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​घरेलू महिला से सफल उद्यमी तक का सफर: गोराडीह की सविता कुमारी ने ‘जीविका’ के सहारे लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

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Bhagalpur News: ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अब केवल चौखट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्वरोजगार के जरिए अपने परिवार की आर्थिकी की धुरी बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड अंतर्गत बिशनपुर जिच्छो ग्राम पंचायत की रहने वाली सविता कुमारी की है। कभी आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों में घिरी रहने वाली सविता आज एक सफल महिला उद्यमी (Women Entrepreneur) बनकर समाज के लिए मिसाल बन गई हैं। उनके इस बदलाव में ‘जीविका’ (स्वयं सहायता समूह) ने एक मजबूत सीढ़ी का काम किया है।

​सीमित आय और संघर्ष से हुई शुरुआत

​सविता कुमारी का जीवन पहले आम ग्रामीण महिलाओं की तरह ही था। उनके परिवार का पूरा खर्च उनके पति अंबुज सिंह की आय पर निर्भर था, जो परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी था। सीमित संसाधनों के बीच परिवार चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया था। इसी बीच, सविता ने अपने जीवन में बदलाव लाने की ठानी और गांव के ‘रेशमा जीविका स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ गईं।

​ट्रेनिंग ने जगाया आत्मविश्वास, 35 हजार के लोन से की शुरुआत

​समूह से जुड़ने के बाद सविता ने नियमित रूप से बचत करना शुरू किया और समूह की बैठकों में सक्रिय हिस्सा लेने लगीं। जीविका द्वारा आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम्स ने उनके जीवन में टर्निंग पॉइंट का काम किया। यहां उन्होंने वित्तीय प्रबंधन, व्यवसाय संचालन और उद्यमिता के गुर सीखे।

​जब समूह को बैंक से आर्थिक मदद मिली, तो सविता ने सबसे पहले 35 हजार रुपये का ऋण (Loan) लिया। इस पैसे से उन्होंने अपने हुनर को व्यवसाय में बदलते हुए एक ब्यूटी पार्लर और सिलाई केंद्र की शुरुआत की। वे गांव की महिलाओं को साज-सज्जा की सेवाएं देने लगीं और सिलाई मशीन से कपड़े सिलकर अपनी कमाई बढ़ाने लगीं।

​पति-पत्नी के साझा प्रयासों से बढ़ा कारोबार

​सविता के हौसले को देखकर उनके पति अंबुज सिंह ने भी जूते की एक दुकान खोल ली। पति-पत्नी के संयुक्त प्रयास और कड़ी मेहनत से उनका व्यवसाय लगातार बढ़ने लगा। सविता ने अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए समूह से विभिन्न चरणों में 2 लाख रुपये से अधिक का ऋण लिया। खास बात यह रही कि व्यवसाय से होने वाली अच्छी कमाई से उन्होंने समय पर लोन की किस्तें चुकाईं, जिससे बैंक और समूह में उनकी साख और मजबूत हुई।

​आज 35 हजार रुपये मासिक आय, बच्चों के सुनहरे भविष्य की तैयारी

​सविता कुमारी बताती हैं कि जीविका समूह से मिले ऋण और सही मार्गदर्शन ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी है। आज उनकी मासिक आय (Monthly Income) 30 से 35 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इस कमाई से वे न केवल अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला रही हैं, बल्कि परिवार के स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर रही हैं। इसके अलावा, भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्होंने नियमित बचत करना भी शुरू कर दिया है।

​गाँव की अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

​वर्तमान में सविता कुमारी खुद अपने ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं और सिलाई के ऑर्डर भी पूरी लगन से पूरे करती हैं। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता ने उन्हें बिशनपुर जिच्छो गांव में एक अलग पहचान दिलाई है।

​सविता अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय जीविका समूह के सहयोग, निरंतर मेहनत और अपने दृढ़ संकल्प को देती हैं। आज उनकी कहानी सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि गांव की उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान देना चाहती हैं। सविता का यह सफर साबित करता है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक तरक्की की नई इबारत लिख सकती हैं।

