Bhagalpur News: भागलपुर जिले के विकास और औद्योगिक इतिहास में आज का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। जिले में कोल ब्लॉक (कोयला भंडार) की खोज को औद्योगिक विकास की दिशा में एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक खोज न केवल बिहार के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि जिले में बड़े पैमाने पर निवेश और भारी उद्योगों की स्थापना के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोल देगी।
मीडिया से विशेष बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर अब देश और दुनिया के बड़े उद्योगों व निवेशकों की स्थापना के लिए अत्यंत अनुकूल परिस्थितियों वाला जिला बनकर उभर रहा है।
बिजली, पानी और कोयला: उद्योगों के लिए भागलपुर में सब कुछ मौजूद
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने क्षेत्र की ताकत को रेखांकित करते हुए बताया कि भागलपुर के पास अब उद्योगों के लिए जरूरी हर बुनियादी संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है:
- विशाल कोयला भंडार: जिले में कोल ब्लॉक की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर ही ईंधन की कमी दूर होगी।
- प्रचुर जल संसाधन: गंगा नदी के रूप में जिले के पास पानी का असीमित और प्रचुर स्रोत पहले से मौजूद है।
- मजबूत आधारभूत संरचना: ऊर्जा उत्पादन और इंडस्ट्रियल सेटअप के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर यहाँ तेजी से विकसित हो चुका है।
कहलगांव NTPC और प्रस्तावित पीरपैंती पावर प्लांट को मिलेगा सीधा बल
जिलाधिकारी ने कहा कि कहलगांव स्थित एनटीपीसी (NTPC) पहले से ही देश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में से एक के रूप में अपनी पहचान रखता है। इसके साथ ही, पीरपैंती में एक और बड़े और आधुनिक पावर प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया भी प्रशासनिक स्तर पर काफी तेजी से चल रही है।
ऐसे में भागलपुर के अपने कोल ब्लॉक से उपलब्ध होने वाला कोयला स्थानीय स्तर पर ही सीधे उपयोग किया जा सकेगा। इससे न केवल कोयले के परिवहन (Transportation) का खर्च और समय बचेगा, बल्कि ऊर्जा उत्पादन और जिले की तमाम औद्योगिक गतिविधियों को एक विशेष और अभूतपूर्व बल मिलेगा।
मुख्य सचिव स्तर पर मॉनिटरिंग, टेंडर प्रक्रिया बेहद तेज
परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोल ब्लॉक के विकास से संबंधित सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं पर राज्य सरकार द्वारा लगातार और पैनी निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासनिक मुस्तैदी: बिहार के मुख्य सचिव द्वारा स्वयं इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नियमित रूप से समीक्षा (Review) की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा मांगी गई सभी आवश्यक और तकनीकी रिपोर्ट समय पर सरकार को उपलब्ध करा दी गई हैं। वर्तमान में टेंडर की प्रक्रिया भी अपने निर्धारित चरणों के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए “गोल्डन चांस” और स्थानीय युवाओं को बंपर रोजगार
निवेश की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह पूरी परियोजना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक “गोल्डन चांस” (सुनहरा अवसर) साबित होने जा रही है। कहलगांव क्षेत्र पहले से ही औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा है। अब कोल ब्लॉक की खोज, एनटीपीसी के विस्तार और प्रस्तावित पीरपैंती पावर प्लांट के त्रिकोण (Triangle) के साथ यह पूरा क्षेत्र बड़े औद्योगिक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
आर्थिक तरक्की का नया दौर:
जिलाधिकारी ने अंत में जोर देकर कहा कि कोल ब्लॉक की यह खोज भागलपुर के समग्र आर्थिक विकास, स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन (Employment Generation) तथा औद्योगिक प्रगति के लिए एक सबसे महत्वपूर्ण संसाधन सिद्ध होगी। आने वाले वर्षों में यह मील का पत्थर जिला ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी बिहार की विकास यात्रा को एक नई और अविश्वसनीय गति प्रदान करेगा।


