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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मां स्व० पार्वती देवी की पुण्यतिथि पर प्रतिमा का किया अनावरण, बी०एड० कॉलेज तारापुर में दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड स्थित तारापुर (पार्वती नगर) के बी०एड० कॉलेज परिसर में अपनी पूज्य माता एवं तारापुर की पूर्व विधायक स्व० पार्वती देवी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थापित स्व० पार्वती देवी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मां के संस्कार और सेवा भावना सदैव प्रेरणादायी: सम्राट चौधरी

अपनी मां को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मातृशक्ति के रूप में उनका स्नेह, दिए गए संस्कार और समाज के प्रति सेवा भावना सदैव स्मरणीय रहेगी। स्व० पार्वती देवी जी का जीवन संघर्ष और उनके उच्च आदर्श आने वाली पीढ़ियों को निरंतर जनसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे। उनकी स्मृतियां परिवार और शुभचिंतकों के दिलों में हमेशा जीवंत रहेंगी।

पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी समेत स्वजनों ने दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी ने अपनी धर्मपत्नी स्व० पार्वती देवी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। परिवार के अन्य सदस्यों, समर्थकों और स्थानीय नागरिकों ने भी प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर अपनी संवेदनाएं व श्रद्धांजलि प्रकट की।

कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे:

  • जनप्रतिनिधि: पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, विधायक कुमार प्रणय, विधायक ललित नारायण मंडल, विधायक श्री मनीष कुमार, पूर्व विधायक राजीव कुमार सिंह एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि।
  • प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, मुंगेर के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर तथा पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं आमजन मौजूद थे।

जॉइनिंग लेटर देकर दिल्ली में ‘कॉलगर्ल’ बनाने की खबर को बिहार सरकार ने बताया भ्रामक, विभाग ने जारी किया खंडन

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युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की प्राथमिक जांच में खबर तथ्यहीन मिली; अभ्यर्थी ने भी पत्रकार पर बयान तोड़-मरोड़कर प्रकाशित करने का लगाया आरोप

Patna News:  बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने डिजिटल समाचार पोर्टल में 9 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक खबर का खंडन किया है। विभाग ने प्राथमिक जांच के आधार पर संबंधित खबर को तथ्यहीन और भ्रामक बताया है।

दैनिक भास्कर डिजिटल में “सम्राट ने जिसे जॉइनिंग लेटर दिया – उसे दिल्ली में कॉलगर्ल बनाया” शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। विभाग ने इस खबर का संज्ञान लेते हुए मामले की तत्काल जांच कराई। विभागीय अधिकारियों ने अभ्यर्थी से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली और उसका बयान दर्ज किया।

अभ्यर्थी ने पत्रकार पर बयान तोड़-मरोड़कर प्रकाशित करने का आरोप लगाया

विभाग के अनुसार, जांच के दौरान अभ्यर्थी ने अपने पति की मौजूदगी में लिखित बयान दिया। अपने बयान में अभ्यर्थी ने कहा कि 9 सितंबर 2026 को दैनिक भास्कर डिजिटल में प्रकाशित खबर से वह दुखी हैं।

अभ्यर्थी के मुताबिक, पत्रकार ने उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर और गलत अर्थ में प्रकाशित किया, जबकि उनका वास्तविक बयान इससे अलग था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस कंपनी में उन्हें काम मिला था, वहां निर्धारित समय से अधिक काम कराए जाने और रहने की उचित व्यवस्था नहीं होने को लेकर उन्होंने शिकायत की थी।

अभ्यर्थी ने यह भी कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार के यौन शोषण के बारे में ऐसा बयान नहीं दिया था, जैसा कि प्रकाशित खबर से प्रतीत होता है। उनका आरोप है कि उनके बयान को अलग अर्थ में प्रस्तुत किए जाने से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।

19 से 23 अगस्त तक पटना में आयोजित हुआ था रोजगार मेला

विभाग ने अपने खंडन में बताया कि 19 से 23 अगस्त 2026 तक पटना के ज्ञान भवन में रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। इस रोजगार मेले का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था।

इसी निर्धारित प्रक्रिया के तहत Hekam India Private Limited की ओर से अभ्यर्थियों का चयन जीएनएम (GNM) पद के लिए किया गया था। विभाग के अनुसार, रोजगार मेले में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई थी।

