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मुजफ्फरपुर अग्निकांड: दिल्ली दौरा छोड़ पटना लौटे स्वास्थ्य मंत्री निशांत, मेदांता पहुंच जाना घायलों का हाल; सरकार उठाएगी इलाज का पूरा खर्च

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Patna News: मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बिहार सरकार पूरी तरह एक्शन और संवेदनशीलता मोड में आ गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत अपनी दिल्ली यात्रा को बीच में ही छोड़कर तुरंत पटना लौट आए हैं। पटना एयरपोर्ट पर उतरते ही मंत्री जी किसी अन्य कार्यक्रम में जाने के बजाय सीधे जयप्रभा मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां इस हादसे के 3 गंभीर घायल मरीज भर्ती हैं।

​स्वास्थ्य मंत्री के साथ स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि (IAS) और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने अस्पताल में भर्ती तीनों घायलों के पास जाकर उनका हाल-चाल जाना और डॉक्टरों से उनके हेल्थ अपडेट की विस्तृत समीक्षा की।

​परिजनों को बंधाया ढांढस, कहा— “चिंता न करें, सरकार आपके साथ है”

​अस्पताल के आईसीयू और वार्ड में जाकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने न केवल मरीजों का हौसला बढ़ाया, बल्कि बाहर परेशान खड़े उनके परिजनों से भी मुलाकात की। मंत्री ने भावुक परिजनों को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में पूरी बिहार सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

​“यह घटना बेहद दुखद है। मरीजों की जान बचाना और उन्हें वापस स्वस्थ करना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। घायलों के इलाज में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

— निशांत, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार

 

​मुफ्त इलाज का बड़ा फैसला: सरकार वहन करेगी पूरा खर्च

​मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से बचाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने एक बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर अग्निकांड में घायल हुए सभी मरीजों के इलाज पर होने वाला संपूर्ण खर्च बिहार सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। मेदांता जैसे कॉर्पोरेट अस्पताल में हो रहे इस महंगे इलाज का पूरा बिल सरकार चुकाएगी, ताकि पीड़ित परिवारों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े।

​स्वास्थ्य विभाग रखेगा पल-पल की निगरानी

​स्वास्थ्य मंत्री ने जयप्रभा मेदांता अस्पताल के प्रबंधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को कड़े निर्देश जारी किए हैं:

  1. ​सर्वोत्तम चिकित्सा: सभी प्रभावित मरीजों को देश की सबसे बेहतरीन और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
  2. ​दवाइयों की उपलब्धता: इलाज, सर्जरी या दवाइयों में किसी भी स्तर पर कोई कमी या देरी नहीं होनी चाहिए।
  3. ​लगातार मॉनिटरिंग: स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि को निर्देश दिया गया है कि विभाग के अधिकारी अस्पताल के संपर्क में रहें और मरीजों के स्वास्थ्य लाभ की पल-पल की रिपोर्ट लें।

​मंत्री निशांत ने डॉक्टरों से बात कर घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ (Speedy Recovery) की कामना की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपचार से संबंधित सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं तत्परता से पूरी की जाएं।

बिहार: ‘पीएम सूर्य घर योजना’ में बिहार को मिला देश का सर्वोच्च सम्मान, दिल्ली में गूंजा सूबे का नाम

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Patna News: देश के ऊर्जा मानचित्र पर बिहार ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी भवनों के शत-प्रतिशत सौर ऊर्जाकरण (Solarization) में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम श्रेणी में सम्मानित किया गया है।

​नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम “पीएम सूर्य घर के दो वर्ष : 1 करोड़ छतों तक सौर ऊर्जा का विस्तार” के दौरान देश के तमाम राज्यों के बीच बिहार को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया। समारोह में बिहार सरकार की ओर से एनबीपीडीसीएल (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक और ब्रेडा (BREDA) के निदेशक  राहुल कुमार (भा.प्र.से.) ने यह गौरवशाली सम्मान प्राप्त किया।

​‘सूर्य संकल्प पहल’: जब DM के दफ्तर और घर से शुरू हुई क्रांति

​बिहार को यह पुरस्कार ‘सूर्य संकल्प पहल’ के तहत जिला पदाधिकारियों (District Magistrates) के कार्यालयों एवं उनके सरकारी आवासों की छतों पर रिकॉर्ड समय में सौर ऊर्जा प्रणालियों (Rooftop Solar Systems) की स्थापना के लिए दिया गया है।

