Patna News: मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बिहार सरकार पूरी तरह एक्शन और संवेदनशीलता मोड में आ गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत अपनी दिल्ली यात्रा को बीच में ही छोड़कर तुरंत पटना लौट आए हैं। पटना एयरपोर्ट पर उतरते ही मंत्री जी किसी अन्य कार्यक्रम में जाने के बजाय सीधे जयप्रभा मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां इस हादसे के 3 गंभीर घायल मरीज भर्ती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के साथ स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि (IAS) और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने अस्पताल में भर्ती तीनों घायलों के पास जाकर उनका हाल-चाल जाना और डॉक्टरों से उनके हेल्थ अपडेट की विस्तृत समीक्षा की।
परिजनों को बंधाया ढांढस, कहा— “चिंता न करें, सरकार आपके साथ है”
अस्पताल के आईसीयू और वार्ड में जाकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने न केवल मरीजों का हौसला बढ़ाया, बल्कि बाहर परेशान खड़े उनके परिजनों से भी मुलाकात की। मंत्री ने भावुक परिजनों को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में पूरी बिहार सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
“यह घटना बेहद दुखद है। मरीजों की जान बचाना और उन्हें वापस स्वस्थ करना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। घायलों के इलाज में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
— निशांत, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार
मुफ्त इलाज का बड़ा फैसला: सरकार वहन करेगी पूरा खर्च
मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को इलाज के भारी-भरकम खर्च से बचाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने एक बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर अग्निकांड में घायल हुए सभी मरीजों के इलाज पर होने वाला संपूर्ण खर्च बिहार सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। मेदांता जैसे कॉर्पोरेट अस्पताल में हो रहे इस महंगे इलाज का पूरा बिल सरकार चुकाएगी, ताकि पीड़ित परिवारों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े।
स्वास्थ्य विभाग रखेगा पल-पल की निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री ने जयप्रभा मेदांता अस्पताल के प्रबंधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- सर्वोत्तम चिकित्सा: सभी प्रभावित मरीजों को देश की सबसे बेहतरीन और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- दवाइयों की उपलब्धता: इलाज, सर्जरी या दवाइयों में किसी भी स्तर पर कोई कमी या देरी नहीं होनी चाहिए।
- लगातार मॉनिटरिंग: स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि को निर्देश दिया गया है कि विभाग के अधिकारी अस्पताल के संपर्क में रहें और मरीजों के स्वास्थ्य लाभ की पल-पल की रिपोर्ट लें।
मंत्री निशांत ने डॉक्टरों से बात कर घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ (Speedy Recovery) की कामना की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपचार से संबंधित सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं तत्परता से पूरी की जाएं।