भागलपुर में मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट: DM अलंकृता पांडे और SSP प्रमोद कुमार यादव ने सराय से किला घाट तक किया ग्राउंड निरीक्षण

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Bhagalpur News: मोहर्रम पर्व के अवसर पर पूरे भागलपुर जिले में शांति, आपसी सौहार्द और मजबूत विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील न रहे, इसे सुनिश्चित करने के लिए खुद जिला दंडाधिकारी सह जिलाधिकारी अलंकृता पांडे एवं वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने गुरुवार को शहरी क्षेत्र के कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों का संयुक्त जमीनी निरीक्षण किया।

​सराय से लेकर शाहजहांगी तक अधिकारियों का कड़ा मार्च

​निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले ने सराय, किला घाट, तातारपुर चौक और शाहजहांगी सहित विभिन्न अखाड़ों एवं पारंपरिक ताजिया जुलूस मार्गों का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अफसरों को बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) और यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक एवं कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।

​हर महत्वपूर्ण प्वाइंट पर तैनात रहेंगे DSP, उपद्रवियों पर होगी सख्त कार्रवाई

​निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है। उन्होंने कहा:

​”सुरक्षा को लेकर अधिकांश तैयारियां संतोषजनक पाई गई हैं। जहां भी छोटी-मोटी कमियां दिखी हैं, उन्हें तुरंत दूर करने का निर्देश दिया गया है। सभी संवेदनशील प्वाइंट्स पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ-साथ त्वरित कार्रवाई दल (QRT) को एक्टिव मोड पर रखा गया है। प्रत्येक महत्वपूर्ण स्थल की कमान एक-एक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) संभालेंगे, जबकि सर्किल इंस्पेक्टर और अन्य पुलिस पदाधिकारी लगातार फील्ड में रहकर गश्त करेंगे।”

 

​SSP ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि कोई भी असामाजिक तत्व भाईचारे को बिगाड़ने या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।

​विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता, ताजिया की ऊंचाई पर निर्देश

​चूंकि मोहर्रम के दौरान कई कार्यक्रम रात के समय होते हैं, इसलिए विद्युत सुरक्षा को लेकर प्रशासन विशेष रूप से गंभीर है। जिला प्रशासन ने सभी ताजिया एवं अखाड़ा समितियों से अनुरोध किया है कि वे ताजिया की ऊंचाई निर्धारित सरकारी सीमा के भीतर ही रखें, ताकि सड़कों पर ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से टकराकर किसी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना न हो। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई रूटों पर बिजली के तारों को दुरुस्त और ऊंचा करने का काम भी शुरू कर दिया है।

​पारंपरिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

​भागलपुर जिला प्रशासन ने सभी सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे हर वर्ष की तरह इस बार भी पारंपरिक सौहार्द, शांति और भाईचारे की भावना के साथ मोहर्रम पर्व मनाएं। किसी भी आपातकालीन स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन को दें, ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके।

बिहार में बंपर औद्योगिक निवेश: SIPB की बैठक में 1628 करोड़ की 36 परियोजनाओं को हरी झंडी, बांका में लगेगा अल्ट्राटेक का मेगा सीमेंट प्लांट

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Patna News: बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश की रफ्तार को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। उद्योग विभाग के अंतर्गत राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 68वीं बैठक में राज्य के भीतर बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। विकास आयुक्त-cum-अध्यक्ष मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में कुल ₹1,628.60 करोड़ की लागत वाली 36 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस (प्रारंभिक स्वीकृति) प्रदान की गई। इसके साथ ही 07 अन्य बड़ी परियोजनाओं को ₹44.89 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी दी गई है।

​इस भारी-भरकम निवेश से राज्य में बुनियादी औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी, क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार का सृजन होगा।

​बांका में लगेगा अल्ट्राटेक का महा प्लांट: ₹630.97 करोड़ का अकेले निवेश

​इस बैठक की सबसे बड़ी हाइलाइट देश की दिग्गज सीमेंट कंपनी UltraTech Cement Limited (Unit-Banka Cement Works) के निवेश प्रस्ताव को मिली मंजूरी रही।

