गड्ढों, दरारों, जलजमाव से लेकर पुल-पुलियों और सड़क किनारे के शोल्डर तक की होगी पड़ताल; 27 अक्टूबर तक जांच रिपोर्ट और तस्वीरें सौंपने का निर्देश, 28 अक्टूबर को डीएम के समक्ष रखी जाएगी रिपोर्ट
Bhagalpur News: भागलपुर जिले में सड़कों की मरम्मत और अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर भागलपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवंटित सड़कों की स्थलीय जांच कराई जा रही है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य सड़कों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना, मरम्मत कार्यों में कमियों की पहचान करना और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध कराना है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पथ प्रमंडल, भागलपुर तथा संबंधित उप प्रमंडलों के अंतर्गत भागलपुर, नवगछिया, कहलगांव और सुल्तानगंज क्षेत्र की विभिन्न सड़कों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए जांच पदाधिकारियों को अलग-अलग पथ आवंटित किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्थलीय निरीक्षण पूरा कर विस्तृत जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
गड्ढों से लेकर सड़क की दरारों तक की होगी जांच
सड़क निरीक्षण के दौरान केवल ऊपरी मरम्मत ही नहीं, बल्कि सड़क की समग्र स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच पदाधिकारी यह देखेंगे कि सड़कों पर कहां-कहां गड्ढे हैं और उनकी मरम्मत की स्थिति क्या है। इसके साथ ही सड़क के किनारों और शोल्डर की स्थिति, क्षतिग्रस्त हिस्सों का अनुरक्षण, सड़क की सतह पर धंसाव, वाहनों के लगातार चलने से बने गहरे निशान यानी रटिंग तथा दरारों की सीलिंग की भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा पुल-पुलियों की स्थिति और उनकी सफाई, सड़क पर लगे संकेतक बोर्ड, क्रैश बैरियर, सड़क चिह्नांकन तथा सड़क किनारे उगी झाड़ियों की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। जिन स्थानों पर जलजमाव की समस्या है, वहां की स्थिति भी जांच के दायरे में रहेगी।
इन सभी बिंदुओं की जांच से सड़कों पर मौजूद खामियों की पहचान करने और मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने लाने में मदद मिलेगी।
27 अक्टूबर तक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, प्रतिनियुक्त जांच पदाधिकारियों को 27 अक्टूबर 2026 तक आवंटित सड़कों की स्थलीय जांच पूरी कर संबंधित तस्वीरों के साथ जांच प्रतिवेदन जिला विकास शाखा, भागलपुर में उपलब्ध कराना है। तस्वीरों के माध्यम से निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और सड़क की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
प्राप्त जांच प्रतिवेदनों को समेकित करने के बाद 28 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी के समक्ष निर्णय के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकेगा।
पथ निर्माण विभाग को भी निर्देश
जांच प्रक्रिया को प्रभावी, पारदर्शी और तथ्यपरक बनाने के लिए कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल एवं पथ निर्माण विभाग को आवश्यक तकनीकी जानकारी और संबंधित अभिलेख जांच पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इससे अधिकारियों को सड़क मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यों की स्थिति का सही आकलन करने में सहायता मिलेगी।
गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन का उद्देश्य
जिला प्रशासन का कहना है कि सड़क मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। जांच के दौरान यदि कमियां सामने आती हैं, तो उनके निराकरण के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने का उद्देश्य है।
इस पहल से भागलपुर, नवगछिया, कहलगांव और सुल्तानगंज क्षेत्र की सड़कों की स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किन सड़कों पर कितनी कमियां पाई गई हैं और उनके सुधार के लिए क्या निर्णय लिया जाएगा, यह जांच प्रतिवेदन के समेकन और जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के बाद स्पष्ट होगा।


