Bhagalpur News: टी.एन.बी. कॉलेजिएट मैदान सिर्फ एक खाली जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों के सपनों, उनकी खेल प्रतिभा और एक स्वस्थ भविष्य का मजबूत आधार है। आज इसी मैदान को बचाने और बच्चों के खेल के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय लोगों और बच्चों ने एक सुर में आवाज बुलंद की।
वार्ड संख्या 19 के अंतर्गत ‘अमृत 2.0 योजना’ के तहत इस ऐतिहासिक मैदान परिसर में एक पार्क निर्माण का प्रस्ताव है, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। आज भारी संख्या में स्थानीय लोगों और बच्चों ने मैदान परिसर में एकत्रित होकर इस निर्माण कार्य के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।
खेल मैदान को सीमित करना बच्चों के साथ अन्याय
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का स्पष्ट रूप से मानना है कि इस पूरे क्षेत्र में बच्चों के खेलने, दौड़ने और अन्य शारीरिक व खेल गतिविधियों के लिए यह एकमात्र खुला मैदान बचा है। आज के डिजिटल दौर में, जहाँ बच्चे मैदानों से दूर हो रहे हैं, ऐसे में इस एकमात्र खेल मैदान को पार्क के रूप में तब्दील कर इसके दायरे को सीमित करना बच्चों के हितों के साथ सरासर नाइंसाफी होगी। पार्क बनने से कंक्रीट का ढांचा बढ़ेगा और बच्चों के दौड़ने-खेलने की खुली जगह खत्म हो जाएगी।
“हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जो हमारे बच्चों के खेल और उनके सर्वांगीण विकास के अधिकार को प्रभावित न करे।”
नगर निगम और प्रशासन से अन्य स्थान तलाशने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे शहर के सौंदर्यीकरण या विकास कार्य के खिलाफ नहीं हैं। लोगों ने नगर निगम प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से बेहद संवेदनशील अपील की है कि पार्क निर्माण के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान या खाली जमीन का चयन किया जाए। इस ऐतिहासिक और उपयोगी मैदान को पूरी तरह से खेल मैदान के रूप में ही सुरक्षित रखा जाए ताकि यहाँ की खेल प्रतिभाएं निखरती रहें।
सोशल मीडिया पर भी गूंजी आवाज
मैदान को बचाने की यह मुहिम अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया पर भी तेज हो गई है। स्थानीय युवाओं और लोगों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर #SaveTNBGround और #PlaygroundForChildren जैसे हैशटैग के साथ इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की शुरुआत कर दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों का मैदान बचेगा, तभी उनका स्वास्थ्य और भविष्य संवर पाएगा। अब देखना यह है कि जनभावनाओं को देखते हुए नगर निगम और प्रशासन इस फैसले पर क्या पुनर्विचार करता है।