​विभाग ने रणनीति के तहत सबसे पहले जिलों के प्रशासनिक कप्तानों के दफ्तरों को ग्रीन एनर्जी से जोड़ा। इसका फायदा यह हुआ कि आम जनता के बीच भी रूफटॉप सोलर को लेकर जागरूकता बढ़ी और योजना ने जन-आंदोलन का रूप ले लिया।

​नीतीश सरकार के ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान को लगे पंख

​इस राष्ट्रीय पुरस्कार के पीछे बिहार सरकार की अपनी दूरगामी नीति ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ की सबसे बड़ी भूमिका रही है।

  • ​12,000 भवनों का कायाकल्प: इस अभियान के तहत राज्य सरकार ने पहले ही सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने का नीतिगत फैसला लिया था। इसी का नतीजा है कि आज राज्य के लगभग 12 हजार सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम पूरी तरह चालू हो चुके हैं।
  • ​करोड़ों की बचत और पर्यावरण संरक्षण: इन प्रणालियों के लगने से सरकारी दफ्तरों का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आई है।

​नेतृत्व की जीत: ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने जताई खुशी

​इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव (भा.प्र.से.) ने कहा:

​”पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत बिहार को प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य के लिए बेहद गर्व का विषय है। यह उपलब्धि माननीय मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन, ऊर्जा विभाग की अटूट प्रतिबद्धता तथा सभी जिला प्रशासनों के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। आने वाले समय में बिहार स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा।”

 

​वहीं, पुरस्कार ग्रहण करने के बाद ब्रेडा के निदेशक राहुल कुमार (भा.प्र.से.) ने इस सफलता का श्रेय अपनी टीम को देते हुए कहा:

​”यह सम्मान राज्य के सभी अधिकारियों, अभियंताओं (Engineers) और ग्राउंड स्टाफ के दिन-रात के सामूहिक परिश्रम की पहचान है। हम सिर्फ सरकारी भवनों तक सीमित नहीं रहेंगे; हमारा लक्ष्य बिहार के हर घर की छत तक सौर ऊर्जा को पहुंचाना और राज्य को पूरी तरह ‘हरित ऊर्जा’ से आत्मनिर्भर बनाना है।”

​बिहार: आवास बोर्ड की खाली जमीनों पर बनेंगे शानदार घर, मंत्री नीतीश मिश्रा और NBCC के बीच बड़ी बैठक

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Patna News: बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले और अपने घर का सपना देखने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। राज्य में योजनाबद्ध शहरीकरण और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। नगर विकास एवं आवास विभाग के  मंत्री नीतीश मिश्रा ने आज अपने कार्यालय कक्ष में नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NBCC) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. के. पी. महादेवास्वामी के साथ एक उच्च स्तरीय और बेहद महत्वपूर्ण बैठक की।

​इस बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, बिहार राज्य आवास बोर्ड के एमडी निलेश देवरे तथा एनबीसीसी के कार्यपालक निदेशक प्रदीप शर्मा भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

​आवास बोर्ड की खाली जमीनों पर सजेंगे ‘स्मार्ट’ आवासीय परिसर

​बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार राज्य आवास बोर्ड की उन जमीनों का सही उपयोग करना था, जो वर्षों से खाली पड़ी हैं।

    • ​सभी वर्गों के लिए घर: इस जमीन पर ऐसे आवासीय परिसरों (Residential Complexes) का निर्माण किया जाएगा, जहाँ आर्थिक रूप से कमजोर से लेकर उच्च आय वर्ग के लोगों को उनकी बजट में गुणवत्तापूर्ण घर मिल सकें।
    • ​आधुनिक सुविधाएं: इन सोसायटियों में पार्क, कम्युनिटी हॉल, चौड़ी सड़कें और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम जैसी तमाम नागरिक सुविधाएं दी जाएंगी।

​“राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए आधुनिक आवासीय और मजबूत आधारभूत संरचना (Infrastructure) का विकास हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”

— नीतीश मिश्रा, नगर विकास एवं आवास मंत्री

 

​पुराने और निर्मित घरों के भी बहुरेंगे दिन

​मंत्री नीतीश मिश्रा ने साफ किया कि सरकार का फोकस सिर्फ नया निर्माण करने पर ही नहीं, बल्कि पहले से बने हुए आवासों की स्थिति सुधारने पर भी है। पूर्व से निर्मित सरकारी क्वार्टरों और कॉलोनियों का जीर्णोद्धार (Renovation) किया जाएगा, ताकि वहां रह रहे लोगों को एक बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सके।

