Bhagalpur News: ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (EBIA) द्वारा अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) दिवस के अवसर पर स्थानीय होटल चिन्मय इन में एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ईबिया के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने की।
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय तथा धनबाद के बीबीएम कोयलाञ्चल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. पवन पोद्दार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, यूको बैंक के ज़ोनल हेड राजकुमार विशिष्ट सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पौधा देकर अतिथियों का स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। स्वागत भाषण देते हुए राजीव प्रदीप ने कहा कि “इबिया भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में एमएसएमई के विकास और उद्यमियों को हर संभव मंच देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” इसके बाद, स्वीटी कुमारी ने मुख्य अतिथि डॉ. पोद्दार को और लीना श्रीज्ञान ने सम्मानित अतिथि राजकुमार को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है MSME: आलोक अग्रवाल
विषय प्रवेश करते हुए ईबिया के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने देश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की मजबूत हिस्सेदारी के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया:
- सक्रिय इकाइयाँ: भारत में वर्तमान में लगभग 6 करोड़ एमएसएमई सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
- जीडीपी में योगदान: देश की जीडीपी (GDP) में एमएसएमई का योगदान लगभग 30 प्रतिशत है।
- मैन्युफैक्चरिंग व निर्यात: विनिर्माण (Manufacturing) में इसका हिस्सा 35 प्रतिशत और देश के कुल निर्यात (Export) में 45 प्रतिशत की भारी हिस्सेदारी है।
भागलपुर के पास है GI टैग की ताकत:
अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि भागलपुर के पास चार स्थानीय उत्पादों को मिला जीआई (GI) टैग है, जिनमें एमएसएमई के लिए व्यापार की अपार संभावनाएँ हैं। केंद्र और राज्य सरकार आत्मनिर्भरता के लिए भारी प्रोत्साहन दे रही है, और इबिया इसमें ‘ब्रिज’ की भूमिका निभाएगा।
सरकारी योजनाओं और संगठन की ताकत पर चर्चा
प्रमुख उद्योगपति और इबिया सदस्य ओ. पी. सिंह ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं (Subsidy and Schemes) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि युवा उद्यमी इन सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाएं, तो आने वाले समय में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति आ सकती है।
महासचिव अमर्त्य बंधुल ने अपने संबोधन में कहा कि “इबिया जैसे संगठन उद्यमिता विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। हम प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता, नेटवर्किंग और नीति समर्थन के माध्यम से नए उद्यमियों को सशक्त बनाकर देश के औद्योगिक विकास में योगदान दे रहे हैं।”
‘समय पर वित्तीय मदद से बिजनेस आइडिया को मिलेंगे पंख’
यूको बैंक के ज़ोनल हेड राजकुमार ने एमएसएमई क्षेत्र में बैंकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “सही समय पर वित्तीय सहायता (Funding) न मिलने के कारण कई बेहतरीन उद्योग बंद हो जाते हैं। बेहतर वित्तीय प्रबंधन और बैंक के सहयोग से उद्यमी अपने आइडिया को हकीकत में बदल सकते हैं।”
उन्होंने घोषणा की कि भागलपुर क्षेत्र के लीड बैंक के रूप में यूको बैंक ट्रेनिंग से लेकर लोन और वित्तीय सहायता तक हर कदम पर स्थानीय उद्यमियों के साथ खड़ा है। इस दौरान यूको बैंक की टीम ने एमएसएमई के लिए बैंक की विशेष क्रेडिट योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
सफलता के चार मंत्र: आइडिया, प्लानिंग, कड़ी मेहनत और अनुशासन
मुख्य अतिथि डा. पवन पोद्दार ने एमएसएमई के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागलपुर क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) और सिल्क उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एक सही आइडिया, सटीक प्लानिंग, कड़ी मेहनत और कड़े अनुशासन से ही उद्यमिता (Entrepreneurship) के क्षेत्र में इतिहास रचा जा सकता है।
मंजूषा पेंटिंग देकर अतिथियों का सम्मान और नए सदस्यों का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान एसोसिएशन से जुड़े नए सदस्यों को आधिकारिक सदस्यता प्रमाण पत्र वितरित कर टीम में शामिल किया गया। स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देते हुए, सौरभ शर्मा एवं सरवन भगत ने मुख्य अतिथि डॉ. पोद्दार और जोनल हेड राजकुमार को उपहारस्वरूप भागलपुर की प्रसिद्ध मंजूषा पेंटिंग भेंट की।
अंत में, पीआरओ सुमित जैन ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए यूको बैंक की टीम और सभी आगत अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में इबिया द्वारा उद्यमिता विकास के लिए ऐसे और भी व्यावहारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे उपस्थित
इस मौके पर उद्योग जगत और बैंक से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें श्रवण भगत, दीपक सुल्तानिया, पंकज जालान, जयकान्त सिंह, देबज्योति मुखर्जी, रूपेश बैद, दीपक प्रसाद, बिकास कुमार सिंह, प्रेमजीत कुमार, कुंज बिहारी झुनझुनवाला, CA अभिषेक अग्रवाल, नवीन कुमार, राजेश जैन, प्रमेन्द्र मोहन ठाकुर, विकास झुनझुनवाला सहित यूको बैंक के अभिनव बिहारी, अमित कुमार एवं पंकज जालान मुख्य रूप से शामिल थे।


