Home Blog Page 23

बाढ़ के बीच गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकालने की पहल, भागलपुर में संस्थागत प्रसव पर जोर

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारी शुरू की है। बाढ़ प्रभावित और संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों और नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने की पहल की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आशा कार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में घर-घर संपर्क कर गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटा रहे हैं। महिलाओं की प्रसव की संभावित तिथि (EDD), गर्भावस्था की स्थिति और जोखिम के संकेतों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता तय की जा रही है।

प्रसव की तारीख नजदीक तो पहले अस्पताल पहुंचाने पर जोर

बाढ़ के दौरान सबसे बड़ी चुनौती अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर महिला को अस्पताल तक पहुंचाने की होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की संभावित तारीख नजदीक है, उन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने या सड़क संपर्क बाधित होने से पहले सुरक्षित रूप से स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए पहले से अस्पताल में भर्ती कराने या आवश्यकतानुसार दूसरे स्वास्थ्य संस्थान में स्थानांतरित करने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने टीमों को किया अलर्ट

इस अभियान में चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधन, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्यकर्मी आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार परिवहन और रेफरल व्यवस्था को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि आपात स्थिति में किसी भी गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने में देरी न हो। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

गर्भवती महिलाओं से अंतिम समय तक इंतजार नहीं करने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि यदि प्रसव की संभावित तारीख नजदीक है तो अंतिम समय तक घर पर इंतजार न करें। समय रहते आशा कार्यकर्ता या नजदीकी स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क कर सुरक्षित संस्थागत प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट संदेश है कि बाढ़ के दौरान मां और बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संभावित जोखिम को पहले ही कम किया जाए।

“बाढ़ के बीच जोखिम नहीं, समय पर सुरक्षित संस्थागत प्रसव ही मां और शिशु की पहली सुरक्षा है।”

खुटाहा हादसे में 5 मौतों पर प्रशासन का बड़ा फैसला, 12 सितंबर को आश्रितों को मिलेगा ₹20 लाख का अनुग्रह अनुदान

0

Bhagalpur News: भागलपुर के गोराडीह अंचल अंतर्गत खुटाहा पंचायत में पानी में डूबने से हुई पांच लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि देने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। प्रशासन की ओर से सभी पांच मृतकों के आश्रितों के बीच कुल ₹20 लाख की राशि वितरित की जाएगी।

जिला प्रशासन के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को अमावस्या पर्व के दौरान खुटाहा पंचायत में सड़क किनारे जमा गहरे पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। बताया गया कि एक व्यक्ति सड़क किनारे जमा गहरे पानी में चला गया था। उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी गहरे पानी में चले गए, जिसके बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ।

हादसे में पांच लोगों की गई जान

इस हादसे में मंजू देवी (35 वर्ष), अभिषेक कुमार (10 वर्ष), सोनाक्षी कुमारी (13 वर्ष), अक्षय कुमार (8 वर्ष) और अंशु प्रिया (17 वर्ष) की डूबने से मृत्यु हुई।

घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। हादसे ने जलजमाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

प्रत्येक मृतक के आश्रित को ₹4 लाख

जिला प्रशासन ने आपदा की स्थिति में निर्धारित प्रावधानों के तहत मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान देने का निर्णय लिया है। 12 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे समीक्षा भवन में पांचों मृतकों के आश्रितों के बीच चेक वितरित किए जाएंगे।

प्रत्येक मृतक के आश्रित को ₹4 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि दी जाएगी। इस तरह पांच मृतकों के आश्रितों को कुल ₹20 लाख की राशि प्रदान की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

हादसे के बाद जिला प्रशासन ने आम लोगों से जलजमाव वाले इलाकों और गहरे पानी के पास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा उपायों का पालन करने और ऐसे स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा है।

खासकर बाढ़ और जलजमाव की स्थिति में सड़क किनारे जमा पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से बच्चों को गहरे पानी और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है।