​NBCC के साथ मिलकर खींचा गया विकास का खाका

​चूंकि NBCC (इंडिया) लिमिटेड भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित ‘नवरत्न’ सार्वजनिक उपक्रम है, इसलिए बिहार सरकार इसके तकनीकी अनुभव का पूरा लाभ उठाना चाहती है। बैठक में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर चर्चा हुई:

      • ​समयबद्ध कार्य: परियोजनाओं को बिना किसी देरी के तय समय सीमा के भीतर पूरा करना।
      • ​तकनीकी सहयोग: निर्माण में नए जमाने की अत्याधुनिक और भूकंपरोधी तकनीकों का इस्तेमाल।
      • ​निवेश के अवसर: राज्य के शहरी विकास में बड़े पैमाने पर निवेश को आकर्षित करना।

​शहरी विकास को मिलेगी नई गति

​मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम किया जाए। इस रणनीतिक साझेदारी से न केवल बिहार के शहरों का लुक बदलेगा, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।

​योजनाबद्ध तरीके से होने वाले इस विकास से पटना समेत बिहार के कई बड़े शहरों में ट्रैफिक, ड्रेनेज और रिहाइश की समस्या से आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

बिहार: अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में 1048 शिक्षकों और 365 कर्मियों की होगी सीधी नियुक्ति, मंत्री लखेंद्र पासवान का बड़ा फैसला

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Patna News: बिहार के युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र से एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री  लखेंद्र पासवान ने गुरुवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय कार्ययोजनाओं की एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मंत्री जी ने विभाग की 100 दिनों की कार्ययोजना और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई।

​1048 शिक्षकों और 365 अन्य कर्मियों की होगी जल्द बहाली

​बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री लखेंद्र पासवान ने बताया कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।

    • ​शिक्षकों की भर्ती: विभाग ने 1048 पदों (प्रधानाध्यापक एवं अध्यापक) पर नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना सौंप दी है।
    • ​गैर-शैक्षणिक पद: इसके अलावा, आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सफाई कर्मी, नाई, माली समेत अन्य सहायक कर्मियों के 365 पदों पर भी जल्द ही नियुक्ति की जाएगी।

​“विकसित बिहार और मुख्यमंत्री के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के संकल्प को पूरा करने में हमारा विभाग पूरी ताकत से जुटा हुआ है।”

— लखेंद्र पासवान, कल्याण मंत्री

 

​हर विधानसभा और प्रखंड में खुलेंगे स्कूल-छात्रावास

​नीतीश सरकार समाज के वंचित और शोषित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कृतसंकल्प है। मंत्री जी ने घोषणा की कि:

      1. ​सरकार की योजना हर प्रखंड में डॉ. अम्बेडकर कल्याण छात्रावास स्थापित करने की है।
      2. ​इसके साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय खोलने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।

​4 प्रखंडों में नए आवासीय विद्यालयों का निर्माण शुरू

​समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई कि चार प्रमुख प्रखंडों में 720 की छात्र क्षमता वाले अत्याधुनिक डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। ये प्रखंड निम्नलिखित हैं:

क्र.सं.

जिला

प्रखंड

1.

वैशाली

पातेपुर

2.

पश्चिम चंपारण

नरकटियागंज

3.

मुजफ्फरपुर

मीनापुर

4.

खगड़िया

खगड़िया

इसके साथ ही, प्रदेश के 18 जिलों में स्वीकृत सावित्रीबाई फुले छात्रावासों का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रारंभ कर दिया गया है।

​महादलित टोलों में सामुदायिक भवनों का जाल, आश्रितों को नौकरी

​बिहार महादलित विकास मिशन के तहत महादलित टोलों के विकास की भी समीक्षा की गई। विभाग ने बताया कि टोलों में सामुदायिक भवन सह वर्कशेड का निर्माण कार्य तेजी पर है।

  • ​अब तक 4,983 सामुदायिक भवन बनकर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं।
  • ​जबकि 1,025 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
  • ​इसके अलावा, अत्याचार अधिनियम के तहत पीड़ित 121 आश्रितों को सरकारी नौकरी में नियुक्ति दी गई है।

