Patna News: बिहार के किसानों के हितों की रक्षा और खाद की कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने उर्वरक माफियाओं के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर कोताही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है।
मीठापुर स्थित कृषि विभाग में उर्वरक की उपलब्धता को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि मंत्री ने यह कड़े निर्देश जारी किए।
जरूरत से ज्यादा खाद का स्टॉक मौजूद, पैनिक होने की जरूरत नहीं
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बिहार में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडार उपलब्ध है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए स्थिति स्पष्ट की:
- यूरिया: 30 जून 2026 तक राज्य को 2.40 मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है, जबकि 3 जून तक ही 3.76 लाख मीट्रिक टन का भारी स्टॉक मौजूद है।
- डीएपी (DAP): जरूरत 1 मीट्रिक टन की है, जबकि 1.54 लाख मीट्रिक टन भंडार में उपलब्ध है।
- एनपीके (NPK): जरूरत 1.25 मीट्रिक टन की है, जिसके मुकाबले 2.38 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।
- एसएसपी (SSP): जरूरत 0.55 मीट्रिक टन की है, जबकि 1.17 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक तैयार है।
इसके साथ ही किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के सही उपयोग के लिए जागरूक करने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
उर्वरक माफियाओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई: उड़नदस्ता दल एक्टिव
कालाबाजारी, जमाखोरी और तय कीमत से अधिक दाम पर खाद बेचने वाले दुकानदारों पर कृषि विभाग का डंडा चला है। मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता (Flying Squad) की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। 3 जून 2026 तक की गई बड़ी कार्रवाइयों का ब्योरा इस प्रकार है:
- 29 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर नियमों के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज की गई है।
- 208 प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।
”प्रखंडवार उर्वरकों का आवंटन स्थानीय जरूरत के आधार पर किया जा रहा है। अधिकारी नियमित रूप से पॉस (PoS) मशीन के स्टॉक और भौतिक स्टॉक का मिलान कर रहे हैं। गड़बड़ी मिलते ही सीधे जेल भेजने की कार्रवाई होगी।”
— श्री विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री, बिहार
सीमावर्ती जिलों में अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर SSB का पहरा
बिहार से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के जरिए उर्वरकों की अवैध निकासी (तस्करी) को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ हाथ मिलाया है। सीमा से सटे 7 जिलों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, जहां कुल 2,573 दुकानों की जांच की गई। इस जांच में 275 दुकानों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसके बाद:
- 19 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गईं।
- 123 दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए।
- 85 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस (स्पष्टीकरण) जारी किया गया है।
प्रमुख सीमावर्ती जिलों में हुई बड़ी कार्रवाई पर एक नज़र:
जिला | कुल जांच की गई दुकानें | अनियमितता मिली | दर्ज FIR | रद्द अनुज्ञप्ति (Licence) |
|---|---|---|---|---|
पूर्वी चंपारण | 323 | 18 | 08 | 05 |
पश्चिम चंपारण | 343 | 25 | 01 | 03 |
सीतामढ़ी | 590 | 46 | 02 | 07 |
कृषि मंत्री ने अंत में स्पष्ट किया कि राज्य के अन्नदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें समय पर, सही दाम पर खाद उपलब्ध कराना बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


