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विक्रमशिला सेतु संकट: अब गंगा की लहरों पर दौड़ेगी ‘फेरी और कार्गो सेवा’, भागलपुर-नवगछिया के बीच सफर होगा आसान

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु का स्लैब क्षतिग्रस्त होने के कारण भागलपुर और नवगछिया के बीच पैदा हुए सड़क संपर्क संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सेतु पर आवागमन बाधित होने के बाद अब गंगा नदी के रास्ते जलयान, फेरी और कार्गो सेवा को बड़े पैमाने पर शुरू करने की तैयारी है। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में इस पर विस्तृत रणनीति बनाई गई।

​सड़क संपर्क बाधित होने पर जलमार्ग बना सहारा

​विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब गिर जाने के बाद से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है या घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। इसी समस्या को सुलझाने के लिए प्रशासन अब नाव और क्रूज सेवा के बाद व्यवस्थित फेरी और कार्गो सेवा शुरू करने जा रहा है।

  • ​फेरी सेवा: इससे आम यात्री सुगमता से एक किनारे से दूसरे किनारे जा सकेंगे।
  • ​कार्गो सेवा: इसके माध्यम से आवश्यक वस्तुओं, खाद्य सामग्री और भारी सामानों का परिवहन सुचारु रूप से हो सकेगा।

​दर (Rates) निर्धारण पर फैसला: नहीं होगी मनमानी

​बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फेरी और कार्गो सेवाओं के लिए जल्द से जल्द दरें निर्धारित की जाएं। दरें तय होने से:

  1. ​यात्रियों से मनमाना किराया नहीं वसूला जा सकेगा।
  2. ​व्यापारियों को सामान लाने-ले जाने में वित्तीय स्पष्टता रहेगी।
  3. ​परिवहन की व्यवस्था व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।

​बैठक में इन दिग्गजों की रही मौजूदगी

​जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक और तकनीकी टीम के मुख्य सदस्य शामिल हुए:

  • ​वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव
  • ​जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल
  • ​उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह
  • ​अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार
  • ​अधीक्षण अभियंता (बाढ़ नियंत्रण), सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी।

​प्रशासन का संकल्प: सुगम हो आवागमन

​जिलाधिकारी ने बैठक में जोर देकर कहा कि पुल की मरम्मत होने तक जलमार्ग ही लाइफलाइन का काम करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए परिचालन की व्यवस्था जल्द से जल्द जमीन पर उतारें ताकि आम जनता को और अधिक परेशानी न झेलनी पड़े।

भागलपुर: बरारी घाट की व्यवस्थाओं का जायजा लेने खुद उतरे DM और SSP, यात्रियों से लिया ‘किराये’ का फीडबैक

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Bhagalpur News: यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आज जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त रूप से बरारी घाट का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल व्यवस्थाएं देखीं, बल्कि धरातल पर यात्रियों से संवाद कर वास्तविक स्थिति की जानकारी भी ली।

​यात्रियों से सीधे संवाद: ‘ओवरचार्जिंग’ पर नजर

​निरीक्षण के दौरान सबसे खास बात यह रही कि जिलाधिकारी ने खुद नावों पर जाकर यात्रा कर रहे यात्रियों से बात की। उन्होंने यात्रियों से पूछा कि उनसे कितना किराया लिया जा रहा है। इस फीडबैक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी नाविक या ठेकेदार यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक वसूली न कर सके।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अस्थायी थाने का मुआयना

​भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बरारी घाट पर स्थापित अस्थायी थाने का भी दोनों अधिकारियों ने मुआयना किया। SSP प्रमोद कुमार यादव ने पुलिस बल को मुस्तैद रहने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी असामाजिक तत्व पर पैनी नजर रखी जाए।

​भोजन की गुणवत्ता और सुविधाओं पर जोर

​प्रशासनिक टीम ने ‘जीविका दीदियों’ द्वारा संचालित रसोई का भी निरीक्षण किया।

  • ​क्वालिटी चेक: डीएम ने रसोई में बन रहे भोजन की शुद्धता और गुणवत्ता को परखा।
  • ​प्रतीक्षा शिविर: घाट पर बने प्रतीक्षा शिविर में यात्रियों को आराम देने के लिए डीएम ने तुरंत मैट (चटाई) बिछाने का निर्देश दिया, ताकि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को बैठने में असुविधा न हो।