भागलपुर में बाढ़ के बीच तटबंधों पर बढ़ी निगरानी, डीएम-एसपी ने संवेदनशील स्थलों का किया निरीक्षण

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ और तटबंधों पर बढ़ते दबाव के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शुक्रवार को जिलाधिकारी भागलपुर, पुलिस अधीक्षक नवगछिया एवं अनुमंडल पदाधिकारी नवगछिया ने रंगरा और गोपालपुर प्रखंड के विभिन्न बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील तटबंधों का स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कटाव, ब्रीच और तटबंधों की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया तथा चल रहे बचाव और सुरक्षात्मक कार्यों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी बांध में हुए करीब 20 फीट के कटाव स्थल को विशेष रूप से देखा गया। अधिकारियों ने वहां चल रहे डॉवल निर्माण, बांस पाइलिंग, एनसी कार्य और बालू से भरे बोरों को लगाने के कार्यों की जानकारी ली। नदी की तरफ से तटबंध को मजबूत करने के लिए प्लास्टिक शीट की परत लगाकर उसके ऊपर बालू से भरे बोरे लगाए जा रहे हैं।

प्रशासन की ओर से बांध पर ओवरटॉपिंग के पानी को नियंत्रित करने के लिए भी आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने संबंधित टीमों को काम में तेजी लाने और संवेदनशील हिस्सों पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया।

रात में बने ब्रीच को किया गया नियंत्रित

अधिकारियों ने ब्रह्मोत्तर बांध का भी निरीक्षण किया। यहां रात के समय उत्पन्न हुए ब्रीच को नियंत्रित कर लिया गया है। मौके पर जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम से ब्रीच की वर्तमान स्थिति और किए गए निरोधात्मक कार्यों की जानकारी ली गई।

ब्रीच को नियंत्रित करने में जल संसाधन विभाग की टीम के साथ स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका की भी अधिकारियों ने सराहना की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तटबंधों की सुरक्षा में स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करना जरूरी है।

धोबनिया और बुढ़िया बांध पर भी नजर

निरीक्षण के दौरान धोबनिया बांध, बुढ़िया बांध समेत अन्य संवेदनशील स्थलों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिया कि संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर बिना देरी तत्काल कार्रवाई की जाए।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद तकनीकी टीमों को तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

बाढ़ प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की पैनी नजर

भागलपुर में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय हैं। तटबंधों पर कटाव और पानी के दबाव को देखते हुए निरोधात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्य लगातार जारी हैं।

प्रशासन का फोकस फिलहाल तटबंधों को सुरक्षित रखने, संभावित ब्रीच को समय रहते नियंत्रित करने और बाढ़ के प्रभाव को कम करने पर है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने और संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

राघोपुर में बाढ़ की भयावह तस्वीर देख भड़के पप्पू यादव, 100 से अधिक महिलाओं को बांटी आर्थिक मदद

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सरकारी राहत व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। सांसद ने राघोपुर के वार्ड नंबर 8 और 9 में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अपनी ओर से 100 से अधिक बाढ़ प्रभावित महिलाओं को नगद आर्थिक सहायता भी दी।

पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानियों को करीब से देखा। ग्रामीणों ने बिजली, नाव और राहत सामग्री सहित कई जरूरी सुविधाओं की कमी की शिकायत सांसद से की। सांसद ने प्रशासन और सरकार से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की।

बाढ़ पीड़ित परिवारों को निजी स्तर पर आर्थिक मदद

राघोपुर दौरे के दौरान पप्पू यादव ने लोदीपुर निवासी बादल मंडल और सिकंदर मंडल के परिजनों से मुलाकात की और दोनों परिवारों को अपनी ओर से 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।

इसके अलावा सांसद ने कोयली खुटाहा में हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की।

बिजली, नाव और राहत को लेकर सरकार पर सवाल

पप्पू यादव ने कहा कि राघोपुर समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। खैरपुर और अतगामा के समीप बांध पर भी संकट की स्थिति बनी हुई है। उनके मुताबिक कई परिवारों को बाढ़ के बीच मुश्किल हालात में रहना पड़ रहा है।