विभाग ने कहा- पूरे मामले की जांच जारी

युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने कहा है कि पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विभाग द्वारा मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

विभाग का कहना है कि प्राथमिक जांच में दैनिक भास्कर डिजिटल में प्रकाशित खबर तथ्यहीन एवं भ्रामक प्रतीत हुई है। हालांकि, पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच अभी जारी है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, रोजगार मेले के माध्यम से Hekam India Private Limited में GNM पद के लिए चयनित अभ्यर्थी से जुड़ी शिकायत के आधार पर दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर प्रकाशित की गई थी। खबर में नौकरी मिलने के बाद दिल्ली में कथित रूप से गंभीर शोषण का आरोप सामने आने की बात कही गई थी।

इसके बाद युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने खबर का संज्ञान लेते हुए अभ्यर्थी से संपर्क किया और उसका लिखित बयान लिया। विभाग के जारी खंडन के मुताबिक, अभ्यर्थी ने प्रकाशित खबर में अपने बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने की बात कही है।

फिलहाल विभाग पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

साध्वी ऋतम्भरा ने KIIT-KISS का किया दौरा, बोलीं- ‘यहां दिखा असली भारत’

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Patna News: प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु साध्वी ऋतम्भरा ने मंगलवार को भुवनेश्वर स्थित KIIT और KISS परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की व्यवस्था और यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों से मुलाकात की। KISS के माहौल, बच्चों के अनुशासन और उनमें दिखने वाले संस्कारों से साध्वी ऋतम्भरा काफी प्रभावित हुईं।

उन्होंने KISS को एक असाधारण संस्थान बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि KISS में उन्हें सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता और सभी देवताओं की दिव्यता का अनुभव हुआ।

साध्वी ऋतम्भरा ने कहा, “यहां आकर मुझे इतनी खुशी हुई है कि इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। KISS में सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता और सभी देवताओं की दिव्यता समाहित है।”

डॉ. अच्युत सामंत के काम की सराहना

KIIT और KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के काम की तारीफ करते हुए साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि KISS किसी एक व्यक्ति की मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम है।

उन्होंने कहा, “KISS एक व्यक्ति के समर्पण और तपस्या को दर्शाता है। आज मैंने यहां देखा कि तपस्या, कड़ी मेहनत और समर्पण का असल मतलब क्या होता है।”

उन्होंने कहा कि डॉ. सामंत ने शिक्षा के जरिए बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने का जो काम किया है, वह प्रेरणादायक है।

बच्चों के अनुशासन ने किया प्रभावित

KISS के विद्यार्थियों के अनुशासन और उनके व्यवहार की भी उन्होंने सराहना की। बच्चों में दिख रहे संस्कार और आत्मविश्वास को देखकर उन्होंने कहा कि उन्हें यहां “यही असली भारत है” का एहसास हुआ।

उन्होंने KISS के विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें गर्व होना चाहिए कि उन्हें डॉ. अच्युत सामंत के मार्गदर्शन में शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है।

सिर्फ सलाह नहीं, जरूरतमंदों की मदद भी जरूरी

साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए केवल दूसरों को सलाह देना काफी नहीं है। हमें जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे भी आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि KISS में बच्चों को केवल पढ़ाई नहीं कराई जाती, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होना भी सिखाया जाता है।

उन्होंने कहा, “यहां बच्चों को न केवल आत्म-सम्मान के साथ जीना सिखाया जाता है, बल्कि आत्मनिर्भर बनना भी सिखाया जाता है। कोई व्यक्ति तभी आत्म-सम्मान के साथ जी सकता है जब वह आत्मनिर्भर हो।”

कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान KIIT और KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने स्वागत भाषण दिया। KISS के वाइस चांसलर प्रो. सरनजीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। वहीं, जाने-माने शिक्षाविद अशोक पांडे ने अतिथियों का परिचय कराया।

साध्वी ऋतम्भरा के दौरे के दौरान विद्यार्थियों और संस्थान से जुड़े लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। उनके संदेश में शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मनिर्भरता और समाजसेवा को महत्व देने की बात प्रमुख रही।