​अधिकारियों की मुस्तैदी

​इस निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से बरारी घाट पर आने वाले यात्रियों में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विश्वास बढ़ा है।

बिहार में अब ‘ऑन द स्पॉट’ होगा समस्याओं का समाधान: CM सम्राट चौधरी ने लॉन्च किया ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन 1100

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Patna News: बिहार की जनता को अब अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज ‘संवाद’ कक्ष से सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 और सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) का भव्य लोकार्पण किया। इस नई व्यवस्था के तहत अब पंचायत स्तर पर ही जनता की शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।

​30 दिन की डेडलाइन: काम में देरी मतलब सीधा निलंबन

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं के निष्पादन में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • ​नया नियम: आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को आदेश पारित करना होगा।
  • ​कठोर कार्रवाई: यदि 30 दिन में फाइल नहीं निपटाई गई या काम अटकाया गया, तो 31वें दिन अधिकारी स्वतः (Automatically) निलंबित हो जाएंगे। इसके लिए पोर्टल पर ऑटो-जेनरेटेड सस्पेंशन फॉर्मेट की व्यवस्था की गई है।

​हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को ‘सहयोग शिविर’

​बिहार की हर पंचायत में अब प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को विशेष ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया जाएगा।

  • ​लोग अपनी समस्याएं ऑनलाइन (पोर्टल के जरिए) या ऑफलाइन (शिविर में) दर्ज करा सकेंगे।
  • ​शिविरों की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीधे जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) करेंगे।
  • ​मुख्यमंत्री सचिवालय (CMO) में लगे डैशबोर्ड से इन सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

​भ्रष्टाचार पर चोट: थानों और अंचलों में लगेंगे CCTV

​पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी प्रखंड कार्यालयों, अंचलों और थानों में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे वहां होने वाली हर गतिविधि पर मुख्यालय की नजर रहेगी और बिचौलियों या भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

​जमीन विवाद और कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस

​मुख्यमंत्री ने जमीन से जुड़े विवादों को निष्पक्ष तरीके से सुलझाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर दशकों से बसे लोगों का ब्योरा रखा जाए क्योंकि यह जनता की सरकार है और उनकी चिंता करना सरकार का दायित्व है। स्थानीय स्तर पर कचरा प्रबंधन और पुलिस से जुड़ी शिकायतों को भी इसी समय सीमा के भीतर हल करना होगा।

​मुख्यमंत्री का संकल्प: “सबका सम्मान, जीवन आसान”

​संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सहयोग शिविर तब तक चलता रहेगा, जब तक लोगों के आवेदन आने बंद नहीं हो जाते। हमारा मूल मकसद है कि बिहार के हर नागरिक का जीवन आसान बने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो।”

पटना: CM सम्राट चौधरी ने किया नवीन किशोर सिन्हा पथ का लोकार्पण, अब 1.5 महीने में चलेगी वाटर मेट्रो

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Patna News: राजधानी पटना के विकास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत निर्मित ‘नवीन किशोर सिन्हा पथ’ (मंदिरी नाला पथ) का भव्य लोकार्पण किया। लगभग 115.08 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पथ ने न केवल आवागमन को सुगम बनाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सूरत बदल दी है।

​प्रदूषित नाले से आधुनिक फोरलेन तक का सफर

​मुख्यमंत्री ने लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कभी अव्यवस्थित और प्रदूषित रहने वाला मंदिरी नाला अब एक सुंदर फोरलेन सड़क के रूप में तब्दील हो चुका है।

  • ​लंबाई: 1289 मीटर।
  • ​कनेक्टिविटी: यह पथ सीधे इनकम टैक्स चौराहा को अशोक राजपथ से जोड़ेगा।
  • ​सुविधाएं: आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और हाई-टेक लाइटिंग से लैस।

​वाटर मेट्रो और भविष्य की योजनाएं

​मुख्यमंत्री ने पटनावासियों के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगले डेढ़ महीने के अंदर गंगा नदी में ‘वाटर मेट्रो’ का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  1. ​नवीन किशोर सिन्हा पथ को 31 मार्च 2027 तक जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) से जोड़ दिया जाए।
  2. ​अगले वर्ष तक इसी पथ पर स्व० नवीन किशोर सिन्हा जी की भव्य मूर्ति स्थापित की जाए।

​‘पाटलिपुत्र’ और ‘हरिहरनाथ’ नाम से बसेंगे नए शहर

​बिहार को समृद्ध बनाने के विजन पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पटना का विस्तार अब गंगा के दोनों किनारों पर होगा:

