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बिहार के नए कानून मंत्री बने संजय सिंह ‘टाइगर’: पदभार ग्रहण कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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Patna News: बिहार सरकार के नवनियुक्त मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ ने शुक्रवार को राजधानी पटना स्थित विधि विभाग (Law Department) के मुख्य कार्यालय पहुँचकर अपना पदभार संभाल लिया है। उनके आगमन पर विभाग में उत्साह का माहौल रहा और वरिष्ठ अधिकारियों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।

​विभागीय अधिकारियों के साथ पहली परिचय बैठक

​पदभार ग्रहण करने के बाद विधि विभाग के विशेष सचिव-सह-प्रभारी सचिव बासनो शंकर मेहरोत्रा ने माननीय मंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट किया और विभाग की ओर से उनका अभिनंदन किया। इसके तुरंत बाद मंत्री ने विभाग के कामकाज को समझने के लिए अधिकारियों और कर्मियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की।

​कार्यप्रणाली और संरचना की ली जानकारी

​बैठक के दौरान प्रभारी सचिव ने मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ को विधि विभाग की वर्तमान संरचना, कानूनी प्रक्रियाओं और विभाग के अंतर्गत चल रही विभिन्न कार्यप्रणालियों से विस्तार पूर्वक अवगत कराया। मंत्री ने प्रत्येक अनुभाग के पदाधिकारियों से उनके विशिष्ट दायित्वों और लंबित कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

​निष्पक्षता और निष्ठा का संदेश

​अधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ ने स्पष्ट संदेश दिया कि विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्ठा सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि:

  • ​कानूनी मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जाए।
  • ​सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समयबद्धता के साथ करें।
  • ​न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए विभाग अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाए।

​कर्मियों में दिखा उत्साह

​पदभार ग्रहण समारोह के दौरान विभाग के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। मंत्री ने सभी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी कार्यशैली को समझा।

बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान: मंत्री राम कृपाल यादव ने संभाला सहकारिता विभाग का जिम्मा

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Patna News: बिहार सरकार के वरिष्ठ नेता राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को सहकारिता मंत्री के रूप में विधिवत पदभार संभाल लिया है। पटना स्थित विभागीय कार्यालय पहुँचने पर सचिव धर्मेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका भव्य स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और विभाग के भविष्य का रोडमैप तैयार किया।

​पैक्स (PACS) बनेंगे ग्रामीण विकास के पावर हाउस

​मंत्री राम कृपाल यादव ने पैक्सों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पैक्स सहकारिता व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने घोषणा की कि:

  • ​पैक्सों को केवल अनाज खरीद तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें बहुआयामी केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • ​पैक्स के जरिए अब कृषि इनपुट, भंडारण (Storage), खाद्य प्रसंस्करण और विपणन (Marketing) जैसी गतिविधियों को जोड़ा जाएगा।
  • ​इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

​किसानों को मिलेगा उत्पाद का सही मूल्य

​मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों और ग्रामीण उत्पादकों को उनके पसीने की सही कीमत दिलाना है। सहकारी बैंकों के माध्यम से कृषि साख (Loan) की व्यवस्था और खाद्यान्न अधिप्राप्ति (Procurement) के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।

​आत्मनिर्भर बिहार के लिए सहकारिता मॉडल

​राम कृपाल यादव ने कहा, “सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम है।” उन्होंने वेजफेड (VEGFED) और अन्य उत्पादक समितियों के सशक्तीकरण पर बल दिया ताकि सब्जी उत्पादकों और छोटे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सके।

​अधिकारियों को ‘एक्शन मोड’ में रहने के निर्देश

​समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सहकारी समितियों के निबंधन और संचालन में पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि भावी कार्ययोजना ऐसी हो जिससे राज्य के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी सहकारिता का लाभ मिल सके।

​स्वागत समारोह में मौजूद रहे दिग्गज:

इस अवसर पर निबंधक सहयोग समितियाँ  रजनीश कुमार सिंह, अपर सचिव अभय कुमार सिंह, वेजफेड के एमडी डॉ. गगन और बिहार राज्य सहकारी बैंक के एमडी मनोज कुमार सिंह सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

​SC-ST समाज के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने संभाला कार्यभार