सांसद ने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों तक सरकारी राहत पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि बिजली और नाव जैसी जरूरी सुविधाओं के अभाव में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

70 लाख की नाव डूबी, नुकसान की भरपाई की मांग

सांसद ने सिकंदर मंडल की नाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि करीब 70 लाख रुपये खर्च कर जमीन बेचकर नाव तैयार की गई थी, जो बाढ़ में डूब गई। पप्पू यादव ने नाव के नुकसान की भरपाई के लिए भी सरकार से आर्थिक सहायता देने की मांग की।

कोयली खुटाहा हादसे में मृतकों के परिवारों से मिले

गोराडीह प्रखंड के कोयली खुटाहा गांव में हुए हादसे का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि हादसे में पांच लोगों की डूबने से मौत हुई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दी।

सांसद ने सरकार से मांग की कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि संकट की इस घड़ी में परिवारों को कुछ आर्थिक सहारा मिल सके।

15 दिनों से लापता बादल मंडल के परिवार से भी मिले

पप्पू यादव ने करीब 15 दिनों से लापता बादल मंडल के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें तत्काल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने कहा कि किसी परिवार का सदस्य इतने लंबे समय तक लापता रहे और परिवार को अंतिम विदाई तक न मिल पाए, इससे ज्यादा पीड़ादायक स्थिति की कल्पना करना मुश्किल है।

एंटी-इरोजन और फ्लड फाइटिंग के खर्च पर उठाए सवाल

सांसद ने बाढ़ नियंत्रण के नाम पर होने वाले सरकारी खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने एंटी-इरोजन और फ्लड फाइटिंग कार्यों में खर्च होने वाली राशि की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वर्षों से सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के नाम पर बड़ी रकम खर्च की जा रही है, लेकिन इसका अपेक्षित लाभ बाढ़ प्रभावित जनता को नहीं मिल रहा है।

उन्होंने इस पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही

पप्पू यादव ने कहा कि वे बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने पिछले करीब 40 वर्षों में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था से जुड़े कार्यों में शामिल ठेकेदारों, कथित माफिया और संबंधित पदाधिकारियों की संपत्तियों की जांच की मांग करने की बात कही।

सांसद ने कहा कि बाढ़ गरीबों की नियति नहीं, बल्कि व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना उनका धर्म और कर्तव्य है।

बिहार के 1.17 लाख किसानों को 104.46 करोड़ की फसल सहायता, बाढ़ प्रभावित किसान 31 अक्टूबर तक करें आवेदन

0

Patna News: बिहार सरकार ने किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत 1 लाख 17 हजार 708 किसानों के बैंक खातों में 104 करोड़ 46 लाख 46 हजार 405 रुपये की सहायता राशि का भुगतान किया है। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष से यह राशि लाभुक किसानों के खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे अंतरित की।

इस मौके पर मंत्री ने नौ चयनित किसानों को सांकेतिक रूप से चेक भी प्रदान किया। उन्होंने बताया कि खरीफ 2024 मौसम के लिए प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद 714 पंचायतों के 1,17,708 किसान सहायता राशि के लिए पात्र पाए गए हैं।

प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान पर किसानों को आर्थिक सहारा

सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना सरकार की महत्वपूर्ण किसान हितैषी योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल की उपज में कमी आने पर किसानों को आर्थिक सहायता देकर संकट की स्थिति में उनका सहयोग करना है।

उन्होंने कहा कि यह योजना पूरी तरह निःशुल्क है। किसानों को इसके लिए किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना पड़ता। फसल क्षति की स्थिति में मिलने वाली सहायता राशि किसानों को आर्थिक परेशानी से उबरने और अगली फसल की तैयारी जारी रखने में मदद करती है।

