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भागलपुर में दिनदहाड़े भाजपा मंडल अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार अपराधियों ने दिया वारदात को अंजाम

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Crime News: बिहार के भागलपुर में अपराधियों ने दिनदहाड़े बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना बबरगंज थाना क्षेत्र के कुतुबगंज मोहल्ले की है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार अपराधियों ने पप्पू को निशाना बनाकर गोली मारी और मौके से फरार हो गए। गोली लगने के बाद उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही बबरगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

सिटी एसपी ने घटनास्थल का लिया जायजा

घटना की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के सिटी एसपी अतुलेश झा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।

सिटी एसपी ने बताया कि वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

भाजपा विधायक रोहित पांडे भी पहुंचे मौके पर

भाजपा मंडल अध्यक्ष की हत्या की जानकारी मिलने के बाद भाजपा विधायक रोहित पांडे भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की।

फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है और CCTV फुटेज के आधार पर वारदात से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं।

दिनदहाड़े भाजपा नेता की हत्या ने एक बार फिर भागलपुर में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, संवाददाता, भागलपुर

बिहार में 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 13 प्रमुख घटकों के जरिए जनभागीदारी और सरकारी योजनाओं का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार

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Patna News: बिहार में जनभागीदारी, सेवा कार्यों और सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। इसी को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव और सचिव मौजूद रहे, जबकि सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अभियान के 13 प्रमुख घटकों की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय-सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया।

‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी अभियान की शुरुआत

‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत बिहार के प्रत्येक घर के साथ-साथ हर जिले के कम-से-कम 10 प्रमुख और प्रतीकात्मक सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्वलन कराया जाएगा। लोगों तक दीया पहुंचाने की व्यवस्था जीविका, नगर निकायों और जन वितरण प्रणाली के माध्यम से की जाएगी।

स्कूलों में होंगी चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सरकारी और निजी स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके तहत ‘विकसित भारत संकल्प’ विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। इसी दौरान अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी PTM भी आयोजित की जाएगी।

नुक्कड़ नाटक से लोगों तक पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी

‘सेवा स्मरण’ कार्यक्रम के तहत पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों और योजनाओं पर आधारित 18 से 20 नाट्य टोलियां बनाई जाएंगी। ये टोलियां स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी। 2 अक्टूबर को विशेष मंचन भी किया जाएगा।

वहीं, 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय आयोजन होगा। इसमें आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, लाभार्थी माताओं से संवाद, बच्चों की मनोरंजक गतिविधियां तथा पोषण और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी की कहानियां होंगी सामने

‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की वास्तविक कहानियों को रील्स और लघु वीडियो के माध्यम से संकलित किया जाएगा। इसके लिए जिला और राज्य स्तर पर डिजिटल डेटा-बैंक तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के तहत पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियां निकाली जाएंगी। इसमें ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवक भाग लेंगे और कार्यक्रम के समापन पर ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

‘सरकार आपके द्वार’ से लोगों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र सरकार की 26 प्रमुख योजनाओं सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का मौके पर ही लाभ दिलाने और आवेदन के निष्पादन की व्यवस्था की जाएगी।

वहीं, ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत तालाबों और छठ घाटों की सफाई, वृक्षारोपण और स्वच्छता से जुड़ी 25 गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम दो स्थानों पर प्रत्यक्ष बदलाव सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

नवाचार और युवाओं की भागीदारी पर भी जोर

स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान के लिए ‘नवाचार चुनौती’ शुरू की जाएगी। उद्योग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और स्टार्टअप्स से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

‘जनसेवक महाकुंभ’ के तहत पंचायतों और नगर निकायों के सक्रिय एवं योग्य जनप्रतिनिधियों की सूची तैयार कर उनकी राज्यस्तरीय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ मार्च 2027 तक चलेगा

मुख्य अभियान के साथ बिहार में 17 सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ भी चलाया जाएगा। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज तथा नगर विकास एवं आवास विभाग से जुड़े कार्य किए जाएंगे।

अधिकारियों को सभी प्रकार के मरम्मत कार्य 30 नवंबर तक पूरा करने, सभी सरकारी भवनों का रंग-रोगन दिवाली तक पूरा कराने और स्वीकृत नए निर्माण कार्यों को मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा करने की सख्त समय-सीमा दी गई है।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह अभियान जनभागीदारी, सरकारी योजनाओं की पहुंच, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा सहभागिता और सरकारी परिसंपत्तियों के कायाकल्प को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

