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बिजली विभाग की घोर लापरवाही: डेढ़ साल से खेत में गिरा था 33 हजार वोल्ट का तार, चपेट में आने से 14 वर्षीय किशोरी झुलसी, हालत नाजुक

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत मसदी पंचायत में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। शिवनंदनपुर बिंद टोला के बहियार में पिछले डेढ़ साल से गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक 14 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई है। घायल किशोरी की पहचान चमन बिंद की पुत्री वीणा कुमारी के रूप में हुई है।

​खेत में पसरा था मौत का जाल, जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही वीणा

​जानकारी के अनुसार, वीणा कुमारी जब बहियार की ओर गई थी, तभी वहां पहले से गिरे 33 हजार पावर के हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई। करंट का झटका इतना जोरदार था कि वह बुरी तरह झुलस गई। ग्रामीणों ने आनन-फानन में उसे सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मायागंज (भागलपुर) रेफर कर दिया है। वर्तमान में किशोरी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।

​डेढ़ साल से विभाग सोया, ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी

​मसदी मुखिया प्रतिनिधि सुभाष यादव और आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि यह हादसा कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि बिजली विभाग की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है।

  • ​लिखित शिकायत: ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले डेढ़ साल से यह हाईटेंशन तार खेत में लावारिस हालत में गिरा हुआ है।
  • ​विभाग की बेरुखी: इसके लिए विभाग को कई बार लिखित आवेदन दिया गया। बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर आकर जांच-पड़ताल भी की, लेकिन तार को ठीक करने या हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

​आये दिन हो रहे हादसे, कार्यवाही शून्य

​ग्रामीणों ने गुस्से में कहा कि विभाग की इस अनदेखी के कारण क्षेत्र में आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूँ तक नहीं रेंग रही। आज एक मासूम बच्ची इस लापरवाही का शिकार होकर अस्पताल में भर्ती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही जर्जर तारों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को विवश होंगे।

अजगैवीनाथ धाम की पावन धरती पर बिहार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह का भव्य अभिनंदन, विकास योजनाओं की दी सौगात

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Bhagalpur News: बिहार सरकार की नवनियुक्त खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के सुल्तानगंज आगमन पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता में जबरदस्त उत्साह देखा गया। अजगैवीनाथ धाम पहुँचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी ‘बड़ी बहन’ का नागरिक अभिनंदन किया और क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी माँगें रखीं।

​कार्यकर्ताओं ने अंग वस्त्र और मिठाई से किया स्वागत

​मंत्री श्रेयसी सिंह के गनगनिया पहुँचते ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने मंत्री जी को अंग वस्त्र भेंट किया और मुँह मीठा कराकर उनका भव्य स्वागत किया। यह अभिनंदन कार्यक्रम अजगैवीनाथ धाम पश्चिम मंडल के अध्यक्ष प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

​खेल और उद्योग के क्षेत्र में सुल्तानगंज को मिलेगी नई पहचान

​कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने क्षेत्र की समस्याओं और संभावनाओं को लेकर मंत्री श्रेयसी सिंह को एक मांग पत्र सौंपा। उन्होंने मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. ​खेल मैदान का सौंदर्यीकरण: स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस खेल मैदान की आवश्यकता।
  2. ​औद्योगिक विकास: अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में बड़े उद्योगों की स्थापना, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

​मंत्री का आश्वासन: “जल्द धरातल पर उतरेंगी योजनाएं”

​कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार सरकार खेल और उद्योग दोनों क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि:

​”अजगैवीनाथ धाम के खेल मैदान के सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, यहाँ उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं को तलाशने और उस पर विचार करने के लिए विभाग को निर्देशित किया जाएगा।”

 

​इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

​इस गरिमामयी कार्यक्रम में भाजपा के कई दिग्गज और सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • ​अभिषेक कुमार सिंह (महामंत्री, भाजपा)
  • ​मुक्ति सिंह (महामंत्री, भाजपा)
  • ​गौतम सिन्हा (प्रदेश सह संयोजक)
  • ​सचिन कुमार (युवा मोर्चा अध्यक्ष)
  • ​राजीव कुमार व सुजीत कुमार (उपाध्यक्ष)
  • ​पिंटू कुमार (पंचायत अध्यक्ष)
  • ​विपिन सिंह (वरिष्ट कार्यकर्ता)
  • ​निखिलेश कुमार, तुलसी कुमार एवं दर्जनों अन्य गणमान्य कार्यकर्ता।

शोक में डूबा सुल्तानगंज: नगर परिषद चेयरमैन राजकुमार गुड्डू का निधन, हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई

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Bhagalpur News: सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति और क्षेत्र के बेहद लोकप्रिय जननेता राजकुमार गुड्डू अब हमारे बीच नहीं रहे। शनिवार को पटना के मेदांता अस्पताल में 12 दिनों तक चले लंबे उपचार के बाद उनका निधन हो गया। इस खबर के फैलते ही पूरे सुल्तानगंज और भागलपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हो गए और हर कोई अपने चहेते प्रतिनिधि के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा।

​अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

​रविवार की सुबह राजकुमार गुड्डू की अंतिम यात्रा उनके पैतृक आवास से शुरू हुई। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर घर से बाहर निकाला गया, पूरा माहौल गमगीन हो उठा। हजारों की संख्या में पहुंचे समर्थकों, व्यापारियों और आम लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। अंतिम यात्रा शहर के मुख्य मार्गों—चौक बाजार, संत संग मंदिर और सब्जी मंडी होते हुए नमामि गंगे घाट स्थित मुक्तिधाम पहुंची। रास्ते भर लोगों ने छतों और दुकानों से फूल बरसाकर अपने नेता को नमन किया।

​प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि

​इससे पूर्व शनिवार देर रात जैसे ही उनका पार्थिव शरीर सुल्तानगंज स्थित निजी आवास पहुंचा, श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया।

  • ​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद यादव ने उनके आवास पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित किया।
  • ​जिले के कई अन्य अधिकारियों और तमाम राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों ने इसे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।

​लोकप्रियता ऐसी कि थम गया शहर

​अंतिम यात्रा के दौरान ‘राजकुमार गुड्डू अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा। लोगों ने बताया कि वे न केवल एक चेयरमैन थे, बल्कि सुख-दुख के साथी भी थे। उनकी अंतिम यात्रा को यादगार बनाने के लिए भारी भीड़ के मद्देनजर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखा ताकि विधि-व्यवस्था बनी रहे।

​सिल्क टीवी न्यूज की ओर से श्रद्धांजलि

​राजकुमार गुड्डू का जाना सुल्तानगंज के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में एक बड़ा शून्य पैदा कर गया है। वे अपनी मिलनसार छवि और विकास कार्यों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।

भागलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रेल यात्रियों से लूटपाट करने वाले गिरोह की महिला सदस्या गिरफ्तार, हथियार और जेवर बरामद

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Bhagalpur News: भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देश पर जिले में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सबौर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ट्रेनों में चोरी और छिनतई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला अपराधी को अवैध हथियार और चोरी के जेवरात के साथ गिरफ्तार किया है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सबौर थाना अंतर्गत लैलख गांव का निवासी ज्ञानी मंडल अपनी पत्नी और कुछ अन्य अपराधियों के साथ मिलकर ट्रेनों में चोरी और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता है। सूचना यह भी थी कि उसने अपने घर में चोरी का माल छिपा रखा है और उसके पास अवैध हथियार भी मौजूद हैं।

​छापेमारी और गिरफ्तारी

​सूचना के सत्यापन के बाद नगर पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब ज्ञानी मंडल के घर पर छापेमारी की, तो वहां से एक महिला अपराधी पारो देवी (पति- ज्ञानी मंडल) को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, मुख्य आरोपी ज्ञानी मंडल और उसके अन्य साथी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

