Patna News: देश के ऊर्जा मानचित्र पर बिहार ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी भवनों के शत-प्रतिशत सौर ऊर्जाकरण (Solarization) में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम “पीएम सूर्य घर के दो वर्ष : 1 करोड़ छतों तक सौर ऊर्जा का विस्तार” के दौरान देश के तमाम राज्यों के बीच बिहार को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया। समारोह में बिहार सरकार की ओर से एनबीपीडीसीएल (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक और ब्रेडा (BREDA) के निदेशक राहुल कुमार (भा.प्र.से.) ने यह गौरवशाली सम्मान प्राप्त किया।
‘सूर्य संकल्प पहल’: जब DM के दफ्तर और घर से शुरू हुई क्रांति
बिहार को यह पुरस्कार ‘सूर्य संकल्प पहल’ के तहत जिला पदाधिकारियों (District Magistrates) के कार्यालयों एवं उनके सरकारी आवासों की छतों पर रिकॉर्ड समय में सौर ऊर्जा प्रणालियों (Rooftop Solar Systems) की स्थापना के लिए दिया गया है।
विभाग ने रणनीति के तहत सबसे पहले जिलों के प्रशासनिक कप्तानों के दफ्तरों को ग्रीन एनर्जी से जोड़ा। इसका फायदा यह हुआ कि आम जनता के बीच भी रूफटॉप सोलर को लेकर जागरूकता बढ़ी और योजना ने जन-आंदोलन का रूप ले लिया।
नीतीश सरकार के ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान को लगे पंख
इस राष्ट्रीय पुरस्कार के पीछे बिहार सरकार की अपनी दूरगामी नीति ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ की सबसे बड़ी भूमिका रही है।
- 12,000 भवनों का कायाकल्प: इस अभियान के तहत राज्य सरकार ने पहले ही सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने का नीतिगत फैसला लिया था। इसी का नतीजा है कि आज राज्य के लगभग 12 हजार सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम पूरी तरह चालू हो चुके हैं।
- करोड़ों की बचत और पर्यावरण संरक्षण: इन प्रणालियों के लगने से सरकारी दफ्तरों का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आई है।
नेतृत्व की जीत: ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने जताई खुशी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव (भा.प्र.से.) ने कहा:
”पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत बिहार को प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य के लिए बेहद गर्व का विषय है। यह उपलब्धि माननीय मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन, ऊर्जा विभाग की अटूट प्रतिबद्धता तथा सभी जिला प्रशासनों के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। आने वाले समय में बिहार स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा।”
वहीं, पुरस्कार ग्रहण करने के बाद ब्रेडा के निदेशक राहुल कुमार (भा.प्र.से.) ने इस सफलता का श्रेय अपनी टीम को देते हुए कहा:
”यह सम्मान राज्य के सभी अधिकारियों, अभियंताओं (Engineers) और ग्राउंड स्टाफ के दिन-रात के सामूहिक परिश्रम की पहचान है। हम सिर्फ सरकारी भवनों तक सीमित नहीं रहेंगे; हमारा लक्ष्य बिहार के हर घर की छत तक सौर ऊर्जा को पहुंचाना और राज्य को पूरी तरह ‘हरित ऊर्जा’ से आत्मनिर्भर बनाना है।”