भागलपुर के ‘बादशाह’ की ट्रेनिंग से चमक रहे स्थानीय बॉडीबिल्डर, पटना में खिलाड़ियों ने लहराया परचम

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के हुसैनाबाद स्थित बादशाह फिटनेस जिम इन दिनों स्थानीय युवाओं को बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रहा है। जिम के संचालक और बॉडीबिल्डिंग प्रशिक्षक बादशाह अपने अनुभव और प्रशिक्षण के जरिए भागलपुर के युवाओं को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे हैं।

बादशाह खुद भी विभिन्न बॉडीबिल्डिंग और वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। अब अपने अनुभव को स्थानीय खिलाड़ियों के साथ साझा करते हुए उन्हें बेहतर तकनीक, अनुशासन और प्रतियोगिता की तैयारी के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।

पटना की प्रतियोगिता में करीब 10 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

पटना में आयोजित मिस्टर इंडिया एंड मिस्टर बिहार बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में बादशाह फिटनेस जिम की टीम से करीब 10 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता में टीम के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। नीरज, बिनोद कुमार, सोनू कुमार और अमन कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ओपन बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में जीत हासिल की।

टीम के अन्य खिलाड़ियों ने भी प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के प्रदर्शन से प्रशिक्षक और जिम से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है।

40 की उम्र पार कर 100 से 65 किलो वजन किया

टीम के खिलाड़ी बिनोद कुमार की कहानी खास तौर पर प्रेरणादायक रही। 40 वर्ष से अधिक उम्र में उन्होंने फिटनेस पर गंभीरता से काम करते हुए अपना वजन करीब 100 किलो से घटाकर 65 किलो कर लिया।

इसके बाद उन्होंने बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी फिटनेस और मेहनत का प्रदर्शन किया। उनका सफर यह दिखाता है कि उम्र किसी व्यक्ति की फिटनेस और लक्ष्य के बीच बाधा नहीं बन सकती, अगर मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारी की जाए।

बिनोद कुमार की उपलब्धि ने जिम के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है।

युवाओं को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे बादशाह

बादशाह का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ जिम में युवाओं को एक्सरसाइज कराना नहीं, बल्कि भागलपुर के खिलाड़ियों को बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में बेहतर अवसर और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

वह खिलाड़ियों की क्षमता के अनुसार उनकी ट्रेनिंग, डाइट और प्रतियोगिता की तैयारी पर ध्यान देते हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रॉफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया जा चुका है।

बॉडीबिल्डिंग के साथ वेट लॉस और वेट गेन की ट्रेनिंग

बादशाह फिटनेस जिम में सिर्फ प्रतियोगी बॉडीबिल्डिंग ही नहीं, बल्कि अलग-अलग फिटनेस जरूरतों के अनुसार ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाती है।

यहां बॉडीबिल्डिंग, वेट लॉस, वेट गेन और सामान्य फिटनेस के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। युवाओं के साथ-साथ फिटनेस को लेकर गंभीर लोगों को भी उनके लक्ष्य के अनुसार मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जाता है।

भागलपुर के युवाओं के लिए बढ़ रहा नया मंच

बॉडीबिल्डिंग में स्थानीय खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी के बीच बादशाह फिटनेस जिम युवाओं के लिए एक ऐसा मंच तैयार करने की कोशिश कर रहा है, जहां उन्हें नियमित अभ्यास के साथ प्रतियोगिता स्तर की तैयारी का मौका मिल सके।

पटना में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बाद अब जिम से जुड़े खिलाड़ियों और प्रशिक्षक की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। लक्ष्य है कि आने वाले समय में भागलपुर के और अधिक खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाएं।

बादशाह बोले—भागलपुर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना लक्ष्य

बादशाह ने कहा कि उनका प्रयास है कि भागलपुर के युवाओं को बॉडीबिल्डिंग के लिए सही प्रशिक्षण, अनुशासन और मार्गदर्शन मिले। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर दिलाना उनका प्रमुख उद्देश्य है।

हुसैनाबाद स्थित बादशाह फिटनेस जिम में बॉडीबिल्डिंग के साथ वेट लॉस, वेट गेन और सामान्य फिटनेस की ट्रेनिंग भी दी जाती है। बॉडीबिल्डिंग को करियर के रूप में अपनाने या फिटनेस को लेकर नियमित प्रशिक्षण लेने के इच्छुक युवा यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

