Bhagalpur News: बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आज सुंदरवती महिला महाविद्यालय (SM College) के परिसर में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। दो दिवसीय ‘कलम बंद’ हड़ताल के पहले ही दिन विश्वविद्यालय और कॉलेजों का प्रशासनिक कार्य पूरी तरह चरमरा गया है।
सम्मान और अधिकार की लड़ाई: सुशील मंडल
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे क्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ वेतन की नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और उनके हक की है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा:
”सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार हमारी जायज मांगों को अनसुना कर रहा है। जब तक हमारी आवाज नहीं सुनी जाएगी, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।”
कर्मचारियों की प्रमुख 15 सूत्रीय मांगें
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी तरह संवैधानिक और न्यायसंगत हैं। मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कर्मचारियों के हित में दिए गए आदेशों को अविलंब लागू करना।
- वेतन कटौती पर रोक: कर्मचारियों के वेतन में की गई कटौती को तुरंत वापस लेना।
- प्रोन्नति (Promotion): तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करना।
- ACP/MACP का लाभ: मार्च 2026 के वेतन के साथ ही एसीपी और एमएसीपी का लाभ सुनिश्चित करना।
- ट्रांसफर नीति का विरोध: पुराने कॉलेजों से नए कॉलेजों में किए जा रहे कर्मचारियों के स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाना।
प्रशासनिक कामकाज पर पड़ा बुरा असर
हड़ताल के कारण कॉलेज के कार्यालयों में ताले लटके रहे। छात्र-छात्राओं को अपने फॉर्म जमा करने, सर्टिफिकेट लेने और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए भटकना पड़ा। कर्मचारियों की एकता के कारण कॉलेज की प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह ठप नजर आई।
चेतावनी: 20 तारीख को होगा ‘महा-जुलूस’
महासंघ ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।


