Patna News: बिहार सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री मेधावृति योजना ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पिछले 6 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य सरकार ने 9 लाख 78 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के खातों में मेधावृति की राशि भेजी है, जिससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं में उच्च शिक्षा के प्रति रुझान तेजी से बढ़ा है।
941.31 करोड़ रुपये का हुआ वितरण
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अनुसार, सरकार ने अब तक 941.31 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मेधावृति के रूप में वितरित की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि आर्थिक तंगी उनकी पढ़ाई के आड़े न आए।
किसे कितनी मिलती है सहायता राशि?
योजना के तहत 10वीं और 12वीं पास करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है:
1. मैट्रिक (10वीं) उत्तीर्ण होने पर:
- प्रथम श्रेणी (First Division): ₹10,000 की सहायता।
- द्वितीय श्रेणी (Second Division): ₹8,000 की सहायता।
2. इंटरमीडिएट (12वीं) उत्तीर्ण होने पर (केवल छात्राएं):
- प्रथम श्रेणी (First Division): ₹15,000 की सहायता।
- द्वितीय श्रेणी (Second Division): ₹10,000 की सहायता।
वर्षवार लाभार्थियों का विवरण (पिछले 6 साल)
विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल बड़ी संख्या में छात्र लाभान्वित हो रहे हैं:
- 2025: 1,63,826 छात्र-छात्राएं
- 2024: 1,87,298 छात्र-छात्राएं
- 2023: 1,64,790 छात्र-छात्राएं
- 2022: 1,58,760 छात्र-छात्राएं
- 2021: 1,40,267 छात्र-छात्राएं
- 2020: 1,63,365 छात्र-छात्राएं
कैसे करें आवेदन? (आवश्यक जानकारी)
इस वर्ष (2026) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राएं जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट मेधासॉफ्ट (Medhasoft) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
जरूरी दस्तावेज:
- 10वीं और 12वीं की अंक-पत्र (Marksheet)
- जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक (छात्र के नाम पर)


