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भागलपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: एकचारी में भारी मात्रा में कारतूस और कट्टे के साथ कटिहार का शातिर अपराधी गिरफ्तार!

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Bhagalpur News: भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब, आर्म्स, और मादक पदार्थों की बरामदगी हेतु सघन गश्ती एवं चोरी/छिनतई के हॉट-स्पॉट पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी अभियान के तहत भागलपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एकचारी थाना क्षेत्र से एक शातिर अपराधी को अवैध हथियार और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

​गंभीर अपराध की साजिश नाकाम, गुप्त सूचना पर कार्रवाई

​मिली जानकारी के मुताबिक, दिनांक 05 जून को पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एकचारी थानांतर्गत कुछ अपराधी किसी गंभीर अपराध को अंजाम देने के उद्देश्य से अवैध आग्नेयास्त्र (हथियार) के साथ घूम रहे हैं।

​एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम

​इस सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देशन में, नगर पुलिस अधीक्षक, भागलपुर की निगरानी में तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव-02 एवं एकचारी थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।

​टापुआ मरगंग पुल के पास से हुई गिरफ्तारी

​गठित टीम द्वारा प्राप्त सूचना के सत्यापन एवं छापेमारी के क्रम में एकचारी थानांतर्गत टापुआ मरगंग पुल के समीप घेराबंदी की गई। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से एक संदिग्ध को दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से भारी मात्रा में कारतूस और अवैध हथियार बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंद्रशेखर मंडल (पिता- शंकर मंडल), साकिन- बाकिया दियरा, थाना- बरारी, जिला- कटिहार के रूप में हुई है।

​बरामद हुए सामानों की सूची (Recovery List):

  • ​देसी कट्टा: 01
  • ​जिंदा कारतूस: 25
  • ​खोखा: 04

​आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास:

​गिरफ्तार अभियुक्त चंद्रशेखर मंडल का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले भी गंभीर मामलों में नामजद रह चुका है:

  • ​रेल साहेबगंज कांड संख्या: 20/2004 (दिनांक- 04.09.2004)
  • ​दर्ज धाराएं: 394 / 307 / 34 भा०द०वि० (परिवर्तित धारा- 394 / 302 / 34 / 120(B) भा०द०वि०)

​पुलिस इस संबंध में आवश्यक पूछताछ करते हुए सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

​छापेमारी दल (Raid Team) में शामिल पुलिस अधिकारी और जवान:

​इस सफल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में नीचे दिए गए पुलिस अधिकारियों और सशस्त्र बलों की मुख्य भूमिका रही:

  1. ​ बबलू कुमार (पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष, एकचारी थाना)
  2. ​ विपिन कुमार (पु०अ०नि०, एकचारी थाना)
  3. ​ राजकुमार प्रसाद (स०उ०नि०, एकचारी थाना)
  4. ​सशस्त्र बल (एकचारी थाना)

भागलपुर ICDS में बड़ा ब्लास्ट: रिश्वत लेते वीडियो बनाया तो सेविका का हाथ मरोड़कर छीना मोबाइल, 24 घंटे बाद फैक्ट्री रीसेट कर लौटाया!

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Bhagalpur News: भागलपुर के नाथनगर प्रखंड परिसर स्थित आईसीडीएस (ICDS) कार्यालय में बीते शुक्रवार को मासिक बैठक के दौरान भारी हंगामा और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। भतौड़िया गंगा प्रसाद स्थित केंद्र संख्या 42 की आंगनवाड़ी सेविका सरिता देवी ने विभाग में चल रहे रिश्वतखोरी के खेल को बेनकाब करने के लिए महिला पर्यवेक्षिका (LS) ममता कुमारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो बना लिया। वीडियो बनते देख एलएस ने सेविका का हाथ मरोड़कर जबरन मोबाइल छीन लिया। साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल का सारा डाटा डिलीट और फैक्ट्री रीसेट करने के 24 घंटे बाद फोन वापस लौटाया गया।

​पोषाहार और अंडे के नाम पर ‘महीने की बंधी है घूस’

​पीड़ित सेविका सरिता देवी ने विभाग के अधिकारियों की पोल खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। सेविका के अनुसार, नाथनगर की सीडीपीओ (CDPO) और एलएस (LS) की मिलीभगत से कार्यालय में खुलेआम रिश्वतखोरी का धंधा फल-फूल रहा है।

​रिश्वत का पूरा खेल:

