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लौरिया में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे दो भाई, दो देसी कट्टा और ड्रैगन चाकू के साथ गिरफ्तार

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Bihar News: पश्चिम चंपारण के बेतिया में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम करते हुए दो शातिर युवकों को अवैध हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया है। मामला लौरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बरवा सेख टोली का है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित छापेमारी कर दो सगे चचेरे भाइयों को दबोच लिया। पुलिस को आशंका है कि ये दोनों भाई किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध आग्नेयास्त्र और घातक ड्रैगन चाकू बरामद हुआ है。

​आधी रात को पुलिस का एक्शन: क्या है पूरा मामला?

​बेतिया पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिनांक 2 जून 2026 की रात्रि में थानाध्यक्ष लौरिया को एक बेहद गोपनीय और पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना यह थी कि ग्राम बरवा सेख टोली (वार्ड नंबर-01) का रहने वाला मोहम्मद कामरान अपने घर में भारी मात्रा में अवैध हथियार और आग्नेयास्त्र छुपा कर रखे हुए है। वह अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर इलाके में किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है।

​SP के आदेश पर बनी स्पेशल टीम, घेराबंदी कर मारा छापा

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) पश्चिम चंपारण, बेतिया के आदेशानुसार एक विशेष टीम का गठन किया गया। लौरिया थानाध्यक्ष के नेतृत्व में जिला आसूचना इकाई (DIU) एवं लौरिया थाना के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने मिलकर देर रात मोहम्मद कामरान के घर की घेराबंदी की और अचानक छापेमारी कर दी।

​पुलिस की इस मुस्तैदी के कारण घर में मौजूद दोनों संदिग्धों को भागने का मौका तक नहीं मिला और पुलिस ने दोनों को रंगे हाथ धर दबोचा।

​पेटी की तलाशी में खुला राज, बरामद हुए घातक हथियार

​गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर घर के भीतर सघन तलाशी ली, तो कमरे में रखी एक पेटी से भारी मात्रा में अवैध हथियार और संदिग्ध सामान बरामद हुए।

​बरामद किए गए सामानों की सूची:

  • ​देसी कट्टा: 02 पीस
  • ​खाली खोखा: 02 पीस
  • ​ड्रैगन चाकू (घातक चाकू): 01 पीस
  • ​पंच: 01 पीस
  • ​मोबाईल फोन: 02 पीस

​सगे चचेरे भाई चढ़े पुलिस के हत्थे: अपराधियों की पहचान

​पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान निम्नांकित रूप में हुई है, जो आपस में चचेरे भाई हैं:

    1. ​मोहम्मद कामरान – पिता: मोहम्मद शमीम
    2. ​इमरुल्लाह आलम – पिता: फैयाज अहमद

​पता: दोनों अभियुक्त ग्राम- बरवा सेख टोली, वार्ड नंबर-01, थाना- लौरिया, जिला- पश्चिम चंपारण, बेतिया के निवासी हैं।

 

​लौरिया थाने में मामला दर्ज

​इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में लौरिया थाना में कांड संख्या- 318/26 अंकित कर सुसंगत धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब दोनों आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे और उनके तार किन-किन अपराधियों से जुड़े हैं।

सरकारी काम का विरोध कर रहे उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर दागे तीर, चौकीदार के गर्दन में लगा तीर, 7 गिरफ्तार

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Patna News: बिहार के पूर्णिया जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां चंपानगर थाना क्षेत्र के मलिनिया कामत में सरकारी कार्य का विरोध कर रहे कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर तीरों से हमला कर दिया। इस अचानक हुए तीरंदाजी के हमले में चंपानगर थाने में तैनात एक चौकीदार के सिर के पीछे गर्दन पर तीर लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से एक महिला सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​पूर्णिया पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 1 जून 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), सदर पूर्णिया के आदेश पर चंपानगर थाना क्षेत्र के मलिनिया कामत में जमीन की मापी और जोत आबाद कराने का काम चल रहा था। इस दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट (दंडाधिकारी), पुलिस पदाधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

​शाम करीब 5:30 बजे जब टीम अपना काम शांतिपूर्वक खत्म करके वापस लौट रही थी, तभी कुछ उपद्रवियों ने सरकारी काम का विरोध करने के उद्देश्य से झाड़ियों में छिपकर पुलिस टीम पर अचानक ताबड़तोड़ तीर चलाने शुरू कर दिए।