​अधिकारियों को सख्त निर्देश: पेंडिंग काम बर्दाश्त नहीं

​मंत्री लखेंद्र पासवान ने बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि जनता से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण मामले को लटका कर न रखा जाए और उन्हें तुरंत इससे अवगत कराया जाए। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने का आदेश दिया।

​इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी (IAS) समेत विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।

​बिहार: भीषण गर्मी में नहीं होगी पानी की किल्लत, मंत्री संजय कुमार सिंह का सख्त आदेश- 15 दिनों में ठीक करें बंद चापाकल

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Patna News: बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आम लोगों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के माननीय मंत्री संजय कुमार सिंह ने पूर्णिया प्रक्षेत्र की योजनाओं की प्रगति की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पेयजल आपूर्ति को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।

​  मुख्य बिंदु: एक नज़र में

  • ​डेडलाइन: 15 दिनों के भीतर क्षेत्र के सभी बंद पड़े चापाकलों को हर हाल में दुरुस्त करने का निर्देश।
  • ​राहत: भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह और शाम की जलापूर्ति (Water Supply) के समय में 1-1 घंटे की बढ़ोतरी की गई।
  • ​सख्ती: खराब प्रदर्शन करने वाले टॉप 5 अधिकारियों पर गिरेगी गाज, बेहतर काम करने वाले टॉप 5 होंगे सम्मानित।
  • ​निरीक्षण: अभियंताओं (Engineers) को हफ्ते में कम से कम एक दिन अनिवार्य रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करना होगा।

​ 15 दिनों में सुधरेंगे बंद चापाकल, बंद योजनाओं पर होगी कार्रवाई

​मंत्री श्री संजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा है कि ग्रामीण इलाकों में चापाकल पानी का सबसे बड़ा जरिया हैं। इसलिए आगामी 15 दिनों के भीतर सभी बंद चापाकलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

​”अगर कोई भी जलापूर्ति योजना बंद पाई गई, तो इसके लिए जिम्मेदार संवेदक (Contractor) और संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”

— संजय कुमार सिंह, मंत्री (PHED)

 

​ भीषण गर्मी को देखते हुए बढ़ा जलापूर्ति का समय

​मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के निर्देशों का पालन करते हुए विभाग ने जनता को बड़ी राहत दी है। अब से भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए जलापूर्ति के समय में सुबह और शाम एक-एक घंटे की वृद्धि कर दी गई है, ताकि किसी भी नागरिक को पर्याप्त पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े। इसके साथ ही राज्य के किसी भी हिस्से में पेयजल संकट न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

​ ऑपरेटरों के मानदेय और जनशिकायतों पर विशेष ध्यान

​बैठक में पानी सप्लाई को सुचारू रूप से चलाने वाले ऑपरेटरों के हक में भी फैसला लिया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि ऑपरेटरों के मानदेय भुगतान में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, CGRC (सेंट्रलाइज्ड ग्रीवांस रिड्रेसल सेल) और सहयोग शिविरों के माध्यम से आने वाली जनता की शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निपटारा करने की हिदायत दी गई है।

​ ‘परफॉर्मेंस’ के आधार पर तय होगी अधिकारियों की रेटिंग

​विभागीय योजनाओं में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए एक अनोखा फॉर्मूला तैयार किया गया है:

  • ​शीर्ष 5 उत्कृष्ट पदाधिकारी जो सबसे बेहतरीन काम करेंगे, उन्हें विभाग की तरफ से सम्मानित किया जाएगा।
  • ​शीर्ष 5 फिसड्डी पदाधिकारी जिनका प्रदर्शन लगातार खराब रहेगा, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

​साथ ही, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को सप्ताह में कम से कम एक दिन क्षेत्र (फील्ड) का भ्रमण कर निरीक्षण करना अनिवार्य कर दिया गया है।

​ बैठक में ये रहे मौजूद

​इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में PHED के प्रधान सचिव  राजेश कुमार, अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव  नित्यानंद प्रसाद समेत विभाग के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने योजनाओं को समय पर पूरा करने का संकल्प लिया।

बिहार में उर्वरक माफियाओं पर सरकार का बड़ा शिकंजा: 29 पर FIR, 208 दुकानों के लाइसेंस रद्द; कृषि मंत्री ने कहा- ‘जीरो टॉलरेंस’