बाढ़ प्रभावित किसानों को भी मिलेगा योजना का लाभ

बिहार में वर्तमान में कई इलाकों के किसान बाढ़ की मार झेल रहे हैं। ऐसे में फसल क्षति से प्रभावित किसानों के लिए भी यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मंत्री ने कहा कि खरीफ 2026 में फसल क्षति से प्रभावित पात्र किसानों को बिहार राज्य फसल सहायता योजना का लाभ दिया जाएगा।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और 31 अक्टूबर 2026 तक अपना आवेदन जरूर करें।

फसल नुकसान पर अधिकतम 20 हजार रुपये तक सहायता

योजना के तहत फसल की वास्तविक उपज और निर्धारित थ्रेसहोल्ड उपज के बीच नुकसान के आधार पर किसानों को सहायता राशि दी जाती है।

  • 20 प्रतिशत तक फसल क्षति होने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाएगी।
  • अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए किसान को 15,000 रुपये तक मिलेंगे।
  • 20 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता मिलेगी।
  • अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए किसान को 20,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

सहायता की राशि पात्र किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे भेजी जाती है।

राज्य सरकार अपने स्तर पर चला रही योजना

बिहार राज्य फसल सहायता योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार की निधि से किया जा रहा है। यानी किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी बीमा कंपनी को प्रीमियम नहीं देना होता।

खरीफ 2024 के लिए धान और मकई को पंचायत स्तर की फसल के रूप में अधिसूचित किया गया था। वहीं सोयाबीन, आलू, बैंगन, टमाटर और गोभी को जिलास्तरीय फसल के रूप में शामिल किया गया था।

रबी 2024-25 के किसानों को भी जल्द मिलेगा भुगतान

विभाग के अनुसार रबी 2024-25 मौसम के लिए उपज दर के आंकड़ों के आधार पर पात्र ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन जारी है। यह सत्यापन जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) द्वारा कराया जा रहा है।

सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र पाए जाने वाले और भुगतान के लिए अनुशंसित किसानों को भी जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

किसानों के लिए सरकार का सीधा आर्थिक सहयोग

बिहार सरकार की इस पहल से बड़ी संख्या में किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल रही है। खासकर बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए यह योजना खेती से जुड़े खर्चों को संभालने में मददगार हो सकती है।

सरकार ने पात्र किसानों से समय पर आवेदन करने की अपील की है, ताकि फसल क्षति का आकलन और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिला अस्पतालों में अब बढ़ेंगी सर्जरी की सुविधाएं, 6 जिलों की समीक्षा में स्वास्थ्य सचिव के सख्त निर्देश

0

Patna News: बिहार के जिला अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और अधिक व्यापक सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कवायद तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के छह जिलों के सदर अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं और सर्जरी की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सर्जरी की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सर्जरी के प्रकारों में भी लगातार विस्तार करने का निर्देश दिया।

समीक्षा में नवादा, किशनगंज, औरंगाबाद, बक्सर, गोपालगंज और जमुई के सदर अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। बैठक में बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सिर्फ संख्या नहीं, सर्जरी की विविधता बढ़ाने पर जोर

स्वास्थ्य सचिव ने सिविल सर्जनों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिला अस्पतालों में केवल ऑपरेशन की संख्या बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। अस्पतालों में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों, ऑपरेशन थिएटर और चिकित्सा संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए सर्जरी के अलग-अलग प्रकारों को बढ़ाया जाए।

उन्होंने कहा कि कई जिला अस्पतालों में अभी भी Lower Segment Caesarean Section (LSCS) जैसी सर्जरी का हिस्सा अधिक है। इसके साथ ही सामान्य सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग, ईएनटी और अन्य जटिल सर्जिकल सेवाओं को भी मजबूत करने की जरूरत है।

स्वास्थ्य सचिव ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को केवल ओपीडी सेवाओं तक सीमित नहीं रखने और उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप मरीजों को जिला स्तर पर ही सर्जिकल उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

छह जिलों में अगस्त की सर्जरी का आंकड़ा

अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक छह जिलों के सदर अस्पतालों में सर्जरी की स्थिति इस प्रकार रही—