भागलपुर में बाढ़ पर हाईलेवल समीक्षा, मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के दिए निर्देश

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी और तेज कर दी है। बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने भागलपुर में बाढ़ की स्थिति तथा जिले में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित पदाधिकारी और कर्मी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।

मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बजट अथवा संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

13 अंचलों के 269 गांवों में बाढ़ की निगरानी

जिला प्रशासन के अनुसार भागलपुर जिले के 13 अंचलों की 82 पंचायतों के 269 गांवों में बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

लगभग 3,87,600 प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

मंत्री ने विशेष रूप से दूरस्थ, जलमग्न और संवेदनशील इलाकों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचने में देरी न हो।

23 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया

जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों से अब तक 4,696 परिवारों के कुल 23,412 लोगों को सुरक्षित निष्क्रमित कर राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया है।

दूरदराज और जलमग्न क्षेत्रों में आवागमन तथा आपातकालीन राहत कार्यों के लिए 90 नावों का परिचालन किया जा रहा है।

प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि जलमग्न क्षेत्रों में फंसे लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

91 सामुदायिक रसोइयों से 1.92 लाख लोगों को भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन बड़े स्तर पर काम कर रहा है। जिले में 91 सामुदायिक रसोइयों का संचालन किया जा रहा है।

इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक 1,92,276 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।

मंत्री रत्नेश सादा ने निर्देश दिया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बाढ़ के कारण कोई भी व्यक्ति भोजन से वंचित न रहे।

7 प्रमुख राहत शिविरों में हजारों लोगों को आश्रय

भागलपुर शहर में टीएनबी कॉलेजिएट, CTS/चर्च मैदान सहित कुल 7 प्रमुख बाढ़ राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

इन राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आवासन, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अब तक इन शिविरों में 20,068 लोगों ने आश्रय एवं भोजन का लाभ लिया है।

प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की आवश्यकताओं का लगातार आकलन किया जाए और जरूरत के अनुसार सुविधाओं को बढ़ाया जाए।

7,025 पॉलिथीन शीट्स का वितरण

बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 7,025 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है।

वहीं, खरीक के राघोपुर क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों के व्यवस्थित आवासन के लिए इस्माईलपुर में गणेश बासा-01, 02 और 03 को चिन्हित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

मंत्री ने प्रभावित परिवारों को सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां तत्काल सामुदायिक रसोई पहुंचाना मुश्किल है, वहां सूखा राशन के जरिए भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

पशुओं के लिए चारा और इलाज की व्यवस्था

बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा को भी प्रशासन ने प्राथमिकता दी है। मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पशु चारा उपलब्ध कराने और उसके नियमित वितरण का निर्देश दिया।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में वर्तमान में 8 पशु चिकित्सा शिविर और 5 चलंत पशु चिकित्सा दल सक्रिय हैं। इनके माध्यम से अब तक 1,846 प्रभावित पशुओं का उपचार किया जा चुका है।

मंत्री ने पशुपालकों की जरूरतों का आकलन कर आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त चारा और चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

13 स्वास्थ्य शिविरों में 6,366 लोगों का इलाज

बाढ़ के कारण संक्रमण और विभिन्न बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रखा गया है।

जिले में 13 स्वास्थ्य शिविर सक्रिय हैं। इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अब तक 6,366 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सक्रिय रखा जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध होनी चाहिए।

दूरस्थ इलाकों पर विशेष फोकस

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों का सबसे ज्यादा फोकस उन क्षेत्रों पर हो जहां जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक भोजन, सूखा राशन, पशु चारा, स्वास्थ्य सुविधा और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री बोले—मुश्किल घड़ी में सरकार प्रभावितों के साथ

आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में प्रभावित नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरती जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रशासन को हर स्तर पर सक्रिय रहकर प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचानी होगी।

भागलपुर में राहत अभियान जारी

फिलहाल भागलपुर के 13 अंचलों के प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी जारी है। नावों के जरिए सुरक्षित निष्क्रमण, सामुदायिक रसोइयों से भोजन, राहत शिविरों में आवासन, स्वास्थ्य शिविरों में इलाज और पशुओं के लिए चिकित्सा एवं चारा उपलब्ध कराने का काम लगातार किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

