Home Blog Page 71

विक्रमशिला सेतु पर संकट के बीच बड़ी राहत: भागलपुर पहुंची BRO की टीम, जल्द शुरू होगा ‘बेली ब्रिज’ का निर्माण

0

Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उपजे गंभीर यातायात संकट को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने ‘वॉर फुटिंग’ (युद्ध स्तर) पर काम शुरू कर दिया है। सेतु पर वैकल्पिक आवागमन बहाल करने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम भागलपुर पहुंच चुकी है। बेली ब्रिज के निर्माण से भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच संपर्क को फिर से सुगम बनाने की तैयारी है।

​तकनीकी विशेषज्ञों का जमावड़ा शुरू

​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि BRO के अधिकारियों की पहली टीम मंगलवार को ही भागलपुर पहुंच गई है। उन्होंने आगे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कुछ अन्य विशेषज्ञ और मुख्य तकनीकी टीम गुरुवार की शाम तक भागलपुर पहुंच जाएगी। टीम के आते ही पुल के निरीक्षण और बेली ब्रिज निर्माण की कार्ययोजना पर काम शुरू हो जाएगा।

​प्रशासन ने की है पुख्ता व्यवस्था

​BRO की टीम की सुविधा और कार्य की गति को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि:

  • ​टीम के रहने, खाने-पीने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सभी संसाधनों की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से कर दी गई है।
  • ​प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि BRO की टीम को काम शुरू करने में किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।

​क्या है बेली ब्रिज और इससे क्या होगा फायदा?

​बेली ब्रिज एक अस्थाई लेकिन बेहद मजबूत पोर्टेबल स्टील ब्रिज होता है, जिसका उपयोग सेना अक्सर आपातकालीन स्थितियों में करती है।

  1. ​तेजी से निर्माण: यह अन्य पुलों की तुलना में बहुत कम समय में तैयार हो जाता है।
  2. ​यातायात बहाली: इसके बनने से विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर से छोटे और मध्यम वाहनों का परिचालन सुरक्षित तरीके से शुरू हो सकेगा।
  3. ​आम जन को राहत: पिछले कई दिनों से जाम और नाव के जोखिम भरे सफर से परेशान लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।

​प्रशासन का भरोसा: जल्द खत्म होगी परेशानी

​जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि प्रशासन और BRO के संयुक्त प्रयास से बहुत जल्द बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर सहित आसपास के कई जिलों की लाइफलाइन प्रभावित हुई है, ऐसे में BRO की एंट्री ने लोगों के बीच एक नई उम्मीद जगा दी है।

नवगछिया में खौफनाक वारदात: रंगदारी न देने पर युवक की गोली मारकर हत्या, सांत्वना देने पहुंचे सांसद पप्पू यादव

0

Bhagalpur News: भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र में अपराधियों के बढ़े हुए मनोबल ने एक और घर का चिराग बुझा दिया है। शनिवार की रात मामूली रकम की रंगदारी के विवाद में अपराधियों ने 25 वर्षीय युवक कन्हैया कुमार मोदी की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, खरीक थाना क्षेत्र के कठेला इलाके में शनिवार की रात कुछ अपराधी शराब पीने के लिए पैसों की मांग कर रहे थे। खरीक बाजार निवासी विजय मोदी के पुत्र कन्हैया कुमार मोदी ने जब इस रंगदारी का विरोध किया, तो अपराधियों ने उसे सरेराह गोली मार दी।

  • ​इलाज के दौरान मौत: गोली कन्हैया के पेट में लगी थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर स्थिति में पटना रेफर किया गया, जहाँ रविवार को उसने दम तोड़ दिया।
  • ​परिजनों में कोहराम: मौत की खबर सुनते ही खरीक बाजार में मातम छा गया और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

​एक्शन में पुलिस: 4 घंटे में अपराधी गिरफ्तार

​घटना के बाद नवगछिया पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी शुरू की। महज 4 घंटे के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषव चौधरी समेत तीन बदमाशों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

