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बिहार में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों की खैर नहीं! 700 जगहों पर लगेगा हाई-टेक ITMS सिस्टम, सभी DTO को स्थल पहचान के निर्देश

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Patna News: बिहार में यातायात व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नीतीश सरकार एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। राज्यभर के प्रमुख शहरों और चौक-चौराहों पर करीब 700 स्थानों पर अत्याधुनिक आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लगाने की तैयारी तेज हो गई है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने राज्य के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को युद्धस्तर पर स्थलों की पहचान करने का सख्त निर्देश दिया है।

​नए विकल्प तलाशने और ट्रैफिक पुलिस से सहयोग का आदेश

​राज्य परिवहन आयुक्त (एसटीसी) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी डीटीओ के साथ बैठक की और स्पष्ट किया कि केवल पहले से चयनित स्थलों पर निर्भर न रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ट्रैफिक पुलिस की विशेषज्ञता और स्थानीय इनपुट का पूरा सहयोग लें ताकि यातायात की सघनता और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) के आधार पर सटीक और प्रभावी जगहों का चयन किया जा सके।

​”हमारा उद्देश्य केवल सिस्टम लगाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि इसका उपयोग यातायात प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित हो। सही जगह की पहचान सबसे महत्वपूर्ण है।” — परिवहन विभाग, बिहार सरकार

 

​कैसा होगा ‘आईटीएमएस’ सिस्टम? (AI पर होगा आधारित)

​यह सिस्टम पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित होगा। इसमें लगे कैमरे और सेंसर्स न केवल ट्रैफिक की रीयल-टाइम निगरानी करेंगे, बल्कि कई अन्य उन्नत कार्य भी करेंगे:

  • ​एआई आधारित ई-चालान: हेलमेट न पहनना, रेड लाइट जंप करना या ट्रिपल लोडिंग जैसे उल्लंघन करने पर ऑटोमैटिक चालान कटेगा।
  • ​चेहरे की पहचान (Face Recognition): इस फीचर से अपराधियों और नियम तोड़ने वालों की पहचान करना आसान हो जाएगा।
  • ​निगरानी (Surveillance): शहर के हर प्रमुख चौक पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा सकेगी।
  • ​दुर्घटनाओं में कमी: नियमों के कड़े पालन से सड़क हादसों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।

​जल्द स्थापना के लिए सरकार गंभीर

​परिवहन विभाग के अनुसार, आईटीएमएस सिस्टम यातायात प्रबंधन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। सही और सटीक जगह की तलाश की जा रही है, ताकि इसे जल्द से जल्द स्थापित कर इसका सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रणाली से जहां एक ओर सड़क सुरक्षा मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी ढंग से नकेल कसी जा सकेगी।

बिहार के एससी-एसटी छात्रों के लिए ‘वरदान’ बनी मुख्यमंत्री मेधावृति योजना: 6 वर्षों में 9 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला सीधा लाभ

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Patna News: बिहार सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री मेधावृति योजना ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पिछले 6 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य सरकार ने 9 लाख 78 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के खातों में मेधावृति की राशि भेजी है, जिससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं में उच्च शिक्षा के प्रति रुझान तेजी से बढ़ा है।

​941.31 करोड़ रुपये का हुआ वितरण

​अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अनुसार, सरकार ने अब तक 941.31 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मेधावृति के रूप में वितरित की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि आर्थिक तंगी उनकी पढ़ाई के आड़े न आए।

​किसे कितनी मिलती है सहायता राशि?