भागलपुर में एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में डूबे 6 लोग, एक ही परिवार के 4 समेत 5 की मौत से मचा कोहराम

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर और बाढ़ का पानी अब जानलेवा साबित हो रहा है। बाईपास थाना क्षेत्र के कोयली खुटहा गांव में सड़क पर बने गहरे जलजमाव में डूबने से एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। एक-दूसरे को बचाने के क्रम में डूबने से एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।

खेत की ओर जा रहे थे ग्रामीण, सड़क पर बने गहरे पानी के गड्ढे में हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोयली खुटहा गांव के कुछ लोग गुरुवार को खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में सड़क पर बाढ़ का गहरा पानी जमा था। इसी दौरान एक व्यक्ति का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। उसे छटपटाता देख साथ मौजूद अन्य लोग भी उसे बचाने के लिए एक-एक कर पानी में उतर गए।

बाढ़ के पानी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा न होने के कारण एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में छह लोग पानी में समा गए।

अस्पताल में डॉक्टरों ने 5 को घोषित किया मृत, 1 की हालत गंभीर

चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सभी को पानी से बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद 5 लोगों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान:

  • मंचों देवी
  • सोनाक्षी कुमारी
  • प्रिंस कुमार
  • अभिषेक कुमार
  • अंशु प्रिया

मृतकों में चार लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं, जबकि एक पड़ोसी शामिल है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति का इलाज मायागंज अस्पताल में जारी है।

मायागंज अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार, पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही बाईपास थाना पुलिस, स्थानीय पंचायत के मुखिया देवेंद्र कुमार तथा ग्रामीण मायागंज अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण सड़कों और गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता है, जिससे ऐसे हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खतरनाक और गहरे जलजमाव वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

बाढ़ के पानी में खुद उतरीं शाहकुंड की CO हर्षा कोमल: ट्रैक्टर पर लादकर गांव-गांव पहुंचा रहीं राहत, ‘ट्रैक्टर वाली मैडम’ के नाम से हुईं वायरल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ के तांडव के बीच जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है और सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं, वहीं शाहकुंड की अंचलाधिकारी (CO) हर्षा कोमल का एक साहसिक और संवेदनशील अंदाज सुर्खियों में है। कागजी समीक्षा और दफ्तरी निर्देशों से इतर, CO हर्षा कोमल खुद ट्रैक्टर पर सवार होकर जलमग्न गांवों में बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचा रही हैं।

ट्रैक्टर पर राशन लादकर बाढ़ के पानी में उतरीं महिला अफसर

शाहकुंड प्रखंड की दर्जनों पंचायतें इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। कई मुख्य मार्ग और ग्रामीण सड़कें पूरी तरह डूब चुकी हैं, जिससे सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद हो चुकी है।

ऐसे विकट हालातों में भी CO हर्षा कोमल का हौसला पस्त नहीं हुआ। वे खुद ट्रैक्टर पर सूखा राशन लादकर प्रभावित इलाकों का रुख कर रही हैं। जहां ट्रैक्टर जाना मुश्किल हुआ, वहां वे बिना झिझक खुद बाढ़ के पानी में उतरकर लोगों तक राहत पैकेज पहुंचाने में जुट गईं।

ग्रामीण बोले- “लीजिए, ‘ट्रैक्टर वाली मैडम’ आ गईं!”

बाढ़ की विभीषिका झेल रहे ग्रामीणों के बीच CO की यह जमीनी सक्रियता उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। जैसे ही दूर से ट्रैक्टर गांव की ओर आता दिखता है, राहत का इंतजार कर रहे ग्रामीण खुशी से कह उठते हैं— “लीजिए, ‘ट्रैक्टर वाली मैडम’ आ गईं!”