  • ​पाटलिपुत्र टाउनशिप: 66 हजार एकड़ में नया शहर बसाया जाएगा।
  • ​हरिहरनाथ टाउनशिप: गंगा के उस पार सोनपुर क्षेत्र में नया टाउनशिप विकसित होगा।

​अपराधियों को 48 घंटे में मिलेगा जवाब: सुशासन का संकल्प

​मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “बिहार में सुशासन का राज है। अगर कोई अपराधी पुलिस को चैलेंज करेगा, तो उसे 48 घंटे के भीतर जवाब दिया जाएगा। अपराधी चाहे किसी भी जाति या धर्म का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इंडस्ट्री लाने के लिए सुशासन की गति को और तेज करना होगा।

​इन दिग्गजों की रही उपस्थिति

​कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा सहित कई मंत्री और आला अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस विजन को जमीन पर उतारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खाजपुरा शिव मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की खुशहाली के लिए मांगा महादेव का आशीर्वाद

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Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज भक्तिमय नजर आए। श्री सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनर्स्थापना दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पटना के खाजपुरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुँचे। यहाँ उन्होंने देवाधिदेव महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना की और बिहार की निरंतर प्रगति, सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए मंगल कामना की।

​भक्ति और परंपरा का संगम

​मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महादेव का जलाभिषेक किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्यवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। श्री सोमनाथ मंदिर के पुनर्स्थापना दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और आस्था के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।

​भव्य स्वागत और सम्मान

​मंदिर परिसर पहुँचने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया:

  • ​विधायक संजीव चौरसिया ने मुख्यमंत्री को अंग वस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
  • ​मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा पारंपरिक तरीके से चुनरी ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

​समृद्ध बिहार का संकल्प

​पूजा के उपरांत मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह और मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि राज्य सरकार जनता की सेवा और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि महादेव के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से बिहार आने वाले समय में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

विक्रमशिला सेतु पर राहत की आहट: BRO की 100 सदस्यीय टीम ने संभाला मोर्चा, बेली ब्रिज बनाने की तैयारी शुरू

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद पिछले कई दिनों से जारी संकट अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। देश की प्रतिष्ठित संस्था सीमा सड़क संगठन (BRO) की 100 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम भागलपुर पहुंच चुकी है। टीम ने आते ही पुल के टूटे हिस्से और आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण शुरू कर दिया है। प्रशासन और जनता की निगाहें अब BRO की तकनीकी रिपोर्ट पर टिकी हैं।

​अस्थायी ‘बेली ब्रिज’ से निकलेगा समाधान

​सूत्रों के अनुसार, BRO की टीम पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के पास एक अस्थायी बेली ब्रिज (Bailey Bridge) के निर्माण की संभावना तलाश रही है। बेली ब्रिज एक पोर्टेबल, प्री-फैब्रिकेटेड पुल होता है जिसे कम समय में युद्ध स्तर पर तैयार किया जा सकता है। अगर तकनीकी टीम इसे हरी झंडी देती है, तो भागलपुर और नवगछिया के बीच छोटे वाहनों और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता बहुत जल्द खुल सकता है।

​जल और थल दोनों रास्तों से हुआ निरीक्षण

​सोमवार को BRO के इंजीनियरों ने पुल निगम के वरीय अधिकारियों और SDRF के जवानों के साथ मिलकर बरारी घाट से लेकर नवगछिया तक के हिस्से का जायजा लिया। टीम ने मोटरबोट के जरिए पुल के पायों (Pillars) और ऊपर की संरचना (Structure) की बारीकी से जांच की। इस दौरान पुल की क्षति कितनी गंभीर है और मरम्मत में कितना समय लगेगा, इसका विस्तृत डाटा तैयार किया गया है।

​प्रशासन की सक्रियता और पुख्ता इंतजाम

​BRO की बड़ी टीम के आगमन को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। टीम के ठहरने, सुरक्षा और कार्यस्थल पर बिजली-मशीनरी जैसे जरूरी संसाधनों की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की गई है। जिलाधिकारी ने खुद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि BRO की टीम को हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग दिया जाए ताकि मरम्मत कार्य में कोई बाधा न आए।

​क्यों अहम है BRO का आना?