​बरामदगी की सूची

​तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • ​01 देशी कट्टा
  • ​01 जिंदा कारतूस
  • ​03 पीस चांदी का पायल
  • ​01 पीस चांदी का बाजू बंद
  • ​02 पीस चांदी की सिकरी (लॉकेट के साथ)

​पुलिस की कार्रवाई

​इस मामले में सबौर थाना में कांड संख्या- 155/2026 दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार महिला से पूछताछ कर गिरोह के अन्य नेटवर्क और हाल के दिनों में हुई छिनतई की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।

​छापेमारी टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी:

  1. ​सुबेदार पासवान (पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष, सबौर थाना)
  2. ​बमबम कुमार (पु०अ०नि०, सबौर थाना)
  3. ​लभली कुमारी (म०सि० / 1075, सबौर थाना)

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने किया नालंदा विश्वविद्यालय का भ्रमण, ‘नेट जीरो’ मॉडल की जमकर की सराहना

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Patna News: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शनिवार को राजगीर स्थित विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय के भव्य और नव-निर्मित परिसर का विस्तृत भ्रमण किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, वहां की अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण अनुकूल ‘नेट जीरो’ (Net Zero) मॉडल का प्रत्यक्ष अवलोकन करना था। इस अवसर पर उनके साथ नालंदा के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

​ऐतिहासिक गौरव और आधुनिक शिक्षा का मिलन

​विश्वविद्यालय आगमन पर मुख्य सचिव का स्वागत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा किया गया। संकाय सदस्यों ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्हें संस्थान के प्राचीन गौरवपूर्ण इतिहास और वर्तमान में संचालित अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूलों (जैसे ऐतिहासिक अध्ययन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण अध्ययन, और बौद्ध अध्ययन) के बारे में जानकारी दी।

​‘नेट जीरो’ मॉडल ने खींचा ध्यान

​निरीक्षण के दौरान श्री अमृत ने विश्वविद्यालय की इन प्रमुख सुविधाओं का जायजा लिया:

  • ​सुषमा स्वराज ऑडिटोरियम और अत्याधुनिक पुस्तकालय: प्राचीन वास्तुकला और आधुनिक तकनीक के अद्भुत मेल की उन्होंने विशेष सराहना की।
  • ​ऊर्जा आत्मनिर्भरता: मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय के 6.5 मेगावाट के सौर फार्म, बायोगैस संयंत्र और उन्नत जल संचयन प्रणालियों का बारीकी से निरीक्षण किया।
  • ​पर्यावरण संरक्षण: उन्होंने जोर देकर कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का यह ‘नेट जीरो’ कार्बन फुटप्रिंट मॉडल बिहार के अन्य शिक्षण संस्थानों और सरकारी भवनों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनना चाहिए।

​राज्य सरकार की प्रतिबद्धता

​अधिकारियों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा:

​”नालंदा न केवल बिहार बल्कि पूरे विश्व के लिए ज्ञान का प्रतीक रहा है। इस नव-निर्मित परिसर को देखना एक सुखद अनुभव है। राज्य सरकार इस विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय ज्ञान के केंद्र के रूप में फिर से स्थापित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है।”

 

​भ्रमण के अंत में मुख्य सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान आने वाले समय में दक्षिण-पूर्व एशिया और विश्व के अन्य देशों के साथ भारत के शैक्षणिक संबंधों को एक नई ऊंचाई और मजबूती प्रदान करेगा।

भागलपुर–गोड्डा रेल खंड पर चला सघन टिकट जांच अभियान, बिना टिकट यात्रियों से वसूला भारी जुर्माना

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Bhagalpur News: भारतीय रेलवे द्वारा राजस्व की सुरक्षा और यात्रियों को सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से मालदा रेल मंडल इन दिनों सख्त रुख अपनाए हुए है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में शनिवार को भागलपुर–गोड्डा रेल खंड पर सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया।

​प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में हुई छापेमारी

​वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) कार्तिक सिंह के सीधे पर्यवेक्षण में यह विशेष अभियान चलाया गया। रेलवे की टीमों ने गोड्डा, हंसडीहा, बाराहाट और धौनी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर सघन जांच की। इसके साथ ही इस रेल खंड पर चलने वाली विभिन्न ट्रेनों में भी यात्रियों के टिकटों की बारीकी से जांच की गई।