  • ​कहाँ लगेगा प्लांट: यह सीमेंट इकाई औद्योगिक क्षेत्र कटोरिया, बांका में स्थापित की जाएगी।
  • ​कुल निवेश: कंपनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अकेले ₹630.97 करोड़ का भारी निवेश करने जा रही है।
  • ​उत्पादन क्षमता: इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 3.5 मिलियन MTPA (मैट्रिक टन प्रति वर्ष) होगी, जिससे बिहार सीमेंट उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा।

​सरलीकरण और पारदर्शिता पर जोर: निवेशकों के लिए राह हुई आसान

​बैठक के दौरान विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार राज्य में निवेश की प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित (Fast-track) बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

​”निवेशकों के सामने आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी चुनौतियों का ऑन-द-स्पॉट प्रभावी समाधान निकाला जा रहा है। हमारा लक्ष्य बिहार को देश का सबसे निवेश-अनुकूल और प्रतिस्पर्धी राज्य बनाना है ताकि प्रक्रियात्मक देरी के कारण कोई भी प्रोजेक्ट प्रभावित न हो।”

 

​इन प्रमुख कंपनियों के प्रस्तावों को भी मिली हरी झंडी

​अल्ट्राटेक सीमेंट के अलावा, जिन अन्य प्रमुख कंपनियों और उनके निवेश प्रस्तावों को स्टेज-1 क्लीयरेंस दिया गया है, उनमें लॉजिस्टिक्स, मेडिकल, एग्रो और एनर्जी सेक्टर की निम्नलिखित कंपनियां शामिल हैं:

  • ​Tiwana Nutrition Global Private Limited
  • ​Ankoor Tradevista Pvt. Ltd.
  • ​M/s Trycon Logistics and Support Services Private Limited
  • ​GreenExcel Private Limited
  • ​M/s Somayan Remedies Private Limited
  • ​Himalaya Medical College & Hospital
  • ​BABA GREEN ENERGY
  • ​RK Shirts Private Limited
  • ​ARWAL AGRO INDUSTRIES PRIVATE LIMITED
  • ​SHRI GRISHNESHWAR COLD STORAGE PRIVATE LIMITED

​बिहार बनेगा निवेश और रोजगार का नया केंद्र

​उद्योग विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से यह साफ है कि बिहार में अब उद्योगों के अनुकूल माहौल पूरी तरह धरातल पर उतर चुका है। स्टेज-1 क्लीयरेंस मिलने के बाद अब इन 36 परियोजनाओं के जमीन पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारों का मानना है कि इन सेक्टर्स में निवेश बढ़ने से न सिर्फ बिहार का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि सूबे के कुशल युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

राशन वितरण में गड़बड़ी करने वालों पर गिरेगी गाज, सचिव दीपक आनंद ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

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Patna News: बिहार में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले मुफ्त और रियायती अनाज के वितरण को लेकर सरकार बेहद सख्त रुख अपना रही है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने आज राज्य के सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों (DSOs) और अनुमंडल पदाधिकारियों (SDOs) के साथ एक हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक की। बैठक में सचिव ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, देरी या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पणन पदाधिकारी (MOs) और आपूर्ति निरीक्षक शामिल हुए।

​पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं: सभी जिलों में चलेगा विशेष अभियान

​बैठक के दौरान सचिव दीपक आनंद ने विभाग की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए फील्ड के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों को सही समय पर, पूरी मात्रा में और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना विभाग का मुख्य संकल्प है।

​”सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर राशन वितरण में कोई भी डीलर या अधिकारी कोताही बरतता है, तो उसके खिलाफ सीधी और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

— दीपक आनंद, सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग

 

​कालाबाजारी और कम तौल पर तत्काल होगी एफआईआर

​सचिव ने राज्य के सभी जिलों में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का सघन निरीक्षण (Special Inspection Drive) करने का आदेश दिया है। इस अभियान के तहत:

  • ​यदि किसी भी दुकान पर राशन की कालाबाजारी, कम तौल (कम अनाज देना) या वितरण में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित डीलर का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा।
  • ​गड़बड़ी करने वाले डीलरों के खिलाफ तत्काल नियमानुसार प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​संदिग्ध राशन कार्डों की होगी छंटनी, नए कार्डों पर बड़ा फैसला