  • ​पोषाहार के नाम पर वसूली: हर महीने की मासिक बैठक में सभी सेविकाओं से पोषाहार क्लियर करने के एवज में 3,000 रुपये की अवैध रकम वसूली जाती है।
  • ​अंडा नहीं खिलाने की घूस: बच्चों के मीनू से अंडा हटाने या नहीं खिलाने के नाम पर अलग से 1,000 रुपये प्रति महीने रिश्वत ली जाती है।
  • ​अधिकारियों की धमकी: बैठक खत्म होते ही अधिकारी एक-एक कर पैसे कलेक्ट करते हैं और कहते हैं कि यह पैसा ‘ऊपर तक के अधिकारियों’ को देना पड़ता है। जो पैसे नहीं देतीं, उनके वाउचर पर साइन नहीं किया जाता और कोई न कोई कमी निकालकर स्पष्टीकरण (Explanation) थमा दिया जाता है।

​150 सेविकाओं के सामने आत्मसम्मान का हनन

​सेविका सरिता देवी ने रोते हुए कहा कि करीब 150 सेविकाओं की मौजूदगी में उनके साथ बदसलूकी की गई और उनका मोबाइल छीना गया। उन्होंने कहा, “हमें सरकार से बेहद कम मानदेय मिलता है, फिर भी हम काम करते हैं। इन बड़े अधिकारियों को मोटा वेतन मिलता है, इसके बावजूद मासूम बच्चों के निवाले में से घूस मांगी जाती है। घूसखोरी के कारण जब बच्चों को पूरी सामग्री नहीं मिल पाती, तो हमें ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ता है। हम न्याय के लिए जहां जाना होगा, वहां जाएंगे।”

​साक्ष्य मिटाने के लिए फोन को किया ‘फैक्ट्री रीसेट’

​इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सेविका का फोन 24 घंटे तक क्यों दबाकर रखा गया? आईसीडीएस के सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल से रिश्वतखोरी का वीडियो और सारा पर्सनल डाटा पूरी तरह डिलीट कर दिया गया। फोन को पूरी तरह फैक्ट्री रीसेट करने के बाद उसमें आईसीडीएस का सॉफ्टवेयर दोबारा लोड करके सेविका को वापस दिया गया, ताकि रिश्वत का कोई सबूत न बचे। वहीं, एक ऑपरेटर भी इस मामले को रफा-दफा करने और सेविका के परिवार पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने में जुटा है।

​मामले पर क्या है जिम्मेदारों का कहना?

​ अनुपमा कुमारी (डीपीओ, भागलपुर)

“समाचार पत्र के माध्यम से यह पूरा मामला मेरे संज्ञान में आया है। इससे पहले किसी भी सेविका ने पैसे के लेनदेन की शिकायत मुझसे कभी नहीं की थी। हम संबंधित सेविका से पूछताछ कर रहे हैं। यदि एलएस द्वारा गड़बड़ी करने या रिश्वत लेने की बात सत्य पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध सुनिश्चित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

 

​सफाई: ममता कुमारी (एलएस)

महिला पर्यवेक्षिका ममता कुमारी ने अपने ऊपर लगे पैसे के लेनदेन के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने सफाई में कहा कि मोबाइल सिर्फ इसलिए लिया गया था क्योंकि वह वीडियो बना रही थीं। उन्होंने कहा, “यदि कोई हमारी वीडियो या फोटो लेगा, तो क्या हम लेने देंगे?”

 

​सीडीपीओ ने नहीं उठाया फोन, थाने और बीडीओ से होगी शिकायत

​इस गंभीर मामले पर पक्ष जानने के लिए जब नाथनगर सीडीपीओ को कई बार फोन मिलाया गया, तो उन्होंने एक बार भी कॉल रिसीव नहीं किया। उधर, पीड़ित सेविका ने स्थानीय थाना और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाने की बात कही है। सेविका के पति के अनुसार, उन पर बड़े अधिकारियों द्वारा मामले को दबाने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। अब देखना यह है कि भागलपुर जिलाधिकारी (DM) इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर क्या एक्शन लेते हैं।

​भागलपुर में पुलिसिया कार्रवाई पर भारी बवाल: आधी रात को छापेमारी के बाद बबरगंज में हंगामा, SSP दफ्तर पहुंचे दर्जनों लोग!