​योजना के तहत 10वीं और 12वीं पास करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है:

​1. मैट्रिक (10वीं) उत्तीर्ण होने पर:

  • ​प्रथम श्रेणी (First Division): ₹10,000 की सहायता।
  • ​द्वितीय श्रेणी (Second Division): ₹8,000 की सहायता।

​2. इंटरमीडिएट (12वीं) उत्तीर्ण होने पर (केवल छात्राएं):

  • ​प्रथम श्रेणी (First Division): ₹15,000 की सहायता।
  • ​द्वितीय श्रेणी (Second Division): ₹10,000 की सहायता।

​वर्षवार लाभार्थियों का विवरण (पिछले 6 साल)

​विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल बड़ी संख्या में छात्र लाभान्वित हो रहे हैं:

  • ​2025: 1,63,826 छात्र-छात्राएं
  • ​2024: 1,87,298 छात्र-छात्राएं
  • ​2023: 1,64,790 छात्र-छात्राएं
  • ​2022: 1,58,760 छात्र-छात्राएं
  • ​2021: 1,40,267 छात्र-छात्राएं
  • ​2020: 1,63,365 छात्र-छात्राएं

​कैसे करें आवेदन? (आवश्यक जानकारी)

​इस वर्ष (2026) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राएं जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट मेधासॉफ्ट (Medhasoft) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

​जरूरी दस्तावेज:

  1. ​10वीं और 12वीं की अंक-पत्र (Marksheet)
  2. ​जाति प्रमाण पत्र
  3. ​आय प्रमाण पत्र
  4. ​निवास प्रमाण पत्र
  5. ​बैंक पासबुक (छात्र के नाम पर)

​

मुख्यमंत्री मेधावृति योजना ने बिहार में सामाजिक और शैक्षणिक क्रांति लाने का काम किया है। विशेषकर एससी-एसटी वर्ग की छात्राओं के लिए यह योजना किसी सशक्तिकरण से कम नहीं है, क्योंकि यह उन्हें बिना किसी आर्थिक चिंता के अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने का हौसला देती है।

भागलपुर-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस के यात्रियों की बल्ले-बल्ले! अब पुराने कोचों की जगह लगेंगे आधुनिक LHB कोच, सफर होगा और भी सुरक्षित

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Bhagalpur News: रेलवे ने भागलपुर से मुजफ्फरपुर के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी सौगात दी है। मालदा रेल मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 13419/13420 भागलपुर–मुजफ्फरपुर–भागलपुर एक्सप्रेस को पूरी तरह आधुनिक LHB (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों में बदलने का फैसला किया है। 16 मई 2026 से यह ट्रेन नए कलेवर में पटरी पर दौड़ेगी।

​क्यों खास हैं ये LHB कोच?

​अब तक यह ट्रेन पारंपरिक नीले रंग के (ICF) कोचों के साथ चलती थी, लेकिन अब इसमें आधुनिक तकनीक वाले कोच लगाए जा रहे हैं। इन कोचों की खासियतें निम्नलिखित हैं:

  • ​बेहतर सुरक्षा: LHB कोच ‘एंटी-टेलिस्कोपिक’ होते हैं, जिसका मतलब है कि दुर्घटना की स्थिति में ये कोच एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते, जिससे जान-माल का नुकसान कम होता है।
  • ​आरामदायक सफर: उन्नत सस्पेंशन प्रणाली के कारण तेज रफ्तार में भी यात्रियों को झटके कम महसूस होंगे।
  • ​आधुनिक इंटीरियर: कोच के अंदर की बनावट अधिक सुंदर, हवादार और आरामदायक सीटों वाली है।

​कैसा होगा नया रेक? (कोचों की संख्या)

​रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नए LHB रेक में कुल 17 कोच होंगे, जो हर वर्ग के यात्रियों की जरूरतों को पूरा करेंगे:

  • ​09 सामान्य (General) कोच: अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह।
  • ​04 शयनयान (Sleeper) कोच: लंबी दूरी के यात्रियों के लिए आरामदायक बर्थ।
  • ​02 वातानुकूलित (AC 3-Tier) कोच: बेहतर कूलिंग और आधुनिक सुविधाओं के साथ।
  • ​02 अन्य कोच: गार्ड और पावर कार की व्यवस्था।

​16 मई से शुरू होगी नई सेवा

​मालदा मंडल के अनुसार, यह बदलाव 16 मई 2026 से प्रभावी होगा। भागलपुर और मुजफ्फरपुर, दोनों स्टेशनों से यह ट्रेन अब नए आधुनिक रेक के साथ रवाना होगी। रेलवे का यह कदम सेवाओं के आधुनिकीकरण और यात्रियों को ‘सुपीरियर ऑनबोर्ड’ अनुभव देने की दिशा में बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