​RPF और टिकट जांच कर्मियों की संयुक्त कार्रवाई

​यह अभियान केवल वाणिज्य विभाग तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें रेलवे सुरक्षा बल (RPF), वाणिज्य निरीक्षकों और टिकट जांच कर्मियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य अनियमित यात्रा पर रोक लगाना और रेलवे नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना था।

​65 यात्री पकड़े गए, हजारों का जुर्माना वसूला

​इस सघन जांच के दौरान रेलवे की टीम ने कुल 65 ऐसे मामले पकड़े, जहाँ यात्री बिना टिकट या अनियमित तरीके से यात्रा कर रहे थे। नियमों का उल्लंघन करने वाले इन यात्रियों से मौके पर ही ₹28,500/- का जुर्माना वसूला गया।

​रेलवे की यात्रियों से अपील

​मालदा रेल मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले उचित और वैध टिकट अवश्य प्राप्त करें। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा करना एक दंडनीय अपराध है। यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए भविष्य में भी मंडल के विभिन्न खंडों में इस तरह के अभियान निरंतर जारी रहेंगे।

पटना में आंधी का कहर: युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी, SDRF और निगम की टीमें सड़कों पर; हेल्पलाइन नंबर जारी

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Patna News: बिहार की राजधानी पटना सहित कई जिलों में 8 मई को आए भीषण आंधी-तूफान के बाद जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम और वन विभाग की टीमें SDRF के साथ तालमेल बिठाकर शनिवार को भी युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं।

​प्रमुख इलाकों में सफाई और अवरोध हटाने का काम तेज

​आंधी के कारण गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के लिए विभाग ने पटना के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देशानुसार निम्नलिखित इलाकों में सफाई कार्य तेजी से चल रहा है:

  • ​प्रमुख मार्ग: बेली रोड, हार्डिंग रोड, पुनाईचक और सचिवालय क्षेत्र।
  • ​आवासीय एवं सार्वजनिक स्थल: कंकड़बाग, गर्दनीबाग, 96 ऑफिसर्स एनक्लेव, हवाई अड्डा, नेहरू पार्क और पटना म्यूजियम।
  • ​अन्य क्षेत्र: गायघाट, हज भवन एवं आसपास के इलाकों में गिरे हुए पेड़ों को हटाकर आवागमन सुचारु किया जा रहा है।

​मंत्री और मुख्य सचिव कर रहे हैं मॉनिटरिंग

​राहत कार्यों की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत स्वयं पूरी स्थिति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मार्गों को जल्द से जल्द सामान्य बनाया जाए ताकि आम जनता को आवाजाही में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।

​अफवाहों से बचने की अपील और हेल्पलाइन नंबर

​जिला प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। किसी भी आपातकालीन स्थिति या सहायता के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

  • ​राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र: 0612-2294204 / 205
  • ​आपातकालीन सहायता नंबर: 1070

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, राहत कार्य निरंतर जारी रहेंगे। नागरिकों से अनुरोध है कि वे सफाई कार्य में लगे कर्मियों का सहयोग करें और विभाग द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें।

विक्रमशिला सेतु संकट का ‘साइड इफेक्ट’: भागलपुर सरकारी बस स्टैंड पर पसरा सन्नाटा, दुकानदारों ने कहा— ‘कोरोना काल से भी बदतर हैं हालात’

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्या क्षतिग्रस्त हुआ, भागलपुर की पूरी परिवहन व्यवस्था और अर्थव्यवस्था मानो वेंटिलेटर पर आ गई है। इस संकट का सबसे बड़ा और भयावह असर भागलपुर के सरकारी बस स्टैंड पर देखने को मिल रहा है। जो बस स्टैंड कभी 24 घंटे यात्रियों की गहमागहमी और बसों के हॉर्न से गूंजता था, वहां आज सिर्फ खामोशी और वीरानी नजर आ रही है।

