Bhagalpur News: भागलपुर जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही बंद होने का असर अब लोगों के अरमानों पर पड़ने लगा है। सेतु बंद होने से न केवल व्यापार और आवागमन ठप है, बल्कि शादियों के इस सीजन में दूल्हे और उनके परिजनों के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। ऐसा ही एक अनोखा और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक दूल्हा शादी करने के लिए जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है।
नाव छूटी तो खतरे में पड़ा ‘शुभ मुहूर्त’
घटना तब सामने आई जब जयराम कुमार नाम का दूल्हा अपनी बारात के साथ गंगा पार जाने के लिए घाट पर पहुँचा। दरअसल, प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक ही नौका परिचालन की अनुमति दी है। जयराम की बारात को गंगा पार जाना था, लेकिन जाम और अन्य कारणों से पहुँचने में थोड़ी देर हो गई। जब तक वे घाट पहुँचे, नावों का परिचालन बंद हो चुका था।
अपनी शादी रुकती देख दूल्हा जयराम भावुक हो गया और उसने सीधे प्रशासन से अपील करते हुए कहा— “डीएम साहब, प्लीज मेरी शादी करा दीजिए।”
परिजनों की बढ़ी चिंता: कैसे पहुँचेगी बारात?
दूल्हे के जीजा मुकेश कुमार ने बताया कि अगर वे समय पर नदी पार नहीं कर पाए, तो शादी का शुभ मुहूर्त निकल जाएगा। शादी की सारी रस्में और तैयारियां धरी की धरी रह जाएंगी। सेतु बंद होने और शाम के बाद नाव न मिलने से बारात अब पूरी तरह बीच रास्ते में फंस गई है।
सेतु बंद होने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त
विक्रमशिला सेतु के बंद होने से केवल यह एक शादी ही नहीं, बल्कि कई सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि:
- शाम 5 बजे नाव बंद होने से आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
- बारात और शादी वाले परिवारों के लिए कोई विशेष कॉरिडोर या व्यवस्था नहीं है।
- बीमारों और बुजुर्गों को गंगा पार ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
“प्रशासन को शादी-विवाह और बेहद जरूरी कामों के लिए कम से कम एक विशेष नाव या वैकल्पिक व्यवस्था देनी चाहिए, ताकि किसी का त्यौहार या रस्म खराब न हो।” — स्थानीय नागरिक