​सांसद पप्पू यादव ने बंधाया ढांढस: “10 घंटे में पहुँचूँगा आपके पास”

​युवक की हत्या की सूचना मिलते ही पूर्णिया सांसद पप्पू यादव मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

​“मैं हमेशा इस गांव और यहाँ के लोगों के साथ खड़ा हूँ। आप खुद को अकेला न समझें, जरूरत पड़ने पर मैं कहीं भी रहूँ, 10 घंटे के भीतर आपके बीच पहुँच जाऊँगा।”

 

​इलाके में तनाव और आक्रोश

​कन्हैया की मौत के बाद खरीक और आसपास के इलाकों में लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर गोलीबारी की घटनाएं पुलिस की गश्त पर सवाल उठाती हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पकड़े गए अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

बरारी घाट पर प्रशासन सख्त: अब नाव पर चढ़ने से पहले होगी सामान की सघन तलाशी, अग्निशमन विभाग ने संभाला मोर्चा

0

Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास स्लैब टूटकर गंगा में गिर जाने के बाद से जिला प्रशासन सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। सेतु पर बड़े वाहनों का आवागमन ठप्प होने के बाद बरारी पुल घाट पर यात्रियों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। इसी को देखते हुए आज से अग्निशमन विभाग (Fire Department) ने घाट पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।

​ज्वलनशील पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध

​अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नाव दुर्घटनाओं को रोकना है। अक्सर लोग नाव यात्रा के दौरान अपने साथ पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर या अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाते हैं, जो बीच गंगा में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। अब हर नाव की रवानगी से पहले यात्रियों के सामान की बारीकी से जांच की जाएगी।

​एसएसपी का सख्त निर्देश: तैनात किए गए 30 जवान

​वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बरारी घाट की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए बताया कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घाट पर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं:

  • ​अस्थाई थाना: बरारी घाट पर एक अस्थाई पुलिस थाना स्थापित किया गया है।
  • ​सुरक्षा बल: घाट की निगरानी के लिए 1 इंस्पेक्टर, 3 पुलिस पदाधिकारी और 30 बिहार पुलिस के जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे।
  • ​सतत निगरानी: अग्निशमन विभाग के जवान नावों पर लाइफ जैकेट और आग बुझाने वाले यंत्रों की उपलब्धता की भी जांच करेंगे।

​विक्रमशिला सेतु की स्थिति तक जारी रहेगी व्यवस्था

​प्रशासन का कहना है कि जब तक विक्रमशिला सेतु की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और आवागमन पूरी तरह बहाल नहीं होता, तब तक बरारी घाट पर नाव परिचालन ही यात्रियों के लिए मुख्य विकल्प है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा।

​यात्रियों से अपील

​पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और नाव पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंधित या खतरनाक सामान लेकर न चढ़ें। आपकी थोड़ी सी जागरूकता एक बड़े हादसे को टाल सकती है।

सुल्तानगंज गोलीकांड पर प्रशासन का ‘हथौड़ा’: मुख्य आरोपी रामधनी यादव के घर चला बुलडोजर, अवैध निर्माण जमींदोज

0

Bhagalpur News: नगर परिषद सुल्तानगंज के बहुचर्चित गोलीकांड मामले में जिला प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी रामधनी यादव के घर पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को अपराधियों और अवैध कब्जाधारियों के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

​सनसनीखेज गोलीकांड से दहल गया था नगर परिषद

​विदित हो कि बीते 28 अप्रैल (मंगलवार) को नगर परिषद कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया था, जब दिनदहाड़े तीन अपराधियों ने कार्यालय के भीतर घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण कुमार और नगर सभापति राज कुमार गुड्डू को गोलियों से भून दिया था। इस दुस्साहसिक हमले के बाद पूरे जिले में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे।

