Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद पिछले कई दिनों से जारी संकट अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। देश की प्रतिष्ठित संस्था सीमा सड़क संगठन (BRO) की 100 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम भागलपुर पहुंच चुकी है। टीम ने आते ही पुल के टूटे हिस्से और आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण शुरू कर दिया है। प्रशासन और जनता की निगाहें अब BRO की तकनीकी रिपोर्ट पर टिकी हैं।
अस्थायी ‘बेली ब्रिज’ से निकलेगा समाधान
सूत्रों के अनुसार, BRO की टीम पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के पास एक अस्थायी बेली ब्रिज (Bailey Bridge) के निर्माण की संभावना तलाश रही है। बेली ब्रिज एक पोर्टेबल, प्री-फैब्रिकेटेड पुल होता है जिसे कम समय में युद्ध स्तर पर तैयार किया जा सकता है। अगर तकनीकी टीम इसे हरी झंडी देती है, तो भागलपुर और नवगछिया के बीच छोटे वाहनों और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता बहुत जल्द खुल सकता है।
जल और थल दोनों रास्तों से हुआ निरीक्षण
सोमवार को BRO के इंजीनियरों ने पुल निगम के वरीय अधिकारियों और SDRF के जवानों के साथ मिलकर बरारी घाट से लेकर नवगछिया तक के हिस्से का जायजा लिया। टीम ने मोटरबोट के जरिए पुल के पायों (Pillars) और ऊपर की संरचना (Structure) की बारीकी से जांच की। इस दौरान पुल की क्षति कितनी गंभीर है और मरम्मत में कितना समय लगेगा, इसका विस्तृत डाटा तैयार किया गया है।
प्रशासन की सक्रियता और पुख्ता इंतजाम
BRO की बड़ी टीम के आगमन को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। टीम के ठहरने, सुरक्षा और कार्यस्थल पर बिजली-मशीनरी जैसे जरूरी संसाधनों की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की गई है। जिलाधिकारी ने खुद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि BRO की टीम को हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग दिया जाए ताकि मरम्मत कार्य में कोई बाधा न आए।
क्यों अहम है BRO का आना?
BRO आमतौर पर सीमावर्ती इलाकों और कठिन भौगोलिक स्थितियों में पुल और सड़क बनाने के लिए जाना जाता है। विक्रमशिला सेतु जैसे महत्वपूर्ण पुल के लिए BRO की विशेषज्ञता का उपयोग करना यह दर्शाता है कि सरकार इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द और मजबूती के साथ करना चाहती है।


