‘नशा मुक्त युवा’ थीम पर दो दिवसीय आयोजन; 250 से अधिक युवाओं ने कराया पंजीकरण, पहले दिन गायन, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक, फोटोग्राफी और चित्रकारी प्रतियोगिताएं आयोजित
Bhagalpur News: भागलपुर में जिला स्तरीय युवा उत्सव 2026-27 का पहला दिन उत्साह और सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन भागलपुर संग्रहालय परिसर में किया जा रहा है। उत्सव में जिले के विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों से जुड़े युवाओं ने हिस्सा लेकर अपनी कलात्मक प्रतिभा, संगीत कौशल और साहित्यिक अभिव्यक्ति का प्रदर्शन किया। इस आयोजन के लिए 250 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन, निर्णायक मंडल के सदस्यों और अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। इस वर्ष युवा उत्सव की मुख्य थीम ‘नशा मुक्त युवा’ रखी गई है। इसके माध्यम से कला, संगीत और साहित्य के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
गायन से लेकर चित्रकारी तक, युवाओं ने दिखाई प्रतिभा
युवा उत्सव के पहले दिन समूह लोक गायन, एकल शास्त्रीय गायन, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक, फोटोग्राफी और चित्रकारी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी मौलिक सोच, कलात्मक दृष्टिकोण और अभिव्यक्ति क्षमता का प्रदर्शन किया।
चित्रकारी, फोटोग्राफी और कविता लेखन के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को सामने लाने का प्रयास किया गया। वहीं, गायन और नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ जनजागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में नवल किशोर, शशि शंकर, उलूपी झा, मनोज पंडित, गीतकार राजकुमार, सुधीर प्रोग्रामर, मंजीत सिंह किंवार, नवीन यादव, गोपाल मिश्रा और अरविन्द यादव सहित अन्य निर्णायक सदस्य एवं अतिथि उपस्थित रहे।
युवाओं के लिए प्रतिभा निखारने का मंच
प्रतिभागी जया भारती ने कहा कि जिला स्तरीय युवा उत्सव युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी कमियों को समझने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
संगीत विधा की प्रतिभागी सुरभि सुमन ने भी आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा उत्सव जैसे मंच कलाकारों को अपनी साधना प्रस्तुत करने, नई चीजें सीखने और अन्य प्रतिभागियों से प्रेरणा लेने का अवसर देते हैं।
संगत कलाकार वैभव राज ने कहा कि ऐसे आयोजनों में मुख्य कलाकारों के साथ संगत कलाकारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इससे संगीत की सामूहिक परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कविता लेखन के निर्णायक मंजीत सिंह किंवार ने कहा कि साहित्य युवाओं के विचारों और सामाजिक दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। वहीं, गायन विधा के निर्णायक अरविन्द यादव ने युवाओं को नियमित अभ्यास करने और अपनी कला को लगातार निखारने की सलाह दी।
28 अक्टूबर को होगा समापन, सफल प्रतिभागी होंगे सम्मानित
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कहा कि युवा उत्सव का उद्देश्य नई प्रतिभाओं को मंच देना, जिले की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना और युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने आयोजन में शामिल प्रतिभागियों, निर्णायकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उत्सव के दूसरे और अंतिम दिन 28 अक्टूबर को समूह लोक नृत्य, एकल शास्त्रीय नृत्य तथा सितार, तबला और हारमोनियम वादन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
समापन समारोह में जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगी। जिला प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन के माध्यम से युवाओं में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ जिले की कला एवं संस्कृति को नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है।