​चौकीदार के गर्दन में धंसा तीर, मची अफरा-तफरी

​इस अचानक हुए हमले में कई तीर पुलिस टीम के आस-पास आकर गिरे। इसी बीच एक तीर चंपानगर थाना के चौकीदार के सिर के पीछे गर्दन में जा लगा। तीर लगते ही चौकीदार लहूलुहान होकर गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जख्मी चौकीदार को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार

​हमले के तुरंत बाद तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से हमला करने वाले 7 अभियुक्तों (6 पुरुष और 1 महिला) को रंगे हाथ दबोच लिया। पुलिस ने मौके से हमला करने वाले हथियार भी जब्त किए हैं।

​गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    1. ​भगवान हासदा (उम्र 27 वर्ष) – श्रीनगर, पूर्णिया
    2. ​लखन हेम्ब्रम (उम्र 30 वर्ष) – कोढ़ा, कटिहार
    3. ​हेमलाल मुर्मू (उम्र 19 वर्ष) – रानीगंज, अररिया
    4. ​टुनटुन ऋषि (उम्र 40 वर्ष) – चंपानगर, पूर्णिया
    5. ​भोला ऋषि (उम्र 25 वर्ष) – श्रीनगर, पूर्णिया
    6. ​एतवारी ऋषि (उम्र 64 वर्ष) – चंपानगर, पूर्णिया
    7. ​एक महिला अभियुक्त

​बरामदगी: पुलिस ने मौके से 11 पीस तीर, 1 पीस धनुष और 1 पीस खंती बरामद की है।

 

​थाने में FIR दर्ज, अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी

​इस दुस्साहसिक घटना को लेकर पूर्णिया पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। घटना के संबंध में संबंधित सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी सं० 78/26 (दिनांक 01.06.2026) दर्ज कर ली गई है।

​पूर्णिया पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल कुछ अन्य अज्ञात उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​इस टीम ने की कार्रवाई

​इस पूरे मामले में त्वरित एक्शन लेने वाली छापेमारी टीम में मुख्य रूप से शामिल थे:

    • ​डॉ० गौरव कुमार (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2)
    • ​अनुपम राज (पु०अ०नि०-सह-थानाध्यक्ष, चंपानगर थाना)
    • ​सशस्त्र पुलिस बल

मायागंज अस्पताल की शर्मनाक संवेदनहीनता: 7 माह की घायल गर्भवती को इलाज के बजाय ‘रेफर स्लिप’ के लिए दौड़ाया, सदर अस्पताल के डॉ. आशीष रंजन बने मसीहा

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Bhagalpur News: पूर्वी बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय (मायागंज अस्पताल) एक बार फिर अपनी चरमराई व्यवस्था और संवेदनहीन कार्यशैली को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। मानवता को शर्मसार करने वाले एक ताजा मामले में, सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सात महीने की एक गर्भवती महिला को तत्काल इमरजेंसी इलाज देने के बजाय, अस्पताल प्रशासन ने कागजी कोरम पूरा करने के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ने पर मजबूर कर दिया। गनीमत रही कि समय रहते सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने मोर्चा संभाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

​ सड़क हादसे में घायल हुई थी अलीगंज की रूपा, तड़पती रही लेकिन नहीं पसीजा मायागंज का दिल

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलीगंज निवासी रूपा देवी (पति का नाम अप्राप्त) जो सात महीने की गर्भवती हैं, एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई थीं। दुर्घटना के बाद उनके पेट में तेज दर्द और शरीर पर गंभीर चोटें थीं। परिजन आनन-फानन में उन्हें लेकर मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर पर्चा (पंजीकरण) तो काट दिया गया, लेकिन जब भर्ती करने की बारी आई, तो वहां तैनात कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए।

​परिजनों ने रोते हुए बताया:

​”हमारी मरीज दर्द से तड़प रही थी, चिल्ला रही थी, लेकिन मायागंज अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों ने कहा कि नियम के मुताबिक पहले सदर अस्पताल जाओ और वहां से ‘रेफर स्लिप’ लिखवाकर लाओ, तभी हम यहाँ भर्ती करेंगे। ऐसे संकट के समय में हमारे लिए एक-एक मिनट कीमती था।”

 

