Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रभावित लोगों के धैर्य का बांध अब टूटने लगा है। सबौर अंचल में बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं अब सीधे प्रशासनिक दहलीज तक पहुंच गई हैं। जीआर (सरकारी सहायता) राशि और सूखा राशन न मिलने से नाराज दर्जनों बाढ़ पीड़ित महिलाओं ने सबौर अंचल कार्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया और अधिकारियों का घेराव किया।
घर डूबा, खाने के पड़े लाले: अंचल कार्यालय परिसर में मचा हड़कंप
बाढ़ प्रभावित इलाकों से बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं के प्रदर्शन के कारण सबौर अंचल कार्यालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि बाढ़ का पानी उनके घरों में घुस चुका है, जिससे उनका सब कुछ जलमग्न हो गया है। परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी और पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद अब तक सभी प्रभावित परिवारों तक सरकारी राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई है।
अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप, जीआर राशि और राशन की उठाई मांग
प्रदर्शन कर रही महिला प्रमिला देवी और अन्य बाढ़ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वे पिछले कई दिनों से मदद के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं। जब प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो मजबूरन उन्हें एकजुट होकर अंचल कार्यालय का रुख करना पड़ा।
महिलाओं की मुख्य मांगें:
- जीआर राशि का भुगतान: बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति परिवार मिलने वाली जीआर सहायता राशि जल्द जारी की जाए।
- राशन वितरण: सूखा राशन और पीने का पानी तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
- पारदर्शिता: राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार वंचित न रहे।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और पारदर्शी वितरण का आश्वासन
महिलाओं के घेराव के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। पीड़ितों ने प्रशासन से साफ शब्दों में कहा कि यदि उन्हें समय पर राहत नहीं मिली, तो वे आंदोलन तेज करने को विवश होंगे। अधिकारियों ने निष्पक्षता से जांच करवाकर सभी पात्र बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का आश्वासन दिया है।