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Patna News: बिहार के किसानों के हितों की रक्षा और खाद की कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने उर्वरक माफियाओं के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर कोताही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है।

​मीठापुर स्थित कृषि विभाग में उर्वरक की उपलब्धता को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि मंत्री ने यह कड़े निर्देश जारी किए।

​जरूरत से ज्यादा खाद का स्टॉक मौजूद, पैनिक होने की जरूरत नहीं

​कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बिहार में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडार उपलब्ध है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए स्थिति स्पष्ट की:

  • ​यूरिया: 30 जून 2026 तक राज्य को 2.40 मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है, जबकि 3 जून तक ही 3.76 लाख मीट्रिक टन का भारी स्टॉक मौजूद है।
  • ​डीएपी (DAP): जरूरत 1 मीट्रिक टन की है, जबकि 1.54 लाख मीट्रिक टन भंडार में उपलब्ध है।
  • ​एनपीके (NPK): जरूरत 1.25 मीट्रिक टन की है, जिसके मुकाबले 2.38 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।
  • ​एसएसपी (SSP): जरूरत 0.55 मीट्रिक टन की है, जबकि 1.17 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक तैयार है।

​इसके साथ ही किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के सही उपयोग के लिए जागरूक करने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

​उर्वरक माफियाओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई: उड़नदस्ता दल एक्टिव

​कालाबाजारी, जमाखोरी और तय कीमत से अधिक दाम पर खाद बेचने वाले दुकानदारों पर कृषि विभाग का डंडा चला है। मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता (Flying Squad) की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। 3 जून 2026 तक की गई बड़ी कार्रवाइयों का ब्योरा इस प्रकार है:

    • ​29 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर नियमों के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज की गई है।
    • ​208 प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।

​”प्रखंडवार उर्वरकों का आवंटन स्थानीय जरूरत के आधार पर किया जा रहा है। अधिकारी नियमित रूप से पॉस (PoS) मशीन के स्टॉक और भौतिक स्टॉक का मिलान कर रहे हैं। गड़बड़ी मिलते ही सीधे जेल भेजने की कार्रवाई होगी।”

— श्री विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री, बिहार

 

​सीमावर्ती जिलों में अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर SSB का पहरा

​बिहार से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के जरिए उर्वरकों की अवैध निकासी (तस्करी) को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ हाथ मिलाया है। सीमा से सटे 7 जिलों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, जहां कुल 2,573 दुकानों की जांच की गई। इस जांच में 275 दुकानों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसके बाद:

      • ​19 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गईं।
      • ​123 दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए।
      • ​85 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस (स्पष्टीकरण) जारी किया गया है।

​प्रमुख सीमावर्ती जिलों में हुई बड़ी कार्रवाई पर एक नज़र:

जिला

कुल जांच की गई दुकानें

अनियमितता मिली

दर्ज FIR

रद्द अनुज्ञप्ति (Licence)

पूर्वी चंपारण

323

18

08

05

पश्चिम चंपारण

343

25

01

03

सीतामढ़ी

590

46

02

07

कृषि मंत्री ने अंत में स्पष्ट किया कि राज्य के अन्नदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें समय पर, सही दाम पर खाद उपलब्ध कराना बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​भागलपुर के गौरव कुमार सिंह ने NIFT परीक्षा में गाड़े सफलता के झंडे, लाए ऑल इंडिया 577 रैंक

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Bhagalpur News: भागलपुर के युवाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शहर के बूढ़ानाथ, स्थित ‘योगेन्द्र निवास’ के रहने वाले गौरव कुमार सिंह ने देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) की प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। गौरव ने B.F. Tech (बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) में पूरे देश में ऑल इंडिया 577 रैंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने माता-पिता, बल्कि पूरे भागलपुर जिले और समाज का नाम रोशन किया है।

​पारिवारिक पृष्ठभूमि और गौरव की विरासत

​गौरव कुमार सिंह प्रतिष्ठित सामाजिक व्यक्तित्व बाबू वीरेन्द्र नारायण सिंह जी के नाती हैं। उनकी इस स्वर्णिम सफलता पर उनके माता-पिता, रचना सिंह एवं राजीव सिंह, फूले नहीं समा रहे हैं। जैसे ही परीक्षा के परिणाम घोषित हुए, बूढ़ानाथ स्थित उनके आवास ‘योगेन्द्र निवास’ पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस बड़ी कामयाबी की खुशियां बांटीं।

​कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से हासिल किया मुकाम

​NIFT की परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों छात्र अपनी किस्मत आजमाते हैं। गौरव ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, नाना जी के मार्गदर्शन और अपनी कड़ी मेहनत को दिया है।

​”यह सफलता सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि मेरे पूरे परिवार के अटूट विश्वास और सहयोग का परिणाम है। फैशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश के लिए कुछ बेहतर करना मेरा सपना है।”

— गौरव कुमार सिंह

 

​समाज में खुशी की लहर

​भागलपुर, जो पहले से ही अपने सिल्क और टेक्सटाइल के लिए दुनिया भर में मशहूर है, वहाँ के एक बेटे का फैशन टेक्नोलॉजी (B.F. Tech) के शीर्ष संस्थान के लिए चुना जाना पूरे समाज के लिए गौरव की बात है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और शुभचिंतकों ने गौरव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है और उम्मीद जताई है कि वे आगे चलकर इस क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेंगे।

भागलपुर में धरती के नीचे मिला कोयले का खजाना

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के विकास और औद्योगिक इतिहास में आज का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। जिले में कोल ब्लॉक (कोयला भंडार) की खोज को औद्योगिक विकास की दिशा में एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक खोज न केवल बिहार के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि जिले में बड़े पैमाने पर निवेश और भारी उद्योगों की स्थापना के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोल देगी।

​मीडिया से विशेष बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर अब देश और दुनिया के बड़े उद्योगों व निवेशकों की स्थापना के लिए अत्यंत अनुकूल परिस्थितियों वाला जिला बनकर उभर रहा है।

​बिजली, पानी और कोयला: उद्योगों के लिए भागलपुर में सब कुछ मौजूद

​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने क्षेत्र की ताकत को रेखांकित करते हुए बताया कि भागलपुर के पास अब उद्योगों के लिए जरूरी हर बुनियादी संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है:

  • ​विशाल कोयला भंडार: जिले में कोल ब्लॉक की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर ही ईंधन की कमी दूर होगी।
  • ​प्रचुर जल संसाधन: गंगा नदी के रूप में जिले के पास पानी का असीमित और प्रचुर स्रोत पहले से मौजूद है।
  • ​मजबूत आधारभूत संरचना: ऊर्जा उत्पादन और इंडस्ट्रियल सेटअप के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर यहाँ तेजी से विकसित हो चुका है।

​कहलगांव NTPC और प्रस्तावित पीरपैंती पावर प्लांट को मिलेगा सीधा बल

​जिलाधिकारी ने कहा कि कहलगांव स्थित एनटीपीसी (NTPC) पहले से ही देश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में से एक के रूप में अपनी पहचान रखता है। इसके साथ ही, पीरपैंती में एक और बड़े और आधुनिक पावर प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया भी प्रशासनिक स्तर पर काफी तेजी से चल रही है।

​ऐसे में भागलपुर के अपने कोल ब्लॉक से उपलब्ध होने वाला कोयला स्थानीय स्तर पर ही सीधे उपयोग किया जा सकेगा। इससे न केवल कोयले के परिवहन (Transportation) का खर्च और समय बचेगा, बल्कि ऊर्जा उत्पादन और जिले की तमाम औद्योगिक गतिविधियों को एक विशेष और अभूतपूर्व बल मिलेगा।

​मुख्य सचिव स्तर पर मॉनिटरिंग, टेंडर प्रक्रिया बेहद तेज

​परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोल ब्लॉक के विकास से संबंधित सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं पर राज्य सरकार द्वारा लगातार और पैनी निगरानी रखी जा रही है।

​प्रशासनिक मुस्तैदी: बिहार के मुख्य सचिव द्वारा स्वयं इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नियमित रूप से समीक्षा (Review) की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा मांगी गई सभी आवश्यक और तकनीकी रिपोर्ट समय पर सरकार को उपलब्ध करा दी गई हैं। वर्तमान में टेंडर की प्रक्रिया भी अपने निर्धारित चरणों के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रही है।

 

​निवेशकों के लिए “गोल्डन चांस” और स्थानीय युवाओं को बंपर रोजगार

​निवेश की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह पूरी परियोजना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक “गोल्डन चांस” (सुनहरा अवसर) साबित होने जा रही है। कहलगांव क्षेत्र पहले से ही औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा है। अब कोल ब्लॉक की खोज, एनटीपीसी के विस्तार और प्रस्तावित पीरपैंती पावर प्लांट के त्रिकोण (Triangle) के साथ यह पूरा क्षेत्र बड़े औद्योगिक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।