​ कागजों में उलझा रहा मायागंज, सदर अस्पताल के डॉ. आशीष रंजन ने दिखाई इंसानियत

​जब जिंदगी और मौत के बीच झूल रही गर्भवती महिला को मायागंज से दुत्कार दिया गया, तब निराश परिजन उसे लेकर भागलपुर सदर अस्पताल पहुंचे। सदर अस्पताल में उस वक्त ऑन-ड्यूटी तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष रंजन के सामने जैसे ही यह मामला आया, उन्होंने बिना कोई समय गंवाए और बिना किसी कागजी औपचारिकता का इंतजार किए तुरंत महिला को इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कराया।

​डॉ. आशीष रंजन की तत्परता, सूझबूझ और संवेदनशीलता के कारण रूपा देवी को समय पर इलाज मिल सका, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की जान सुरक्षित है।

​ “मरीज की जान पहले, कागजी कार्रवाई बाद में” – डॉ. आशीष रंजन का सिस्टम को आईना

​सदर अस्पताल के प्रबुद्ध और संवेदनशील चिकित्सक डॉ. आशीष रंजन ने स्वास्थ्य सिस्टम की इस कमी पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा:

​”किसी भी गंभीर मरीज, विशेषकर एक गर्भवती महिला के मामले में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। इमरजेंसी की स्थिति में कागजी प्रक्रिया या रेफर स्लिप के नाम पर मरीज को अस्पतालों के बीच दौड़ाना पूरी तरह गलत है। हमारी पहली प्राथमिकता जान बचाना होनी चाहिए, कागजी काम तो बाद में भी हो सकता है।”

 

​ अस्पताल की साख पर बट्टा, स्वास्थ्य महकमे से जवाबदेही की मांग

​यह कोई पहली बार नहीं है जब मायागंज अस्पताल से किसी गंभीर मरीज को इस तरह लौटाया गया हो। करोड़ों रुपये के बजट और सुपर स्पेशियलिटी के दावों के बीच, अगर एक एक्सीडेंटल गर्भवती महिला को प्राथमिक उपचार के लिए भी सदर अस्पताल रेफर करने की जिद की जाती है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता है।

​इस घटना के बाद जहां एक तरफ डॉ. आशीष रंजन की देवदूत जैसी मानवीय पहल की पूरे जिले में जमकर सराहना हो रही है, वहीं आम जनता और प्रबुद्ध नागरिक भागलपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मायागंज अस्पताल के दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विक्रमशिला सेतु संकट के बीच ‘रील्स’ का शौक: सुरक्षा ड्यूटी छोड़ गंगा की लहरों पर नाव पर ठुमके लगाती महिला होमगार्ड का वीडियो वायरल

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Bhagalpur News: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर आए तकनीकी संकट और मरम्मत कार्य के बीच एक तरफ जहां पूरा जिला प्रशासन, पुलिस महकमा और आम जनता हलकान है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाती एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। सेतु पर आवागमन ठप होने के बाद सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था के लिए तैनात की गईं होमगार्ड की महिला जवान ऑन-ड्यूटी रील्स बनाने में मशगूल हैं। गंगा नदी में नाव के सफर के दौरान महिला जवानों का रील बनाने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।

​ पुल टूटा तो नाव बनी सहारा, लेकिन जवानों के लिए बन गई ‘रील शूटिंग स्पॉट’

​विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद से ही गंगा के इस पार से उस पार जाने के लिए जिला प्रशासन ने नाव सेवा को मुख्य सहारा बनाया है। आम लोगों की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए नावों पर पुलिस और होमगार्ड के जवानों की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है।

​लेकिन, वायरल वीडियो ने दिखा दिया कि कुछ जवानों के लिए यह गंभीर ड्यूटी महज एक ‘मनोरंजन का साधन’ बन कर रह गई है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वर्दी पहने दो महिला होमगार्ड जवान नाव पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने के बजाय फिल्मी गानों पर रील्स के लिए पोज दे रही हैं और ठुमके लगा रही हैं।

​ खुद के सोशल मीडिया अकाउंट पर किया अपलोड, यूजर्स बोले- ‘ड्यूटी का तो सम्मान कीजिए’

​सूत्रों के मुताबिक, मर्यादा और अनुशासन की धज्जियां उड़ाते हुए इन महिला जवानों ने इस वीडियो को सिर्फ बनाया ही नहीं, बल्कि बकायदा अपने पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट पर रील के रूप में शेयर भी कर दिया।

​जैसे ही यह वीडियो स्थानीय ग्रुप्स और प्लेटफॉर्म्स पर पहुंचा, यह आग की तरह फैल गया। सोशल मीडिया यूजर्स इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पूरा जिला जाम और आवागमन के संकट से जूझ रहा है, तब वर्दी पहनकर इस तरह की लापरवाही अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है।

​ प्रशासनिक अमले में हड़कंप, क्या होगी कार्रवाई?