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Bhagalpur News: भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र स्थित अंबा बाग मोहल्ले में देर रात हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक आरोपी के घर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम और स्थानीय मोहल्लेवासियों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि वहां भारी हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना के विरोध में आज दर्जनों की संख्या में आक्रोशित मोहल्लेवासी सीधे एसएसपी (SSP) कार्यालय पहुंच गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

​आधी रात को हुआ क्या था?

​मिली जानकारी के मुताबिक, बबरगंज थाना की पुलिस देर रात अंबा बाग मोहल्ले में दर्ज एक मामले के आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर छापेमारी (Raid) करने पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया। चर्चा यह भी है कि इस हंगामे के दौरान आक्रोशित लोगों द्वारा पुलिस के वाहन को भी निशाना बनाया गया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

​एसएसपी कार्यालय पहुंचे मोहल्लेवासी, लगाए गंभीर आरोप

​पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज अंबा बाग मोहल्ले के दर्जनों लोग और महिलाएं आज सुबह भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद अधिकारियों से पुलिस के खिलाफ शिकायत करते हुए लोगों ने गंभीर आरोप लगाए।

​मोहल्लेवासियों के मुख्य आरोप:

  • ​बिना महिला पुलिस के घर में प्रवेश: महिलाओं का आरोप है कि देर रात की गई इस छापेमारी में पुलिस टीम के साथ कोई भी महिला पुलिसकर्मी शामिल नहीं थी।
  • ​महिलाओं के साथ मारपीट: आरोप लगाया गया है कि घर में घुसकर पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद महिलाओं के साथ बदसलूकी और मारपीट की।

​सदर अस्पताल में भी हुआ हंगामा

​घटना के बाद देर रात ही चोटिल हुई कई महिलाएं इलाज कराने के लिए भागलपुर के सदर अस्पताल पहुंचीं। पुलिसिया कार्रवाई से उपजा आक्रोश अस्पताल परिसर में भी देखने को मिला, जहां पीड़ित पक्ष और उनके समर्थकों के कारण काफी देर तक अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बनी रही।

​मामले पर क्या है पुलिस का कहना?

​इस पूरे विवाद और हंगामे को लेकर सिटी एसपी (City SP) शैलेंद्र सिंह ने आधिकारिक बयान जारी किया है।

​सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने कहा: “पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गहन जांच कराई जा रही है। पुलिस टीम पर गाड़ी क्षतिग्रस्त करने के दावों और मोहल्लेवासियों द्वारा लगाए गए आरोपों, दोनों ही पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

 

​फिलहाल, बबरगंज पुलिस और जिला प्रशासन मामले के सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रहा है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। अंबा बाग मोहल्ले में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन पुलिसिया कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में अभी भी गहरा रोष है।

भागलपुर में करंट लगने से 5 बच्चों के पिता की दर्दनाक मौत, परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था सोनू!

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Bhagalpur News: भागलपुर के सबौर थाना क्षेत्र स्थित रामनगर ममलखा गांव से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां करंट की चपेट में आने से 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। मृतक की पहचान महेंद्र मंडल के पुत्र सोनू मंडल (40 वर्ष) के रूप में की गई है, जो अपने पीछे पांच छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी को बेसहारा छोड़ गए हैं।

​कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

​ग्रामीणों और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोनू मंडल अपने खेत से मकई का बोझा लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान घर के पास से गुजर रहा बिजली का हाई-टेंशन या घरेलू सप्लाई का तार अचानक टूट कर गिर गया। तार टूटने की वजह से घर की बिजली गुल हो गई और चारों तरफ अंधेरा छा गया।

​अंधेरे को दूर करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के उद्देश्य से सोनू मंडल खुद ही टूटे हुए तार को जोड़ने का प्रयास करने लगे। इसी लापरवाही या अनजाने में वह जिंदा बिजली के तार (लाइव वायर) की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना जोरदार था कि वह दूर जा गिरे, जिससे उनके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें भी आईं।

​अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

​घटना के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई। बदहवास परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में सोनू मंडल को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) लेकर भागे। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

​पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

​अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर बरारी पुलिस कैंप की टीम तुरंत मायागंज अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

​परिवार का इकलौता सहारा था सोनू, अब दाने-दाने को मोहताज मासूम!