भागलपुर में देर रात तक बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण, प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने दिए सख्त निर्देश

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Bhagalpur News: बिहार के मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश के आलोक में भागलपुर जिले में बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन की निगरानी और तेज हो गई है। जिले के प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने मंगलवार को देर रात तक विभिन्न बाढ़ राहत शिविरों और पशु शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

प्रभारी सचिव ने राहत शिविरों में पहुंचकर वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने भोजन, आवासन, पेयजल, शौचालय, बिजली, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

ग्रामीणों से सीधे संवाद, समस्याओं का लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने राहत शिविरों में रह रहे ग्रामीणों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है।

ग्रामीणों द्वारा बताई गई आवश्यकताओं और निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर कमियों को रातों-रात दूर करने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को किसी भी आवश्यक सुविधा के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए।

साफ-सफाई और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव पर जोर

बाढ़ के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए राहत शिविरों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।

प्रभारी सचिव ने शिविर परिसर एवं आसपास नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने को कहा। साथ ही शिविरों में मच्छरों से बचाव के लिए नियमित फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को शिविरों की साफ-सफाई पर लगातार नजर रखने और कहीं भी गंदगी जमा नहीं होने देने को कहा गया है।

बच्चों को नियमित दूध देने का निर्देश

बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे बच्चों की जरूरतों को लेकर भी प्रभारी सचिव ने विशेष निर्देश दिए।

उन्होंने बच्चों के बीच नियमित रूप से दूध का वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बच्चों और अन्य बाढ़ प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य की आवश्यकता के अनुसार निगरानी करने का निर्देश दिया।

प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ के कारण विस्थापित परिवारों के बच्चों को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

मेडिकल टीम और दवाओं की उपलब्धता रहे सुनिश्चित

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों के संभावित खतरे को देखते हुए राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए।

उन्होंने शिविरों में पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मेडिकल टीम की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर जांच और आवश्यक उपचार मिल सके। स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।

पशु शिविरों का भी किया निरीक्षण

प्रभारी सचिव ने केवल मानव राहत शिविरों तक ही निरीक्षण सीमित नहीं रखा, बल्कि पशु शिविरों का भी जायजा लिया।

उन्होंने बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को पशुओं के लिए आवश्यक चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

बाढ़ के दौरान पशुओं के चारा, स्वास्थ्य और उपचार को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।

राहत कार्यों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई जरूरी

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में मानवीय संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।

उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए और उपलब्ध सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाए।

उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों और मांगों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

देर रात तक चला निरीक्षण, प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने का संदेश

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश के बाद प्रभारी सचिव का देर रात तक राहत एवं पशु शिविरों का निरीक्षण यह दर्शाता है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि साफ-सफाई, फॉगिंग, ब्लीचिंग पाउडर, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, दवाएं और बच्चों के पोषण जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और जरूरत के अनुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।

भागलपुर में बाढ़ राहत शिविरों की निगरानी तेज, अधिकारियों की हुई तैनाती; भोजन से लेकर स्वास्थ्य तक हर व्यवस्था पर रहेगी नजर

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Bhagalpur News: गंगा और कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण भागलपुर जिले के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत, भोजन और सुरक्षित आवासन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर बाढ़ राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई में किसी तरह की अव्यवस्था न हो और बाढ़ प्रभावित लोगों को निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं मिलती रहें, इसके लिए जिलाधिकारी, भागलपुर ने पदाधिकारियों को नोडल एवं वरीय पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया है।

प्रतिनियुक्त अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित राहत शिविरों एवं सामुदायिक रसोई का नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

राहत शिविरों में इन सुविधाओं की होगी निगरानी

प्रशासन ने राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। निरीक्षण के दौरान वाटरप्रूफ पंडाल, सीलिंग फैन, चौकी, गद्दा, बेडशीट, मसनद, कुर्सी, ट्यूब लाइट, हैलोजन/मेटल, जनरेटर, पानी की टंकी, चापाकल, बैरिंग, टेप वाटर समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।

इसके अलावा शिविरों में अस्थायी शौचालय एवं स्नानघर की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है।