​16वें दिन प्रशासन का कड़ा प्रहार

​घटना के ठीक 16वें दिन जिला प्रशासन के निर्देश पर अंचल पदाधिकारी (CO) अनुज कुमार झा भारी पुलिस बल के साथ आरोपी रामधनी यादव के आवास पर पहुंचे। मौके पर मौजूद बुलडोजर ने देखते ही देखते आरोपी के अवैध निर्माण को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दर्जनों पुलिस जवान और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे।

​अवैध कब्जे पर था प्रशासन की नजर

​अंचल पदाधिकारी अनुज कुमार झा ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई केवल गोलीकांड से ही नहीं, बल्कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान का भी हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया:

  • ​यह मकान रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाया गया था।
  • ​प्रशासन द्वारा पहले ही जमीन की नापी करवाकर नोटिस चिपकाया गया था।
  • ​नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।

​अपराधियों में खौफ का माहौल

​प्रशासन की इस ‘बुलडोजर कार्रवाई’ को सुल्तानगंज गोलीकांड के बाद अपराधियों के मनोबल को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की जमीन पर जितने भी अवैध निर्माण हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद से इलाके के अन्य अवैध कब्जाधारियों और आपराधिक तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।

सुल्तानगंज: ट्रक में तहखाना बनाकर हो रही शराब तस्करी का भंडाफोड़, 149 पेटी विदेशी शराब जब्त

0

Bhagalpur News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी को चुनौती देने वाले शराब माफियाओं के खिलाफ सुल्तानगंज पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने विदेशी शराब की एक बड़ी खेप के साथ एक ट्रक को जब्त किया है। इस दौरान पुलिस ने मौके से ट्रक चालक और खलासी (दो तस्करों) को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

​गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल

​थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड/बंगाल की ओर से एक भारी ट्रक विदेशी शराब लेकर सुल्तानगंज के रास्ते कहीं और खपाने की तैयारी में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी के नेतृत्व में थाना परिसर के पास ही सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक आता दिखा, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया।

​ट्रक के अंदर का नजारा देख दंग रह गई पुलिस

​जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी शुरू की, तो ऊपर से सामान्य दिखने वाले ट्रक के भीतर चालाकी से छुपाकर रखी गई 149 पेटी विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने जब पेटियों को खोला तो उसमें नामी ब्रांड्स का जखीरा मिला:

  • ​रॉयल स्टैग (Royal Stag)
  • ​रॉयल चैलेंज (Royal Challenge)

​विक्रमशिला सेतु के डायवर्जन का फायदा उठा रहे थे तस्कर

​पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में एक अहम बात स्वीकार की है। दरअसल, विक्रमशिला सेतु (Vikramshila Setu) के क्षतिग्रस्त होने के कारण गंगा पार जाने वाली गाड़ियों को सुल्तानगंज की ओर डायवर्ट किया गया है। तस्करों को लगा कि इस रूट पर गाड़ियों का दबाव अधिक होने के कारण वे पुलिस की नजरों से बच निकलेंगे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनकी योजना को विफल कर दिया।

​थाना प्रभारी का बयान

​थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार ने बताया:

​“हमें लगातार शराब तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। गिरफ्तार तस्करों से सघन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की यह खेप कहाँ से आई थी और इसे कहाँ पहुँचाया जाना था। तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।”

 

​बिहार में शराबबंदी पर कड़ा प्रहार

​बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए भागलपुर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इस ताजा कार्रवाई ने शराब माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अब ट्रक के मालिक और इस धंधे के पीछे के मुख्य ‘मास्टरमाइंड’ की तलाश में जुट गई है।

दहेज की बलि चढ़ी एक और विवाहिता: भागलपुर में संदिग्ध मौत, परिजनों ने पति समेत ससुराल वालों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

0

Bhagalpur Crime News: भागलपुर जिले के बाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्टीकरी गांव से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक विवाहिता पूजा कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतिका के मायके पक्ष में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का सीधा आरोप है कि पूजा की जान किसी बीमारी या हादसे ने नहीं, बल्कि ससुराल वालों के दहेज के लालच और लगातार दी जा रही प्रताड़ना ने ली है।