अंचलाधिकारी का यह कर्तव्यनिष्ठ रवैया और आपदा के समय सीधे जनता के बीच पहुंचने का जज्बा ग्रामीणों का दिल जीत रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मैडम CO का अंदाज

शाहकुंड की अंचलाधिकारी हर्षा कोमल का यह कार्यशैली और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आम नागरिक से लेकर जनप्रतिनिधि तक उनके इस कदम की सराहना कर रहे हैं।

मामले पर अंचलाधिकारी हर्षा कोमल का कहना है कि आपदा के इस संकट में हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है और जब तक हर पीड़ित को राहत नहीं मिल जाती, यह प्रयास लगातार जारी रहेगा।

बाढ़ की त्रासदी पर भारी पड़ी शिक्षा की लौ: भागलपुर के राहत शिविरों में शुरू हुए अस्थायी स्कूल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ के विकराल प्रकोप से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हजारों परिवार अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को विवश हैं। ऐसे संकट के समय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है। राहत शिविरों में ही अस्थायी विद्यालय (टेंपरेरी स्कूल) बनाकर बच्चों की शिक्षा का ढांचा तैयार किया गया है।

पॉलिटेक्निक कॉलेज शिविर में स्कूल जैसा माहौल, लग रहीं नियमित कक्षाएं

भागलपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित राहत शिविर में बाकायदा एक आम विद्यालय जैसा माहौल तैयार किया गया है। शिविर के अंदर बच्चों के बैठने के लिए बेंच-डेस्क लगाए गए हैं और पढ़ाई के लिए ब्लैक बोर्ड की व्यवस्था की गई है।

प्रतिनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाएं समय पर पहुंचकर बच्चों की नियमित कक्षाएं ले रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी व्यस्त रखा जा रहा है, ताकि वे बाढ़ के तनाव और डर से मुक्त रह सकें।

आपदा में उम्मीद की नई किरण, नहीं टूटेगा पढ़ाई का सिलसिला

बाढ़ के कारण अपने गांव, घर और स्कूल से दूर हुए मासूम बच्चों के लिए यह अस्थायी स्कूल उम्मीद की एक नई किरण साबित हो रहा है। राहत शिविर में पढ़ाई का यह जरिया बच्चों को अपने सहपाठियों से जोड़े रखने और उनका समय सार्थक बिताने में मदद कर रहा है।

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा और विस्थापन की इस कठिन घड़ी में भी नौनिहालों का शैक्षणिक सत्र खराब न हो और उनका ज्ञानार्जन निरंतर चलता रहे।

अभिभावकों ने जताई राहत, प्रशासन के प्रयास की सराहना

राहत शिविर में रह रहे अभिभावकों ने जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल पर संतोष और खुशी व्यक्त की है। उनका कहना है कि बाढ़ ने उनका घर और आजीविका भले छीन ली हो, लेकिन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने का यह प्रयास बेहद सराहनीय है।

भागलपुर के सबौर में जीआर राशि और राशन की मांग को लेकर भड़कीं महिलाएं, अंचल कार्यालय का किया घेराव

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रभावित लोगों के धैर्य का बांध अब टूटने लगा है। सबौर अंचल में बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं अब सीधे प्रशासनिक दहलीज तक पहुंच गई हैं। जीआर (सरकारी सहायता) राशि और सूखा राशन न मिलने से नाराज दर्जनों बाढ़ पीड़ित महिलाओं ने सबौर अंचल कार्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और अधिकारियों का घेराव किया।

घर डूबा, खाने के पड़े लाले: अंचल कार्यालय परिसर में मचा हड़कंप

बाढ़ प्रभावित इलाकों से बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं के प्रदर्शन के कारण सबौर अंचल कार्यालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पीड़ित महिलाओं का कहना है कि बाढ़ का पानी उनके घरों में घुस चुका है, जिससे उनका सब कुछ जलमग्न हो गया है। परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी और पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद अब तक सभी प्रभावित परिवारों तक सरकारी राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई है।

अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप, जीआर राशि और राशन की उठाई मांग

प्रदर्शन कर रही महिला प्रमिला देवी और अन्य बाढ़ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वे पिछले कई दिनों से मदद के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं। जब प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो मजबूरन उन्हें एकजुट होकर अंचल कार्यालय का रुख करना पड़ा।

महिलाओं की मुख्य मांगें:

  • जीआर राशि का भुगतान: बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति परिवार मिलने वाली जीआर सहायता राशि जल्द जारी की जाए।
  • राशन वितरण: सूखा राशन और पीने का पानी तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
  • पारदर्शिता: राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार वंचित न रहे।