​मृतक के वृद्ध पिता महेंद्र मंडल ने रोते हुए बताया कि सोनू ही पूरे परिवार का पेट पालता था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। सोनू की असमय मौत के बाद अब इस बड़े परिवार के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

​अनाथ हुए 5 मासूम बच्चे:

  • ​बेटियां: 4 छोटी बेटियां (जिनके सिर से पिता का साया उठ गया)
  • ​बेटा: 1 छोटा बेटा

​पति की मौत के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वह बार-बार बेहोश हो जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे रामनगर ममलखा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर आंख नम है और ग्रामीण पीड़ित परिवार को इस मुश्किल घड़ी में ढांढस बंधाने में जुटे हैं।

भागलपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: नाथनगर में भारी मात्रा में अवैध हथियारों के साथ एक अपराधी गिरफ्तार!

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Bhagalpur News: भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब, आर्म्स, और मादक पदार्थों की बरामदगी हेतु सघन गश्ती एवं चोरी/छिनतई के हॉट-स्पॉट पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में नाथनगर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक शातिर अपराधी को भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्रों (हथियारों) और जिंदा कारतूस के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

​गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई

​मिली जानकारी के मुताबिक, दिनांक 05 जून को पुलिस को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि नाथनगर थानांतर्गत साकिन-राघोपुर का रहने वाला सुरेश मंडल उर्फ अशोक कुमार (पिता- स्वर्गीय चुलहाई मंडल) किसी गंभीर अपराध को अंजाम देने के उद्देश्य से अपने घर पर अवैध आग्नेयास्त्रों का संग्रह कर रहा है।

​एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम

​इस सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देशन में, नगर पुलिस अधीक्षक, भागलपुर की निगरानी में तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-02, भागलपुर एवं नाथनगर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।

​घर पर छापेमारी और बरामदगी

​गठित टीम द्वारा जब प्राप्त सूचना के सत्यापन के लिए सुरेश मंडल उर्फ अशोक कुमार के राघोपुर स्थित घर पर छापेमारी की गई, तो वहां से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने मौके से ही आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में आवश्यक पूछताछ करते हुए सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

​बरामद हुए सामानों की सूची (Recovery List):

  • ​देसी कट्टा: 01
  • ​देसी राइफल: 01
  • ​देसी बंदूक: 01
  • ​कारतूस: 07
  • ​राइफल का टूटा हुआ लकड़ी का बट: 01

​गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:

  • ​नाम: सुरेश मंडल उर्फ अशोक कुमार
  • ​पिता: स्वर्गीय चुलहाई मंडल
  • ​पता: साकिन-राघोपुर, थाना-नाथनगर, जिला-भागलपुर

​छापेमारी दल (Raid Team) में शामिल पुलिस अधिकारी और जवान:

​इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में नीचे दिए गए पुलिस अधिकारियों और जवानों की मुख्य भूमिका रही:

  1. ​ अभय शंकर (पु०नि० सह-थानाध्यक्ष, नाथनगर थाना)
  2. ​ विकास कुमार (पु०अ०नि०, नाथनगर थाना)
  3. ​मो० मुख्तार (पी०टी०सी० / 1254, नाथनगर थाना)
  4. ​परमानंद पासवान (सि० / 1416, नाथनगर थाना)
  5. ​पवन कुमार महतो (सि० / 91, नाथनगर थाना)

मंत्री नीतीश मिश्रा ने संभाली LNMI के कार्यवाहक अध्यक्ष की कमान, बोले- “संस्थान से है मेरा गहरा भावनात्मक जुड़ाव”

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Patna News: बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रावैधिकी (IT) विभाग के माननीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने आज पटना के प्रतिष्ठित ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान (LNMI) के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है।

​पदभार ग्रहण के ऐतिहासिक अवसर पर संस्थान की निदेशक डॉ. एन. विजयलक्ष्मी एवं प्राध्यापक डॉ. चन्द्रा सिंह ने माननीय मंत्री को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका भव्य और हार्दिक स्वागत किया। इस दौरान संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों में भारी उत्साह देखा गया।

​🤝 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति जताया आभार

​पदभार ग्रहण करने के बाद श्री नीतीश मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

​”एल. एन. एम. आई. जैसी प्रतिष्ठित संस्था के कार्यवाहक अध्यक्ष का दायित्व मिलना मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैं इसका निर्वहन पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ करूँगा।”

 

​❤️ “पिताजी ने इस संस्थान को सींचा, मेरा भावनात्मक नाता है”