​बैठक में राशन कार्डों के निर्माण और डेटा की शुद्धता पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को दो प्रमुख मोर्चों पर तेजी से काम करने को कहा है:

  1. ​संदिग्ध राशन कार्डों की जांच: राज्य में जितने भी संदिग्ध या फर्जी राशन कार्ड हैं, उनकी स्क्रूटनी तेज की जाएगी। जांच में अपात्र पाए जाने वाले संपन्न या फर्जी लाभुकों के नाम सूची से हटाकर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
  2. ​लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन: नए राशन कार्ड बनवाने के लिए जितने भी पात्र परिवारों के आवेदन लंबित हैं, उनका बिना किसी देरी के शीघ्र निष्पादन किया जाएगा ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके।

​समय सीमा के भीतर भरी जाएंगी पीडीएस दुकानों की रिक्तियां

​समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राज्य में जहां भी जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों की रिक्तियां हैं, उन्हें एक निश्चित समय-सीमा (Deadline) के भीतर भरा जाए ताकि आम जनता को राशन लेने के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही, आम जनता से मिलने वाली राशन संबंधी शिकायतों (Public Grievances) का एक तय समय के भीतर निपटारा करने की जिम्मेदारी स्थानीय अधिकारियों को सौंपी गई है।

महामंथन: बिहार बनेगा देश का नया एआई कैपिटल, दिग्गजों ने तैयार किया ‘Bihar AI Policy 2026’ का विजनरी रोडमैप

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Patna News: बिहार अब केवल श्रम देने वाला राज्य नहीं, बल्कि दुनिया को तकनीक और समाधान देने वाला ‘नवाचार केंद्र’ (Innovation Hub) बनने जा रहा है। सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा पटना में “Bihar AI Policy 2026 (Draft)” पर एक हाई-प्रोफाइल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन मीटिंग का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक बैठक में देश-विदेश की दिग्गज टेक कंपनियों, एआई विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने बिहार को एआई क्रांति का केंद्र बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

​बैठक में आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, और आईटी सचिव अभय कुमार सिंह सहित Google India, Microsoft India, Sarvam AI, BharatGPT, NASSCOM, IIT Patna, C-DAC, और MithilaStack जैसे बड़े संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

​’Migration to Innovation’ का नया दौर: मंत्री नीतीश मिश्रा

​बैठक को संबोधित करते हुए आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अब बिहार के उदय का समय आ चुका है। राज्य तीव्र गति से विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है और उद्योग जगत को इस ऐतिहासिक परिवर्तन का भागीदार बनना चाहिए।

​”बिहार को लेकर बनी पुरानी धारणाओं और सोच को अब पूरी तरह बदलने की आवश्यकता है। आज का बिहार संभावनाओं, नवाचार और उद्यमिता का बिहार है। राज्य अब ‘Migration to Innovation’ और ‘Brain Drain to Brain Gain’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। बिहार की प्रतिभाएं अब केवल रोजगार खोजने वाली नहीं, बल्कि रोजगार और अवसर पैदा करने वाली शक्ति बनेंगी।”

— नीतीश मिश्रा, आईटी मंत्री, बिहार

 

​एआई पॉलिसी में शामिल होंगे ‘एक्सपोर्ट’ और ‘ग्रीन एनर्जी’

​मंत्री ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में निवेश के लिए पूरी तरह अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने ड्राफ्ट पॉलिसी को और व्यापक बनाने के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण सुझाव दिए:

  1. ​निर्यात प्रोत्साहन (Export Promotion): बिहार में बनने वाले एआई प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को वैश्विक बाजार मिले।
  2. ​हरित ऊर्जा (Green Energy): तकनीक आधारित विकास पूरी तरह सतत (Sustainable) और पर्यावरण के अनुकूल हो।

​Ease of Doing Business सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्य सचिव

​बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि Ease of Doing Business सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।