  • नवादा: 224 सर्जरी, 7 प्रकार
  • बक्सर: 80 सर्जरी, 7 प्रकार
  • गोपालगंज: 80 सर्जरी, 6 प्रकार
  • जमुई: 89 सर्जरी, 4 प्रकार
  • किशनगंज: 63 सर्जरी, 4 प्रकार
  • औरंगाबाद: 38 सर्जरी, 5 प्रकार

समीक्षा के दौरान औरंगाबाद, बक्सर और गोपालगंज में पिछले महीनों की तुलना में सर्जरी की संख्या में आई कमी पर स्वास्थ्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थिति में सुधार लाने और सर्जिकल सेवाओं को नियमित रूप से मॉनिटर करने के निर्देश दिए।

अनावश्यक रेफरल पर भी रोक लगाने का निर्देश

स्वास्थ्य सचिव ने जिला अस्पतालों से होने वाले अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जिन मरीजों का इलाज और सर्जरी जिला अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से संभव है, उन्हें बेवजह दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाना चाहिए।

इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित समीक्षा, अस्पतालों में टीम भावना के साथ काम और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल को जरूरी बताया गया।

तीन महीने में सर्जरी की संख्या में बड़ा इजाफा

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिला अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों का असर आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। जून 2026 में जिला अस्पतालों में कुल 2,428 सर्जरी हुई थीं। यह संख्या जुलाई में बढ़कर 5,650 और अगस्त में 8,209 तक पहुंच गई।

यानी जुलाई की तुलना में अगस्त 2026 में सर्जरी की संख्या में 45.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे जिला अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर, विशेषज्ञ चिकित्सकों और उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।

वैशाली समेत कई जिलों का बेहतर प्रदर्शन

अगस्त 2026 में कई जिला अस्पतालों ने सर्जरी के मामले में बेहतर प्रदर्शन किया। इनमें वैशाली जिला अस्पताल में 651, पटना में 587, अररिया में 529, मधेपुरा में 494 और भोजपुर में 362 सर्जरी दर्ज की गईं।

स्वास्थ्य विभाग का जोर अब ऐसे प्रदर्शन को अन्य जिला अस्पतालों में भी दोहराने पर है, ताकि मरीजों को छोटी-बड़ी सर्जरी के लिए अनावश्यक रूप से मेडिकल कॉलेज या दूसरे बड़े अस्पतालों की ओर न जाना पड़े।

सर्जरी के प्रकार भी लगातार बढ़ रहे

सिर्फ ऑपरेशन की संख्या ही नहीं, बल्कि सर्जरी के प्रकारों में भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। अगस्त 2026 में बेगूसराय जिला अस्पताल में 60 प्रकार, पटना में 53, नालंदा में 42, भोजपुर में 40 और मुजफ्फरपुर में 33 प्रकार की सर्जरी उपलब्ध कराई गईं।

जुलाई की तुलना में विशेषज्ञ सर्जिकल सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। ईएनटी सर्जरी में 471.7 प्रतिशत, ऑर्थोपेडिक्स में 296.2 प्रतिशत, नेत्र रोग में 174.3 प्रतिशत और जनरल सर्जरी में 66.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिला अस्पतालों को अधिक सक्षम बनाना है, ताकि मरीजों को अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण इलाज और जरूरी सर्जिकल सुविधाएं मिल सकें। स्वास्थ्य सचिव के निर्देशों के बाद अब संबंधित जिलों में सर्जरी की संख्या के साथ-साथ सर्जरी की विविधता, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और अनावश्यक रेफरल की भी नियमित निगरानी की जाएगी।

भागलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत 849 ग्राम गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री व तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के निर्देश पर “स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर” नामक विशेष महाअभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बरामदगी के लिए चिन्हित हॉट-स्पॉट्स पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

