Patna News: बिहार में यातायात व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नीतीश सरकार एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। राज्यभर के प्रमुख शहरों और चौक-चौराहों पर करीब 700 स्थानों पर अत्याधुनिक आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लगाने की तैयारी तेज हो गई है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने राज्य के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को युद्धस्तर पर स्थलों की पहचान करने का सख्त निर्देश दिया है।
नए विकल्प तलाशने और ट्रैफिक पुलिस से सहयोग का आदेश
राज्य परिवहन आयुक्त (एसटीसी) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी डीटीओ के साथ बैठक की और स्पष्ट किया कि केवल पहले से चयनित स्थलों पर निर्भर न रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ट्रैफिक पुलिस की विशेषज्ञता और स्थानीय इनपुट का पूरा सहयोग लें ताकि यातायात की सघनता और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) के आधार पर सटीक और प्रभावी जगहों का चयन किया जा सके।
”हमारा उद्देश्य केवल सिस्टम लगाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि इसका उपयोग यातायात प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित हो। सही जगह की पहचान सबसे महत्वपूर्ण है।” — परिवहन विभाग, बिहार सरकार
कैसा होगा ‘आईटीएमएस’ सिस्टम? (AI पर होगा आधारित)
यह सिस्टम पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित होगा। इसमें लगे कैमरे और सेंसर्स न केवल ट्रैफिक की रीयल-टाइम निगरानी करेंगे, बल्कि कई अन्य उन्नत कार्य भी करेंगे:
- एआई आधारित ई-चालान: हेलमेट न पहनना, रेड लाइट जंप करना या ट्रिपल लोडिंग जैसे उल्लंघन करने पर ऑटोमैटिक चालान कटेगा।
- चेहरे की पहचान (Face Recognition): इस फीचर से अपराधियों और नियम तोड़ने वालों की पहचान करना आसान हो जाएगा।
- निगरानी (Surveillance): शहर के हर प्रमुख चौक पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा सकेगी।
- दुर्घटनाओं में कमी: नियमों के कड़े पालन से सड़क हादसों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।
जल्द स्थापना के लिए सरकार गंभीर
परिवहन विभाग के अनुसार, आईटीएमएस सिस्टम यातायात प्रबंधन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। सही और सटीक जगह की तलाश की जा रही है, ताकि इसे जल्द से जल्द स्थापित कर इसका सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रणाली से जहां एक ओर सड़क सुरक्षा मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी ढंग से नकेल कसी जा सकेगी।


