Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु का स्लैब क्षतिग्रस्त होने के कारण भागलपुर और नवगछिया के बीच पैदा हुए सड़क संपर्क संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सेतु पर आवागमन बाधित होने के बाद अब गंगा नदी के रास्ते जलयान, फेरी और कार्गो सेवा को बड़े पैमाने पर शुरू करने की तैयारी है। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में इस पर विस्तृत रणनीति बनाई गई।
सड़क संपर्क बाधित होने पर जलमार्ग बना सहारा
विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब गिर जाने के बाद से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है या घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। इसी समस्या को सुलझाने के लिए प्रशासन अब नाव और क्रूज सेवा के बाद व्यवस्थित फेरी और कार्गो सेवा शुरू करने जा रहा है।
- फेरी सेवा: इससे आम यात्री सुगमता से एक किनारे से दूसरे किनारे जा सकेंगे।
- कार्गो सेवा: इसके माध्यम से आवश्यक वस्तुओं, खाद्य सामग्री और भारी सामानों का परिवहन सुचारु रूप से हो सकेगा।
दर (Rates) निर्धारण पर फैसला: नहीं होगी मनमानी
बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फेरी और कार्गो सेवाओं के लिए जल्द से जल्द दरें निर्धारित की जाएं। दरें तय होने से:
- यात्रियों से मनमाना किराया नहीं वसूला जा सकेगा।
- व्यापारियों को सामान लाने-ले जाने में वित्तीय स्पष्टता रहेगी।
- परिवहन की व्यवस्था व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।
बैठक में इन दिग्गजों की रही मौजूदगी
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक और तकनीकी टीम के मुख्य सदस्य शामिल हुए:
- वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव
- जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल
- उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह
- अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार
- अधीक्षण अभियंता (बाढ़ नियंत्रण), सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी।
प्रशासन का संकल्प: सुगम हो आवागमन
जिलाधिकारी ने बैठक में जोर देकर कहा कि पुल की मरम्मत होने तक जलमार्ग ही लाइफलाइन का काम करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए परिचालन की व्यवस्था जल्द से जल्द जमीन पर उतारें ताकि आम जनता को और अधिक परेशानी न झेलनी पड़े।