पटना के गांधी मैदान में ‘सम्राट’ सरकार का महा-शपथ ग्रहण: PM मोदी की मौजूदगी में मंत्रियों ने ली शपथ, बिहार में नई कैबिनेट का गठन

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Patna News: बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में नवनियुक्त मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

​दिग्गजों का जमावड़ा: केंद्र से लेकर राज्य तक के बड़े नेता शामिल

​इस समारोह में देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की मौजूदगी ने इसे बेहद खास बना दिया। कार्यक्रम में न केवल प्रधानमंत्री शामिल हुए, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, और पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, जीतन राम मांझी, गिरिराज सिंह और चिराग पासवान जैसे बड़े चेहरों ने समारोह की शोभा बढ़ाई।

​इन प्रमुख नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

​शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची में अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन संतुलन दिखा। प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • ​ श्रवण कुमार,  विजय कुमार सिन्हा, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल।
  • ​ लेसी सिंह,  नीतीश मिश्रा,  अशोक चौधरी,  मदन सहनी।
  • ​ कुमार शैलेन्द्र (बिहपुर विधायक) और  शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल (गोपालपुर विधायक)।
  • ​ शीला कुमारी,  श्रेयसी सिंह,  नंद किशोर राम, डॉ. प्रमोद कुमार, और  मिथिलेश तिवारी सहित अन्य विधायक।

​गांधी मैदान में उमड़ा जनसैलाब

​शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पूरे बिहार से कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भारी भीड़ गांधी मैदान पहुंची थी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव सहित कई सांसद और जनप्रतिनिधि भी इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने।

​नई सरकार से विकास की बड़ी उम्मीदें

​प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की इस ‘डबल इंजन’ जोड़ी के साथ नई कैबिनेट के गठन से बिहार के विकास को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शपथ ग्रहण के बाद अब जल्द ही विभागों का बंटवारा होगा, जिससे शासन व्यवस्था को नई गति मिलेगी।

विक्रमशिला सेतु: जल्द शुरू होगा बेली ब्रिज का निर्माण, सचिव ने BRO और IIT की टीम के साथ बनाया ‘एक्शन प्लान’

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Patna News: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाली को लेकर सरकार ने कमर कस ली है। सेतु के क्षतिग्रस्त होने से उत्पन्न संकट को दूर करने के लिए आज पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO), आईआईटी पटना के विशेषज्ञ और पुल तकनीकी विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिसमें सेतु को जल्द से जल्द चालू करने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई।

​BRO बनाएगा ‘बेली ब्रिज’, आंशिक यातायात जल्द होगा शुरू

​बैठक में सबसे बड़ा निर्णय सेतु पर बेली ब्रिज (Bailey Bridge) के निर्माण को लेकर लिया गया। सचिव ने बताया कि जनता को हो रही भारी असुविधा को देखते हुए BRO की मदद से तुरंत बेली ब्रिज बनाया जाएगा।

  • ​उद्देश्य: क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर अस्थायी ब्रिज बनाकर आंशिक रूप से यातायात को तुरंत बहाल करना।
  • ​फायदा: इससे भागलपुर और आसपास के जिलों के बीच संपर्क फिर से जुड़ सकेगा।

​2 महीने में तैयार होगा ‘ट्रस ब्रिज’, पैदल यात्रियों का भी रखा ख्याल

​सिर्फ अस्थायी समाधान ही नहीं, बल्कि एक मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था पर भी काम शुरू कर दिया गया है। सचिव ने निर्देश दिया कि बेली ब्रिज के साथ-साथ ट्रस ब्रिज (Truss Bridge) का निर्माण भी समानांतर रूप से चलेगा।

  • ​समय सीमा: इसे आगामी 2 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • ​क्षमता: यह ब्रिज दो लेन (2 Lane) का होगा।
  • ​विशेष सुविधा: इसमें पैदल यात्रियों के लिए अलग से सुरक्षित रास्ता बनाया जाएगा।

