Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने सबौर अंचल के फरका पंचायत और शंकरपुर में संचालित सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) केंद्रों का बुधवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान DM ने बाढ़ पीड़ितों को दी जा रही भोजन की गुणवत्ता, बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी राहत सुविधाओं का गहन जायजा लिया।
भोजन की गुणवत्ता और समय पर वितरण के सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। बाढ़ पीड़ितों को समय पर पोषणयुक्त भोजन मिले, इसके लिए उन्होंने नया समय निर्धारित किया:
- सुबह का भोजन: सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक
- शाम का भोजन: शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
DM ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर हर जरूरतमंद व्यक्ति तक स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचना अनिवार्य है।
पॉलीथिन शीट वितरण और अद्यतन रिकॉर्ड का आदेश
राहत कार्यों को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिलाधिकारी ने निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा:
- प्रतिदिन का डेटा: सामुदायिक रसोई में हर दिन कितने लोगों ने भोजन किया, इसका एक सटीक और अद्यतन (updated) रजिस्टर/रिकॉर्ड मेंटेन किया जाए।
- राहत सामग्री वितरण: बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय के लिए पॉलीथिन शीट सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्री बिना किसी देरी के समय पर उपलब्ध कराई जाए।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार सामुदायिक रसोई की निगरानी करें और स्वच्छता एवं व्यवस्था दुरुस्त रखें ताकि पीड़ितों को इस संकट की घड़ी में कोई असुविधा न हो।