​थम गई कोसी-सीमांचल और बंगाल जाने वाली बसों की रफ्तार

​सरकारी बस स्टैंड से प्रतिदिन दर्जनों बसें विक्रमशिला सेतु होकर पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, मधेपुरा और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाती थीं। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद इन सभी रूटों पर बसों का परिचालन लगभग ठप हो गया है। इक्का-दुक्का बसें जो चल भी रही हैं, उन्हें काफी लंबे और घुमावदार रास्तों से जाना पड़ रहा है, जिससे समय और किराया दोनों बढ़ गया है। परिणाम स्वरूप, यात्रियों ने बस स्टैंड आना लगभग बंद कर दिया है।

​व्यापारियों का छलका दर्द: ‘कोरोना से भी बुरा दौर’

​बस स्टैंड की रौनक खत्म होने का सबसे सीधा प्रहार यहाँ के स्थानीय दुकानदारों पर पड़ा है। बस स्टैंड परिसर में होटल, चाय-पान की दुकान और जनरल स्टोर चलाने वाले दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

​स्थानीय दुकानदार पंकज चौधरी ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि, “हमने कोरोना काल की मंदी देखी है, लेकिन यह स्थिति उससे भी ज्यादा भयानक है। कोरोना में कम से कम उम्मीद तो थी, लेकिन यहाँ तो लाइफलाइन (पुल) ही टूट गई है। सुबह से शाम हो जाती है, पर बोहनी तक के लाले पड़े हैं। ग्राहक नदारद हैं और दुकान खोलना अब बोझ लगने लगा है।”

​यात्री हो रहे हैं हलकान, वैकल्पिक रास्तों में जेब हो रही ढीली

​पुल बाधित होने से केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि आम यात्री भी पिस रहे हैं। जरूरी काम से बाहर जाने वाले लोगों को अब ऊँचे दामों पर छोटी गाड़ियाँ या फिर नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई यात्री ट्रेन के भरोसे हैं, लेकिन वहां भी भारी भीड़ के कारण बुरा हाल है। सरकारी बस सेवा ठप होने से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

​प्रशासन से शीघ्र समाधान की गुहार

​बस स्टैंड से जुड़े कर्मचारी और व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही यातायात की कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था या पुल की मरम्मत नहीं हुई, तो यहाँ के सैकड़ों परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी। भागलपुर का यह महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र अब सरकारी उपेक्षा और कुदरती मार के बीच सिसक रहा है।

विक्रमशिला सेतु संकट: सांसद राजेश वर्मा ने रेल मंत्री को लिखा पत्र; सहरसा और कटिहार से भागलपुर के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की मांग

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Bihar News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से कोसी और सीमांचल के जिलों में उत्पन्न हुए गंभीर परिवहन संकट को देखते हुए खगड़िया सांसद राजेश वर्मा ने बड़ी पहल की है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कोसी-सीमांचल की जनता को इस आपदा से उबारने के लिए अविलंब विशेष ट्रेनों के परिचालन की मांग की है। सांसद की इस सक्रियता ने क्षेत्र के लाखों लोगों में राहत की उम्मीद जगा दी है।

​लाइफलाइन टूटने से थम गई कोसी-सीमांचल की रफ़्तार

​सांसद राजेश वर्मा ने रेल मंत्री को अवगत कराया कि 03 मई 2026 की रात विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा में समा जाने के कारण उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस सेतु को कोसी-सीमांचल की ‘लाइफलाइन’ माना जाता है। इसके बंद होने से खगड़िया, सहरसा, कटिहार, नवगछिया और पूर्णिया जैसे जिलों का भागलपुर से सीधा सड़क संपर्क टूट गया है।

​मरीजों और छात्रों के लिए बना जीवन-मरण का सवाल

​पत्र में सांसद ने उल्लेख किया कि भागलपुर उच्च शिक्षा और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र है। प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं, गंभीर मरीज, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग इसी सेतु के जरिए भागलपुर पहुंचते हैं। पुल टूटने के कारण मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है, वहीं छात्रों का भविष्य भी दांव पर लगा है। सड़क मार्ग बाधित होने से परिवहन का खर्च और समय दोनों कई गुना बढ़ गया है।