​2013 में हुई थी शादी, तब से जारी था जुल्म

​मृतिका पूजा कुमारी मूल रूप से मुंगेर जिले के खड़गपुर तेगड़ा की रहने वाली थी। उसकी शादी वर्ष 2013 में कस्टीकरी निवासी मुनेश्वर कुमार के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी। परिजनों का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर पूजा को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था। पूजा अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियों को छोड़ गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

​पंचायत में हुआ था समझौता, बॉन्ड भी भरा गया था

​मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि पूजा को बचाने के लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रयास किए गए थे। परिजनों के अनुसार:

  • ​लगभग एक सप्ताह पहले पति-पत्नी और दोनों पक्षों के बीच भारी विवाद हुआ था।
  • ​मामले को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई थी।
  • ​पंचायत के निर्णय के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और बाउंड्री बनाने की शर्त पर एक बॉन्ड भरा गया था।
  • ​मृतिका के परिजनों के पास उस समझौते के बॉन्ड की कॉपी भी मौजूद है, जो ससुराल वालों की प्रताड़ना का बड़ा सबूत मानी जा रही है।

​पुलिस की कार्रवाई और भाई का बयान

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

​मृतिका के भाई विपिन कुमार का बयान:

“मेरी बहन को शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। हमने कई बार समझाने की कोशिश की, पंचायत भी हुई, बॉन्ड भी भरा गया, लेकिन उनके लालच का अंत नहीं हुआ। हमें इंसाफ चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”

 

​इलाके में तनाव, जांच में जुटी पुलिस

​इस घटना के बाद से कस्टीकरी गांव में सन्नाटा पसरा है और मृतिका के मायके वालों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है।

‘फिश हब’ बनेगा भागलपुर: DM ने मछुआरों को बांटे आधुनिक संसाधन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले की पहचान अब सिर्फ रेशमी धागों तक सीमित नहीं रहेगी। भागलपुर अब मछली उत्पादन के क्षेत्र में बिहार का नेतृत्व करने को तैयार है। समीक्षा भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जिले को मत्स्य पालन में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए लाभार्थियों के बीच आधुनिक किट और संसाधनों का वितरण किया।

​मुख्यमंत्री मत्स्य विपणन योजना: 121 लाभार्थियों की बदली किस्मत

​कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मत्स्य विपणन योजना के तहत कुल 121 मछुआरों और पशुपालकों को सहायता प्रदान की गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मछुआरों को बिचौलियों से बचाना और उन्हें तकनीक से जोड़ना है। वितरण किए गए उपकरणों में शामिल हैं:

  • ​आधुनिक किट: बड़ी हांडी, जाल और सटीक माप के लिए वेइंग मशीन।
  • ​कोल्ड स्टोरेज की सुविधा: छोटे फ्रीजर दिए गए हैं ताकि मछलियां खराब न हों और मछुआरों को मजबूरी में कम दाम पर माल न बेचना पड़े।
  • ​ट्रांसपोर्टेशन सपोर्ट: ज्यादा उत्पादन करने वाले मछुआरों को ऑटो दिए गए हैं, जिससे वे सीधे बाजार तक अपनी पहुंच बना सकें।

​बिहपुर में 50 लाख की आधुनिक हैचरी: अब नहीं होगी बीज की किल्लत

​भागलपुर के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि बिहपुर में विकसित की गई आधुनिक हैचरी है। जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग 50 लाख रुपये की लागत से तैयार इस प्लांट में उच्च गुणवत्ता वाले मछली बीज तैयार किए जा रहे हैं।

​”अब भागलपुर के किसानों को मछली बीज (Seed) के लिए आंध्र प्रदेश या पश्चिम बंगाल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। हम खुद का क्वालिटी बीज तैयार कर रहे हैं, जिससे लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।” — डॉ. नवल किशोर चौधरी, DM

