप्त कक्ष उपलब्ध होने से पढ़ाई के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने में मदद मिल सकती है।
छात्राओं के लिए शौचालय सुविधाओं पर जोर
विद्यालयों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बालक एवं बालिका शौचालयों के निर्माण और मरम्मत का काम भी किया गया है।
प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक, पुरानी योजनाओं के तहत 165 बालिका शौचालय और 122 बालक शौचालयों का निर्माण पूरा किया गया। वहीं, पीएमश्री योजना के अंतर्गत पहले से निष्क्रिय पड़े 114 बालिका शौचालयों और 102 बालक शौचालयों की मरम्मत पूरी की गई।
विद्यालयों में उपयोगी और स्वच्छ शौचालयों की उपलब्धता विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं, के लिए महत्वपूर्ण है। इससे स्कूलों में स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने और पढ़ाई के अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद मिल सकती है।
कंप्यूटर रूम, लाइब्रेरी और साइंस लैब का विस्तार
आधुनिक शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया प्रगति अवधि में 56 कंप्यूटर रूम, 43 पुस्तकालय कक्ष, 39 विज्ञान प्रयोगशालाएं और 53 आर्ट एवं क्राफ्ट रूम के निर्माण कार्य पूरे किए गए।
इसके अलावा पीएमश्री योजना के तहत 98 नए लैब रूम के निर्माण का काम शुरू कराया गया है।
कंप्यूटर कक्षों से विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने, पुस्तकालयों से पढ़ने की आदत विकसित करने और विज्ञान प्रयोगशालाओं से विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ उनके नियमित संचालन, उपकरणों की उपलब्धता और शिक्षकों की तैनाती पर भी निर्भर करेगा।
95 नए विद्यालयों में सोलर पैनल लगाए गए
विद्यालयों में ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सोलर पैनल लगाने की दिशा में भी प्रगति दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 95 नए विद्यालयों में सोलर पैनल लगाने का काम पूरा हुआ है। इसके बाद सोलर पैनल से संबंधित पूर्ण इकाइयों की संख्या पांच से बढ़कर 100 हो गई है।
सौर ऊर्जा का उपयोग विद्यालयों में बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सहायक हो सकता है। इससे ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने का अवसर भी मिलेगा।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास निर्माण
बालिकाओं की शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की छात्रावास योजनाओं में भी प्रगति दर्ज की गई है। जारी जानकारी के मुताबिक, छह नए बालिका छात्रावासों का निर्माण पूरा किया गया है। अन्य स्वीकृत परियोजनाओं पर भी काम जारी है।
बालिका छात्रावासों की सुविधा विशेष रूप से उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हो सकती है, जहां घर से विद्यालय की दूरी या आवागमन की समस्या के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है।
ग्रामीण और शहरी स्कूलों को मिल सकता है लाभ
समग्र शिक्षा अभियान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाना है। अतिरिक्त कक्षाओं, शौचालयों, पुस्तकालयों, कंप्यूटर कक्षों और प्रयोगशालाओं के विकास से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, केवल भवन निर्माण से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित नहीं होता। इसके लिए शिक्षकों की उपलब्धता, नियमित कक्षाएं, प्रयोगशालाओं और कंप्यूटरों का उपयोग, साफ-सफाई तथा निर्मित सुविधाओं का रखरखाव भी जरूरी होगा।