​एक तरफ जहां विक्रमशिला सेतु की मरम्मत को लेकर प्रशासन चौतरफा दबाव में है, वहीं इस वीडियो के सामने आने के बाद विभाग की किरकिरी हो रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि हमारा न्यूज पोर्टल नहीं करता है, लेकिन वीडियो में दिख रही वर्दी और पृष्ठभूमि भागलपुर के वर्तमान हालात को बयां कर रही है।

​अब सबसे बड़ा सवाल भागलपुर जिला प्रशासन और होमगार्ड विभाग के आला अधिकारियों पर उठता है कि क्या ऑन-ड्यूटी इस तरह का रील शौक पालने वाले जवानों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, या इसे महज एक मजाक समझकर छोड़ दिया जाएगा?

स्कूल संचालक का अतिक्रमण हटते ही नाले की सफाई शुरू, कैलाशपुरी कॉलोनी को जलजमाव से मिली मुक्ति

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Bhagalpur News: भागलपुर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र स्थित कैलाशपुरी कॉलोनी के वासियों के लिए मंगलवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। कॉलोनी में लंबे समय से नासूर बनी जलजमाव की गंभीर समस्या पर नगर निगम ने कड़ा एक्शन लिया है। स्थानीय नागरिकों की बार-बार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और न सिर्फ अतिक्रमण को ध्वस्त किया, बल्कि सालों से जाम पड़े नाले की उड़ाही (सफाई) का काम भी युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया।

​ स्कूल संचालक की मनमानी: बातचीत से नहीं निकला हल, तो बुलाना पड़ा अतिक्रमण दस्ता

​स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, कैलाशपुरी कॉलोनी में स्थित एक निजी विद्यालय के संचालक कन्हैया कुमार द्वारा नाले और उसके आसपास की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया गया था। इस अतिक्रमण की वजह से नगर निगम की सफाई गाड़ियों और कर्मियों को नाले तक पहुंचने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था और नाले की सफाई पूरी तरह ठप थी।

​कॉलोनी के लोगों का कहना है:

​”हमने इस समस्या को लेकर कई बार विद्यालय संचालक कन्हैया कुमार से मिन्नतें कीं और रास्ता देने की बात कही, लेकिन उनके अड़ियल रवैये के कारण कोई समाधान नहीं निकला। थक-हारकर हमें नगर निगम के आला अधिकारियों का दरवाजा खटखटाना पड़ा।”

 

​ सड़कों पर बह रहा था नाले का गंदा पानी, घरों में कैद होने को मजबूर थे लोग

​नाला पूरी तरह चोक (जाम) हो जाने के कारण कैलाशपुरी कॉलोनी की स्थिति बद से बदतर हो गई थी। हल्के से पानी या रोजाना के इस्तेमाल के बाद नाले का बदबूदार और गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर जमा हो जाता था। स्थिति इतनी भयावह थी कि कई बार यह गंदा पानी लोगों के ड्राइंग रूम और आंगन तक में प्रवेश कर जाता था, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा था। बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद होने को मजबूर थे।

​ एक्शन मोड में नगर निगम: भारी पुलिस बल के साथ पहुंचा दस्ता, थमीं हेकड़ियाँ

​जैसे ही नगर निगम को इस बात की पुख्ता शिकायत मिली कि एक रसूखदार व्यक्ति के अतिक्रमण के कारण पूरी कॉलोनी नरक झेल रही है, निगम प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता मोजाहिदपुर थाने की पुलिस टीम के साथ अमले-कमले के साथ कैलाशपुरी पहुंचा। टीम को देखकर अतिक्रमणकारियों के विरोध के सुर ठंडे पड़ गए। निगम कर्मियों ने तुरंत नाले के ऊपर और आसपास से अवैध कब्जा हटाया और जेसीबी मशीनों के जरिए नाले की उड़ाही का काम शुरू कर दिया।

