Bhagalpur News: बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग की महत्वाकांक्षी पहल “पंचायत विकास दिवस (विकसित भारत–समृद्ध बिहार)” के तहत रविवार को सबौर प्रखंड की बरारी ग्राम पंचायत में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की इस बार की थीम “महिला हितैषी पंचायत” रखी गई थी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर जिला के प्रभारी सचिव दीपक आनंद एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने शिरकत की और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
खेल को बढ़ावा देने के लिए वॉलीबॉल कोर्ट निर्माण की सराहना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का मूल उद्देश्य ग्राम पंचायत के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों की समीक्षा करना और आगामी योजनाओं पर विचार-विमर्श करना है। उन्होंने बरारी पंचायत में हुए कार्यों की जमीनी हकीकत देखकर प्रसन्नता जताई।
प्रभारी सचिव ने कहा:
”बरारी पंचायत में सड़कों एवं नाला निर्माण जैसे बुनियादी ढाँचे के विकास के साथ-साथ युवाओं के खेल को बढ़ावा देने के लिए वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण कराया गया है, जो इस पंचायत की दूरदर्शी और प्रगतिशील सोच का बेहतरीन उदाहरण है।”
‘महिला हितैषी पंचायत’ के तहत आधी आबादी को मुख्यधारा में लाने पर जोर
इस माह की विशेष थीम “महिला हितैषी पंचायत” पर चर्चा करते हुए दीपक आनंद ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं और जीविका दीदियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज और विकास की हर गतिविधि में समान अवसर मिलना चाहिए। महिलाओं की यह भारी उपस्थिति साबित करती है कि वे अब सशक्त होकर विकास की मुख्यधारा में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
इस दौरान उन्होंने अपने विभाग का परिचय देते हुए बताया कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तहत जन वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न पहुँचाने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है।
हर नागरिक का सुझाव है महत्वपूर्ण: जिलाधिकारी अलंकृता पांडे
जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडे ने पंचायत विकास दिवस की मूल भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति—चाहे वे महिलाएँ हों, युवा, बच्चे, वृद्धजन या पुरुष—सभी को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब तक हर नागरिक अपनी आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप सुझाव नहीं देगा, तब तक पंचायत का सर्वांगीण और समावेशी विकास संभव नहीं है।
युवा मुखिया और मैदानी कर्मियों की थपथपाई पीठ
जिलाधिकारी ने बरारी पंचायत के युवा एवं शिक्षित मुखिया जयकरण पासवान, पूरी पंचायत टीम और सरपंच की मुक्त कंठ से सराहना की और बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने ज़मीनी स्तर पर काम करने वाली जीविका दीदियों और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के योगदान को सलाम किया। DM ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों तक सरकारी योजनाओं व स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने में इन फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
समस्याओं का होगा त्वरित समाधान; ‘मन की बात’ और नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे आगामी पंचायत विकास दिवस और ग्राम सभाओं में अपने क्षेत्र की समस्याओं, स्थानीय आवश्यकताओं और सरकारी सेवाओं में सुधार संबंधी सुझावों को खुलकर सामने रखें। जिला प्रशासन के स्तर की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा और राज्य सरकार से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से आगे भेजा जाएगा।
क्या है पंचायत विकास दिवस का मुख्य लक्ष्य?
गौरतलब है कि पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्रभावी रूप से लागू करना है। इसके तहत ग्राम स्तर पर जनभागीदारी के जरिए 9 प्रमुख संकल्पों पर काम किया जा रहा है:
- गरीबी मुक्त एवं आजीविका उन्नत पंचायत
स्वस्थ पंचायत
बाल हितैषी पंचायत
जल पर्याप्त पंचायत
- स्वच्छ एवं हरित पंचायत
- आत्मनिर्भर बुनियादी ढाँचे युक्त पंचायत
- सामाजिक न्याय एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत
- सुशासन युक्त पंचायत
- महिला हितैषी पंचायत
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त (DDC), सबौर के बीडीओ (BDO), सीओ (CO) और भारी संख्या में ग्रामीण व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


