Bhagalpur News: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में शैक्षणिक अराजकता, व्यवस्थाओं में कमी और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर एक बार फिर छात्र राजनीति सुलग उठी है। विश्वविद्यालय में छात्रों की लंबित समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गुरुवार को कुलपति (VC) के खिलाफ एक अनोखा और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। कई दिनों से कुलपति से मिलने का प्रयास कर रहे कार्यकर्ताओं ने कैंपस पहुंचते ही वीसी का घेराव किया और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से चूड़ी भेंट कर अपना कड़ा आक्रोश दर्ज कराया।
कुलपति की अनुपस्थिति और छात्रों का बढ़ता गुस्सा
जानकारी के अनुसार, एबीवीपी कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से छात्रों से जुड़ी विभिन्न गंभीर समस्याओं को लेकर कुलपति से मिलकर अपनी बात रखना चाह रहे थे। लेकिन कुलपति के लगातार विश्वविद्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण छात्रों की मुलाकात नहीं हो पा रही थी, जिससे छात्रों में नाराजगी लगातार बढ़ रही थी। गुरुवार को जब लंबे समय बाद कुलपति विश्वविद्यालय कार्यालय पहुंचे, तो पहले से ही आक्रोशित अभाविप कार्यकर्ताओं ने अपनी उपेक्षा और समस्याओं के प्रति कथित उदासीनता के विरोध में उन्हें चूड़ी भेंट कर दी।
टीएनबी कॉलेज विवाद और लंबित मामलों पर ठोस कार्रवाई की मांग
विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कई संवेदनशील और गंभीर मामलों को ठंडे बस्ते में डाल चुका है। अभाविप नेताओं ने मुख्य रूप से टीएनबी (TNB) कॉलेज में कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के प्रयास और शिक्षक नीलेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन विषयों को लेकर पहले भी कई बार लिखित आवेदन और शांतिपूर्ण आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई भी ठोस या दंडात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी जंग: कुणाल पांडेय और हैप्पी आनंद
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभाविप के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के जायज हितों की अनदेखी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा:
”विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल, छात्र हितों की रक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई से कभी पीछे नहीं हटेगी। अगर प्रशासन ने लंबित मामलों पर जल्द से जल्द और संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।”
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में विश्वविद्यालय और विभिन्न कॉलेजों के अभाविप कार्यकर्ता व छात्र नेता मौजूद रहे, जिन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।