सामुदायिक रसोई में 500 थाली और 500 ग्लास की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित लोगों को गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित तरीके से भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई केंद्रों में पर्याप्त संसाधन रखने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन के निर्देश के अनुसार रसोई केंद्रों में न्यूनतम 100 डेक्स-बेंच अथवा 100 टेबल, 400 कुर्सियां, 500 स्टील की थालियां और 500 स्टील के ग्लास उपलब्ध रखने होंगे।

साथ ही भोजन कराने के तरीके को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है। पत्तल में भोजन कराने और लोगों को जमीन पर बैठाकर भोजन कराने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा प्लास्टिक या फोम की थाली और ग्लास के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।

तय समय पर मिलेगा सुबह-शाम भोजन

राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित समय-सारणी का पालन करना अनिवार्य किया गया है।

प्रशासन के निर्देश के अनुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

भोजन में तल-भुना खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता नहीं देने का निर्देश दिया गया है। पूरी, कचौड़ी, पापड़, भुजिया, पकौड़ा, समोसा आदि के स्थान पर सुबह और शाम चावल, दाल एवं हरी पत्तेदार सब्जी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

वहीं, राहत शिविरों में रहने वाले छोटे बच्चों के लिए दूध एवं अन्य उपयुक्त पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

लाभुकों की पंजी और रिकॉर्ड का होगा सत्यापन

राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई में साफ-सफाई के साथ-साथ रिकॉर्ड को भी व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया गया है।

भोजन प्राप्त करने वाले लाभुकों की पंजी, भोजन वितरण पंजी और अन्य आवश्यक अभिलेखों का विधिवत संधारण करना होगा। संबंधित पदाधिकारियों को इन पंजी का नियमित सत्यापन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बाढ़ प्रभावित बच्चों के लिए बनेगा अस्थायी स्कूल

बाढ़ के कारण विस्थापित परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

राहत शिविरों में रहने वाले बच्चों के लिए उनकी दैनिक दिनचर्या और सकारात्मक गतिविधियों को बनाए रखने के उद्देश्य से अस्थायी विद्यालय के लिए अलग-अलग स्थल चिह्नित किए जाएंगे। वहां पंडाल का निर्माण कर बच्चों के लिए पठन-पाठन की व्यवस्था की जाएगी।

बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

राहत शिविरों में रह रहे बच्चों के लिए मानक के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्र संचालित करने का निर्देश दिया गया है।

बाढ़ प्रभावित गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए जरूरत के अनुसार दूध एवं पोषण सामग्री उपलब्ध कराने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने पर विशेष जोर दिया गया है।

इसके अलावा शिविरों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि बाढ़ के दौरान बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।

योग और कौशल विकास के जरिए रोजगार पर भी जोर

जिला प्रशासन ने राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित लोगों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी पहल की है।

शिविरों में योग शिविर और कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर आयोजित कराने का निर्देश दिया गया है। इसके माध्यम से विस्थापित लोगों को स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करने की योजना है।

इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर तथा संबंधित प्रशिक्षण संस्थाओं और बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।

बाढ़ में पशुओं के लिए भी चिकित्सा व्यवस्था

जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी है।

इसके लिए पशु चिकित्सा शिविर संचालित करने, पशु चिकित्सा पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा पशुओं को आवश्यक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

जरूरत के अनुसार नए राहत शिविर और रसोई खोलने का निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंड में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित परिवारों की संख्या का आकलन करने का निर्देश दिया है।

जरूरत पड़ने पर नए बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन निर्धारित SOP और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।

अधिकारियों को दोनों पालियों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

जिला आपदा प्रबंधन शाखा को भेजी जाएगी पालीवार रिपोर्ट

सभी संबंधित पदाधिकारियों को राहत शिविरों एवं सामुदायिक रसोई के संचालन से संबंधित पालीवार प्रतिवेदन तैयार कर जिला आपदा प्रबंधन शाखा, भागलपुर को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

निर्धारित रिपोर्ट को ई-मेल अथवा WhatsApp समूह के माध्यम से पालीवार समेकन के बाद उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रशासन का फोकस साफ—राहत में कोई लापरवाही नहीं

गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को लेकर निगरानी और तेज कर दी है। अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के बाद अब राहत शिविरों में भोजन, आवासन, स्वच्छता, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा, महिलाओं के पोषण और पशु चिकित्सा जैसी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी।

जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि बाढ़ से विस्थापित किसी भी परिवार को राहत शिविरों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े और जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

बिहार में नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’, स्कूल-कॉलेजों के 500 मीटर दायरे में ड्रग-फ्री जोन लागू करने का निर्देश

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Bhagalpur News: बिहार में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई और तेज करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव, बिहार सरकार की अध्यक्षता में आयोजित 8वीं NCORD (State Level Narcotics Control Bureau) की उच्चस्तरीय बैठक में नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने पर जोर दिया गया। राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को ‘ड्रग-फ्री जोन’ घोषित कर इसे प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया है।

स्कूल-कॉलेजों के आसपास अब सख्ती

सरकार के निर्देश के अनुसार स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मादक पदार्थों की बिक्री, सप्लाई और तस्करी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इस संबंध में मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे जा चुके हैं।

इस कदम का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव से बचाना और शैक्षणिक परिसरों के आसपास सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।

सीमावर्ती जिलों में चलेगा विशेष अभियान

मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। पुलिस और संबंधित विभागों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा तस्करी के नेटवर्क को चिन्हित कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।

सरकार का फोकस केवल छोटे स्तर के तस्करों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मादक पदार्थों के संगठित कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क और अपराधियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे स्टेशन और ट्रेनों पर भी कड़ी निगरानी

नशीले पदार्थों की तस्करी में रेल मार्ग के संभावित इस्तेमाल को देखते हुए रेल परिसर और ट्रेनों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। रेलवे पुलिस अधीक्षकों को नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इस दौरान संदिग्ध यात्रियों, सामान और तस्करी के संभावित मार्गों पर विशेष नजर रखने तथा संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।

पांच वर्षों के NDPS मामलों की हुई समीक्षा

उच्चस्तरीय बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान NDPS Act के तहत दर्ज मामलों, गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों और जब्त किए गए अवैध मादक पदार्थों की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान गांजा, हेरोइन, स्मैक, कोकीन, अफीम, कफ सिरप सहित अन्य नशीले पदार्थों की बरामदगी और इनके खिलाफ की गई कार्रवाई से संबंधित आंकड़ों पर चर्चा हुई।

इसके साथ ही वर्ष 2026 में जुलाई तक NDPS Act के तहत दर्ज मामलों में हुई गिरफ्तारियों और जब्ती की भी समीक्षा की गई।

नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों पर भी जोर

बैठक में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार और पुनर्वास को लेकर भी चर्चा की गई।

मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 2017 के तहत पंजीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों IRCA और DDAC के संचालन की समीक्षा की गई। संबंधित केंद्रों की प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने और नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार एवं पुनर्वास की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों को दिया गया SOP

मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों को तलाशी, जब्ती, नमूना संग्रह और अनुसंधान से संबंधित हैंडबुक एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) उपलब्ध करा दी गई है।

सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों को इसी SOP के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि NDPS से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया मजबूत हो और जांच में किसी तरह की कमी न रहे।

खतरनाक तस्करों पर PIT-NDPS Act के तहत कार्रवाई

मादक पदार्थों की संगठित तस्करी में शामिल खतरनाक अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए PIT-NDPS Act के तहत प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजे गए हैं।

इस प्रावधान के जरिए नशीले पदार्थों के संगठित कारोबार में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

सरकार का साफ संदेश—नशे का कारोबार बर्दाश्त नहीं

बिहार सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे को ड्रग-फ्री जोन बनाना, सीमावर्ती इलाकों में विशेष अभियान चलाना, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में निगरानी बढ़ाना तथा संगठित तस्करों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना सरकार की नशा विरोधी रणनीति का अहम हिस्सा है।

सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने में भी मदद मिलेगी।

भागलपुर में बाढ़ राहत कार्य तेज, प्रशासन अलर्ट मोड में; जगदीशपुर पॉलिटेक्निक में शुरू हुआ अस्थायी स्कूल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन ने राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया है। प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई, पशुओं के लिए चारा और आपदा की स्थिति में सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

जगदीशपुर पॉलिटेक्निक में अस्थायी स्कूल शुरू

बाढ़ के कारण प्रभावित बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज, जगदीशपुर में अस्थायी विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया है।