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Patna News: बिहार सरकार के नवनियुक्त अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित विभाग के मुख्य कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के बाद मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर बैठे लोगों का सर्वांगीण विकास करना है।

​100 दिनों के कामकाज का लेखा-जोखा

​कार्यभार संभालने के दौरान मंत्री ने सरकार के आगामी 100 दिनों के विजन और जारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रमुख रूप से इन उपलब्धियों और लक्ष्यों का जिक्र किया:

  • ​अम्बेडकर आवासीय विद्यालय: छात्र-छात्राओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
  • ​दोगुनी छात्रवृत्ति: छात्रावासों में रहने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति राशि को दोगुना कर उन्हें बड़ी आर्थिक राहत दी गई है।
  • ​ओवरसीज स्कीम: अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रतिभावान छात्रों को विदेश में शिक्षा दिलाने वाली योजनाओं को और सुदृढ़ बनाया जाएगा।

​पिछड़े टोलों का होगा कायाकल्प

​मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि विभाग ने उन एससी-एसटी बहुल टोलों की पहचान की है जो सड़क, भवन और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में पीछे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि:

  1. ​इन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
  2. ​विकास मित्र की भूमिका को और सक्रिय बनाया जाए ताकि सरकार की हर जन-कल्याणकारी योजना सीधे लोगों के दरवाज़े तक पहुँचे।

​सामाजिक और आर्थिक उत्थान पर जोर

​विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए मंत्री ने योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को संकेत दिए कि विभाग अब और भी अधिक प्रभावी और तेज गति से काम करेगा। उनका लक्ष्य एससी-एसटी समुदाय का न केवल शैक्षणिक, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करना है।

​विभागीय अधिकारियों ने किया स्वागत

​पदभार ग्रहण के अवसर पर विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी और निदेशक प्रियंका रानी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।

80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर बैठे मिलेगा राशन: मंत्री अशोक चौधरी ने संभाला पदभार, लिया बड़ा फैसला

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Patna News: बिहार सरकार के नवनियुक्त खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने शुक्रवार को विभाग में पहुंचकर विधिवत पदभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने राज्य के 8 करोड़ से अधिक राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। मंत्री ने बुजुर्गों के सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बेहद संवेदनशील पहल की घोषणा की है।

​बुजुर्गों के लिए ‘होम डिलीवरी’ की तैयारी

​मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि विभाग का सीधा जुड़ाव आम आदमी की रसोई से है। उन्होंने बताया कि विभाग अब इस दिशा में काम करेगा कि 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग राशन कार्डधारियों को राशन लेने के लिए दुकान तक न आना पड़े, बल्कि उन्हें उनके घर पर ही राशन पहुंचाने (Home Delivery) के प्रयास किए जाएंगे।

​“हर जरूरतमंद को मिलेगा राशन कार्ड”

​मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य का कोई भी योग्य और गरीब परिवार राशन कार्ड की सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • ​राशन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और गति लाई जाएगी।
  • ​उपभोक्ता हितों का संरक्षण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
  • ​पात्र परिवारों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा।

​विभागीय योजनाओं की समीक्षा

​पदभार संभालने के तुरंत बाद अशोक चौधरी ने विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक की। उन्होंने विभागीय कार्यकलापों और वर्तमान में चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनता को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोलाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​वरिष्ठ अधिकारियों ने किया भव्य स्वागत

​मंत्री के आगमन पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, विशेष सचिव विभूति रंजन चौधरी, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के एमडी सुनील कुमार, संयुक्त सचिव रवीन्द्र कुमार और ओएसडी सृष्टि प्रिया सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया।

भ्रामक खबरों पर लगाम और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार: मंत्री श्रवण कुमार ने संभाला IPRD का जिम्मा

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Patna News: बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के मंत्री के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय पहुँचने पर विभागीय सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और निदेशक  अनिल कुमार ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। पदभार संभालते ही मंत्री ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं।

​सोशल मीडिया पर ‘फेक न्यूज’ के खिलाफ एक्शन मोड

​मंत्री श्रवण कुमार ने सूचनाओं के सटीक प्रसारण पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक खबरें तेजी से फैलती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:

  • ​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निरंतर निगरानी की जाए।
  • ​किसी भी गलत या भ्रामक खबर का आधिकारिक हैंडल से त्वरित खंडन सुनिश्चित हो।
  • ​तथ्यों की जांच (Fact Check) कर जनता तक सही जानकारी पहुंचाई जाए ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

​अंतिम पायदान तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं

​मंत्री ने कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सरकार का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो और सोशल मीडिया का समन्वित उपयोग किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया।

​बिहार की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर निखारने का लक्ष्य

​श्रवण कुमार ने कहा कि उनका लक्ष्य न केवल राज्य के भीतर, बल्कि बिहार के बाहर भी राज्य की सकारात्मक छवि को मजबूती से पेश करना है। इसके लिए उन्होंने नवीन तकनीकों और रचनात्मक (Creative) तरीकों को अपनाने की बात कही। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें पूर्व में सौंपी गई जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है, इस विभाग को भी वे नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

​मानव संसाधन की कमी होगी दूर

​विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग में रिक्त पदों और मानव संसाधन की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। काम में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​इस अवसर पर गरिमामयी उपस्थिति:

पदभार ग्रहण के दौरान बरौली विधायक मनजीत सिंह, पिपरा विधायक रामविलास कामत सहित अपर सचिव राजीव कुमार सिंह, विधुभूषण चौधरी, संयुक्त निदेशक रवि भूषण सहाय और ओएसडी कुमारिल सत्यनंदन समेत विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बिहार में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए बड़ा ब्लूप्रिंट तैयार: पुराने कानून होंगे खत्म, 15 दिनों का अल्टीमेटम

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Patna News: बिहार में निवेश की राह को आसान बनाने और विकास की गति को तेज करने के लिए सरकार अब “मिशन मोड” में आ गई है। शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में ‘वि-विनियमन (Deregulation) 1.0 एवं 2.0’ के तहत सुधारों को जमीन पर उतारना था।

​15 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपडेट करें रिपोर्ट

​बैठक में विशेष सचिव के.के. पाठक ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश के रास्ते में बाधा बनने वाले हर अनावश्यक नियम को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘Deregulation 2.0’ के तहत लंबित सभी कार्यों को अगले 15 कार्य दिवसों के भीतर पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​जेल के बदले अब लगेगा जुर्माना (Decriminalization)

​व्यापारियों और उद्यमियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि अब छोटी तकनीकी गलतियों पर कारावास जैसे कठोर दंड नहीं भुगतने होंगे। बैठक में व्यावसायिक कानूनों के तहत तकनीकी चूकों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर उन्हें अर्थदंड (Penalty) में बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

​शहरी नियोजन और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए मानक

​बैठक में आधुनिक बिहार की तस्वीर बदलने के लिए कई अहम तकनीकी सुधारों पर भी चर्चा हुई:

  • ​NBCS 2026: राज्य के बिल्डिंग बाय-लॉज (Bye-laws) में National Building Code for Sustainability (NBCS) 2026 के नए मानकों को जोड़ा जाएगा, ताकि भविष्य के निर्माण सुरक्षित और टिकाऊ हों।
  • ​FAR नियमों में बदलाव: शहरी नियोजन को बेहतर बनाने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) के नियमों को तर्कसंगत बनाया जाएगा।
  • ​TFM मॉडल: सरकारी संपत्तियों के रखरखाव और कुशल प्रबंधन के लिए Total Facility Management (TFM) मॉडल अपनाया जाएगा।

​सिंगल विंडो सिस्टम और सेल्फ-सर्टिफिकेशन अनिवार्य

​मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रशासन में पारदर्शिता लाने और मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) को न्यूनतम करने के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘स्व-प्रमाणीकरण’ (Self-Certification) को अनिवार्य रूप से लागू करने का आदेश दिया। अब फाइलों को एक विभाग से दूसरे विभाग तक दौड़ने की जरूरत नहीं होगी; समन्वय का जिम्मा कैबिनेट सचिवालय संभालेगा।

​हर शुक्रवार को होगी प्रगति की समीक्षा

​प्रशासनिक चुस्ती बनाए रखने के लिए यह तय किया गया है कि सभी विभागीय नोडल अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार को अपनी प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को भेजेंगे। इन रिपोर्टों की सीधी निगरानी मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा की जाएगी।

​बैठक में उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्त, उद्योग, नगर विकास और भवन निर्माण विभाग समेत तमाम संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मधेपुरा में फिर लगेगा पासपोर्ट मेला: 24 से 26 मई तक मोबाइल वैन शिविर, घर बैठे बनेगा पासपोर्ट

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Patna News: मधेपुरा और आसपास के जिलों के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। विदेश मंत्रालय की ‘पासपोर्ट सेवा – आपके द्वार’ पहल के तहत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO), पटना द्वारा मधेपुरा में तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

​मुख्य बातें: कब और कहाँ लगेगा शिविर?

