Bhagalpur News: सिल्क सिटी में जमीन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब आम आदमी का अपनी खरीदी हुई जमीन पर घर बनाना दुश्वार हो गया है। ताजा मामला औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र की बसंत विहार कॉलोनी का है, जहाँ एक जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। दबंगों ने न सिर्फ निर्माण कार्य रुकवाया, बल्कि ₹20 लाख की मांग करते हुए जमकर उत्पात मचाया।
क्या है पूरा मामला?
जीरो माइल के रहने वाले पारस तांती ने बताया कि उन्होंने पटेल बाबू रोड की निवासी विद्या साहा से 625 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब उन्होंने वहां मकान का निर्माण कार्य शुरू कराया, तो इलाके के दबंगों की नजर उनकी संपत्ति पर पड़ गई।
हथियार लहराते हुए पहुंचे दबंग, मांगी मोटी रकम
पीड़ित पारस तांती के अनुसार, बीते 5 अप्रैल को सुबोध पासवान, नितेश यादव और उनके साथ आए कई अज्ञात लोग हथियारों से लैस होकर निर्माण स्थल पर पहुंचे। दबंगों ने काम रुकवा दिया और सीधे 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। जब पीड़ित ने पैसे देने से असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी और नवनिर्मित बाउंड्री वॉल को ढहा दिया।
”उन्होंने साफ लफ्जों में धमकी दी है कि अगर जमीन पर घर बनाना है, तो पहले 20 लाख रुपये देने होंगे, वरना लाशें गिरेंगी।” — पारस तांती, पीड़ित
विक्रेता को भी दी गई धमकी
सिर्फ खरीदार ही नहीं, बल्कि जमीन बेचने वाली विद्या साहा भी इन दबंगों के निशाने पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी उनकी जमीन पर अवैध रूप से मिट्टी गिराकर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विद्या साहा का कहना है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि यह जमीन वे किसी और को लेने या बेचने नहीं देंगे।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात पुलिस की कथित निष्क्रियता है। पीड़ितों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
प्रशासनिक सुस्ती से परेशान होकर पीड़ितों ने अब आरक्षी महानिरीक्षक (IG) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) का दरवाजा खटखटाया है और न्याय की गुहार लगाई है।
इलाके में दहशत का माहौल
दिनदहाड़े बाउंड्री तोड़े जाने और रंगदारी मांगे जाने की इस घटना से बसंत विहार कॉलोनी के निवासियों में डर का माहौल है। लोग अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अब देखना यह होगा कि वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भागलपुर पुलिस इन दबंगों पर क्या कार्रवाई करती है।