​आर्थिक तरक्की का नया दौर:

जिलाधिकारी ने अंत में जोर देकर कहा कि कोल ब्लॉक की यह खोज भागलपुर के समग्र आर्थिक विकास, स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन (Employment Generation) तथा औद्योगिक प्रगति के लिए एक सबसे महत्वपूर्ण संसाधन सिद्ध होगी। आने वाले वर्षों में यह मील का पत्थर जिला ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी बिहार की विकास यात्रा को एक नई और अविश्वसनीय गति प्रदान करेगा।

खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन को केंद्रीय कैबिनेट की हरी झंडी, ₹4000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से बदलेगी पूर्वी बिहार की सूरत

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Bhagalpur News: खगड़िया से पूर्णिया के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों और पूरे पूर्वी बिहार के लिए एक ऐतिहासिक और विकास को नई रफ़्तार देने वाली खबर है। खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा के प्रयासों और संसद में मजबूती से उठाई गई मांग पर केंद्र सरकार ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। खगड़िया से पूर्णिया तक बनने वाले 143 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क निर्माण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

​लगभग ₹4000 करोड़ की लागत से बनने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया विभाग द्वारा पहले ही एडवांस में पूरी की जा चुकी है, जिससे अब धरातल पर निर्माण कार्य बेहद जल्द शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

​सांसद राजेश वर्मा ने संसद में उठाई थी आवाज

​गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण सड़क खंड को फोरलेन में बदलने के लिए खगड़िया के युवा सांसद राजेश वर्मा ने संसद सत्र के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का ध्यान आकृष्ट कराया था।

​सांसद ने सदन में क्षेत्र की भौगोलिक और व्यापारिक महत्ता को रखते हुए कहा था कि, “पटना से बेगूसराय तक तो यात्रियों को शानदार फोरलेन मिलता है, लेकिन बेगूसराय से आगे खगड़िया और पूर्णिया की तरफ बढ़ते ही सड़क सिंगल लेन हो जाती है। इस वजह से इस व्यस्त रूट पर आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और स्थानीय जनता को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है।”

 

​सांसद की इस मांग पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व में ही सैद्धांतिक सहमति दे दी थी, जिसे अब केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम और औपचारिक स्वीकृति भी मिल गई है। इस ऐतिहासिक सौगात के लिए सांसद राजेश वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।

​मक्का और केला किसानों के लिए ‘आर्थिक क्रांति’ का आधार

​इस फोरलेन कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ उत्तर और पूर्वी बिहार के कृषि क्षेत्र को मिलने जा रहा है। यह पूरा इलाका अपनी विशेष फसलों के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है।

  • ​खगड़िया का मक्का: खगड़िया जिला मक्के की रिकॉर्ड पैदावार के लिए जाना जाता है। फोरलेन बनने से यहाँ का मक्का सीधे बड़े उद्योगों और प्रोसेसिंग यूनिट्स तक तेजी से पहुँच सकेगा।
  • ​नवगछिया का केला: नवगछिया का इलाका अपने बड़े पैमाने पर होने वाली केले की उन्नत खेती के लिए प्रसिद्ध है। अब यहाँ के केला किसानों की उपज बिना खराब हुए कुछ ही घंटों में पटना, सिलीगुड़ी, असम और कोलकाता जैसे बड़े बाजारों तक पहुँच सकेगी, जिससे किसानों को अपनी फसल का सीधा और बेहतर दाम मिलेगा।