 

​सुरक्षा और ट्रेनिंग पर विशेष जोर

​नदियों के उफान और गहरे पानी में काम करने वाले मछुआरों की जान की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने लाइफ जैकेट और नई नावों की खरीद पर भारी सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। साथ ही, जिले में नए तालाबों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है और मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक पद्धति से पालन करने की विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

​आर्थिक विकास का नया मॉडल

​प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—मछली पालन को केवल एक पारंपरिक व्यवसाय से निकालकर एक व्यावसायिक मॉडल बनाना। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा, बल्कि भागलपुर से मछलियों का निर्यात दूसरे राज्यों में भी किया जा सकेगा।

भागलपुर के विकास को लगेंगे पंख: DM नवल किशोर चौधरी ने खींचा भविष्य का रोडमैप, जानें क्या है मास्टर प्लान

0

Bhagalpur News: रेशमी शहर भागलपुर को एक आधुनिक, स्वच्छ और विकसित जिला बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समीक्षा भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने जिले के सर्वांगीण विकास के लिए ‘विज़न 2026’ का खाका पेश किया। इस बैठक में न केवल बुनियादी ढांचे बल्कि पर्यावरण और शहरी विस्तार पर भी क्रांतिकारी फैसले लिए गए।

​ मुख्य आकर्षण: बैठक के बड़े फैसले

​ प्लानिंग एरिया का विस्तार: नए क्षेत्रों को मिलेगी पहचान

​शहर की बढ़ती आबादी के दबाव को कम करने के लिए जिलाधिकारी ने प्लानिंग एरिया के विस्तार पर जोर दिया। अब शहर के नजदीकी ग्रामीण इलाकों को मुख्यधारा से जोड़कर वहां शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण आबादी का जीवन स्तर भी सुधरेगा।

​ ट्रैफिक से मिलेगी निजात: नई सड़कें और बायपास

​भागलपुर की पुरानी समस्या यानी ट्रैफिक जाम को सुलझाने के लिए नए बायपास और सड़कों के चौड़ीकरण की रणनीति तैयार की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सुगम यातायात ही विकास की पहली शर्त है। जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) को दुरुस्त करने के लिए भी आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का सहारा लिया जाएगा।

​ ‘ग्रीन भागलपुर’ पर फोकस: पर्यावरण संरक्षण

​विकास के साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पौधारोपण अभियान और जल निकायों (Water Bodies) के पुनरुद्धार का संकल्प लिया है। कचरा प्रबंधन (Waste Management) के लिए आधुनिक प्लांट लगाने और शहर को ‘जीरो वेस्ट’ जोन बनाने पर भी चर्चा हुई।

​ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का साझा प्रयास

​बैठक में केवल अधिकारी ही नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।

    • ​भागीदारी: नगर आयुक्त, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख, मुखिया और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी।
    • ​संवाद: जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं (जैसे बिजली, पानी और गली-नाली) को प्रमुखता से रखा।
    • ​समन्वय: डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

​“योजनाएं कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखनी चाहिए”

​बैठक के दौरान जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी का रुख कड़ा रहा। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य भागलपुर को बिहार के सबसे स्वच्छ और विकसित जिलों की श्रेणी में शीर्ष पर लाना है। हर परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए।”

 

​  एक बेहतर भविष्य की ओर

​इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि भागलपुर अब बदलाव की दहलीज पर है। जिला प्रशासन का यह ‘रोडमैप’ अगर सही समय पर धरातल पर उतरा, तो आने वाले कुछ वर्षों में भागलपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। आम जनता को बेहतर सड़कें, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक नागरिक सुविधाएं मिलना अब हकीकत बनता दिख रहा है।

भागलपुर में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित कार ने युवक को रौंदा, मौके पर ही दर्दनाक मौत