  • ​सरकार निवेशकों को सभी स्वीकृतियां, अनुमतियां और आवश्यक सेवाएं समयबद्ध (Time-bound) और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करा रही है।
  • ​नियमों को लगातार सरल बनाया जा रहा है ताकि कंपनियों को काम करने में कोई परेशानी न हो।
  • ​उन्होंने आए हुए प्रतिनिधियों से अपील की कि वे देश-दुनिया में बिहार के इस सकारात्मक बदलाव के ब्रांड एंबेसडर (संदेशवाहक) बनें।

​निवेश और रोजगार को मिलेगी अभूतपूर्व गति: आईटी सचिव

​सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस नई एआई नीति के लागू होने से बिहार में भारी निवेश आकर्षित होगा। इससे न केवल युवाओं के लिए उच्च स्तर के रोजगार पैदा होंगे, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी। उन्होंने उद्योग जगत से बिहार के इस विकास सफर में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

​इन 10 बड़े मुद्दों पर हुआ महामंथन

​बैठक के दौरान बिहार को एआई का ग्लोबल सेंटर बनाने के लिए निम्नलिखित तकनीकी और बुनियादी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई:

  • ​AI Research & Start-up Ecosystem: बिहार में एआई रिसर्च और नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना।
  • ​Skill Development & Training: छात्रों और शिक्षकों के लिए स्पेशल एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करना।
  • ​Open Data Policy & Data Centres: एआई के विकास के लिए डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स का निर्माण।
  • ​Cyber Security & Responsible AI: सुरक्षित और नैतिक रूप से सही एआई का विकास सुनिश्चित करना।
  • ​LLMs (Large Language Models): भारतीय और क्षेत्रीय भाषाओं के लिए एआई मॉडल तैयार करना।
  • ​Digital Infrastructure: राज्य के कोने-कोने तक मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना।

​बैठक में शामिल प्रमुख चेहरे

​इस विजनरी बैठक में विशेष सचिव (गृह) क्षत्रनील सिंह, सूचना प्रावैधिकी विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी सहित IndiaAI Mission, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, सर्वम एआई, भारतजीपीटी, नैसकॉम, आईआईटी पटना, सी-डैक और नीलिट (NIELIT) के शीर्ष विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और बिहार के भविष्य को संवारने के लिए अपने रोडमैप साझा किए।

भागलपुर के कचहरी चौक पर दो ई-रिक्शा में भीषण टक्कर: आधा दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल

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Bhagalpur News: भागलपुर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक कचहरी चौक के समीप बुधवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहाँ दो ई-रिक्शा के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर में आधा दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।

​अचानक ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा

​प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, एक ई-रिक्शा तिलकामांझी की तरफ से तेज गति में आ रहा था। कचहरी चौक के पास पहुंचते ही अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया। ब्रेक फेल होने के कारण चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और ई-रिक्शा सीधे सामने से आ रहे दूसरे ई-रिक्शा में जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और वे सड़क पर ही पलट गए।

​स्थानीय लोगों ने बचाई जान, घायलों को भेजा अस्पताल

​हादसा होते ही आसपास के दुकानदार और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों की तत्परता से ई-रिक्शा के नीचे दबे और घायल यात्रियों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहां कुछ यात्रियों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

​चश्मदीदों का कहना है: “रफ्तार तेज थी और ब्रेक फेल होते ही चीखने-चिल्लाने की आवाज आई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, दोनों गाड़ियां आपस में टकरा चुकी थीं।”

 

​मौके पर पहुँची ट्रैफिक पुलिस, जांच शुरू

​घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सड़क के बीचो-बीच दुर्घटनाग्रस्त हुए दोनों ई-रिक्शा को हटाकर अपने कब्जे में लिया और यातायात को सुचारू कराया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और दोनों ई-रिक्शा चालकों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों ने शहर में ई-रिक्शा की बेलगाम रफ्तार और फिटनेस की जांच न होने पर भी आक्रोश जताया है।

भागलपुर DM अलंकृता पांडेय ने खुद संभाली कमान: विक्रमशिला सेतु पर यातायात व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण

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Bhagalpur News: भागलपुर की नवनियुक्त और एक्शन मोड में नजर आ रही जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय ने जिले की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक—विक्रमशिला सेतु की यातायात व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ विक्रमशिला सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया और वहां की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