  • ​तारीख: 24 मई से 26 मई, 2026 तक।
  • ​स्थान: समाहरणालय परिसर (Collectorate Campus), मधेपुरा।
  • ​उद्घाटन: 24 मई को जिला पदाधिकारी श्री अभिषेक रंजन (IAS) और क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी श्रीमती स्वधा रिज़वी (IFS) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।

​क्यों खास है यह शिविर?

​मधेपुरा जिले में फिलहाल कोई समर्पित पासपोर्ट कार्यालय नहीं है, जिस कारण यहाँ के नागरिकों को पटना या अन्य शहरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इसी समस्या को देखते हुए भारत सरकार ने मोबाइल वैन के जरिए पासपोर्ट सेवा को सीधे जनता के बीच पहुँचाने का निर्णय लिया है।

​अभूतपूर्व उपलब्धि: यह पहली बार है जब किसी एक ही जिले में इतनी जल्दी दोबारा पासपोर्ट शिविर लगाया जा रहा है। इससे पहले जनवरी 2026 में लगे शिविर की भारी सफलता (165 आवेदन) को देखते हुए मंत्रालय ने दोबारा यहाँ कैंप लगाने का फैसला किया है।

​आवेदन की प्रक्रिया और सीटें

​इस 3-दिवसीय कैंप में कुल 165 आवेदनों के प्रसंस्करण (Processing) की व्यवस्था है।

  • ​प्रतिदिन केवल 55 आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे।
  • ​इच्छुक नागरिक पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर जाकर “पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर, मधेपुरा” विकल्प चुनकर अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं।
  • ​सभी प्रक्रिया स्थल पर ही पूरी की जाएगी, जिससे आवेदकों का समय और पैसा दोनों बचेगा।

​बिहार में पासपोर्ट सेवाओं का विस्तार

​क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना के अनुसार अप्रैल 2024 से अब तक यह 18वाँ मोबाइल वैन शिविर है। अब तक ऐसे शिविरों के माध्यम से 2300 से अधिक आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। वर्तमान में बिहार के सभी 40 लोकसभा क्षेत्रों में पासपोर्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिसमें 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) और 2 मुख्य पासपोर्ट सेवा केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

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Crime News: बिहार के भागलपुर जिले में पुलिस ने फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने एक अपराधी को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

​गिरफ्तारी और बरामदगी:

​पुलिस ने गिरफ्तार अपराधी की पहचान प्रदीप साह के रूप में की है, जो भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना अंतर्गत सिमरिया गांव का रहने वाला है। वह कजरैली थाना क्षेत्र में एक कैफे चलाता था। पुलिस ने उसके पास से बड़ी संख्या में फर्जी आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने उसके पास से लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट स्कैनर और थंब स्कैनर मशीन भी बरामद की है।

​पुलिस की कार्रवाई:

​पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कजरैली थाना पुलिस ने प्रदीप साह के कैफे पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसे फर्जी दस्तावेज बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

​पूछताछ और आगे की कार्रवाई:

​पुलिस प्रदीप साह से पूछताछ कर रही है। पुलिस को संदेह है कि वह एक बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने और बेचने का काम करता है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

विक्रमशिला सेतु संकट के बीच जाह्नवी घाट बना ‘लाइफलाइन’: जिलाधिकारी ने खुद संभाली कमान, यात्रियों के लिए फ्री नाव और शिविर की व्यवस्था

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु पर यातायात बाधित होने के बाद यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने आज नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत जाह्नवी (महादेवपुर) घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के गंगा पार आवागमन को सुगम, सुरक्षित और प्रतीक्षा मुक्त बनाना है।