​ कॉलोनी में जश्न का माहौल, लोगों ने की ‘नियमित सफाई’ की मांग

​महीनों बाद नाले से गाद और कचरा निकलता देख कैलाशपुरी कॉलोनी के लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त होने से अब जलजमाव से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई पर संतोष जताते हुए वार्ड के प्रबुद्ध नागरिकों ने नगर आयुक्त और मेयर का आभार व्यक्त किया है। साथ ही, लोगों ने मांग की है कि इस नाले की केवल आज ही नहीं, बल्कि मानसून को देखते हुए नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि दोबारा ऐसी नौबत न आए।

भागलपुर में ‘सहयोग शिविर’ का जलवा: 30 दिन का काम 7 दिनों में पूरा, प्रभारी सचिव ने थपथपाई जिला प्रशासन की पीठ

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Bhagalpur News: बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी ‘जन-शिकायत निवारण अभियान’ के तहत भागलपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मंगलवार को गोराडीह प्रखंड के बिशनपुर जिच्छो पंचायत और नाथनगर के गोसाई दासपुर पंचायत में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ का औचक निरीक्षण करने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद पहुंचे। शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ किया कि सरकार “सबका सम्मान, जीवन आसान” के संकल्प के साथ काम कर रही है और जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

​ प्रभारी सचिव की दो टूक: ‘अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं, डिजिटल माध्यमों का करें उपयोग’

​निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने शिविर की प्रगति का जायजा लिया और सीधे आम लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा:

​”मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो। शिकायत निवारण के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा तय है और इसमें किसी भी तरह का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

​उन्होंने लोगों से डिजिटल होने की अपील करते हुए कहा कि नागरिक अब घर बैठे सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

​जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की टीम को मिली शाबाशी

​प्रभारी सचिव ने भागलपुर जिला प्रशासन की कार्यशैली की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भागलपुर में पूर्व के शिविरों में मिली अधिकांश शिकायतों का निपटारा तय समय से काफी पहले, महज 7 दिनों के भीतर कर दिया गया, जो बेहद सराहनीय है। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।

​ DM डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा- ‘हर आवेदन का मिलेगा पक्का हिसाब, लापरवाही पर होगी कार्रवाई’

​शिविर को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रत्येक पंचायत में सहयोग शिविर की तारीखें पहले से तय कर दी गई हैं। शिविर लगने से 15 दिन पहले से ही आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

​डीएम ने शिविर की मुख्य विशेषताएं साझा कीं:

    • ​पारदर्शिता: हर आवेदन का विधिवत पंजीकरण कर आवेदक को पक्की रसीद दी जा रही है।
    • ​सख्त एक्शन: भागलपुर प्रशासन ने 7 दिनों के भीतर निष्पादन का लक्ष्य रखा है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
    • ​त्वरित समाधान: बिशनपुर जिच्छो में कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 14 का ऑन-द-स्पॉट (तत्काल) निष्पादन कर दिया गया। शेष 34 मामलों को अगले 5 से 6 दिनों में सुलझा लिया जाएगा।

​कानूनी मामलों पर स्पष्टीकरण: जिलाधिकारी ने साफ किया कि जो मामले न्यायालय (कोर्ट) से जुड़े हैं, उनमें प्रशासन हस्तक्षेप नहीं कर सकता, लेकिन ऐसे आवेदकों को प्रशासन की ओर से सही कानूनी मार्गदर्शन (सिविल कोर्ट या हाई कोर्ट जाने की सलाह) जरूर दिया जाएगा।

 

​ कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश बोले- ‘यह सरकार का वन-स्टॉप सॉल्यूशन है’

​मौके पर मौजूद कहलगांव के माननीय विधायक शुभानंद मुकेश ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ की सोच पर काम कर रही है। अब अलग-अलग विभागों के काम के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, सारे अधिकारी खुद चलकर जनता के द्वार आ रहे हैं। उन्होंने खासकर महिलाओं से आगे आकर अपनी समस्याएं दर्ज कराने की अपील की।

​ मंच से बंटे जॉब कार्ड, चेहरे पर लौटी मुस्कान

​इस जनहितकारी मौके को और खास बनाते हुए प्रभारी सचिव दीपक आनंद, डीएम और विधायक ने अपने हाथों से पंचायत के लाभार्थियों को जॉब कार्ड सौंपे। जॉब कार्ड पाने वालों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

      1. ​अमरजीत कुमार
      2. ​नीरज यादव
      3. ​अशोक पासवान
      4. ​स्वीटी कुमारी
      5. ​अनीता देवी