​मौके पर पहुंचे अधिकारी, पुल निर्माण निगम से ली जानकारी

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विक्रमशिला सेतु पर वाहनों के परिचालन, सुरक्षा मानकों और अक्सर लगने वाले जाम के कारणों को बारीकी से समझा। इस मौके पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के मुख्य अभियंता और अन्य तकनीकी अधिकारी भी मौजूद थे। डीएम ने अभियंताओं से पुल की वर्तमान स्थिति, लोड क्षमता और हाल ही में आंधी-पानी से हुए नुकसान के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट और तकनीकी जानकारियां लीं।

​जाम से मुक्ति और सुचारू यातायात पहली प्राथमिकता

​विक्रमशिला सेतु भागलपुर को नवगछिया और कोशी-सीमांचल के जिलों से जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन है, जहां आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि:

    • ​पुल पर वाहनों का परिचालन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से होना चाहिए।
    • ​ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
    • ​पुल पर तैनात सुरक्षा बल और होमगार्ड के जवान मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाएं ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत ट्रैफिक क्लियर कराया जा सके।

​जिलाधिकारी का कड़ा संदेश: “विक्रमशिला सेतु पर आम जनता को जाम की समस्या से निजात दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

 

​सुरक्षा उपकरणों और ढांचों की जांच के निर्देश

​हाल ही में पुल पर हुए हादसों और आंधी से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पुल निर्माण निगम के अभियंताओं को निर्देश दिया कि सेतु पर लगे सभी शेड, बिजली के खंभे, पाइपलाइन और अन्य उपकरणों की नियमित रूप से सुरक्षा जांच (Safety Audit) की जाए। कोई भी ऐसा ढांचा पुल पर न रहे जिससे आम राहगीरों की जान को खतरा हो।

​इस निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), पुलिस उपाधीक्षक (DSP) ट्रैफिक सहित जिला प्रशासन और पुल निर्माण निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से महकमे में हड़कंप का माहौल देखा गया।

आंधी से बचने के लिए शेड के नीचे रुके, उड़ती टीन ने ले ली जान: विक्रमशिला सेतु पर दर्दनाक हादसा

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Bhagalpur News: भागलपुर में अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने विक्रमशिला सेतु पर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में छीन लीं। महज चार दिन बाद जिस घर में शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा है। नवगछिया के सोनवर्षा निवासी विनय कुमार ईश्वर (40 वर्ष) की इस दर्दनाक हादसे में असमय मौत हो गई। वे अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ आंधी-पानी से बचने के लिए पुल पर बने एक टीन शेड के नीचे रुके थे, लेकिन वही शेड काल बन गया।

​बेटे को शेड में सुरक्षित बैठाया, खुद बन गए हादसे का शिकार

​मृतक के बेटे लक्की कुमार ने रोते हुए बताया कि उसके पिता रोज दूध लेकर भागलपुर आते थे। घर में शादी होने के कारण वह भी अपने पिता के साथ खरीदारी करने शहर आया था। कपड़े और अन्य सामान लेकर दोनों बाइक से वापस गांव लौट रहे थे। तभी विक्रमशिला सेतु पर अचानक मौसम बदला और तेज बवंडर शुरू हो गया।

​पिता विनय कुमार ने बेटे को सुरक्षित रखने के लिए पुल पर बने एक शेड के अंदर बैठा दिया और खुद बाहर की ओर खड़े हो गए। तभी हवा का एक ऐसा जोरदार झोंका आया कि पूरा भारी-भरकम शेड भरभराकर उखड़ गया। शेड का भारी टीन और लोहे का एंगल सीधे विनय के सिर के पिछले हिस्से पर जा गिरा।

​बेटे की आपबीती: “पापा ने मुझे अंदर कर दिया ताकि मैं भीगूं नहीं। तभी अचानक शेड गिर गया। शेड के अंदर इनवर्टर और बैटरी भी रखी थी, जिससे करंट जैसा झटका लगा। मेरे पैर में भी चोट आई और पापा लहूलुहान होकर गिर पड़े।”

 