​फ्री नाव और सुगम मार्ग की व्यवस्था

​जिलाधिकारी के निर्देश पर जाह्नवी घाट पर यात्रियों की सुविधा के लिए बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं:

  • ​समतलीकरण: घाट तक पहुँचने वाले रास्ते को समतल कर नाव तक जाने का मार्ग सुगम बनाया गया है ताकि बुजुर्गों और बीमारों को दिक्कत न हो।
  • ​निःशुल्क नाव: यात्रियों के लिए पर्याप्त संख्या में निःशुल्क नावों की व्यवस्था की गई है, जिससे बरारी पुल घाट और जाह्नवी घाट के बीच निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके।
  • ​शून्य प्रतीक्षा समय: परिवहन साधनों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण यात्रियों को अब घाट पर लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ रहा है।

​घाट पर बना हाई-टेक शेल्टर: चिकित्सा से लेकर बिजली तक सब मौजूद

​यात्रियों की सुरक्षा और आराम के लिए घाट पर एक विशेष शिविर (Camp) स्थापित किया गया है, जहाँ निम्नलिखित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं:

  1. ​चिकित्सा सुविधा: आपात स्थिति के लिए स्ट्रेचर और एम्बुलेंस की तैनाती की गई है।
  2. ​जिला नियंत्रण कक्ष: यात्रियों की सहायता और निगरानी के लिए घाट पर ही कंट्रोल रूम बनाया गया है।
  3. ​बुनियादी सुविधाएँ: स्वच्छ पेयजल, शौचालय और रात के समय आवाजाही के लिए पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) का प्रबंध किया गया है।

​DM का सख्त निर्देश: “यात्रियों को न हो कोई असुविधा”

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी, नवगछिया को घाट पर लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्वयं यात्रियों से बातचीत कर फीडबैक लिया और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने का भरोसा दिलाया।

​निरीक्षण के दौरान नवगछिया एसडीओ सहित जिला प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी और अभियंता मौके पर मौजूद थे।

40 से अधिक उम्र वाले कामगारों की होगी मुफ्त सालाना जांच, बिहटा ESIC मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम का शुभारंभ

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Patna News: बिहार के श्रमिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। बिहटा स्थित ईएसआईसी (ESIC) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए ‘वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्घाटन केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देश के 12 विभिन्न केंद्रों पर एक साथ किया।

​नियोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य जांच कराना अब अनिवार्य

​कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि नई श्रम संहिता (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020) के तहत अब प्रत्येक नियोक्ता (Employer) के लिए यह कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने संस्थान में कार्यरत 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों की साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करें।

​श्रमिकों को मिलेगी सवेतन छुट्टी और मुफ्त इलाज

​बिहार के श्रम संसाधन विभाग के सचिव  दीपक आनंद ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मौजूद श्रमायुक्त  राजेश भारती ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया:

  • ​सवेतन अवकाश: स्वास्थ्य जांच के लिए जाने वाले श्रमिकों को उस दिन की सवेतन छुट्टी (Paid Leave) दी जाएगी।
  • ​शुरुआती पहचान: इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीमारियों की शुरुआती स्तर पर ही पहचान करना है ताकि श्रमिकों का जीवन सुरक्षित रहे।
  • ​आर्थिक सुरक्षा: ईएसआईसी के माध्यम से मुफ्त इलाज होने से श्रमिक परिवारों को अचानक आने वाले भारी मेडिकल खर्चों से राहत मिलेगी।

​ESIC द्वारा मिलने वाले अन्य बड़े लाभ:

​क्षेत्रीय निदेशक निरंजन कुमार और डीन डॉ. विनय विश्वास ने श्रमिकों को मिलने वाले अन्य फायदों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी:

  1. ​बीमारी में वेतन: बीमारी के दौरान आर्थिक सहायता।
  2. ​आजीवन पेंशन: कार्यस्थल पर दुर्घटना होने पर आजीवन पेंशन और मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को 90% तक पेंशन।
  3. ​मातृत्व लाभ: महिला श्रमिकों को 26 सप्ताह तक का मातृत्व हितलाभ।
  4. ​शिक्षा में आरक्षण: बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण की व्यवस्था।