​संस्थान से अपनी पारिवारिक और व्यक्तिगत यादों को साझा करते हुए नीतीश मिश्रा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि एल. एन. एम. आई. से उनका महज प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।

  • ​इस संस्थान को स्थापित करने, इसे खड़ा करने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनके पूज्य पिताजी का अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक योगदान रहा है।
  • ​वे संस्थान की इस गौरवशाली परंपरा और विरासत को हर हाल में आगे बढ़ाएंगे और इसके चहुंमुखी विकास के लिए पूरा सहयोग देंगे।

​🚀 बदलते दौर की मांग: ‘एंटरप्रेन्योर’ (उद्यमी) बनेंगे छात्र

​आधुनिक वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए नए कार्यवाहक अध्यक्ष ने संस्थान के भविष्य का रोडमैप भी सामने रखा। उन्होंने साफ किया कि अब शिक्षा की पारंपरिक पद्धति के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान पर फोकस होगा:

  • ​रोजगार सृजक (Job Creators): विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने के योग्य नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला ‘उद्यमी’ (Entrepreneur) बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा।
  • ​आधुनिक तकनीक और नवाचार: आधुनिक तकनीक, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के माध्यम से छात्रों को ‘विकसित भारत’ के निर्माण में नेतृत्व करने के लिए तैयार किया जाएगा।
  • ​शोध और नीति निर्माण: एल. एन. एम. आई. शुरू से ही राज्य के आर्थिक-सामाजिक विकास के लिए रिसर्च और पॉलिसी मेकिंग का केंद्र रहा है, इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और हाईटेक किया जाएगा।

​🌱 विश्व पर्यावरण दिवस पर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

​संस्थान में पदभार ग्रहण करने का यह सुखद संयोग रहा कि आज ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ भी है। इस अवसर को यादगार बनाते हुए कार्यवाहक अध्यक्ष श्री नीतीश मिश्रा ने संस्थान परिसर में स्वयं पौधारोपण किया। उन्होंने परिसर के युवाओं और अधिकारियों को संदेश देते हुए कहा:

​”पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक खास दिन (टोकन सेलिब्रेशन) का विषय नहीं है। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए हम सभी की सामूहिक और दैनिक जिम्मेदारी है।”

 

​✨ संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा

​इस मौके पर संस्थान के अधिकारियों, प्राध्यापकों और सभी सदस्यों ने खुशी जाहिर करते हुए उम्मीद जताई कि श्री नीतीश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन, युवा सोच और मजबूत राजनीतिक व प्रशासनिक नेतृत्व में LNMI शिक्षा, अनुसंधान (Research) और सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और राष्ट्रीय पटल पर अपनी एक विशिष्ट पहचान को और मजबूत बनाएगा।

बिहार में ‘खरीफ महाभियान 2026’ का शंखनाद: अब ड्रोन, AI और डिजिटल साक्षरता से बदलेगी किसानों की तकदीर

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Patna News: बिहार की कृषि और किसानों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। शुक्रवार को कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ‘शारदीय (खरीफ) महाभियान 2026’ के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कर्मशाला को संबोधित किया।

​कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह महाभियान सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बिहार के किसानों की समृद्धि और ‘विकसित बिहार’ के निर्माण का एक व्यापक जनआंदोलन है।

​📢 “मिट्टी बचाइए, खेती बचाइए, किसान बचाइए”

​सनातनी संस्कृति और माटी के महत्व को रेखांकित करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भावुक और कड़ा संदेश दिया:

​”हम सब धरती माता को पूजते हैं और सनातन संस्कृति में माटी ही सबसे बड़ा धर्म है। अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी बीमार हो रही है। अपने शरीर को स्वस्थ रखने और परिवार को बचाने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना आज समय की सबसे बड़ी मांग है। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को बिहार सरकार विशेष रूप से सम्मानित करेगी।”

 

​🚜 ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत उठाए जाएंगे 5 बड़े कदम

​वर्तमान में मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति को देखते हुए कृषि विभाग पूरे राज्य में “खेत बचाओ अभियान” चलाने जा रहा है। इसके तहत निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर फोकस रहेगा:

  1. ​मृदा परीक्षण (Soil Testing): हर खेत की मिट्टी की जांच कर हेल्थ कार्ड जारी करना।
  2. ​संतुलित उर्वरक उपयोग: जरूरत से ज्यादा यूरिया और डीएपी के इस्तेमाल पर रोक।
  3. ​प्राकृतिक एवं जैविक खेती: रसायनों से मुक्त, शुद्ध और देसी खेती को बढ़ावा।
  4. ​जल संरक्षण: सिंचाई के आधुनिक तरीकों से पानी की बर्बादी रोकना।
  5. ​फसल विविधीकरण (Crop Diversification): पारंपरिक खेती के अलावा नकदी फसलों पर जोर।

​💻 ‘किसान डिजिटल साक्षरता अभियान’ से हाईटेक होंगे अन्नदाता

​बिहार की खेती को 21वीं सदी की तकनीक से जोड़ने के लिए कृषि मंत्री ने “किसान डिजिटल साक्षरता अभियान” की बड़ी घोषणा की। इसके तहत किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जाएगा:

  • ​आधुनिक तकनीक: किसानों को ड्रोन (Drone), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • ​डिजिटल प्लेटफॉर्म: ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID), बिहार कृषि मोबाइल ऐप, ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल भुगतान का उपयोग सिखाया जाएगा।
  • ​स्मार्ट खेती: मौसम का सटीक पूर्वानुमान और बाजार भाव सीधे किसानों के मोबाइल पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

​🗣️ अगले महीने से फिर शुरू होगा “किसान जन कल्याण संवाद”

​किसानों की समस्याओं के ऑन-स्पॉट (तुरंत) समाधान के लिए कृषि मंत्री ने घोषणा की कि अगले माह से राज्यभर में “किसान जन कल्याण संवाद” कार्यक्रम को दोबारा शुरू किया जा रहा है।

  • ​इसके तहत जिला स्तर पर ‘खुली चर्चा’ आयोजित की जाएगी।
  • ​मंच पर एक साथ किसान, कृषि वैज्ञानिक, एग्री-स्टार्टअप उद्यमी और विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे ताकि समस्याओं का तुरंत निपटारा हो सके।

​💼 युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर

​कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार कृषि को सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि रोजगार और उद्यमिता (Entrepreneurship) का सबसे बड़ा केंद्र बनाने जा रही है। इसके तहत युवाओं को इन क्षेत्रों में बढ़ावा दिया जाएगा:

  • ​बीज उत्पादन और कृषि यंत्र सेवा केंद्र।
  • ​गांवों में कमर्शियल ड्रोन सर्विस।
  • ​खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), भंडारण (Storage) और विपणन (Marketing)।
  • ​जैविक उत्पाद और एग्री-स्टार्टअप के लिए विशेष अनुदान।

​⚠️ अधिकारियों को सख्त हिदायत: “फाइलों में नहीं, खेतों में दिखे काम”

​समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त लहजे में कहा:

​”किसी भी सरकारी योजना की सफलता दफ्तर की फाइलों में नहीं, बल्कि किसान के खेत में दिखाई देनी चाहिए। किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और तकनीकी सहायता पहुंचाना विभाग की पहली और आखिरी जिम्मेदारी है।”

​बिहार में उपभोक्ताओं को मिलेगी 24 घंटे निर्बाध बिजली, ऊर्जा मंत्री ने दिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश

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Patna News: बिहार के उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शुक्रवार को बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) और इसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के कार्यों और विकास परियोजनाओं की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

​इस बैठक में बिजली उत्पादन, संचरण (Transmission) और वितरण (Distribution) से जुड़ी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई और आगामी महीनों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।

​📢 “उपभोक्ता हित सर्वोपरि, लापरवाही बर्दाश्त नहीं”

​बैठक को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने स्पष्ट किया:

​”राज्य के आम उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी अधिक दक्षता और पूरी प्रतिबद्धता के साथ जनता तक बिजली पहुंचाएं।”

 

​उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं से जुड़े जितने भी कार्य या शिकायतें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर (Top Priority) तुरंत निष्पादित किया जाए।

​📊 प्रजेंटेशन के जरिए परखी गई बिजली कंपनियों की जमीनी हकीकत

​बैठक के दौरान नॉर्थ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक  राहुल कुमार (IAS) ने माननीय ऊर्जा मंत्री के समक्ष एक विस्तृत प्रेजेंटेशन (PPT) दिया। इस प्रस्तुतीकरण में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर प्रगति रिपोर्ट साझा की गई:

  • ​विद्युत आपूर्ति का आधुनिकीकरण: बिजली चोरी रोकने और लाइनों को दुरुस्त करने की योजना।
  • ​ट्रांसफार्मर क्षमता संवर्धन: ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाना।
  • ​उपभोक्ता शिकायत निवारण: जनता की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान के लिए तंत्र को और मजबूत करना।

