Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ के विकराल प्रकोप से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हजारों परिवार अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को विवश हैं। ऐसे संकट के समय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है। राहत शिविरों में ही अस्थायी विद्यालय (टेंपरेरी स्कूल) बनाकर बच्चों की शिक्षा का ढांचा तैयार किया गया है।
पॉलिटेक्निक कॉलेज शिविर में स्कूल जैसा माहौल, लग रहीं नियमित कक्षाएं
भागलपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित राहत शिविर में बाकायदा एक आम विद्यालय जैसा माहौल तैयार किया गया है। शिविर के अंदर बच्चों के बैठने के लिए बेंच-डेस्क लगाए गए हैं और पढ़ाई के लिए ब्लैक बोर्ड की व्यवस्था की गई है।
प्रतिनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाएं समय पर पहुंचकर बच्चों की नियमित कक्षाएं ले रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी व्यस्त रखा जा रहा है, ताकि वे बाढ़ के तनाव और डर से मुक्त रह सकें।
आपदा में उम्मीद की नई किरण, नहीं टूटेगा पढ़ाई का सिलसिला
बाढ़ के कारण अपने गांव, घर और स्कूल से दूर हुए मासूम बच्चों के लिए यह अस्थायी स्कूल उम्मीद की एक नई किरण साबित हो रहा है। राहत शिविर में पढ़ाई का यह जरिया बच्चों को अपने सहपाठियों से जोड़े रखने और उनका समय सार्थक बिताने में मदद कर रहा है।
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा और विस्थापन की इस कठिन घड़ी में भी नौनिहालों का शैक्षणिक सत्र खराब न हो और उनका ज्ञानार्जन निरंतर चलता रहे।
अभिभावकों ने जताई राहत, प्रशासन के प्रयास की सराहना
राहत शिविर में रह रहे अभिभावकों ने जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल पर संतोष और खुशी व्यक्त की है। उनका कहना है कि बाढ़ ने उनका घर और आजीविका भले छीन ली हो, लेकिन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने का यह प्रयास बेहद सराहनीय है।