प्रशासनिक हस्तक्षेप और पारदर्शी वितरण का आश्वासन

महिलाओं के घेराव के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। पीड़ितों ने प्रशासन से साफ शब्दों में कहा कि यदि उन्हें समय पर राहत नहीं मिली, तो वे आंदोलन तेज करने को विवश होंगे। अधिकारियों ने निष्पक्षता से जांच करवाकर सभी पात्र बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का आश्वासन दिया है।

बाढ़ के संकट के बीच राहत शिविर में आंगनबाड़ी कर्मियों ने गर्भवती शोभा देवी की कराई गोद भराई, लगाया सिंदूर

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Bhagalpur News: भागलपुर में बाढ़ के विकराल रूप ने लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हजारों बेघर लोग राहत शिविरों में दिन काटने को मजबूर हैं। हालांकि, इस आपदा और मुश्किल हालातों के बीच शहर के पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर स्थित बाढ़ राहत शिविर से एक बेहद खूबसूरत, भावुक और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है।

घर डूबा तो राहत शिविर बना खुशियों का जरिया

नाथनगर की रहने वाली सात महीने की गर्भवती शोभा देवी बाढ़ के कारण अपना घर छोड़कर अपने परिवार के साथ पॉलिटेक्निक कॉलेज के राहत शिविर में शरण लिए हुए हैं। हिंदू परंपरा के अनुसार गर्भावस्था के सातवें महीने में गोद भराई की रस्म होना आवश्यक था, लेकिन घर और गांव के जलमग्न होने से परिजन बेहद चिंतित थे।

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की पहल: पारंपरिक रीति-रिवाज से निभाई रस्म

पारिवारिक विवशता को देखते हुए राहत शिविर में तैनात आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका आगे आईं। उन्होंने शिविर के माहौल को उत्सव में बदलते हुए पूरी आत्मीयता से शोभा देवी की गोद भराई की रस्म संपन्न कराई।

  • पारंपरिक रस्म: सेविका ने पारंपरिक रीति-रिवाज का पालन करते हुए गर्भवती शोभा देवी को सिंदूर लगाया और मंगल गीतों के बीच रस्म पूरी की।
  • पोषण व स्वास्थ्य देखभाल: रस्म के बाद उन्हें पौष्टिक आहार (पोषण फल व सामग्री) भेंट किया गया और उनकी स्वास्थ्य जांच भी कराई गई।

मुसीबत के दौर में खिल उठे परिजनों के चेहरे

घर-बार छूटने के दर्द के बीच इस आयोजन ने पीड़ित परिवार को काफी राहत दी। परिजनों ने बताया कि बाढ़ के कारण घर पर यह परंपरा पूरी होना असंभव लग रहा था, लेकिन आंगनबाड़ी कर्मियों के इस सराहनीय प्रयास से खुशियों का एक अनमोल पल मिल गया।

महिला पर्यवेक्षिका रंजना भारती और गर्भवती की परिजन रेखा देवी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारियों को निभाना ही सही मायने में सेवा है।

भागलपुर के हीलिंग टच अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल: सवा 2 लाख वसूलने के बाद भी नहीं मिलने देने का आरोप, परिजनों का भारी हंगामा

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Bhagalpur News: भागलपुर के तिलकामांझी स्थित हीलिंग टच अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जोरदार हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने और परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।

बुखार के बाद कराया गया था भर्ती, अचानक आई मौत की खबर

जीरो माइल निवासी मृतक निर्मल कुमार यादव को बुधवार को बुखार की शिकायत के बाद हीलिंग टच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का दावा है कि बुधवार शाम करीब 5:00 बजे तक निर्मल की स्थिति सामान्य और ठीक थी। हालांकि, गुरुवार सुबह अचानक अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनकी मौत की सूचना दी गई, जिससे परिवार स्तब्ध रह गया।

सवा दो लाख रुपये का बिल, मरीज से मिलने पर रोके जाने का आरोप

मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और निर्मल से मिलने की मांग करने लगे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर और अस्पताल के गार्ड्स ने उन्हें मिलने से रोक दिया और पहले बकाया बिल का भुगतान करने की शर्त रखी।