​BRO आमतौर पर सीमावर्ती इलाकों और कठिन भौगोलिक स्थितियों में पुल और सड़क बनाने के लिए जाना जाता है। विक्रमशिला सेतु जैसे महत्वपूर्ण पुल के लिए BRO की विशेषज्ञता का उपयोग करना यह दर्शाता है कि सरकार इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द और मजबूती के साथ करना चाहती है।

​”साहब, शादी करा दीजिए!” विक्रमशिला सेतु बंद हुआ तो दूल्हे ने लगाई डीएम से गुहार, नाव के इंतजार में फंसा परिवार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही बंद होने का असर अब लोगों के अरमानों पर पड़ने लगा है। सेतु बंद होने से न केवल व्यापार और आवागमन ठप है, बल्कि शादियों के इस सीजन में दूल्हे और उनके परिजनों के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। ऐसा ही एक अनोखा और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक दूल्हा शादी करने के लिए जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है।

​नाव छूटी तो खतरे में पड़ा ‘शुभ मुहूर्त’

​घटना तब सामने आई जब जयराम कुमार नाम का दूल्हा अपनी बारात के साथ गंगा पार जाने के लिए घाट पर पहुँचा। दरअसल, प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक ही नौका परिचालन की अनुमति दी है। जयराम की बारात को गंगा पार जाना था, लेकिन जाम और अन्य कारणों से पहुँचने में थोड़ी देर हो गई। जब तक वे घाट पहुँचे, नावों का परिचालन बंद हो चुका था।

​अपनी शादी रुकती देख दूल्हा जयराम भावुक हो गया और उसने सीधे प्रशासन से अपील करते हुए कहा— “डीएम साहब, प्लीज मेरी शादी करा दीजिए।”

​परिजनों की बढ़ी चिंता: कैसे पहुँचेगी बारात?

​दूल्हे के जीजा मुकेश कुमार ने बताया कि अगर वे समय पर नदी पार नहीं कर पाए, तो शादी का शुभ मुहूर्त निकल जाएगा। शादी की सारी रस्में और तैयारियां धरी की धरी रह जाएंगी। सेतु बंद होने और शाम के बाद नाव न मिलने से बारात अब पूरी तरह बीच रास्ते में फंस गई है।

​सेतु बंद होने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त

​विक्रमशिला सेतु के बंद होने से केवल यह एक शादी ही नहीं, बल्कि कई सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि:

    • ​शाम 5 बजे नाव बंद होने से आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
    • ​बारात और शादी वाले परिवारों के लिए कोई विशेष कॉरिडोर या व्यवस्था नहीं है।
    • ​बीमारों और बुजुर्गों को गंगा पार ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

​“प्रशासन को शादी-विवाह और बेहद जरूरी कामों के लिए कम से कम एक विशेष नाव या वैकल्पिक व्यवस्था देनी चाहिए, ताकि किसी का त्यौहार या रस्म खराब न हो।” — स्थानीय नागरिक

भागलपुर: अजगैविनाथ धाम में गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा, डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मौत

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Bhagalpur News: विश्वप्रसिद्ध अजगैविनाथ धाम के नमामि गंगे घाट पर रविवार की शाम खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब गंगा स्नान के दौरान दो युवक गहरे पानी में समा गए। घंटों चले तलाशी अभियान के बाद सोमवार तड़के दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है।

​स्नान के दौरान गहरे पानी में गए दोस्त

​मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार शाम करीब 4:00 बजे की है। बताया जा रहा है कि युवक गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचे थे। स्नान करने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने या पानी की तेज धारा की चपेट में आने से दोनों युवक गहरे पानी में चले गए। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया।

​SDRF और स्थानीय नाविकों का रेस्क्यू ऑपरेशन

​सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और SDRF (State Disaster Response Force) की टीम मौके पर पहुंची। रविवार देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अंधेरा और गंगा की तेज लहरों के कारण सफलता नहीं मिली। सोमवार की सुबह नगर परिषद सुल्तानगंज के अनुभवी नाविक शंकर महलदार और स्थानीय गोताखोरों ने दोबारा खोजबीन शुरू की, जिसके बाद दोनों युवकों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया।

​मृतकों की पहचान और परिजनों का विलाप

​मृतकों की पहचान जिले के ही दो अलग-अलग क्षेत्रों के रूप में हुई है:

  1. ​विकास कुमार साह (22 वर्ष): पिता- रवि कुमार शाह, निवासी- ताखीचक, भागलपुर।
  2. ​पीयूष कुमार वर्मा (21 वर्ष): पिता- विकास कुमार वर्मा, निवासी- कलबगंज, भागलपुर।

