Bhagalpur News: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बहाल करने की दिशा में युद्ध स्तर पर काम शुरू हो गया है। सेतु का स्लैब धंसने के बाद पैदा हुए संकट को देखते हुए अब सेना के BRO (Border Roads Organization) की मदद ली जा रही है। विशेषज्ञों की राय के बाद यह निर्णय लिया गया है कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर एक अस्थायी ‘बेली ब्रिज’ का निर्माण किया जाएगा।
क्या है प्रशासन का मास्टर प्लान?
सेतु के पाया नंबर 2 के पास जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, वहां सीधे मरम्मत करना फिलहाल जोखिम भरा है। इसलिए, विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि क्षतिग्रस्त स्लैब से लगभग 7.8 मीटर पीछे से सपोर्ट लेकर एक बेली ब्रिज (लोहे का पोर्टेबल पुल) तैयार किया जाए। यह ब्रिज क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर एक मजबूत परत का काम करेगा, जिससे छोटी और मध्यम गाड़ियों का आवागमन सुरक्षित रूप से शुरू हो सकेगा।
10 दिनों में काम पूरा करने का लक्ष्य
सिल्क टीवी न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, बेली ब्रिज के पार्ट्स मंगाए जा रहे हैं। BRO की टीम अगले 10 दिनों के भीतर इसे असेंबल कर स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अगर मौसम ने साथ दिया, तो 20 मई तक सेतु पर एक बार फिर गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो सकती है।
समानांतर पुल के निर्माण पर भी असर
विक्रमशिला सेतु के ठीक बगल में बन रहे नए समानांतर फोरलेन पुल का काम भी सुरक्षा कारणों से फिलहाल धीमा कर दिया गया है। जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी के बीच हुई बैठक में यह तय किया गया है कि पुराने पुल की मरम्मत के दौरान नए पुल के भारी क्रेन और मशीनों का संचालन सावधानी से किया जाएगा ताकि मौजूदा ढांचे पर कोई और दबाव न पड़े।
लोगों की बढ़ी मुश्किलें, प्रशासन मुस्तैद
पिछले तीन दिनों से सेतु पर परिचालन बंद होने के कारण भागलपुर-नवगछिया के बीच संपर्क कट गया है। हालांकि, नावों और अन्य वैकल्पिक मार्गों से आवाजाही हो रही है, लेकिन मालवाहक ट्रकों के फंसने से जरूरी सामानों की कीमतों पर असर पड़ने लगा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखा जाएगा।