​ नाथनगर के गोसाई दासपुर में भी अधिकारियों ने की शिरकत

​गोराडीह में शिविर के सफल संचालन के बाद प्रभारी सचिव महोदय का काफिला नाथनगर प्रखंड के गोसाई दासपुर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचा। यहाँ भी जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री प्रमोद कुमार यादव और उप विकास आयुक्त (DDC) श्री प्रदीप कुमार सिंह ने शिरकत कर स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

​इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश, एसएसपी प्रमोद कुमार यादव, डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह, जनसंपर्क संयुक्त निदेशक श्री नरेंद्र कुमार गुप्ता सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण।

भागलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 200 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ शातिर तस्कर गिरफ्तार; बंगाल से जुड़े हैं तार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने और मादक पदार्थों के अवैध काले कारोबार पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए भागलपुर पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के कड़े निर्देश पर जिले में “स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर” नामक एक विशेष महाअभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सबौर थाना पुलिस और डीआईयू (DIU) की टीम ने एक संयुक्त और बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ एक शातिर अंतर्राज्यीय ड्रग तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

​गुप्त सूचना पर लैलख रेलवे स्टेशन के पास बिछाया गया जाल

​मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को भागलपुर पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर पश्चिम बंगाल से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ (ब्राउन शुगर) लेकर ट्रेन के जरिए सबौर थाना क्षेत्र के लैलख रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले हैं। इस सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर और नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) की सीधी निगरानी में एक विशेष त्वरित कार्रवाई टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था), सबौर थानाध्यक्ष और डीआईयू टीम द्वारा किया गया।

​पुलिस को देखते ही भागने लगा आरोपी

​गठित विशेष टीम जब त्वरित कार्रवाई के लिए सबौर थाना अंतर्गत ग्राम पंचमुखी के पास पहुंची, तो वहां पुलिस की गाड़ियों और भारी बल को देखकर एक संदिग्ध व्यक्ति तेजी से भागने लगा। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मुस्तैदी दिखाई और सशस्त्र बलों के सहयोग से चारों तरफ से घेराबंदी कर उस शख्स को खदेड़कर दबोच लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से भारी मात्रा में कीमती ब्राउन शुगर बरामद हुई।

​बंगाल से लाकर घर में करता था स्टॉक, पूछताछ में बड़े खुलासे

​गिरफ्तार तस्कर की पहचान रंजीत तांती (उम्र- वयस्क, पिता- स्वर्गीय विनोद तांती), निवासी- बाल्टी कारखाना, थाना- हबीबपुर, जिला- भागलपुर के रूप में हुई है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों से भारी मात्रा में सस्ते दामों पर ब्राउन शुगर की खेप लाता था। इसके बाद वह इसे अपने हबीबपुर स्थित घर पर छुपाकर (स्टॉक) रखता था और धीरे-धीरे भागलपुर शहर और ग्रामीण इलाकों के युवाओं व छोटे पेडलर्स को ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था।

​बरामदगी का विवरण:

  • ​अवैध ब्राउन शुगर: 200 ग्राम (अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में)
  • ​मोबाइल फोन: 01 पीस (जिससे ग्राहकों और सप्लायरों से संपर्क किया जाता था)

​कार्रवाई करने वाली टीम में ये रहे शामिल:

​इस बड़ी सफलता को अंजाम देने वाली टीम में सबौर थानाध्यक्ष पु०अ०नि० बिट्टू कुमार कमल, पु०अ०नि० पलटू कुमार साह, पु०अ०नि० रोहित राज, पु०अ०नि० मनीष कुमार, स०अ०नि० नन्दकिशोर यादव के साथ-साथ भागलपुर की स्पेशल डी०आई०यू० (DIU) टीम और सबौर थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

​पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर के खिलाफ एनडीडीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब इसके पूरे सिंडिकेट का पता लगाने में जुटी है।

विक्रमशिला सेतु संकट के बीच गंगा पार नाव और स्टीमर सेवा हुई पूरी तरह FREE, जेब खाली करने की जरूरत नहीं!