अस्थायी विद्यालय में बच्चों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन की ओर से विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई यथासंभव सामान्य रूप से जारी रह सके।

करीब 150 पशुओं के लिए बांटा गया चारा

बाढ़ का असर केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि पशुपालकों और उनके मवेशियों पर भी पड़ रहा है। प्रभावित पशुपालकों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगभग 150 पशुओं के लिए चारा वितरित किया गया।

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

आपदा मित्रों ने लोगों को दिया सुरक्षा प्रशिक्षण

बाढ़ प्रभावित लोगों को आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के लिए आपदा मित्रों की ओर से पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान लोगों को बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने, तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखने और विद्युत तारों समेत अन्य संभावित खतरों से सावधान रहने की जानकारी दी गई।

इसके अलावा आपात स्थिति में प्रशासन और बचाव दल से संपर्क करने तथा उपलब्ध राहत एवं बचाव सहायता का सुरक्षित तरीके से लाभ उठाने के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया।

डीएम अलंकृता पाण्डेय ने किया राहत कार्यों का निरीक्षण

बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने पॉलिटेक्निक कॉलेज, जगदीशपुर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं के साथ-साथ प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया।

डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहने दी जाए।

‘घबराएं नहीं, सुरक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता’

जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित आम लोगों से अपील की है कि आपदा की स्थिति में घबराएं नहीं और जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

उन्होंने लोगों से अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं बचाव दल द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता का सहयोगपूर्वक लाभ उठाएं।

सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर राहत कार्य जारी

जिला प्रशासन के मुताबिक बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक समय पर आवश्यक सहायता पहुंचाना, बच्चों की शिक्षा जारी रखना, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना और लोगों को आपदा के दौरान सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की गतिविधियां लगातार जारी हैं और स्थिति के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जा रहा है।

भागलपुर में अपर समाहर्त्ता दिनेश राम को विदाई, डीएम अलंकृता पाण्डेय समेत अधिकारियों ने किया सम्मानित

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Bhagalpur News: भागलपुर समाहरणालय के समीक्षा भवन में बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं निवर्तमान अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी दिनेश राम का सम्मान सह विदाई समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय समेत जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों ने उन्हें सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी एवं उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने श्री दिनेश राम को पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्हें स्मृति चिन्ह, ट्रॉली बैग एवं अन्य सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की गई।

कार्यकाल की हुई सराहना

विदाई समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने निवर्तमान अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी श्री दिनेश राम के कार्यकाल को याद करते हुए उनके योगदान और कार्यशैली की सराहना की।

अधिकारियों ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान दिनेश राम ने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ किया। उनके साथ काम करने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उनके व्यवहार, कार्यशैली और सहयोग की चर्चा की।

अधिकारियों और कर्मियों ने साझा किए अनुभव

समारोह में मौजूद पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने श्री दिनेश राम के साथ काम करने के दौरान के अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान उनके प्रति सम्मान और आत्मीयता का भाव देखने को मिला।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में स्थानांतरण और पदस्थापन एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन लंबे समय तक साथ काम करने वाले अधिकारी के विदा होने का अवसर भावुक कर देने वाला होता है।

पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर किया सम्मान

सम्मान समारोह के दौरान जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय सहित अन्य अधिकारियों ने दिनेश राम को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट किया। उन्हें स्मृति चिन्ह के साथ ट्रॉली बैग एवं अन्य उपहार भी प्रदान किए गए।

इस दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए सुखद, सफल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

भावुक माहौल में दी गई विदाई

कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों के बीच आत्मीयता का माहौल देखने को मिला। दिनेश राम के साथ काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके योगदान को याद किया और उनके साथ बिताए कार्यकाल के अनुभव साझा किए।

समारोह के अंत में सभी ने उनके आगामी दायित्वों और भविष्य के लिए सफलता की कामना की। कार्यक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था में आपसी समन्वय और कार्यस्थल पर बने मानवीय संबंधों की झलक भी पेश की।

जिला जनसंपर्क कार्यालय, भागलपुर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सम्मान सह विदाई समारोह समीक्षा भवन, भागलपुर में आयोजित किया गया।