​IIT पटना करेगा ‘सेफ्टी ऑडिट’, 3 हफ्ते में आएगी रिपोर्ट

​सेतु की भविष्य की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए आईआईआईटी पटना की टीम पूरे पुल का सेफ्टी ऑडिट (Safety Audit) कर रही है।

  • ​इसकी विस्तृत रिपोर्ट 3 सप्ताह के भीतर आ जाएगी।
  • ​रिपोर्ट के आधार पर ही तय किया जाएगा कि मुख्य सेतु की मरम्मत और उसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाने हैं।

​सचिव की सख्त चेतावनी: “काम में शिथिलता बर्दाश्त नहीं”

​बैठक के दौरान सचिव पंकज कुमार पाल ने अधिकारियों और तकनीकी टीम को स्पष्ट संदेश दिया कि मरम्मत कार्य में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य अभियंता और संबंधित टीमों को मौके पर ही कैंप करने का निर्देश दिया है ताकि 24 घंटे निगरानी में काम पूरा हो सके।

भागलपुर का बढ़ा मान: सम्राट कैबिनेट में ‘बूलो’ और ‘शैलेंद्र’ की एंट्री, जिले को मिले दो-दो मंत्री

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Bhagalpur News: बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही भागलपुर जिले के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भागलपुर जिले के दो कद्दावर नेताओं को कैबिनेट में जगह दी गई है। गोपालपुर विधानसभा से जदयू विधायक शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल और बिहपुर विधानसभा से भाजपा विधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने मंत्री पद की शपथ ली है।

​जिले के दो विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

​गोपालपुर के ‘मंडल’ पर फिर जताया भरोसा

​जदयू के दिग्गज नेता और गोपालपुर से विधायक शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में मजबूत पकड़ को देखते हुए मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले शैलेश मंडल पहले भी सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उनकी एंट्री से अंग क्षेत्र में जदयू की सांगठनिक स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

​बिहपुर के ‘इंजीनियर’ का बढ़ा कद

​वहीं, भाजपा कोटे से बिहपुर के विधायक इंजीनियर शैलेंद्र को मंत्री बनाकर पार्टी ने एक स्पष्ट संदेश दिया है। अपनी साफ-सुथरी छवि और विकास कार्यों के प्रति सजग रहने वाले इंजीनियर शैलेंद्र को कैबिनेट में शामिल किया जाना उनके समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके मंत्री बनने से गंगा पार (नवगछिया क्षेत्र) के विकास कार्यों में और तेजी आएगी।

​भागलपुर के विकास को मिलेगी नई गति

​एक साथ दो मंत्रियों के होने से अब भागलपुर जिले की विकास योजनाओं को राज्य स्तर पर अधिक प्राथमिकता मिलने की संभावना है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि:

  • ​विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी।
  • ​बाढ़ और कटाव की समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा।
  • ​भागलपुर में स्मार्ट सिटी और औद्योगिक विकास को नया आयाम मिलेगा।

​जिले भर में जश्न का माहौल

​जैसे ही पटना से दोनों विधायकों के मंत्री बनने की खबर भागलपुर पहुंची, गोपालपुर और बिहपुर समेत पूरे जिले में आतिशबाजी शुरू हो गई। समर्थकों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

बिहार में ‘सम्राट’ युग का आगाज़: पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण, PM मोदी की मौजूदगी में नई सरकार ने संभाली कमान

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Patna News: बिहार की राजनीति के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज एक बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बना, जहाँ ‘सम्राट सरकार’ का शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के कई दिग्गज नेताओं की उपस्थिति में नई सरकार ने बिहार के विकास और सुशासन का संकल्प लिया।

​प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने बढ़ाया समारोह का गौरव

​शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। उनके साथ मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों सहित एनडीए के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस समारोह को भाजपा और उसके सहयोगी दलों के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।

​राज्यपाल ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ

​बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट सैयद अता हुसैन ने नवनियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। गांधी मैदान में बने विशाल मंच पर एक-एक कर मंत्रियों ने शपथ ली और बिहार की जनता की सेवा करने का वचन दिया। समारोह के दौरान पूरा मैदान ‘भारत माता की जय’ और नई सरकार के समर्थन में नारों से गूंज उठा।