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु पर लगातार उत्पन्न हो रहे आवागमन संकट और महाजाम की स्थिति के बीच बिहार सरकार ने भागलपुर वासियों और आम जनता को अब तक की सबसे बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विशेष निर्देश पर गंगा नदी पार करने के लिए संचालित होने वाली सभी नाव और स्टीमर सेवाओं को पूरी तरह से निशुल्क (FREE) कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से अब लोगों को जाम के झंझट से मुक्ति के साथ-साथ आर्थिक राहत भी मिलेगी।

​धरातल पर फैसला लागू करने खुद बरारी घाट पहुंचे जिलाधिकारी

​मुख्यमंत्री के इस जनहितैषी फैसले को बिना किसी देरी के धरातल पर उतारने के लिए सोमवार को भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं बरारी घाट पहुंचे। उन्होंने घाट का निरीक्षण किया और वहां मौजूद नाविकों, घाट संवेदकों तथा परिवहन एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

​बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आज से बरारी घाट से गंगा के इस पार से उस पार जाने वाले किसी भी आम नागरिक, पैदल यात्री, बाइक सवार या निजी चारपहिया वाहन से ₹1 भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।

​नाविकों को घबराने की ज़रूरत नहीं, सरकार देगी पैसा:

जिलाधिकारी ने नाविकों और निजी एजेंसियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि निशुल्क सेवा से उनके राजस्व को जो भी नुकसान होगा, उसकी पूरी भरपाई बिहार सरकार करेगी। इसलिए वे बिना किसी चिंता के जनता को सेवा दें।

 

​हर दिन जेब से ढीले होने वाले 200 रुपये अब बचेंगे

​डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि इससे पहले घाट पार करने के लिए प्रति व्यक्ति और बाइक के लिए 50-50 रुपये का शुल्क निर्धारित था। ऐसे में नवगछिया या दियारा क्षेत्र से भागलपुर रोजाना आने-जाने वाले लोगों को करीब 200 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे।

​सरकार के इस फैसले से नवगछिया, दियारा और भागलपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले:

  • ​हजारों छात्रों जो पढ़ाई के लिए आते हैं,
  • ​किसानों और मजदूरों जो अपनी आजीविका के लिए नदी पार करते हैं,
  • ​और मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा लोगों को हर महीने हजारों रुपये की सीधी बचत होगी।

​अवैध वसूली करने वालों की खैर नहीं, सीधे दर्ज होगी FIR

​निशुल्क सेवा की घोषणा के साथ ही जिलाधिकारी ने घाट पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी यात्री से नाव या स्टीमर पर चढ़ने के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूलने की शिकायत मिली, तो संबंधित नाविक या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और जाम के इस दौर में सरकार का यह कदम भागलपुर और सीमांचल के लोगों के लिए वाकई एक लाइफलाइन साबित होने जा रहा है।

Bihar के लाल शुभम कुमार ने रचा इतिहास: JEE Advanced 2026 में हासिल की ऑल इंडिया रैंक 1, पूरे देश में बजा बिहार का डंका!

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Bhagalpur News: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक, JEE Advanced 2026 के नतीजे घोषित हो चुके हैं, और इस बार का परिणाम बिहार के लिए ऐतिहासिक रहा है। बिहार के रहने वाले शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR 1) हासिल कर इतिहास रच दिया है। शुभम की इस अद्वितीय सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के मामले में बिहार के युवाओं का कोई सानी नहीं है।

​नतीजे आते ही शुभम के घर और उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है। मिठाई बांटने और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच हर कोई इस होनहार छात्र की कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहा है।

​बिना विचलित हुए की तैयारी: यह है शुभम की ‘सक्सेस स्ट्रेटजी’

​अपनी इस शानदार सफलता पर बात करते हुए शुभम कुमार ने बताया कि यह मुकाम एक दिन में नहीं मिला। इसके पीछे पिछले दो-तीन सालों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और खुद पर भरोसा था। शुभम ने अपनी तैयारी के कुछ मुख्य बिंदु साझा किए:

  • ​कंसिस्टेंसी (नियमितता) ही कुंजी है: शुभम ने बताया, “मैंने कभी यह नहीं गिना कि मैं कितने घंटे पढ़ रहा हूं, लेकिन मेरा फोकस हर दिन के टारगेट को पूरा करने पर था। औसतन मैंने रोज़ 10 से 12 घंटे पढ़ाई की।”
  • ​सोशल मीडिया से बनाई दूरी: तैयारी के दौरान शुभम ने स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ पढ़ाई से जुड़े डाउट्स क्लियर करने के लिए किया। रील्स और मीम्स की दुनिया से दूर रहकर उन्होंने अपना पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपनी किताबों पर लगाया।
  • ​कमियों को ताकत बनाया: मॉक टेस्ट में जो भी गलतियां होती थीं, शुभम उन्हें एक अलग डायरी में नोट करते थे और तब तक हार नहीं मानते थे जब तक कि वह कॉन्सेप्ट पूरी तरह क्लियर न हो जाए।

