Bhagalpur News: विश्व स्तर पर मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस (World Drug Day) के अवसर पर भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भागलपुर के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मियों और आमजन को नशे के घातक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज के निर्माण का कड़ा संदेश देना था।
एडिशनल जज राज नारायण निगम ने दिलाई शपथ
न्यायालय परिसर में आयोजित इस गरिमामयी समारोह के दौरान एडिशनल जज राज नारायण निगम ने उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई।
शपथ के मुख्य बिंदु:
- स्वयं का संकल्प: सभी ने संकल्प लिया कि वे कभी भी किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं या मादक पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे।
- दूसरों को प्रेरणा: किसी भी अन्य व्यक्ति को नशे के सेवन के लिए प्रेरित या बाध्य नहीं करेंगे।
- सामाजिक जागरूकता: अपने परिवार, मित्रों, परिचितों और समाज के लोगों को नशे के चंगुल से दूर रहने के लिए निरंतर जागरूक करेंगे।
- सुरक्षित कार्यस्थल: कार्यालय परिसर को पूर्णतः नशामुक्त रखा जाएगा और सभी सहयोगियों को एक स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण देने का प्रयास करेंगे।
कानून के साथ जनभागीदारी भी है जरूरी
इस आयोजन के माध्यम से न्यायपालिका ने समाज को एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कड़े कानूनों के बल पर नहीं जीती जा सकती। इसके लिए व्यापक जनभागीदारी, आत्म-नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता का होना बेहद अनिवार्य है। जब हर नागरिक इस मुहिम से जुड़ेगा, तभी एक नशामुक्त समाज की कल्पना साकार हो सकेगी।
न्यायालय के अधिकारी और कर्मी रहे मौजूद
इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम में न्यायालय के कई अन्य वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और चतुर्थवर्गीय कर्मी भारी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में नशे के खिलाफ इस जनजागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने और समाज को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने का संकल्प दोहराया।
एडिशनल जज राज नारायण निगम ने कहा कि
“मादक पदार्थों का बढ़ता चलन आज हमारे समाज और युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है। न्यायपालिका का यह प्रयास समाज में एक सकारात्मक संदेश देने के लिए है। कार्यालय परिसर से लेकर हमारे घरों तक को नशामुक्त बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। कानून अपनी जगह काम करता है, लेकिन जब तक समाज का हर तबका खुद आगे आकर नशे को ‘ना’ नहीं कहेगा, तब तक इस बुराई को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता। आज हम सबने यही संकल्प लिया है।”