​इलाके को होने वाले 5 बड़े फायदे

  • ​हादसों से मुक्ति और सुरक्षित सफर: सिंगल लेन होने के कारण इस रूट पर होने वाले आमने-सामने के भीषण एक्सीडेंट्स पर अब पूरी तरह रोक लगेगी। डिवाइडर युक्त आधुनिक फोरलेन से सफर सुरक्षित और सुगम होगा।
  • ​पटना से कोसी-सीमांचल की सुपरफास्ट कनेक्टिविटी: पटना से बेगूसराय के बाद अब खगड़िया से पूर्णिया तक निर्बाध फोरलेन मिलने से राजधानी और सीमांचल के बीच की दूरी घंटों में सिमट जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।
  • ​स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार: ₹4000 करोड़ के इस विशाल निर्माण कार्य के दौरान हजारों स्थानीय युवाओं और तकनीकी कार्यबलों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। वहीं, सड़क के दोनों ओर नए ढाबे, पेट्रोल पंप, लॉजिस्टिक्स हब और कोल्ड स्टोरेज विकसित होने से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
  • ​इमरजेंसी में जीवन रक्षा: आपातकालीन या गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज या पटना एम्स ले जाना बेहद आसान और तेज हो जाएगा।
  • ​शिक्षा और व्यापार का विस्तार: इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्रों तक आने-जाने में सहूलियत होगी, साथ ही नए व्यापारिक गलियारे विकसित होंगे।

​एडवांस प्लानिंग से काम में नहीं होगी देरी

​सांसद राजेश वर्मा ने बताया कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका टेंडर प्रशासनिक स्तर पर पहले ही निकाला जा चुका है। चूंकि प्री-प्लानिंग और कागजी औपचारिकताएं पूरी हैं, इसलिए कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही अब निर्माण एजेंसियां बिना किसी देरी के सीधे जमीन पर काम शुरू कर देंगी। तय समय सीमा के भीतर इस विश्वस्तरीय फोरलेन का निर्माण पूरा कर इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

25 हजार का इनामी कुख्यात अपराधी अंकित चौहान गिरफ्तार, भारी मात्रा में कारतूस और पिस्टल बरामद

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Bihar News: बिहार में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कटिहार जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कटिहार जिले के मोस्ट वांटेड और 25 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी अंकित चौहान को अवैध आग्नेयास्त्रों के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधी शहर के नगर थाना क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था, जिसे मुस्तैद टीम ने समय रहते नाकाम कर दिया।

​संतोषी चौक के पास घेराबंदी कर दबोचा

​बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिनांक 01 जून 2026 को बिहार एसटीएफ (STF) की विशेष टीम और कटिहार जिला पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। टीम ने नगर थाना क्षेत्र के संतोषी चौक के पास सघन छापेमारी करते हुए कुख्यात अपराधी अंकित चौहान को घेरकर दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध हथियार, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और एक चारपहिया वाहन बरामद किया गया है।

​क्या है इसका आपराधिक इतिहास?

​गिरफ्तार अपराधी अंकित चौहान, पिता- स्वर्गीय विजय चौहान, मुख्य रूप से ड्राइवर टोला (ग्रीन सपारा, थाना- नगर, जिला- कटिहार) का रहने वाला है। इसके खिलाफ कटिहार जिले के नगर थाने में हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों सहित कुल 08 (आठ) कांड दर्ज हैं।

​यह शातिर अपराधी नगर (कटिहार) थाना कांड संख्या 144/25 (दिनांक 30.06.2025), जो कि धारा 103(1)/61(2) बी०एन०एस० (BNS) के तहत दर्ज है, में लंबे समय से वांछित चल रहा था। इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

​STF ने नाकाम की बड़ी वारदात की साजिश

​पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, बिहार एसटीएफ को बेहद गोपनीय इनपुट मिला था कि अंकित चौहान कटिहार शहर के नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत किसी बड़ी घटना या अपराध को अंजाम देने के लिए योजना बना रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ ने तुरंत एक्शन लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधी को दबोच लिया, जिससे शहर में होने वाली एक बड़ी वारदात टल गई।

​बरामदगी की सूची:

​गिरफ्तारी के समय अपराधी के पास से निम्नलिखित सामान जब्त किए गए हैं:

  • ​देशी पिस्टल: 01 पीस
  • ​जिंदा कारतूस: 31 पीस
  • ​चारपहिया वाहन: 01 पीस
  • ​मोबाईल: 02 पीस

​नया मामला दर्ज, आगे की कार्रवाई शुरू

​इस ताजा गिरफ्तारी और अवैध हथियारों की बरामदगी को लेकर कटिहार के नगर थाने में एक नया मामला कांड संख्या 632/26 (दिनांक 01.06.2026) दर्ज किया गया है। यह नया केस धारा 111(3) बी०एन०एस० एवं 25(1-बी)ए/26/35 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद किए गए 31 जिंदा कारतूसों और पिस्टल का इस्तेमाल वह किस बड़ी घटना में करने वाला था।