Patna News: बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आम लोगों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के माननीय मंत्री संजय कुमार सिंह ने पूर्णिया प्रक्षेत्र की योजनाओं की प्रगति की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पेयजल आपूर्ति को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- डेडलाइन: 15 दिनों के भीतर क्षेत्र के सभी बंद पड़े चापाकलों को हर हाल में दुरुस्त करने का निर्देश।
- राहत: भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह और शाम की जलापूर्ति (Water Supply) के समय में 1-1 घंटे की बढ़ोतरी की गई।
- सख्ती: खराब प्रदर्शन करने वाले टॉप 5 अधिकारियों पर गिरेगी गाज, बेहतर काम करने वाले टॉप 5 होंगे सम्मानित।
- निरीक्षण: अभियंताओं (Engineers) को हफ्ते में कम से कम एक दिन अनिवार्य रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करना होगा।
15 दिनों में सुधरेंगे बंद चापाकल, बंद योजनाओं पर होगी कार्रवाई
मंत्री श्री संजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा है कि ग्रामीण इलाकों में चापाकल पानी का सबसे बड़ा जरिया हैं। इसलिए आगामी 15 दिनों के भीतर सभी बंद चापाकलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
”अगर कोई भी जलापूर्ति योजना बंद पाई गई, तो इसके लिए जिम्मेदार संवेदक (Contractor) और संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
— संजय कुमार सिंह, मंत्री (PHED)
भीषण गर्मी को देखते हुए बढ़ा जलापूर्ति का समय
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के निर्देशों का पालन करते हुए विभाग ने जनता को बड़ी राहत दी है। अब से भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए जलापूर्ति के समय में सुबह और शाम एक-एक घंटे की वृद्धि कर दी गई है, ताकि किसी भी नागरिक को पर्याप्त पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े। इसके साथ ही राज्य के किसी भी हिस्से में पेयजल संकट न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
ऑपरेटरों के मानदेय और जनशिकायतों पर विशेष ध्यान
बैठक में पानी सप्लाई को सुचारू रूप से चलाने वाले ऑपरेटरों के हक में भी फैसला लिया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि ऑपरेटरों के मानदेय भुगतान में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, CGRC (सेंट्रलाइज्ड ग्रीवांस रिड्रेसल सेल) और सहयोग शिविरों के माध्यम से आने वाली जनता की शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निपटारा करने की हिदायत दी गई है।
‘परफॉर्मेंस’ के आधार पर तय होगी अधिकारियों की रेटिंग
विभागीय योजनाओं में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए एक अनोखा फॉर्मूला तैयार किया गया है:
- शीर्ष 5 उत्कृष्ट पदाधिकारी जो सबसे बेहतरीन काम करेंगे, उन्हें विभाग की तरफ से सम्मानित किया जाएगा।
- शीर्ष 5 फिसड्डी पदाधिकारी जिनका प्रदर्शन लगातार खराब रहेगा, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
साथ ही, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को सप्ताह में कम से कम एक दिन क्षेत्र (फील्ड) का भ्रमण कर निरीक्षण करना अनिवार्य कर दिया गया है।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में PHED के प्रधान सचिव राजेश कुमार, अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव नित्यानंद प्रसाद समेत विभाग के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने योजनाओं को समय पर पूरा करने का संकल्प लिया।