परिजनों का कहना है कि महज एक दिन के इलाज के लिए वे अस्पताल को लगभग सवा दो लाख रुपये दे चुके थे। इसके बावजूद मरीज की मौत के बाद परिजनों को देखने तक नहीं दिया गया, जिससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने अस्पताल के बाहर घंटों विरोध-प्रदर्शन किया।

अस्पताल प्रबंधन ने सफाई में कहा- डॉक्टर के हाथ में सब कुछ नहीं, मारपीट का भी आरोप

दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि मरीज को बचाने का हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति उनके हाथ में नहीं थी।

साथ ही अस्पताल प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया है कि हंगामे के दौरान आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ और कर्मचारियों के साथ मारपीट की।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, जांच के बाद साफ होगी वजह

हंगामे के दौरान परिजनों ने मौके पर पहुंची पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस अस्पताल प्रशासन का पक्ष ले रही है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

इलाज में लापरवाही हुई या मरीज की हालत अचानक बिगड़ी, इसका सही कारण मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है।

भागलपुर के पीरपैंती में युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, पुरानी रंजिश में वारदात की आशंका

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के इशीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दौलतपुर और बाराहाट-नंदलालपुर मुख्य मार्ग पर योगीवीर पहाड़ी के समीप अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान झारखंड के साहिबगंज जिले के शोभनपुर भट्ठा दहाड़ी डेरा निवासी राजगृह यादव के 30 वर्षीय पुत्र उत्तम कुमार यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

ससुराल आया था उत्तम, सामान खरीदकर लौटते वक्त अपराधियों ने बनाया निशाना

जानकारी के अनुसार, उत्तम कुमार यादव पिछले लगभग दस दिनों से अपनी ससुराल दौलतपुर में रह रहा था। बुधवार को वह बिजली वायरिंग का सामान खरीदने के लिए साहिबगंज के एक मिस्त्री के साथ इशीपुर बाराहाट बाजार गया था। सामान खरीदकर जब वह वापस लौट रहा था, तभी योगीवीर पहाड़ी के पास बाइक सवार अपराधियों ने उसकी बाइक को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

गोली सीधे उत्तम को लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।

अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, परिजनों में मचा कोहराम

घटना की सूचना तुरंत स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही इशीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आनन-फानन में घायल उत्तम को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

गोतिया विवाद में हत्या का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

मृतक की पत्नी राजनंदनी कुमारी ने बताया कि उनके पति की अपने ही गांव में गोतिया पक्ष के साथ काफी समय से पुरानी दुश्मनी चल रही थी। परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश के तहत साजिश के तहत उत्तम की हत्या की गई है। परिजनों ने एक गोतिया पर इस वारदात में शामिल होने का सीधा आरोप लगाया है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों तथा चश्मदीदों के बयानों के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटीं DM अलंकृता पांडेय, सबौर अंचल के कम्युनिटी किचन का किया औचक निरीक्षण

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने सबौर अंचल के फरका पंचायत और शंकरपुर में संचालित सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) केंद्रों का बुधवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान DM ने बाढ़ पीड़ितों को दी जा रही भोजन की गुणवत्ता, बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी राहत सुविधाओं का गहन जायजा लिया।

भोजन की गुणवत्ता और समय पर वितरण के सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। बाढ़ पीड़ितों को समय पर पोषणयुक्त भोजन मिले, इसके लिए उन्होंने नया समय निर्धारित किया:

  • सुबह का भोजन: सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक
  • शाम का भोजन: शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक

DM ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर हर जरूरतमंद व्यक्ति तक स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचना अनिवार्य है।

पॉलीथिन शीट वितरण और अद्यतन रिकॉर्ड का आदेश

राहत कार्यों को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिलाधिकारी ने निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा:

  • प्रतिदिन का डेटा: सामुदायिक रसोई में हर दिन कितने लोगों ने भोजन किया, इसका एक सटीक और अद्यतन (updated) रजिस्टर/रिकॉर्ड मेंटेन किया जाए।
  • राहत सामग्री वितरण: बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय के लिए पॉलीथिन शीट सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्री बिना किसी देरी के समय पर उपलब्ध कराई जाए।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार सामुदायिक रसोई की निगरानी करें और स्वच्छता एवं व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि पीड़ितों को इस संकट की घड़ी में कोई असुविधा न हो।