Bhagalpur News: बिहार के बहुचर्चित भारत भूषण तिवारी हत्याकांड को लेकर अब इंसाफ की आवाज बुलंद होने लगी है। इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर भागलपुर के जागरूक नागरिकों का गुस्सा और चिंता सामने आई है। शहर के संभ्रांत और जागरूक नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से बिहार के महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के जरिए नागरिकों ने महामहिम से इस पूरे संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल: “न्याय होता हुआ दिखना भी चाहिए”
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान भारत भूषण तिवारी की हुई मौत ने कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नागरिकों का साफ कहना है कि लोकतंत्र में न्याय की अवधारणा तभी मजबूत होती है जब वह धरातल पर दिखाई दे। इस घटना से आम जनता के बीच पुलिस-प्रशासन और कानून के प्रति भरोसा डगमगाया है, जिसे बहाल करने के लिए दूध का दूध और पानी का पानी होना बेहद जरूरी है।
ज्ञापन में की गई ये 4 मुख्य मांगें:
नागरिकों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मामले की तह तक जाने के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:
- स्वतंत्र एजेंसी से जांच: पूरे मामले की किसी स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से पारदर्शी व समयबद्ध (Time-bound) जांच कराई जाए।
- अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा: घटना के वक्त शामिल संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की गहन समीक्षा की जाए और लापरवाही सामने आने पर निलंबन हो।
- परिजनों को सुरक्षा और सहायता: पीड़ित परिवार बेहद डरा हुआ है, इसलिए मृतक के परिजनों को तत्काल पर्याप्त सुरक्षा और कानूनी सहायता प्रदान की जाए।
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई: जांच में जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाए, उस पर बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस ज्ञापन के बाद अब जिला प्रशासन और पुलिस महकमे पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का दबाव और बढ़ गया है। जागरूक नागरिकों के इस कदम को शहर के हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर इस मामले में जल्द ही कोई ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया गया, तो नागरिक समाज आगे की रणनीति तय करने को मजबूर होगा।