इसी कड़ी में शाहकुण्ड थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है, जहाँ पुलिस ने 849 ग्राम गांजा के साथ एक कुख्यात तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शाहकुण्ड थाना को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि बनामा गाँव निवासी मृत्युंजय कुमार उर्फ सागर सिंह (पिता- महेंद्र नारायण सिंह) अपने घर पर अवैध मादक पदार्थ (गांजा) का संग्रह कर उसकी खरीद-बिक्री कर रहा है।

सूचना का सत्यापन होते ही वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था) व शाहकुण्ड थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

घर से बरामद हुआ 849 ग्राम गांजा

गठित टीम द्वारा शाहकुण्ड थाना क्षेत्र के बनामा मोड़ के पास स्थित मृत्युंजय कुमार उर्फ सागर सिंह के घर पर अचानक विधिवत छापेमारी की गई। घर की गहन तलाशी लेने पर वहाँ से 849 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी मृत्युंजय कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिक दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

एक नज़र में मामला 

विवरणजानकारी
गिरफ्तार अभियुक्तमृत्युंजय कुमार उर्फ सागर सिंह (पिता- महेंद्र नारायण सिंह)
पताग्राम- बनामा, थाना- शाहकुण्ड, जिला- भागलपुर
बरामदगी849 ग्राम अवैध गांजा
अभियान“स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर”

छापेमारी दल में शामिल पुलिसकर्मी:

  1. पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष पवन कुमार (शाहकुण्ड थाना)
  2. पु०अ०नि० शशिभूषण कुमार (शाहकुण्ड थाना)
  3. पु०अ०नि० रंजीत कुमार (शाहकुण्ड थाना)
  4. पु०अ०नि० मुकेश कुमार सिंह (शाहकुण्ड थाना)
  5. सशस्त्र बल, शाहकुण्ड थाना

भागलपुर में दिनदहाड़े भाजपा मंडल अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार अपराधियों ने दिया वारदात को अंजाम

0

Crime News: बिहार के भागलपुर में अपराधियों ने दिनदहाड़े बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए भाजपा मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना बबरगंज थाना क्षेत्र के कुतुबगंज मोहल्ले की है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार अपराधियों ने पप्पू को निशाना बनाकर गोली मारी और मौके से फरार हो गए। गोली लगने के बाद उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही बबरगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

सिटी एसपी ने घटनास्थल का लिया जायजा

घटना की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के सिटी एसपी अतुलेश झा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।

सिटी एसपी ने बताया कि वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

भाजपा विधायक रोहित पांडे भी पहुंचे मौके पर

भाजपा मंडल अध्यक्ष की हत्या की जानकारी मिलने के बाद भाजपा विधायक रोहित पांडे भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की।

फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है और CCTV फुटेज के आधार पर वारदात से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं।

दिनदहाड़े भाजपा नेता की हत्या ने एक बार फिर भागलपुर में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, संवाददाता, भागलपुर

बिहार में 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 13 प्रमुख घटकों के जरिए जनभागीदारी और सरकारी योजनाओं का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार

0

Patna News: बिहार में जनभागीदारी, सेवा कार्यों और सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। इसी को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव और सचिव मौजूद रहे, जबकि सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अभियान के 13 प्रमुख घटकों की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय-सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया।

‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी अभियान की शुरुआत

‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत बिहार के प्रत्येक घर के साथ-साथ हर जिले के कम-से-कम 10 प्रमुख और प्रतीकात्मक सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्वलन कराया जाएगा। लोगों तक दीया पहुंचाने की व्यवस्था जीविका, नगर निकायों और जन वितरण प्रणाली के माध्यम से की जाएगी।

स्कूलों में होंगी चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सरकारी और निजी स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके तहत ‘विकसित भारत संकल्प’ विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। इसी दौरान अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी PTM भी आयोजित की जाएगी।

नुक्कड़ नाटक से लोगों तक पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी

‘सेवा स्मरण’ कार्यक्रम के तहत पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों और योजनाओं पर आधारित 18 से 20 नाट्य टोलियां बनाई जाएंगी। ये टोलियां स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी। 2 अक्टूबर को विशेष मंचन भी किया जाएगा।