​मुंगेर रेल पुल के रास्ते ट्रेन चलाने का प्रस्ताव

​सांसद राजेश वर्मा ने रेल मंत्री के सामने एक ठोस समाधान रखा है। उन्होंने मांग की है कि:

  1. ​सहरसा जंक्शन से खगड़िया-मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल होकर भागलपुर तक विशेष ट्रेन चलाई जाए।
  2. ​कटिहार जंक्शन से भी इसी रूट होकर भागलपुर के लिए पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन शुरू हो।

​वर्तमान में इन रूटों पर कोई सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है। सांसद का तर्क है कि यदि रेलवे मुंगेर रेल पुल के रास्ते वैकल्पिक रेल सेवा शुरू करता है, तो जनता को सुगम और सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिल जाएगा।

​आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को मिलेगी गति

​सांसद ने जोर देकर कहा कि यह केवल यात्रा की सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बचाने का भी सवाल है। भागलपुर से व्यापारिक रिश्ते रखने वाले कोसी के व्यापारियों का काम ठप हो गया है। विशेष ट्रेनों के परिचालन से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी पुनः गति प्रदान की जा सकेगी।

​क्षेत्र की जनता ने किया सांसद की पहल का स्वागत

​राजेश वर्मा की इस त्वरित कार्रवाई की कोसी और सीमांचल के क्षेत्रों में काफी सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में सांसद ने जनता के दर्द को समझा और उसे मजबूती से केंद्र सरकार के समक्ष रखा है। अब सबकी निगाहें रेल मंत्रालय के निर्णय पर टिकी हैं।

बिहार में पुलों की सुरक्षा पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 72 घंटे में होगा सभी बड़े पुलों का सेफ्टी ऑडिट, सचिव पंकज कुमार पाल का अल्टीमेटम

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Patna News: बिहार में पुलों की मजबूती और सुरक्षा को लेकर नीतीश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने शनिवार को एक हाई-लेवल मीटिंग में राज्य के सभी बड़े पुलों का सघन सेफ्टी ऑडिट करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। सचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट विभाग के PMIS पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए।

​लापरवाही पर नपेंगे मुख्यालय के अफसर

​समीक्षा बैठक के दौरान सचिव पंकज कुमार पाल ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पुलों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा:

​”अगर किसी पुल में लापरवाही के कारण कोई क्षति होती है, तो न केवल क्षेत्रीय कार्यपालक अभियंता, बल्कि मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे और उन पर कठोर कार्रवाई होगी।”

 

​60 मीटर से बड़े हर पुल की होगी ‘माइक्रो-जांच’

​विभाग ने ऑडिट के लिए विशेष मापदंड तय किए हैं। इसके तहत 60 मीटर से 250 मीटर और 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले सभी पुलों की बारीकी से जांच की जाएगी। अधिकारियों को इन मुख्य बिंदुओं पर रिपोर्ट देने को कहा गया है:

  • ​बेयरिंग और गडर: पुल के बेयरिंग और गडर की वर्तमान स्थिति।
  • ​पाइल और ज्वाइंट: स्पैन स्लैब, पाइल और जॉइंट्स की मजबूती।
  • ​अप्रोच रोड: पुल तक पहुँचने वाली सड़कों (अप्रोच रोड) की हालत।
  • ​ड्रेनेज सिस्टम: मानसून से पहले जल निकासी और सफाई की व्यवस्था।

​मानसून से पहले फुलप्रूफ तैयारी

​आगामी मानसून को देखते हुए सभी कार्यपालक अभियंताओं को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। सचिव ने नेशनल हाईवे (NH) विंग को भी निर्देशित किया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पुलों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट सुनिश्चित करें। बैठक में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम (BRPNNL) और बिहार राज्य सड़क विकास निगम (BSRDCL) के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।