​शपथ ग्रहण की मुख्य विशेषताएं:

  • ​स्थान: ऐतिहासिक गांधी मैदान, पटना।
  • ​मुख्य अतिथि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
  • ​शपथ दिलाने वाले: राज्यपाल लेफ्टिनेंट सैयद अताब हुसैन।
  • ​प्रमुख उपस्थिति: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री।
  • ​सुरक्षा व्यवस्था: समारोह को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और हजारों की संख्या में प्रदेश भर से कार्यकर्ता पहुंचे थे।

​विकास के नए युग की उम्मीद

​राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नई सरकार के गठन के बाद बिहार में विकास कार्यों को और गति मिलेगी। प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया है कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार मिलकर बिहार के बुनियादी ढांचे, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने की तैयारी में है।

​जल्द होगा विभागों का बंटवारा

​शपथ ग्रहण समारोह के बाद अब सबकी नजरें कैबिनेट की पहली बैठक और विभागों के बंटवारे पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बार युवा चेहरों और अनुभव के मेल को प्राथमिकता दी गई है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा देखने को मिलेगी।

रेलवे का ‘टिकट चेकिंग’ स्ट्राइक: मालदा मंडल में बिना टिकट यात्रियों पर गिरी गाज, एक ही दिन में वसूला ₹4.29 लाख जुर्माना

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Bhagalpur News: भारतीय रेलवे द्वारा राजस्व चोरी रोकने और वास्तविक यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। इसी कड़ी में, मालदा रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के दिशा-निर्देश पर बुधवार को विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों में सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों से लाखों रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

​वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में ‘सघन चेकिंग’

​वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM)  कार्तिक सिंह के नेतृत्व में वाणिज्य विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त टीम ने मंडल से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों को अपने रडार पर लिया। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों में हो रही अनियमित यात्रा पर पूरी तरह लगाम लगाना और रेलवे के राजस्व को सुरक्षित करना है।

​इन प्रमुख ट्रेनों में चला ‘तलाशी अभियान’

​जांच दल ने मालदा मंडल से गुजरने वाली निम्नलिखित महत्वपूर्ण ट्रेनों में औचक निरीक्षण किया:

  • ​13032 जयनगर–हावड़ा एक्सप्रेस
  • ​13241 राजेंद्र नगर टर्मिनल इंटरसिटी एक्सप्रेस
  • ​12367 विक्रमशिला एक्सप्रेस
  • ​12254 अंग एक्सप्रेस
  • ​इसके साथ ही अन्य कई मेल और पैसेंजर ट्रेनों में भी चेकिंग की गई।

​आंकड़ों में कार्रवाई: 503 मामले और ₹4.29 लाख की वसूली

​रेलवे की इस सख्त कार्रवाई ने बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों में हड़कंप मचा दिया। अभियान के परिणामों की जानकारी देते हुए रेलवे ने बताया:

    • ​कुल मामले: 503 (बिना टिकट और अनियमित यात्रा)
    • ​कुल जुर्माना वसूली: ₹4,29,465
    • ​नेतृत्व: वाणिज्य निरीक्षकों और टिकट जांच कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी।

​”रेलवे राजस्व की सुरक्षा और वास्तविक यात्रियों को आरामदायक यात्रा अनुभव देना हमारी प्राथमिकता है। ऐसे सघन अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।” — रेलवे प्रशासन, मालदा मंडल

 

​यात्रियों से अपील: वैध टिकट के साथ ही करें सफर

​मालदा मंडल ने इस कार्रवाई के बाद आम जनता और यात्रियों से पुरजोर अपील की है कि वे हमेशा उचित और वैध टिकट लेकर ही ट्रेन में सवार हों। ऐसा करने से न केवल वे किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई और जुर्माने से बचेंगे, बल्कि रेलवे को भी सुगम सेवाएं देने में सहयोग मिलेगा।

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सुंदरवती महिला कॉलेज में कर्मचारियों का हल्लाबोल: 15 सूत्रीय मांगों को लेकर ‘कलम बंद’ हड़ताल, कामकाज ठप