​‘गोल्डन आवर’ में नहीं मिला इलाज, तड़पते रहे विनय

​प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद प्रशासन या एम्बुलेंस की तरफ से कोई त्वरित मदद नहीं मिली। विनय कुमार काफी देर तक पुल पर ही तड़पते रहे, उनके सिर, नाक और कान से लगातार खून बहता रहा। बाद में उन्हें एक ऑटो के जरिए मायागंज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अगर समय रहते उन्हें ‘गोल्डन टाइम’ (हादसे के बाद का पहला घंटा) में इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी।

​मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन, मायागंज में 2 घंटे सड़क जाम

​घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव का पोस्टमार्टम होने के बाद मायागंज अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के मुख्य गेट के सामने सड़क जाम कर दी। करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। परिजन मौके पर जिलाधिकारी (DM) को बुलाने और उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे।

​सूचना मिलते ही जगदीशपुर के अंचलाधिकारी (CO) सतीश कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाया और आश्वासन दिया कि सरकारी नियमों के तहत मिलने वाली पूरी आर्थिक सहायता जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने शेड के घटिया निर्माण, रखरखाव और इलाज में हुई देरी की भी जांच कराने की बात कही, जिसके बाद जाम खत्म हुआ।

​महत्वपूर्ण बयान (News Bytes):

​इस दर्दनाक हादसे के बाद घटना स्थल और अस्पताल में मौजूद लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रोष जताया:

  • ​बंबम देवी (बहन): भाई की मौत से टूट चुकी बहन ने रोते हुए कहा कि घर में शादी की खुशियां थीं, सब खत्म हो गया। प्रशासन की लापरवाही ने मेरे भाई की जान ली है।
  • ​लक्की कुमार (बेटा): “पापा ने मुझे बचाया, लेकिन खुद को नहीं बचा पाए। पुल पर कोई मदद करने वाला समय पर नहीं आया।”
  • ​सत्यम उर्फ बिट्टू कुमार व दुर्गेश कुमार (परिजन): परिजनों ने कहा कि पुल पर बने अवैध या कमजोर ढांचों पर कार्रवाई होनी चाहिए। समय पर अस्पताल न पहुंचा पाना स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामी है।
  • ​सतीश कुमार (अंचल अधिकारी, जगदीशपुर, भागलपुर): “सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से हरसंभव मुआवजा दिलाया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।”

​विक्रमशिला सेतु के अन्य हिस्सों में भी नुकसान

​इस तेज आंधी का असर विक्रमशिला सेतु पर अन्य जगहों पर भी दिखा। जाह्नवी चौक की तरफ बिजली आपूर्ति का एक भारी पाइप और तार सड़क पर आ गिरे। गनीमत रही कि उस वक्त कोई वाहन उसकी चपेट में नहीं आया। सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मलबे को हटाया और यातायात बहाल कराया। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल पर लगे सभी शेड और बिजली के उपकरणों की सुरक्षा जांच नियमित रूप से की जाए ताकि आगे ऐसा कोई हादसा न हो।

भागलपुर के डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह को भावुक विदाई: अधिकारियों ने कहा– इनके कार्यकाल से बहुत कुछ सीखा

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Bhagalpur News: भागलपुर के निवर्तमान उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह के तबादले के बाद विकास भवन स्थित डीआरडीए (DRDA) सभागार में एक भव्य और भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें विदाई दी। करीब दो साल के अपने सफल कार्यकाल के बाद अब वे अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं।

​विदाई समारोह में भावुक हुआ माहौल, अधिकारियों की आँखें हुईं नम

​विदाई समारोह के दौरान डीआरडीए सभागार का माहौल पूरी तरह से भावुक हो गया। मंच से जब अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदीप कुमार सिंह के साथ काम करने के अपने अनुभवों को साझा करना शुरू किया, तो कई अधिकारियों की आँखें नम हो गईं। उपस्थित सभी लोगों ने उनके मृदुभाषी स्वभाव और बेहतरीन कार्यशैली की जमकर तारीफ की।

​अधिकारियों का संदेश: “सर के साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा। उन्होंने न सिर्फ एक बॉस की तरह बल्कि एक मार्गदर्शक की तरह हम सभी का मार्गदर्शन किया।”