​☀️ भीषण गर्मी और मानसून को लेकर विशेष तैयारियां

​वर्तमान में जारी भीषण गर्मी और आगामी मानसून को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने विशेष रूप से चिंता जताई। उन्होंने बिजली कंपनियों को निर्देशित किया कि:

  • ​गर्मी के कारण बढ़ रही बिजली की मांग (Peak Demand) को बिना किसी ट्रिपिंग या फॉल्ट के पूरा किया जाए।
  • ​मानसून के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों, जैसे- पोल गिरना, तार टूटना या जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए समयबद्ध ढंग से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
  • ​किसी भी आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) न्यूनतम होना चाहिए।

​💼 “ऊर्जा विभाग निरंतर कर रहा है बेहतर प्रदर्शन”

​ऊर्जा सचिव एवं BSPHCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव (IAS) ने बैठक में आश्वस्त किया कि विभाग माननीय मंत्री के मार्गदर्शन में पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा:

​”उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित समाधान हमारी पहली प्राथमिकता है।”

 

​👥 बैठक में उपस्थित प्रमुख अनुषंगी कंपनियां और अधिकारी

​इस उच्चस्तरीय बैठक में बिहार की विद्युत व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली सभी चारों अनुषंगी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे:

  1. ​NBPDCL (नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड)
  2. ​SBPDCL (साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड)
  3. ​BSPGCL (बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड)
  4. ​BSPTCL (बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड)

​बैठक में बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अन्य वरीय अधिकारी एवं तकनीकी कर्मी भी मुख्य रूप से मौजूद थे।

बिहार में पंचायती राज संस्थाओं को बनाया जाएगा और अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर: संयुक्त सचिव, भारत सरकार

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Patna News: बिहार में त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण, वित्तीय प्रबंधन और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए आज पंचायती राज विभाग, बिहार के पटना मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आहूत की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती पलका सहनी ने की।

​बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई और बिहार की पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप तैयार किया गया।

​📢 “स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना से ही सशक्त होंगी पंचायतें”

​बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव श्रीमती पलका सहनी ने कहा:

​”स्थानीय जरूरतों एवं चुनौतियों के अनुरूप बेहतर कार्ययोजना बनाकर ही त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को और सशक्त एवं जवाबदेह बनाया जा सकता है।”

 

​उन्होंने बिहार सरकार द्वारा पंचायतों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और सुझाव दिया कि आगामी वर्षों के लिए रणनीतिक योजनाएं (Strategic Plans) जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।

​📊 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की ओर बढ़ते बिहार के कदम

​बैठक के दौरान पंचायती राज विभाग, बिहार के सचिव मनोज कुमार ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में चल रही योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

  • ​सचिव ने बताया कि बिहार की कई ग्राम पंचायतें स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की प्राप्ति की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं।
  • ​ज़मीनी स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

​🏆 ‘पंचायत उन्नति सूचकांक’ और राष्ट्रीय पुरस्कारों पर मंथन

​बैठक में भारत सरकार द्वारा विकसित पंचायत उन्नति सूचकांक (Panchayat Development Index) पर बिहार की ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

  • ​संयुक्त सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य की अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित कराने की दिशा में काम किया जाए।
  • ​इसके लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को विभाग की ओर से विशेष तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

​💡 ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ से चमकेंगे बिहार के गाँव (सोलर विलेज)

​ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए “पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” पर विस्तृत चर्चा की गई। संयुक्त सचिव ने बिहार के अधिक से अधिक गाँवों को ‘सोलर विलेज’ (Solar Village) के रूप में विकसित करने के लिए विभाग को सक्रिय सहयोग प्रदान करने को कहा।

​🏛️ ‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ के तहत पर्यटन का विकास

​बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “मेरा गाँव मेरी धरोहर योजना” पर भी विशेष जोर दिया गया। संयुक्त सचिव ने सचिव, पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया कि राज्य की ग्राम पंचायतों में मौजूद ऐतिहासिक और स्थानीय पर्यटन स्थलों की पहचान कर उनके विकास में विभागीय सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

​💰 वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर बल

​पंचायतों के सुदृढ़ीकरण के लिए वित्तीय अनुशासन को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए संयुक्त सचिव ने निर्देश दिए:

  • ​बेहतर वित्तीय प्रबंधन: वित्त आयोग (Finance Commission) द्वारा प्रदान की गई राशि का शत-प्रतिशत और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
  • ​आय के आंतरिक स्रोत: ग्राम पंचायतों को केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय आय के अपने स्वयं के स्रोत (Own Source of Revenue – OSR) विकसित करने होंगे, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

​👥 बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी

​इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य के आला अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  •  मनोज कुमार, सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार
  •  नवीन कुमार सिंह, निदेशक, पंचायती राज विभाग
  • ​ नजर हुसैन, अपर सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार
  • ​इसके साथ ही विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे।

​पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना द्वारा जनहित में प्रसारित।

बक्सर-बरूणा रेल खंड पर बड़ा खुलासा: निर्माण पूरा होने और कमीशन से पहले ही शुरू कर दिया था यातायात, इसलिए धंसा ROB का अप्रोच पाथ

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Bihar News: बक्सर जिलांतर्गत बक्सर-बरूणा रेलवे स्टेशन के बीच स्थित LC-70A पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के अप्रोच पाथ (पहुँच पथ) धंसने के मामले में एक बड़ा स्पष्टीकरण सामने आया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस ओवरब्रिज के अप्रोच पाथ का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह से संपन्न नहीं हुआ था और न ही इसका विधिवत रूप से कमीशन (Commission) किया गया था। इसके बावजूद, इस अधूरे पुल पर समय से पहले ही यातायात का संचालन शुरू करा दिया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

​समय से पहले हैवी ट्रैफिक खोलने से हुआ आंशिक धंसाव (Settlement)

​तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान ही इसके विस्तार जोड़ (Expansion Joint) के समीप कंक्रीट के एक हिस्से में मामूली क्षति (Damage) हुई थी। तकनीकी मानकों के अनुसार, इस क्षतिग्रस्त भाग के उपचार और मरम्मत के बाद कंक्रीट को पूरी तरह सेट होने और क्योरिंग (Curing) की अवधि देना बेहद अनिवार्य था, ताकि पूरी संरचना को आवश्यक मजबूती मिल सके।

​परंतु, क्योरिंग की यह निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही रेलवे प्रशासन द्वारा जल्दबाजी में नीचे की लेवल क्रॉसिंग (LC) को बंद कर दिया गया और इस निर्माणाधीन ROB से ही वाहनों का परिचालन शुरू करा दिया गया।

​ढांचागत सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं, मुख्य स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित

​निर्माणाधीन और कच्चे कंक्रीट वाली संरचना पर समय से पहले भारी वाहनों का लोड आने के परिणाम स्वरूप एक्सपेंशन जॉइंट (Expansion Joint) के पास अतिरिक्त धंसाव (Settlement) की स्थिति उत्पन्न हो गई।

​जैसे ही इस घटना की जानकारी विभाग को मिली, तुरंत ही तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। तकनीकी टीम ने राहत की बात बताते हुए स्पष्ट किया है कि इस आंशिक धंसाव का मुख्य ब्रिज के मूल स्ट्रक्चर (Structure) पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह से सुरक्षित और मजबूत है।

​सुरक्षा के मद्देनजर पुराना लेवल क्रॉसिंग (LC) फिर से बहाल

​वर्तमान स्थिति को देखते हुए और किसी भी बड़े खतरे को टालने के लिए रेलवे प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्माणाधीन ROB पर वाहनों के यातायात संचालन को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद कर दिया है।

​आम जनता और राहगीरों की सुविधा तथा उनके सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, नीचे स्थित पुराने लेवल क्रॉसिंग (LC) को एक बार फिर से यातायात के लिए खोल दिया गया है ताकि लोगों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो।

​युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी, पूरी संतुष्टि के बाद ही खुलेगा ROB

​संबंधित निर्माण और तकनीकी एजेंसियों द्वारा क्षतिग्रस्त और धंसे हुए भाग की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है। मौके पर आवश्यक मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।

​प्रशासन का कहना है कि जब तक संरचना की पूर्ण सुरक्षा और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप संतोषजनक स्थिति सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक इस नए पुल पर यातायात बहाल नहीं किया जाएगा। पूरी तरह से जांच और संतुष्टि के उपरांत ही आगे की कार्रवाई और इस ROB पर दोबारा यातायात शुरू करने के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।