0

Bhagalpur News: भागलपुर-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर मंगलवार को रफ्तार का कहर देखने को मिला। अकबरनगर थाना क्षेत्र के भट्टा के समीप एक अनियंत्रित वैगनआर कार ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

​घर लौटते वक्त काल बनी रफ्तार

​मृतक की पहचान सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के दुधेला काली अस्थान निवासी निशांत आनंद (25 वर्ष), पिता- कैलाश प्रसाद के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, निशांत किसी काम से भागलपुर गए थे और वहां से अपनी बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह अकबरनगर भट्टा के पास पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार वैगनआर कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

​पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम में देरी पर हंगामा

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय अकबरनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर भेज दिया।

​हालांकि, अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर परिजनों ने नाराजगी जाहिर की है। परिजनों का आरोप है कि:

  • ​एक चौकीदार कागजात लेकर अस्पताल पहुँचा था, लेकिन वह बिना प्रक्रिया पूरी कराए वहां से चला गया।
  • ​चौकीदार की अनुपस्थिति और कागजी अड़चनों के कारण पोस्टमार्टम में काफी देरी हुई, जिससे परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​निशांत की मौत की खबर जैसे ही दुधेला गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के परिजन अस्पताल में न्याय की गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी वाहन चालक की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

​परिजनों का बयान:

“निशांत घर का चिराग था। पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण हमें अस्पताल में भी घंटों परेशान होना पड़ रहा है। हम चाहते हैं कि दोषी ड्राइवर पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।” — रामानंद शर्मा, मृतक के परिजन

स्केटिंग के जरिए तय किया 1500 किमी का सफर: भागलपुर और मोकामा के जांबाजों ने 53 दिन में फतह किया केदारनाथ धाम

0

Bhagalpur News: कहते हैं अगर मन में अटूट श्रद्धा और कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो कठिन से कठिन रास्ता भी आसान हो जाता है। भागलपुर के सन्नी कुमार और मोकामा के दो जांबाज युवाओं ने इसे सच कर दिखाया है। इन युवाओं ने सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर स्केटिंग (Skating) करते हुए केदारनाथ धाम तक की दुर्गम यात्रा पूरी कर एक नया कीर्तिमान रचा है।

​53 दिनों का कठिन सफर और अटूट आस्था

​इन युवाओं की यह यात्रा किसी चुनौती से कम नहीं थी। सुल्तानगंज से केदारनाथ की दूरी लगभग 1500 किलोमीटर से अधिक है, जिसे इन्होंने अपनी पीठ पर गंगाजल लेकर स्केटिंग के सहारे तय किया।

  • ​सफर का समय: 53 दिन।
  • ​चुनौतियां: तपती धूप, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और पहाड़ों की कठिन चढ़ाई।
  • ​लक्ष्य: बाबा केदारनाथ के दर पर गंगाजल अर्पण करना।

​कठिन रास्तों और मौसम की मार को मात देते हुए जब ये युवा केदारनाथ पहुंचे और बाबा का जलाभिषेक किया, तो उनकी यह उपलब्धि पूरे बिहार के लिए चर्चा का विषय बन गई।

​जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

​इस ऐतिहासिक यात्रा को पूरा कर वापस लौटे युवाओं और उनके कोच अमन कुमार ने आज भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी से मुलाकात की। डीएम ने युवाओं के साहस और समर्पण को देखकर उनकी जमकर सराहना की।

​“यह भागलपुर और पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है। स्केटिंग करते हुए इतनी लंबी और कठिन यात्रा पूरी करना युवाओं की शारीरिक क्षमता और अटूट आस्था का प्रमाण है। इनकी यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

— डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर

 

​क्षेत्र में खुशी की लहर

​स्केटिंग कोच अमन कुमार ने बताया कि इन युवाओं ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ इस मिशन को पूरा किया है। इस सफलता के बाद भागलपुर और मोकामा में खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें अपने बच्चों के इस साहसिक कार्य पर गर्व है।