​माता-पिता की आंखों में आंसू, कहा- “बेटे ने नाम रौशन कर दिया”

​शुभम के पिता (जो पेशे से एक साधारण शिक्षक/व्यवसायी हैं और मां की आंखों में आज खुशी के आंसू हैं। उनके माता-पिता ने कहा, “शुभम बचपन से ही पढ़ाई में कुशाग्र था। उसने खेल-कूद का भी त्याग कर दिया था ताकि वह अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सके। आज उसकी तपस्या सफल हो गई।”

​शुभम के शिक्षकों का कहना है कि वह क्लास में हमेशा शांत रहकर गहरे सवाल पूछता था। उसकी समझने की क्षमता और कठिन से कठिन सवालों को चुटकियों में हल करने का अंदाज़ पहले से ही यह इशारा कर रहा था कि वह इस बार कुछ बड़ा करने वाला है।

​अब क्या है शुभम का अगला लक्ष्य?

​JEE Advanced में टॉप करने के बाद अब शुभम का अगला कदम देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT Bombay में दाखिला लेना है। शुभम वहां से Computer Science (CS) इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं। शुभम का सपना है कि वह आगे चलकर देश में ही रहकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कुछ ऐसा करें जिससे आम लोगों का जीवन आसान हो सके।

​बिहार के मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- “शुभम पर पूरे राज्य को नाज़ है”

​शुभम कुमार की इस अविश्वसनीय सफलता पर बिहार के मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य नेताओं ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि शुभम ने अपनी मेधा से बिहार का नाम पूरे देश में ऊंचा किया है और वह राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

सड़क सुरक्षा को लेकर DM का सख्त निर्देश, NH से तुरंत हटेंगे अवैध अतिक्रमण और ढाबे

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Bhagalpur News: सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार (27 मई 2026) को भागलपुर के समीक्षा भवन में जिला पदाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

​बैठक में सड़कों को सुरक्षित बनाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कई कड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

​NH से हटेंगे अवैध अतिक्रमण और ढाबे: DM

​बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में नेशनल हाईवे (NH) पर जितने भी अवैध अतिक्रमण, अवैध ढाबा और पार्किंग स्थल हैं, उन सभी को चिन्हित कर तुरंत हटाया जाएगा।

​सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए उन्होंने एनएचएआई (NHAI), आरसीडी (RCD) और आरडब्ल्यूडी (RWD) सहित नेशनल हाईवे के सभी विंग्स के कार्यपालक अभियंताओं को संबंधित एसडीओ (SDO) और सीओ (CO) के साथ मिलकर प्रतिदिन इसकी रिपोर्टिंग करने का सख्त निर्देश दिया है।

​‘गोल्डन आवर’ में मिलेगा कैशलेस इलाज, अस्पतालों की होगी टैगिंग

​सड़क हादसे में घायल लोगों की जान बचाने के लिए केंद्र सरकार की ‘पीएम कैशलेस योजना’ (PM Cashless Scheme) को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी ने कहा कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा (गोल्डन आवर) बेहद कीमती होता है। इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, इसके लिए सिविल सर्जन (Civil Surgeon) को निजी और सरकारी अस्पतालों की टैगिंग प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

​इसके साथ ही, आपातकालीन सेवा 112 और 1033 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है ताकि दुर्घटना की स्थिति में तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना मिल सके और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके।

​ब्लैक और ग्रे स्पॉट पर रहेगा कड़ा पहरा

​सड़क दुर्घटनाओं वाले संवेदनशील क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट) को लेकर भी बैठक में गंभीर मंथन हुआ। जिला पदाधिकारी ने जिले में नए ब्लैक और ग्रे स्पॉट्स को चिन्हित करने और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया। इन क्षेत्रों में:

  • ​गति सीमा (Speed Limit) तय करने,
  • ​दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र की चेतावनी बोर्ड (Signage) लगाने,
  • ​और गाड़ियों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए ट्रंबल स्ट्रिप्स (Rumble Strips) को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया गया।

​बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

​सड़क सुरक्षा की इस उच्च स्तरीय बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता  दिनेश राम, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) सहित संबंधित क्षेत्रों के थाना अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।