 

​कामकाज में तेजी और जन-समस्याओं का निपटारा थी प्राथमिकता

​समारोह को संबोधित करते हुए ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स (BDO) और विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने कहा कि डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह के कार्यकाल में जिले को एक नई दिशा मिली। उन्होंने सरकारी कामकाज को पारदर्शी और बेहतर तरीके से करने, कागजी प्रक्रियाओं में होने वाली देरी को खत्म करने और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निपटाने की बारीकियां सिखाईं। उनके जाने से जिले के प्रशासनिक महकमे में एक शून्यता महसूस होगी।

​निवर्तमान DDC ने जताया सबका आभार

​अपनी विदाई पर बोलते हुए निवर्तमान डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह भी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने भागलपुर में अपने दो साल के कार्यकाल को बेहद संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि जिले में विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का भरपूर सहयोग मिला, जिसके लिए वे सभी का सहृदय धन्यवाद करते हैं।

​अब पर्यटन विभाग में संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी

​आपको बता दें कि भागलपुर में शानदार सेवा देने के बाद सरकार द्वारा प्रदीप कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया है। वे अब बिहार सरकार के पर्यटन विभाग में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। विदाई समारोह में जिले के सभी बीडीओ, डीआरडीए के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, प्रधान लिपिक और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

​भागलपुर: डीडीसी प्रदीप सिंह को मिली भावभीनी विदाई, डीएम अलंकृता पांडे बोलीं— ‘कुशल और कर्मठ प्रशासक के रूप में अनुकरणीय रहा उनका कार्यकाल’

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Bhagalpur News: भागलपुर के उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप सिंह के स्थानांतरण के बाद उनके सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया और निवर्तमान डीडीसी को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए याद करते हुए भावभीनी विदाई दी।

​डीएम अलंकृता पांडे ने की खुलकर तारीफ, बताया ‘परिणामोन्मुखी प्रशासक’

​समारोह को संबोधित करते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडे ने निवर्तमान उप विकास आयुक्त के कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदीप सिंह एक कुशल, कर्मठ और परिणामोन्मुखी प्रशासक रहे हैं। उनके नेतृत्व में भागलपुर जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं और जनसेवा से जुड़े कार्यों का बहुत ही प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है।

​जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जिले की प्रशासनिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा:

​”आरटीपीएस (RTPS) सहित विभिन्न सेवा प्रदायगी प्रणालियों में भागलपुर जिले की जो बेहतर और शीर्ष रैंकिंग रही है, वह इस बात का सीधा प्रमाण है कि आम जनता को समय सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसमें डीडीसी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।”

 

​”काम के साथ-साथ व्यवहार से जीता सबका दिल”

​जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदीप सिंह ने न केवल एक सक्षम और मजबूत प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई, बल्कि अपने सौम्य व्यवहार और सकारात्मक दृष्टिकोण से सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक बेहतरीन समन्वय (Coordination) स्थापित किया।

​डीएम ने आगे जोड़ते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी की असली और वास्तविक उपलब्धि केवल उसका प्रशासनिक काम नहीं होता, बल्कि लोगों के साथ स्थापित किया गया विश्वास और मानवीय संबंध भी होते हैं। इस मामले में श्री सिंह की कार्यशैली सभी के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायक रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्री सिंह भविष्य में भी अपनी कार्यकुशलता के बल पर प्रशासनिक सेवा में नए मुकाम हासिल करेंगे और बिहार के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।

​सामूहिक कार्यसंस्कृति से आगे बढ़ेगा भागलपुर

​विदाई समारोह के दौरान जिलाधिकारी ने जिले के अन्य सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना (Team Spirit) और आपसी तालमेल को भविष्य में भी इसी तरह बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसी सामूहिक कार्यसंस्कृति के बल पर भागलपुर जिला विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

​समारोह के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों और समाहरणालय कर्मियों ने निवर्तमान डीडीसी श्री प्रदीप सिंह के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हुए उन्हें विदा किया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक (जनसंपर्क), भागलपुर सहित जिले के कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।