​शव मिलने की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। नमामि गंगे घाट पर चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

​पुलिस की कार्रवाई

​सुल्तानगंज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय (मायागंज अस्पताल) भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घाट पर सुरक्षा मानकों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

भागलपुर: मवेशी बचाने के चक्कर में कतरिया नदी में समाई मासूम की जान, गांव में मचा कोहराम

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के लोदीपुर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां कतरिया नदी में डूबने से एक 14 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे जीछो बिशनपुर गांव को शोक में डुबो दिया है। खेलकूद की उम्र में बालक की असमय मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​पैर फिसलने से गहरे पानी में गया आनंद

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान जीछो बिशनपुर गांव निवासी अनिल यादव के पुत्र आनंद कुमार (14 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना रविवार, 10 मई की है, जब आनंद मवेशियों को चराने के लिए पास के बहियार गया था। इसी दौरान एक मवेशी कतरिया नदी की ओर चला गया। आनंद उसे सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर गहरे पानी में समा गया।

​24 घंटे के तलाशी अभियान के बाद मिला शव

​हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों और परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन शाम ढलने तक किशोर का कहीं सुराग नहीं मिला। सोमवार, 11 मई की सुबह स्थानीय गोताखोरों की मदद से फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद आनंद का शव नदी में तैरता हुआ पाया गया, जिसे देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

​पुलिस की कार्रवाई और गांव में मातम

​घटना की सूचना मिलते ही लोदीपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल भेज दिया है।

​”एक छोटे से प्रयास ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। आनंद अपने माता-पिता का लाडला था और उसकी मौत से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।” — स्थानीय ग्रामीण

​भागलपुर में जमीन माफिया का तांडव: 20 लाख की रंगदारी न देने पर तोड़ी बाउंड्री, जान से मारने की दी धमकी

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Bhagalpur News: सिल्क सिटी में जमीन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब आम आदमी का अपनी खरीदी हुई जमीन पर घर बनाना दुश्वार हो गया है। ताजा मामला औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र की बसंत विहार कॉलोनी का है, जहाँ एक जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। दबंगों ने न सिर्फ निर्माण कार्य रुकवाया, बल्कि ₹20 लाख की मांग करते हुए जमकर उत्पात मचाया।

​क्या है पूरा मामला?

​जीरो माइल के रहने वाले पारस तांती ने बताया कि उन्होंने पटेल बाबू रोड की निवासी विद्या साहा से 625 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब उन्होंने वहां मकान का निर्माण कार्य शुरू कराया, तो इलाके के दबंगों की नजर उनकी संपत्ति पर पड़ गई।

​हथियार लहराते हुए पहुंचे दबंग, मांगी मोटी रकम

​पीड़ित पारस तांती के अनुसार, बीते 5 अप्रैल को सुबोध पासवान, नितेश यादव और उनके साथ आए कई अज्ञात लोग हथियारों से लैस होकर निर्माण स्थल पर पहुंचे। दबंगों ने काम रुकवा दिया और सीधे 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। जब पीड़ित ने पैसे देने से असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी और नवनिर्मित बाउंड्री वॉल को ढहा दिया।

​”उन्होंने साफ लफ्जों में धमकी दी है कि अगर जमीन पर घर बनाना है, तो पहले 20 लाख रुपये देने होंगे, वरना लाशें गिरेंगी।” — पारस तांती, पीड़ित

 

​विक्रेता को भी दी गई धमकी

​सिर्फ खरीदार ही नहीं, बल्कि जमीन बेचने वाली विद्या साहा भी इन दबंगों के निशाने पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी उनकी जमीन पर अवैध रूप से मिट्टी गिराकर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विद्या साहा का कहना है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि यह जमीन वे किसी और को लेने या बेचने नहीं देंगे।

​पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

​इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात पुलिस की कथित निष्क्रियता है। पीड़ितों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

​प्रशासनिक सुस्ती से परेशान होकर पीड़ितों ने अब आरक्षी महानिरीक्षक (IG) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) का दरवाजा खटखटाया है और न्याय की गुहार लगाई है।

​इलाके में दहशत का माहौल

​दिनदहाड़े बाउंड्री तोड़े जाने और रंगदारी मांगे जाने की इस घटना से बसंत विहार कॉलोनी के निवासियों में डर का माहौल है। लोग अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अब देखना यह होगा कि वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भागलपुर पुलिस इन दबंगों पर क्या कार्रवाई करती है।