Patna News: पटना के बुद्ध मार्ग स्थित बिहार राज्य सहकारी संघ के परिसर में नाबार्ड (NABARD) द्वारा दो दिवसीय आम महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया है। 25 और 26 जून तक चलने वाले इस महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ शहरवासी आम उत्पादक किसानों से सीधे पेड़ के पके और पूरी तरह से रसायनमुक्त यानी कार्बाइड फ्री आम खरीद सकते हैं। गुरुवार को इस विशेष महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
महोत्सव की सराहना करते हुए सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि नाबार्ड द्वारा पहली बार इस तरह का आयोजन किया जा रहा है, जो बेहद सराहनीय है। बिहार के आम की मिठास और गुणवत्ता की चर्चा देश भर में होती है। आम सिर्फ फलों का राजा ही नहीं, बल्कि बिहार की संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक है।
एम पैक्स में बदलेंगे सभी प्रखंडों के पीवीसीएस: सहकारिता मंत्री का बड़ा ऐलान
सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा विज़न साझा किया। उन्होंने बताया:
”सहकारिता विभाग द्वारा सभी प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) का गठन किया गया है। सरकार जल्द ही इन सभी पीवीसीएस को एम पैक्स (M-PACS) यानी मल्टी परपस पैक्स के रूप में परिवर्तित करने जा रही है।”
फल, फूल और मसालों के उत्पादक भी उठा सकेंगे लाभ
इस बड़े बदलाव के बाद ये समितियां सब्जी उत्पादन के साथ-साथ फल, फूल, मसाले, मधुमक्खी, मत्स्य, दूध, बकरी और मुर्गी पालन, बीज, उर्वरक, भंडारण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग सहित कृषि व गैर-कृषि से जुड़े सभी कार्य कर सकेंगी। अब आम के बगीचे वाले किसान भी सीधे पीवीसीएस से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
वैल्यू चेन के सक्रिय भागीदार बनें किसान: नई तकनीक अपनाने पर ज़ोर
माननीय मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य प्रयास राज्य के किसानों को उत्पादन से लेकर निर्यात तक की पूरी श्रृंखला में सक्रिय भागीदार बनाना है। किसानों को भंडारण, प्रॉसेसिंग, ब्रांडिंग, विपणन और मूल्य संवर्धन (Value Addition) का सीधा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा संचालित प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट फंड (PODF) से बिहार के एफपीओ (FPO) को एक सशक्त आर्थिक ताकत मिल रही है।
किसानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा:
”बिहार के सभी आम उत्पादक किसानों की मेहनत और उनकी फसल राज्य की असली पहचान है। आप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन करें, आधुनिक तकनीक अपनाएं और संगठित होकर सीधे बाजार से जुड़ें। सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।”
बिचौलियों से मुक्ति: किसानों को सीधे मिलेगा बड़ा बाजार और बेहतर दाम
आम महोत्सव के शुभारंभ के मौके पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने बताया कि यह आयोजन शहरवासियों और किसानों दोनों के लिए एक बेहतरीन अवसर है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य आम उत्पादक किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने रसायन-मुक्त आमों की विभिन्न वैरायटी को सीधे ग्राहकों को सही दाम पर बेच सकें।
शुरुआत में ही बिका 4 से 5 क्विंटल आम
मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि यहाँ आकर सीधे उत्पाद बेचने से किसानों को ग्राहकों की पसंद जानने और मार्केटिंग स्किल्स सीखने का मौका मिलेगा। इस प्रदर्शनी की शुरुआत में ही किसानों ने करीब 4-5 क्विंटल आम बेच दिए हैं। यहाँ जो प्राकृतिक स्वाद मिलेगा, वह आम बाजारों में नहीं मिलता।
पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस को रोकने की मिलेगी ट्रेनिंग
इस प्रदर्शनी का एक उद्देश्य यह भी है कि यहाँ आने वाले किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा और कृषि विशेषज्ञों के साथ उनका सीधा संवाद आयोजित होगा। महोत्सव के दौरान किसानों को यह भी सिखाया जाएगा कि कम से कम लागत में पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस (फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान) को कैसे रोका जाए।
सहकारिता क्षेत्र के शीर्ष दिग्गजों ने जताया सहयोग का संकल्प
इस अवसर पर बिहार राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष विनय कुमार शाही ने कहा कि सहकारिता और किसानों के उत्थान से जुड़े हर कार्य के लिए संघ हमेशा हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
महोत्सव के शुभारंभ के इस खास मौके पर बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे, बिस्कोमान के चेयरमैन विशाल सिंह और बिहार राज्य ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक दीपक कुमार सहित कई अन्य गणमान्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और किसानों के इस साझा मंच की सराहना की।
नाबार्ड और सहकारिता विभाग की यह संयुक्त पहल बिहार के आम उत्पादकों को एक बड़ा मंच दे रही है। इससे जहां एक ओर पटना के लोगों को शुद्ध और जैविक आम मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों को सीधे अपनी फसल का उचित मूल्य और बाजार की समझ हासिल हो रही है।