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Bhagalpur News: बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आज सुंदरवती महिला महाविद्यालय (SM College) के परिसर में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। दो दिवसीय ‘कलम बंद’ हड़ताल के पहले ही दिन विश्वविद्यालय और कॉलेजों का प्रशासनिक कार्य पूरी तरह चरमरा गया है।

​सम्मान और अधिकार की लड़ाई: सुशील मंडल

​आंदोलन का नेतृत्व कर रहे क्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ वेतन की नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और उनके हक की है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा:

​”सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार हमारी जायज मांगों को अनसुना कर रहा है। जब तक हमारी आवाज नहीं सुनी जाएगी, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।”

 

​कर्मचारियों की प्रमुख 15 सूत्रीय मांगें

​प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी तरह संवैधानिक और न्यायसंगत हैं। मुख्य मांगों में शामिल हैं:

  • ​सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कर्मचारियों के हित में दिए गए आदेशों को अविलंब लागू करना।
  • ​वेतन कटौती पर रोक: कर्मचारियों के वेतन में की गई कटौती को तुरंत वापस लेना।
  • ​प्रोन्नति (Promotion): तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करना।
  • ​ACP/MACP का लाभ: मार्च 2026 के वेतन के साथ ही एसीपी और एमएसीपी का लाभ सुनिश्चित करना।
  • ​ट्रांसफर नीति का विरोध: पुराने कॉलेजों से नए कॉलेजों में किए जा रहे कर्मचारियों के स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाना।

​प्रशासनिक कामकाज पर पड़ा बुरा असर

​हड़ताल के कारण कॉलेज के कार्यालयों में ताले लटके रहे। छात्र-छात्राओं को अपने फॉर्म जमा करने, सर्टिफिकेट लेने और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए भटकना पड़ा। कर्मचारियों की एकता के कारण कॉलेज की प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह ठप नजर आई।

​चेतावनी: 20 तारीख को होगा ‘महा-जुलूस’

​महासंघ ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।

​भागलपुर नगर निगम में आर-पार की जंग: भूख हड़ताल का तीसरा दिन, सफाई व्यवस्था पर मंडराया संकट

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Bhagalpur News: सिल्क सिटी भागलपुर के नगर निगम परिसर में अपनी मांगों को लेकर अड़े सफाईकर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भूख हड़ताल आज तीसरे दिन भी जारी रही। सातवें वेतनमान के लाभ और पिछले दो वर्षों से रुकी हुई बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

​भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: “फाइल बढ़ाने के लिए मांगी जा रही रिश्वत”

​आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नगर सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष लड्डु हरि ने कहा कि निगम प्रशासन कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार अनसुना कर रहा है। वहीं, संघ के सचिव नागेश्वर हरि ने निगम के एक बड़े बाबू (लिपिक) पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फाइल को आगे बढ़ाने के नाम पर कर्मचारियों से खुलेआम रिश्वत की मांग की जा रही है। इन आरोपों ने निगम प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

​निगम परिसर में अफरा-तफरी, बुलानी पड़ी पुलिस

​आज आंदोलनकारी सफाईकर्मियों का आक्रोश फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के विभिन्न सेक्शन (विभागों) को जबरन बंद करा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे और अफरा-तफरी के माहौल को देखते हुए मौके पर पुलिस बल को बुलाना पड़ा, जिसके बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया गया। हालांकि, इस विरोध के बीच कुछ कर्मचारी अपने कार्यों में जुटे नजर आए, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

​प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी:

  • ​सातवें वेतनमान का लाभ तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
  • ​पिछले दो वर्षों से काटी गई राशि का एकमुश्त भुगतान हो।
  • ​सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन और अन्य देय राशि का निपटारा जल्द हो।
  • ​भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

​शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट

​भूख हड़ताल के तीसरे दिन भी जारी रहने से अब शहर की सूरत बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है, तो भागलपुर की सड़कों पर कचरे का अंबार लग सकता है। दूसरी ओर, निगम प्रशासन की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान या ठोस आश्वासन सामने नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और गहरा गया है।