Bhagalpur News: सोशल मीडिया पर महज अधिक लाइक्स और व्यूज बटोरने की अंधी चाहत और उसकी आड़ में पुलिस पर दबाव बनाकर अवैध उगाही (ब्लैकमेलिंग) करने वाले एक बड़े रैकेट का भागलपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। अमडंडा थाना परिसर के अंदर संदिग्ध पदार्थ के सेवन का एक वीडियो वायरल होने के बाद जब वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव (SSP) के निर्देश पर जांच बैठी, तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था। पुलिस की छवि धूमिल करने और साजिश रचने के आरोप में स्थानीय यूट्यूबर समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
दरअसल, बीते 26 जून 2026 को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ था। इस वीडियो में एक युवक अमडंडा थाना परिसर के भीतर किसी संदिग्ध (मादक) पदार्थ का सेवन करता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर यह गंभीर आरोप भी फैलाया गया कि अमडंडा थाना पुलिस ने उक्त युवक के साथ मारपीट की और फिर अवैध रूप से मोटी रकम (रिश्वत) लेकर उसे छोड़ दिया।
SSP के निर्देश पर कहलगांव SDPO ने की विस्तृत जांच
मामले की संवेदनशीलता और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों को गंभीरता से लेते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ने तुरंत जांच के आदेश दिए। उनके निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), कहलगांव-1 द्वारा पूरे प्रकरण की गहराई से और विस्तृत जांच की गई। जांच टीम ने वीडियो में दिख रहे मुख्य युवक संदीप कुमार सिंह और उसके साथी को ढूंढ निकाला और उनसे कड़ी पूछताछ की।
पूछताछ में खुला राज: ‘लाइक्स और व्यूज’ के लिए माचिस और कागज से बना था वीडियो
पुलिस की पूछताछ और लिखित बयान में वीडियो में दिखने वाले युवक संदीप कुमार सिंह ने जो खुलासा किया, उसने वायरल दावों की हवा निकाल दी। संदीप ने स्वीकार किया कि बीते 5 जून 2026 को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पूछताछ के लिए उसे थाने लाया गया था, जहां से बाद में परिजनों की मौजूदगी में समझा-बुझाकर सकुशल छोड़ दिया गया था। उसके साथ कोई मारपीट या पैसों की मांग नहीं की गई थी।
संदीप ने लिखित आवेदन में कबूला कि:
”थाना परिसर के चौकीदार कक्ष में सिर्फ सोशल मीडिया पर ज्यादा लाइक्स और व्यूज पाने के लालच में उसने वहां रखी माचिस और कागज के टुकड़े का इस्तेमाल कर यह नाटक (वीडियो) रचा था। वीडियो में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का सेवन नहीं किया गया था।”
यूट्यूबर ने रची पुलिस को ब्लैकमेल कर धन उगाही की साजिश
मामला सिर्फ व्यूज तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा खेल चल रहा था। संदीप कुमार सिंह ने अपने आवेदन में स्थानीय यूट्यूबर गोपाल शर्मा और उसके दो अन्य साथियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संदीप के मुताबिक, यूट्यूबर गोपाल शर्मा और उसके साथियों ने इस वीडियो और ऑडियो को हासिल कर अमडंडा थाना पुलिस पर दबाव बनाने और मोटी रकम वसूलने का जाल बुना था। इतना ही नहीं, संदीप को भी इस अवैध उगाही की रकम में हिस्सा देने का लालच (प्रलोभन) दिया गया था।
## प्राथमिकी दर्ज, आरोपी यूट्यूबर का रहा है आपराधिक इतिहास
संदीप कुमार सिंह से मिले लिखित आवेदन के आधार पर भागलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी यूट्यूबर गोपाल शर्मा और उसके दो साथियों के खिलाफ षड्यंत्र रचने, भ्रामक वीडियो-ऑडियो प्रसारित करने और अवैध धन उगाही का प्रयास करने के आरोप में अमडंडा थाना कांड संख्या-45/26 के तहत सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी यूट्यूबर गोपाल शर्मा का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कई मामलों में संलिप्त रहा है।
## भागलपुर पुलिस की चेतावनी: भ्रामक खबरें फैलाईं तो होगी कठोर कार्रवाई
इस पूरे मामले का पटाक्षेप करते हुए भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में संदेश दिया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर असत्य, भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री पोस्ट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति किसी आम नागरिक, सरकारी संस्था या पुलिस की छवि को धूमिल कर अवैध लाभ कमाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानून के दायरे में सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।