वहीं, 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय आयोजन होगा। इसमें आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, लाभार्थी माताओं से संवाद, बच्चों की मनोरंजक गतिविधियां तथा पोषण और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी की कहानियां होंगी सामने

‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की वास्तविक कहानियों को रील्स और लघु वीडियो के माध्यम से संकलित किया जाएगा। इसके लिए जिला और राज्य स्तर पर डिजिटल डेटा-बैंक तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के तहत पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियां निकाली जाएंगी। इसमें ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवक भाग लेंगे और कार्यक्रम के समापन पर ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

‘सरकार आपके द्वार’ से लोगों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र सरकार की 26 प्रमुख योजनाओं सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का मौके पर ही लाभ दिलाने और आवेदन के निष्पादन की व्यवस्था की जाएगी।

वहीं, ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत तालाबों और छठ घाटों की सफाई, वृक्षारोपण और स्वच्छता से जुड़ी 25 गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम दो स्थानों पर प्रत्यक्ष बदलाव सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

नवाचार और युवाओं की भागीदारी पर भी जोर

स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान के लिए ‘नवाचार चुनौती’ शुरू की जाएगी। उद्योग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और स्टार्टअप्स से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

‘जनसेवक महाकुंभ’ के तहत पंचायतों और नगर निकायों के सक्रिय एवं योग्य जनप्रतिनिधियों की सूची तैयार कर उनकी राज्यस्तरीय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ मार्च 2027 तक चलेगा

मुख्य अभियान के साथ बिहार में 17 सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ भी चलाया जाएगा। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज तथा नगर विकास एवं आवास विभाग से जुड़े कार्य किए जाएंगे।

अधिकारियों को सभी प्रकार के मरम्मत कार्य 30 नवंबर तक पूरा करने, सभी सरकारी भवनों का रंग-रोगन दिवाली तक पूरा कराने और स्वीकृत नए निर्माण कार्यों को मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा करने की सख्त समय-सीमा दी गई है।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह अभियान जनभागीदारी, सरकारी योजनाओं की पहुंच, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा सहभागिता और सरकारी परिसंपत्तियों के कायाकल्प को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

भागलपुर में एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में डूबे 6 लोग, एक ही परिवार के 4 समेत 5 की मौत से मचा कोहराम

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर और बाढ़ का पानी अब जानलेवा साबित हो रहा है। बाईपास थाना क्षेत्र के कोयली खुटहा गांव में सड़क पर बने गहरे जलजमाव में डूबने से एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। एक-दूसरे को बचाने के क्रम में डूबने से एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।

खेत की ओर जा रहे थे ग्रामीण, सड़क पर बने गहरे पानी के गड्ढे में हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोयली खुटहा गांव के कुछ लोग गुरुवार को खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में सड़क पर बाढ़ का गहरा पानी जमा था। इसी दौरान एक व्यक्ति का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। उसे छटपटाता देख साथ मौजूद अन्य लोग भी उसे बचाने के लिए एक-एक कर पानी में उतर गए।

बाढ़ के पानी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा न होने के कारण एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में छह लोग पानी में समा गए।

अस्पताल में डॉक्टरों ने 5 को घोषित किया मृत, 1 की हालत गंभीर

चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सभी को पानी से बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद 5 लोगों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान:

  • मंचों देवी
  • सोनाक्षी कुमारी
  • प्रिंस कुमार
  • अभिषेक कुमार
  • अंशु प्रिया

मृतकों में चार लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं, जबकि एक पड़ोसी शामिल है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति का इलाज मायागंज अस्पताल में जारी है।

मायागंज अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार, पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही बाईपास थाना पुलिस, स्थानीय पंचायत के मुखिया देवेंद्र कुमार तथा ग्रामीण मायागंज अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण सड़कों और गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता है, जिससे ऐसे हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खतरनाक और गहरे जलजमाव वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।