Patna News: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाली को लेकर सरकार ने कमर कस ली है। सेतु के क्षतिग्रस्त होने से उत्पन्न संकट को दूर करने के लिए आज पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO), आईआईटी पटना के विशेषज्ञ और पुल तकनीकी विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिसमें सेतु को जल्द से जल्द चालू करने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई।
BRO बनाएगा ‘बेली ब्रिज’, आंशिक यातायात जल्द होगा शुरू
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय सेतु पर बेली ब्रिज (Bailey Bridge) के निर्माण को लेकर लिया गया। सचिव ने बताया कि जनता को हो रही भारी असुविधा को देखते हुए BRO की मदद से तुरंत बेली ब्रिज बनाया जाएगा।
- उद्देश्य: क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर अस्थायी ब्रिज बनाकर आंशिक रूप से यातायात को तुरंत बहाल करना।
- फायदा: इससे भागलपुर और आसपास के जिलों के बीच संपर्क फिर से जुड़ सकेगा।
2 महीने में तैयार होगा ‘ट्रस ब्रिज’, पैदल यात्रियों का भी रखा ख्याल
सिर्फ अस्थायी समाधान ही नहीं, बल्कि एक मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था पर भी काम शुरू कर दिया गया है। सचिव ने निर्देश दिया कि बेली ब्रिज के साथ-साथ ट्रस ब्रिज (Truss Bridge) का निर्माण भी समानांतर रूप से चलेगा।
- समय सीमा: इसे आगामी 2 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- क्षमता: यह ब्रिज दो लेन (2 Lane) का होगा।
- विशेष सुविधा: इसमें पैदल यात्रियों के लिए अलग से सुरक्षित रास्ता बनाया जाएगा।
IIT पटना करेगा ‘सेफ्टी ऑडिट’, 3 हफ्ते में आएगी रिपोर्ट
सेतु की भविष्य की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए आईआईआईटी पटना की टीम पूरे पुल का सेफ्टी ऑडिट (Safety Audit) कर रही है।
- इसकी विस्तृत रिपोर्ट 3 सप्ताह के भीतर आ जाएगी।
- रिपोर्ट के आधार पर ही तय किया जाएगा कि मुख्य सेतु की मरम्मत और उसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाने हैं।
सचिव की सख्त चेतावनी: “काम में शिथिलता बर्दाश्त नहीं”
बैठक के दौरान सचिव पंकज कुमार पाल ने अधिकारियों और तकनीकी टीम को स्पष्ट संदेश दिया कि मरम्मत कार्य में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य अभियंता और संबंधित टीमों को मौके पर ही कैंप करने का निर्देश दिया है ताकि 24 घंटे निगरानी में काम पूरा हो सके।


